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Monday, October 1, 2012

शिष्य


   क्योंकि मैं मरम्मत के कामों में निपुण नहीं हूँ इसलिए जब घर में कुछ मरम्मत की आवश्यक्ता हुई तो मैंने अपने एक मित्र को बुलाया जो इस तरह के कार्य बहुत अच्छे से कर लेता है। जब वह आया तो मैंने उसे उन मरम्मत के कार्यों की एक सूची दी, लेकिन मुझे आश्चर्य हुआ जब उसने कहा कि मरम्मत के वे कार्य तो स्वयं मुझे ही करने होंगे! उसने कहा, कि वह मेरे साथ रहेगा, मुझे सिखाएगा, दिखाएगा और मेरे साथ रहकर मुझसे वे कार्य करवाएगा। मैंने उसके उदाहरणों और निर्देषों का पालन किया और सफलतापूर्वक मरम्मत के कार्य पूरे कर लिए। यह उस विधि के अनुसार है जो प्रभु यीशु ने अपने चेलों के साथ अपनाई थी।

   जब प्रभु यीशु ने कुछ लोगों को अपना शिष्य होने के लिए बुलाया, तो उसने चाहा कि वे उसके साथ रहें और परमेश्वर के राज्य के सुसमाचार का प्रचार करें। (मरकुस १:१४, ३९; ६:१२)। शिष्यों के प्रशिक्षण का पहला चरण था प्रभु यीशु के साथ उसके नीरिक्षण में रहना, उसके वचनों को सीखना और उससे पवित्र-शास्त्र का अर्थ समझना और उसे दूसरों को समझाना सीखना, प्रभु के व्यवहार को देखना और अपनाना। फिर दूसरे चरण में प्रभु यीशु ने उन शिष्यों को प्रचार करने के लिए भेजा (मरकुस ३:१४-१५), जिसमें उन्हें जो प्रभु ने कहा था वह कहना था, जो प्रभु ने किया वही करना था। अपने इन कार्यों के लिए उन्हें प्रभु यीशु पर निर्भर रहना था। प्रभु यीशु के उन आरंभिक शिष्यों ने, प्रभु यीशु की शिष्यता की इस शैली को अपनाकर, प्रभु यीशु में पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार को संसार भर में प्रभावी रूप से प्रचार किया; और उनके लिए कहा जाता था कि ये वे लोग थे "...जिन्‍होंने जगत को उलटा पुलटा कर दिया है..." (प्रेरितों १७:६)।

   आज भी प्रभु यीशु अपने अनुयायियों को शिष्यता की इस सरल किंतु सटीक और अति प्रभावी शैली को अपनाने के लिए बुला रहा है - उसके साथ रहें, उससे सीखें, उसके निर्देषों का पालन करें, उसके समान व्यवहार करें और जीवन व्यतीत करें, तथा सदा उसपर निर्भर रहें।

   क्या आप प्रभु यीशु के शिष्य होने के लिए तैयार हैं? क्या आप उसके लिए कार्य करना चाहते हैं? प्रभु यीशु आज भी इसी शैली के अन्तर्गत कार्य करने वाले शिष्यों को बुला रहा है। - मार्विन विलियम्स


शिष्यता सार्थक और प्रभावी प्रभु के साथ संबंध बनाने और उसका अनुसरण करने ही से होती है।

तब उस ने बारह पुरूषों को नियुक्त किया, कि वे उसके साथ साथ रहें, और वह उन्‍हें भेजे, कि प्रचार करें। - मरकुस ३:१४

बाइबल पाठ: मत्ती १०:७-२०
Mat 10:7  और चलते चलते प्रचार कर कहो कि स्‍वर्ग का राज्य निकट आ गया है। 
Mat 10:8  बीमारों को चंगा करो: मरे हुओं को जिलाओ: कोढिय़ों को शुद्ध करो: दुष्‍टात्माओं को निकालो: तुम ने सेंतमेंत पाया है, सेंतमेंत दो। 
Mat 10:9   अपने पटुकों में न तो सोना, और न रूपा, और न तांबा रखना। 
Mat 10:10 मार्ग के लिये न झोली रखो, न दो कुरते, न जूते और न लाठी लो, क्‍योंकि मजदूर को उसका भोजन मिलना चाहिए। 
Mat 10:11  जिस किसी नगर या गांव में जाओ तो पता लगाओ कि वहां कौन योग्य है और जब तक वहां से न निकलो, उसी के यहां रहो। 
Mat 10:12  और घर में प्रवेश करते हुए उस को आशीष देना। 
Mat 10:13 यदि उस घर के लोग योग्य होंगे तो तुम्हारा कल्याण उन पर पहुंचेगा परन्‍तु यदि वे योग्य न हों तो तुम्हारा कल्याण तुम्हारे पास लौट आएगा। 
Mat 10:14  और जो कोई तुम्हें ग्रहण न करे, और तुम्हारी बातें न सुने, उस घर या उस नगर से निकलते हुए अपने पांवों की धूल झाड़ डालो। 
Mat 10:15  मैं तुम से सच कहता हूं, कि न्याय के दिन उस नगर की दशा से सदोम और अमोरा के देश की दशा अधिक सहने योग्य होगी।
Mat 10:16  देखो, मैं तुम्हें भेड़ों की नाईं भेडिय़ों के बीच में भेजता हूं सो सांपों की नाईं बुद्धिमान और कबूतरों की नाईं भोले बनो। 
Mat 10:17 परन्‍तु लोगों से सावधान रहो, क्‍योंकि वे तुम्हें महासभाओं में सौपेंगे, और अपनी पंचायत में तुम्हें कोड़े मारेंगे। 
Mat 10:18  तुम मेरे लिये हाकिमों ओर राजाओं के साम्हने उन पर, और अन्यजातियों पर गवाह होने के लिये पहुंचाए जाओगे। 
Mat 10:19 जब वे तुम्हें पकड़वाएंगे तो यह चिन्‍ता न करना, कि हम किस रीति से, या क्‍या कहेंगे: क्‍योंकि जो कुछ तुम को कहना होगा, वह उसी घड़ी तुम्हें बता दिया जाएगा। 
Mat 10:20 क्‍योंकि बोलने वाले तुम नहीं हो परन्‍तु तुम्हारे पिता का आत्मा तुम में बोलता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ११-१३ 
  • इफिसियों ४