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Sunday, August 25, 2013

आने दो!

   टेलिविज़न पर दिखाए जाने वाले हिस्ट्री चैनल में एक बार संसार के सबसे दुर्गम हवाई अड्डों पर एक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। जिस हवाई आड्डे ने मेरा ध्यान सबसे अधिक आकर्षित किया वह था हौंग कौंग का काई ताक हवाई अड्डा, जो अब बन्द हो चुका है। मैं उस हवाई अड्डे से होकर यात्रा कर चुका हूँ और यह जानता हूँ कि वह हवाई अड्डा यात्रियों के लिए बहुत रोमाँचक और वायु-यान चालकों के लिए बहुत चुनौती पूर्ण रहा है। उस हवाई अड्डे के एक छोर पर हवाई पट्टी समुद्र के अन्दर को बनी हुई है और वहाँ उसके तीन ओर समुद्र था, और दूसरे छोर पर एक पहाड़ और उस पहाड़ के बाद ऊँची गगन चुँबी इमारतें। उस हवाई अड्डे पर यदि आप का विमान एक ओर से उतरने को आता तो उसे गगन-चुँबी इमारतों को बचाते हुए उतरने का मार्ग लेना होता और विमान के समुद्र में जा गिरने से पहले ही रुक जाने की आशा रखनी होती थी; और यदि दूसरी छोर से उतरने को आता तो बजाए समुद्र के पानी के, समुद्र में को बनी हवाई पट्टी पर सुरक्षित उतरने और फिर पहाड़ से टकरा जाने से पहले ही रुक जाने की कामना करनी होती थी।

   मुझे सुनकर आश्चर्य हुआ जब एक वायुयान चालक ने, जो पहले काई ताक हवाई आड्डे से नियमित रूप से उड़ान भरता रहता था, यह कहा कि "मुझे उस हवाई अड्डे की कमी खलती है"; लेकिन मैं समझ सकता हूँ कि वह क्या कहना चाहता था, उसे उस हवाई अड्डे से उड़ान भरने की चुनौती रोमांचित करती थी। उस विमान चालक को अपनी क्षमता पर भरोसा और हवाई अड्डे पर विमान उतारने-चढ़ाने में सहायता करने वाले संचालकों पर विश्वास था।

   अनेक बार हम चुनौतियों का सामना करना नहीं चाहते। लेकिन परमेश्वर के वचन बाइबल के जिन नायकों के बारे में पढ़कर हम प्रोत्साहित होते हैं, उनके चरित्र और जीवनियाँ प्रभावी इसीलिए हैं क्योंकि उन्होंने चुनौतियों को स्वीकार किया और उन से जूझे। प्रेरित पौलुस ही का उदाहरण लीजिए - परमेश्वर की सहायता में विश्वास रखकर उसने हर प्रकार की कठिनाई का दृढ़ता से सामना किया और उन सभी पर जयवंत रहा। परमेश्वर प्रभु यीशु का जो आश्वासन तब पौलुस के लिए था, वही आज हमारे लिए भी वैसा ही है: "और उसने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्‍ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे" (2 कुरिन्थियों 12:9)।

   पौलुस के समान ही प्रत्येक मसीही विश्वासी, परमेश्वर प्रभु यीशु मसीह पर अपने विश्वास के कारण, हर चुनौती के लिए सहर्ष और निर्भय हो कर कह सकता है - "आने दो!" - डेव ब्रैनन


यदि परमेश्वर आपको पथरीले मार्गों पर भेजेगा तो वह उन मार्गों के लिए आपको मज़बूत जूते भी प्रदान करेगा।

और उसने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्‍ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे।
 इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्‍दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्‍त होता हूं। - 2 कुरिन्थियों 12:9-10

