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Tuesday, October 20, 2015

प्रेम और अनुग्रह


   पिछली पतझड़ ऋतु की बात है, मेरे शहर से निकलने वाला एक प्रमुख राजमार्ग कई घंटों तक बन्द रहा क्योंकि वहाँ मवेशियों से भरा एक ट्रक पलट गया था और वे जानवर उस में से निकलकर राजमार्ग पर इधर-उधर घूम रहे थे। भटकते हुए मवेशियों के इस समाचार को पढ़कर मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में निर्गमन 32 अध्याय में इस्त्राएलियों के परमेश्वर से भटक जाने के बारे में स्मरण हो आया।

   परमेश्वर के पराक्रम के अद्भुत कार्य देखने और कठोर दासत्व से निकल कर वाचा के देश की ओर पलायन करते समय इस्त्राएलियों के मन शीघ्र ही परमेश्वर से भटक गए। जब इस्त्राएलियों का अगुवा मूसा सिनै पर्वत पर परमेश्वर से व्यवस्था के लेख को लेने गया हुआ था तो अपने अगुवे को लंबे समय तक अपने मध्य ना पाकर उन इस्त्राएलियों के मन परमेश्वर से भटक गए और उन्होंने मूसा के भाई हारून को उकसाया; तब हारून ने उनके लिए एक सोने का बछड़ा बना कर दे दिया और इस्त्राएलियों को उसकी उपासना करने को कहा।

   परमेश्वर के लोगों को भटकाने का ऐसा ही एक और कार्य प्राचीन इस्त्राएल के विभाजित राज्य में राजा यरोबाम ने भी किया था। यरोबाम ने अपने राज्य इ्स्त्राएल में अपने आप को दृढ़ करने के उद्देश्य से अपने राज्य के लोगों को यहूदा में स्थित यरुशालेम के मन्दिर में उपासना के लिए जाने से रोकने की योजना बनाई, और उनके लिए वहीं सोने से बने दो बछड़े स्थापित करवा दिए, उनके पर्व निर्धारित कर दिए और उनके पुरोहित नियुक्त कर दिए, और इस्त्राएल के लोगों से कहा कि वे यरुशालेम जाने की बजाए उन बछड़ों की उपासना करें (1 राजा 12:25-32)।

   इब्रानियों का लेखक इस प्रकार की मूर्तिपूजा को लेकर परमेश्वर के रोष के लिए लिखता है, "इस कारण मैं उस समय के लोगों से रूठा रहा, और कहा, कि इन के मन सदा भटकते रहते हैं, और इन्‍होंने मेरे मार्गों को नहीं पहिचाना" (इब्रानियों 3:10)। लेकिन फिर भी अपने महान और बेबयान प्रेम तथा अनुग्रह के अन्तर्गत परमेश्वर ने उन्हें त्यागा नहीं, जैसा प्रेरित पौलुस लिखता है, "इसलिये मैं कहता हूं, क्या परमेश्वर ने अपनी प्रजा को त्याग दिया? कदापि नहीं; मैं भी तो इस्त्राएली हूं: इब्राहीम के वंश और बिन्यामीन के गोत्र में से हूं। परमेश्वर ने अपनी उस प्रजा को नहीं त्यागा, जिसे उसने पहिले ही से जाना..." (रोमियों11:1-2)।

   परमेश्वर हमारी सृष्टि को जानता है, उसे हमारी कमज़ोरियों का एहसास है (भजन 103:14)। इसीलिए वह हमारे साथ बहुत ही सहनशीलता, धैर्य, करुणा और अनुग्रह के साथ व्यवहार करता है; वह सदा प्रभु यीशु में होकर हमारे पापों को क्षमा करने और हमें अपने साथ ले लेने को तैयार रहता है (प्रेरितों 17:30)। आज भी परमेश्वर के द्वार संसार के हर पश्चातापी जन के लिए खुले हैं; आज भी कोई भी जन साधारण विश्वास से प्रभु यीशु से पापों की क्षमा माँगकर तत्काल परमेश्वर के राज्य में प्रवेश कर सकता है। - सिंडी हैस कैस्पर


आप जिस किसी भी चीज़ को परमेश्वर से अधिक चाहते हैं, परमेश्वर से अधिक जिसकी लालसा रखते हैं, वह आपके लिए एक मूर्ति है। - ए. बी. सिंप्सन

क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है। - भजन 103:14

बाइबल पाठ: प्रेरितों17:22-31
Acts 17:22 तब पौलुस ने अरियुपगुस के बीच में खड़ा हो कर कहा; हे अथेने के लोगों मैं देखता हूं, कि तुम हर बात में देवताओं के बड़े मानने वाले हो। 
Acts 17:23 क्योंकि मैं फिरते हुए तुम्हारी पूजने की वस्‍तुओं को देख रहा था, तो एक ऐसी वेदी भी पाई, जिस पर लिखा था, कि अनजाने ईश्वर के लिये। सो जिसे तुम बिना जाने पूजते हो, मैं तुम्हें उसका समाचार सुनाता हूं। 
Acts 17:24 जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उस की सब वस्‍तुओं को बनाया, वह स्वर्ग और पृथ्वी का स्‍वामी हो कर हाथ के बनाए हुए मन्‍दिरों में नहीं रहता। 
Acts 17:25 न किसी वस्तु का प्रयोजन रखकर मनुष्यों के हाथों की सेवा लेता है, क्योंकि वह तो आप ही सब को जीवन और स्‍वास और सब कुछ देता है। 
Acts 17:26 उसने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाईं हैं; और उन के ठहराए हुए समय, और निवास के सिवानों को इसलिये बान्‍धा है। 
Acts 17:27 कि वे परमेश्वर को ढूंढ़ें, कदाचित उसे टटोल कर पा जाएं तौभी वह हम में से किसी से दूर नहीं! 
Acts 17:28 क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते-फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं। 
Acts 17:29 सो परमेश्वर का वंश हो कर हमें यह समझना उचित नहीं, कि ईश्वरत्‍व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पना से गढ़े गए हों। 
Acts 17:30 इसलिये परमेश्वर आज्ञानता के समयों में अनाकानी कर के, अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है। 
Acts 17:31 क्योंकि उसने एक दिन ठहराया है, जिस में वह उस मनुष्य के द्वारा धर्म से जगत का न्याय करेगा, जिसे उसने ठहराया है और उसे मरे हुओं में से जिलाकर, यह बात सब पर प्रामाणित कर दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 59-61
  • 2 थिस्सलुनीकियों 3