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Tuesday, May 24, 2016

उपयुक्त नाम


   दक्षिण-पूर्व एशिया के देश इंडोनेशिया का नाम यूनानी भाषा के दो शब्दों को मिलाने से बना है, जिनक मिला-जुला अर्थ होता है "द्वीप"। उस देश के लिए यह नाम बिलकुल उपयुक्त है क्योंकि इंडोनेशिया 750,000 वर्ग मील में फैले 17,500 द्वीपों का देश है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि लोगों के नाम, जो चाहे उन्हें जन्म के समय मिले हों या फिर बाद में, अकसर उनके और उनके चरित्र के बारे में बताते हैं। उदाहरणस्वरूप, बरनबास का अर्थ होता है ’प्रोत्साहन का पुत्र’ और बरनबास सदा जो उसके संपर्क में आते रहे उनको प्रोत्साहित करता रहा; ऐसे ही याकूब का अर्थ है ’अड़ंगीमार’, और हम पाते हैं कि परमेश्वर से हुए साक्षात्कार से पहले याकूब अपने जीवन में लोगों को, यहाँ तक कि अपने भाई और अपने पिता को भी, अपनी स्वार्थ-सिद्धी, अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करता रहा, धोखे देता रहा।

   बाइबल का सबसे उप्युक्त नाम है "यीशु"। प्रभु यीशु के जन्म से पहले जब स्वर्गदूत ने प्रभु के सांसारिक पिता यूसुफ से उसके बारे में बातचीत करी तो यूसुफ से कहा, "वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा" (मत्ती 1:21)। यीशु शब्द का अर्थ है ’प्रभु बचाता है’ और यह प्रभु यीशु के संसार में आने के उद्देश्य और उसके कार्य, दोनों को ही परिभाषित करता है। प्रभु यीशु का एक और नाम है - इम्मानुएल, अर्थात ’परमेश्वर हमारे साथ’ (यशायाह 1:23; मत्ती 1:23); और यह नाम उसमें होकर हमें मिलने वाली अनन्त आशा और शांति को दिखाता है। हमारे उद्धार और पाप क्षमा के लिए प्रभु यीशु के अलावा और कोई उपयुक्त नाम नहीं है। - बिल क्राउडर


यीशु नाम ही हमारे विश्वास और आशा का आधार है।

और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें। - प्रेरितों 4:12

बाइबल पाठ: मत्ती 1:18-25
Matthew 1:18 अब यीशु मसीह का जन्म इस प्रकार से हुआ, कि जब उस की माता मरियम की मंगनी यूसुफ के साथ हो गई, तो उन के इकट्ठे होने के पहिले से वह पवित्र आत्मा की ओर से गर्भवती पाई गई। 
Matthew 1:19 सो उसके पति यूसुफ ने जो धर्मी था और उसे बदनाम करना नहीं चाहता था, उसे चुपके से त्याग देने की मनसा की। 
Matthew 1:20 जब वह इन बातों के सोच ही में था तो प्रभु का स्वर्गदूत उसे स्‍वप्‍न में दिखाई देकर कहने लगा; हे यूसुफ दाऊद की सन्तान, तू अपनी पत्‍नी मरियम को अपने यहां ले आने से मत डर; क्योंकि जो उसके गर्भ में है, वह पवित्र आत्मा की ओर से है। 
Matthew 1:21 वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा। 
Matthew 1:22 यह सब कुछ इसलिये हुआ कि जो वचन प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था; वह पूरा हो। 
Matthew 1:23 कि, देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी और उसका नाम इम्मानुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है “परमेश्वर हमारे साथ”। 
Matthew 1:24 सो यूसुफ नींद से जागकर प्रभु के दूत की आज्ञा अनुसार अपनी पत्‍नी को अपने यहां ले आया। 
Matthew 1:25 और जब तक वह पुत्र न जनी तब तक वह उसके पास न गया: और उसने उसका नाम यीशु रखा।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 22-24
  • यूहन्ना 8:28-59