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 6:1-10; 11:22-31
2 Corinthians 6:1 और हम जो उसके सहकर्मी हैं यह भी समझाते हैं, कि परमेश्वर का अनुग्रह जो तुम पर हुआ, व्यर्थ न रहने दो।
2 Corinthians 6:2 क्योंकि वह तो कहता है, कि अपनी प्रसन्नता के समय मैं ने तेरी सुन ली, और उद्धार के दिन मैं ने तेरी सहायता की: देखो, अभी वह प्रसन्नता का समय है; देखो, अभी उद्धार का दिन है।
2 Corinthians 6:3 हम किसी बात में ठोकर खाने का कोई भी अवसर नहीं देते, कि हमारी सेवा पर कोई दोष न आए।
2 Corinthians 6:4 परन्तु हर बात से परमेश्वर के सेवकों की नाईं अपने सद्गुणों को प्रगट करते हैं, बड़े धैर्य से, क्‍लेशों से, दरिद्रता से, संकटो से।
2 Corinthians 6:5 कोड़े खाने से, कैद होने से, हुल्लड़ों से, परिश्रम से, जागते रहने से, उपवास करने से।
2 Corinthians 6:6 पवित्रता से, ज्ञान से, धीरज से, कृपालुता से, पवित्र आत्मा से।
2 Corinthians 6:7 सच्चे प्रेम से, सत्य के वचन से, परमेश्वर की सामर्थ से; धामिर्कता के हथियारों से जो दाहिने, बाएं हैं।
2 Corinthians 6:8 आदर और निरादर से, दुरनाम और सुनाम से, यद्यपि भरमाने वालों के जैसे मालूम होते हैं तौभी सच्चे हैं।
2 Corinthians 6:9 अनजानों के सदृश्य हैं; तौभी प्रसिद्ध हैं; मरते हुओं के जैसे हैं और देखो जीवित हैं; मार खाने वालों के सदृश हैं परन्तु प्राण से मारे नहीं जाते।
2 Corinthians 6:10 शोक करने वालों के समान हैं, परन्तु सर्वदा आनन्द करते हैं, कंगालों के जैसे हैं, परन्तु बहुतों को धनवान बना देते हैं; ऐसे हैं जैसे हमारे पास कुछ नहीं तौभी सब कुछ रखते हैं।

2 Corinthians 11:22 क्या वे ही इब्रानी हैं? मैं भी हूं: क्या वे ही इस्त्राएली हैं? मैं भी हूँ: क्या वे ही इब्राहीम के वंश के हैं? मैं भी हूं: क्या वे ही मसीह के सेवक हैं?
2 Corinthians 11:23 (मैं पागल की नाईं कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाने में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में।
2 Corinthians 11:24 पांच बार मैं ने यहूदियों के हाथ से उन्‍तालीस उन्‍तालीस कोड़े खाए।
2 Corinthians 11:25 तीन बार मैं ने बेंतें खाई; एक बार पत्थरवाह किया गया; तीन बार जहाज जिन पर मैं चढ़ा था, टूट गए; एक रात दिन मैं ने समुद्र में काटा।
2 Corinthians 11:26 मैं बार बार यात्राओं में; नदियों के जोखिमों में; डाकुओं के जोखिमों में; अपने जाति वालों से जोखिमों में; अन्यजातियों से जोखिमों में; नगरों में के जाखिमों में; जंगल के जोखिमों में; समुद्र के जाखिमों में; झूठे भाइयों के बीच जोखिमों में;
2 Corinthians 11:27 परिश्रम और कष्‍ट में; बार बार जागते रहने में; भूख-प्यास में; बार बार उपवास करने में; जाड़े में; उघाड़े रहने में।
2 Corinthians 11:28 और और बातों को छोड़कर जिन का वर्णन मैं नहीं करता सब कलीसियाओं की चिन्‍ता प्रति दिन मुझे दबाती है।
2 Corinthians 11:29 किस की निर्बलता से मैं निर्बल नहीं होता? किस के ठोकर खाने से मेरा जी नहीं दुखता?
2 Corinthians 11:30 यदि घमण्ड करना अवश्य है, तो मैं अपनी निर्बलता की बातों पर करूंगा।
2 Corinthians 11:31 प्रभु यीशु का परमेश्वर और पिता जो सदा धन्य है, जानता है, कि मैं झूठ नहीं बोलता।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 119:1-88 
  • 1 कुरिन्थियों 7:20-40