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Monday, March 11, 2013

बहुतायत


   घर के बाहर से अचानक ही खुशी से चिल्लाने और शोर मचाने की आवाज़ें आने लगीं, और मैंने जानना चाहा कि ऐसा क्या हुआ है जिस से बाहर इतना आनन्द है। मैंने खिड़की के पर्दों के बीच से झांककर बाहर देखा तो पाया कि सड़क के किनारे लगा आग बुझाने के लिए पानी लाने वाला मोटा पाइप फट गया है और उसमें से पानी बड़ी तेज़ी से और मोटी धार में निकल रहा है और दो बच्चे उस बहते पानी में मज़े से खेल रहे हैं।

   उस प्रवाह को देखकर मुझे स्मरण आया कि कैसे परमेश्वर भी अपने बच्चों पर अपनी आशीषें प्रवाहित करता रहता है, और यह कितना आवश्यक है कि हम स्मरण रखें कि "धन्य है प्रभु, जो प्रति दिन हमारा बोझ उठाता है; वही हमारा उद्धारकर्ता ईश्वर है" (भजन 68:19)।

   यद्यपि मैं जानती हूँ कि परमेश्वर ने अनगिनित आशीषें मेरे जीवन में उण्डेली हैं, लेकिन जब अचानक ही कार खराब हो जाती है, या मेरा परिवार फ्लू संक्रमण से बीमार हो जाता है, या कहीं रिश्तों में खटास आने लगती है, या किसी बात से असन्तोष मन में आ जाता है तब परमेश्वर की आशीषों के प्रति मेरी दृष्टि धुंधला जाती है। तब वे आशीषें मोटी धार और तेज़ प्रवाह के समान नहीं वरन नल के टपकते हुए प्रवाह के समान लगने लगती हैं।

   संभवतः इसी कारण दाऊद ने भजन 103 में लिखा कि "हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना" (भजन 103:2)। और फिर हमारी सहायता के लिए वह परमेश्वर से मिली आशीषों की सूची देता है; वह हमें स्मरण दिलाता है कि परमेश्वर हमारे अधर्म को क्षमा करता है, हमें बीमारियों से स्वस्थ करता है, हमारे जीवन को नाश से बचाता है, हमारे सिर पर करुणा और दया का मुकुट बान्धता है और हमारी लालसाओं को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है (भजन 103:3-5)।

   आज यह समय है कि हम अपनी अन्धेरों, कुंठाओं तथा निराशाओं से बाहर झांक कर परमेश्वर से हर समय बहुतायत से मिलने वाली जीवन की देखरेख और आशीषों को स्मरण करें, उनके लिए उसका धन्यवाद करें और उसमें अपने विश्वास को पुनः दृढ़ करें। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


परमेश्वर से मिली आशीषों की गिनती को जोड़ के देखिए; इससे आपका आनन्द कई गुणा बढ़ जाएगा।

हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना। - भजन 103:2

बाइबल पाठ: भजन 103:1-13
Psalms 103:1 हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह; और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे!
Psalms 103:2 हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना।
Psalms 103:3 वही तो तेरे सब अधर्म को क्षमा करता, और तेरे सब रोगों को चंगा करता है,
Psalms 103:4 वही तो तेरे प्राण को नाश होने से बचा लेता है, और तेरे सिर पर करूणा और दया का मुकुट बान्धता है,
Psalms 103:5 वही तो तेरी लालसा को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है, जिस से तेरी जवानी उकाब की नाईं नई हो जाती है।।
Psalms 103:6 यहोवा सब पिसे हुओं के लिये धर्म और न्याय के काम करता है।
Psalms 103:7 उसने मूसा को अपनी गति, और इस्राएलियों पर अपने काम प्रगट किए।
Psalms 103:8 यहोवा दयालु और अनुग्रहकरी, विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है।
Psalms 103:9 वह सर्वदा वादविवाद करता न रहेगा, न उसका क्रोध सदा के लिये भड़का रहेगा।
Psalms 103:10 उसने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हम को बदला दिया है।
Psalms 103:11 जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।
Psalms 103:12 उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है।
Psalms 103:13 जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 14-16 
  • मरकुस 12:28-44