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Thursday, December 15, 2016

भण्डारी


   बहुत से लोग यह सुनिश्चित कर लेते हैं कि उनके पश्चात उनके संसाधनों का सही उपयोग होगा। वे उन संसाधनों के सदुपयोग के लिए वसीयत बनाते हैं, ट्रस्ट या संस्थाएं स्थापित करते हैं जिससे उनके शारीरिक जीवन की समाप्ति के पश्चात वे संसाधन भले कार्यों में उपयोग हों और उनके भले स्मारक बन जाएं। हम इसे अच्छा भण्डारीपन कहते हैं।

   सांसारिक संसाधनों की ऐसी भली उपयोगिता तथा अच्छे भण्डारीपन के समान ही आवश्यक हम मसीही विश्वासियों के मसीही जीवन की गवाही का उपयोग भी है। परमेश्वर ने अपने लोगों, इस्त्राएल को आज्ञा दी कि वे अपनी सन्तानों को ना केवल परमेश्वर की व्यवस्था और बातें सिखाएं वरन अपने परिवार का इतिहास भी सिखाएं। यह अभिभावकों का उत्तरदायित्व था कि वे अपनी अगली पीढ़ी को सिखाएं कि कैसे परमेश्वर ने उनके लिए कार्य किया, उन्हें सुरक्षित रखा और उन्हें अपने साथ लिए चला (व्यवस्थाविवरण 4:1-14)।

   आज, परमेश्वर ने हम सभी मसीही विश्वासियों को एक अनुपम जीवन-कथा दी है। हम में से प्रत्येक के लिए उसकी योजनाएं विशिष्ट और व्यक्तिगत हैं। आज क्या अन्य लोग यह जानते हैं कि आप ने क्यों और कैसे मसीह यीशु पर विश्वास किया और मसीही बनें? आपके मसीही विश्वास का आधार कौन से सिद्धांत हैं? परमेश्वर ने कैसे आपके जीवन में कार्य किया और आपके विश्वास को स्थिर तथा दृढ़ किया? क्या लोग जानते हैं कि कैसे बारंबार परमेश्वर ने अपने आप को आपके प्रति विश्वासयोग्य प्रमाणित किया है, और आपकी गलतियों, शंकाओं एवं निराशाओं के समयों में भी आपको कभी ना छोड़ने वाला, सदैव आपके साथ बना रहने वाला आपका सहायक और मार्गदर्शक रहा है?

   अपने प्रति परमेश्वर की विश्वासयोग्यता की कहानी को बताना हमारा ना केवल हमारा विशेषाधिकार है, वफ़्रन उत्तरदायित्व भी है। अपने जीवन में जो अनुभव आपने परमेश्वर से प्राप्त किए हैं उन्हें कहीं किसी प्रकार दर्ज करें, उन्हें परिवार जनों, मित्रों, लोगों के साथ बाँटें - यह ना केवल आपको परमेश्वर की आशीषों का अच्छा भण्डारी बनाएगा, वरन आपको शैतान के आक्रमणों पर जयवन्त भी करेगा (प्रकाशितवाक्य 12:10-11)। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर के लिए व्यतीत किया गया जीवन एक स्थाई विरासत छोड़ जाता है।

फिर मैं ने स्वर्ग पर से यह बड़ा शब्द आते हुए सुना, कि अब हमारे परमेश्वर का उद्धार, और सामर्थ, और राज्य, और उसके मसीह का अधिकार प्रगट हुआ है; क्योंकि हमारे भाइयों पर दोष लगाने वाला, जो रात दिन हमारे परमेश्वर के साम्हने उन पर दोष लगाया करता था, गिरा दिया गया। और वे मेम्ने के लोहू के कारण, और अपनी गवाही के वचन के कारण, उस पर जयवन्‍त हुए, और उन्होंने अपने प्राणों को प्रिय न जाना, यहां तक कि मृत्यु भी सह ली। - प्रकाशितवाक्य 12:10-11

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 4:1-14
Deuteronomy 4:1 अब, हे इस्राएल, जो जो विधि और नियम मैं तुम्हें सिखाना चाहता हूं उन्हें सुन लो, और उन पर चलो; जिस से तुम जीवित रहो, और जो देश तुम्हारे पितरों का परमेश्वर यहोवा तुम्हें देता है उस में जा कर उसके अधिकारी हो जाओ। 
Deuteronomy 4:2 जो आज्ञा मैं तुम को सुनाता हूं उस में न तो कुछ बढ़ाना, और न कुछ घटाना; तुम्हारे परमेश्वर यहोवा की जो जो आज्ञा मैं तुम्हें सुनाता हूं उन्हें तुम मानना। 
Deuteronomy 4:3 तुम ने तो अपनी आंखों से देखा है कि बालपोर के कारण यहोवा ने क्या क्या किया; अर्थात जितने मनुष्य बालपोर के पीछे हो लिये थे उन सभों को तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम्हारे बीच में से सत्यानाश कर डाला; 
Deuteronomy 4:4 परन्तु तुम जो अपने परमेश्वर यहोवा के साथ लिपटे रहे हो सब के सब आज तक जीवित हो। 
Deuteronomy 4:5 सुनो, मैं ने तो अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के अनुसार तुम्हें विधि और नियम सिखाए हैं, कि जिस देश के अधिकारी होने जाते हो उस में तुम उनके अनुसार चलो। 
Deuteronomy 4:6 सो तुम उन को धारण करना और मानना; क्योंकि और देशों के लोगों के साम्हने तुम्हारी बुद्धि और समझ इसी से प्रगट होगी, अर्थात वे इन सब विधियों को सुनकर कहेæ