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Tuesday, May 17, 2016

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   हम मनुष्य प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष, लौकिक तथा अलौकिक, दोनों ही सच्चाईयों के संपर्क में रहते हैं। मैं इस बात के बारे में तब सोचने लगा जब मैं न्यूज़ीलैंड के समुद्री तट से एक नाव में व्हेल मछलियों को देखने के लिए गया। व्हेल मछली कुछ देर पानी की सतह पर रहकर आराम करती, कुछ लंबी-लंबी सांसें लेती जिससे जब वह श्वास बाहर निकालती तो एक अद्भुत फव्वारा सा निकलता, और फिर वह लगभग एक मील की गहराई तक पानी में अपना भोजन ढूँढ़ने और खाने के लिए उतर जाती। यद्यपि उन व्हेल मछलियों का पानी अन्दर अपना एक संसार है, वहाँ के अपने जीव-जन्तु हैं, लेकिन उसे सांस लेने और ऑक्सीजन द्वारा अपना रक्त साफ करने के लिए पानी कि सतह पर आना ही पड़ता है। व्हेल पानी के बाहर के संसार के बारे में कुछ नहीं जानती है, लेकिन जीवित रहने के लिए पानी की सतह पर आकर पानी के बाहर के संसार के साथ उसे संपर्क बना कर रखना ही होता है।

   यही हमारी भी स्थिति है, जैसे व्हेल को अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए ऑक्सीजन लेने पानी की सतह पर आना होता है, वैसे ही हमें भी अपने आत्मा, मन और हृदय को स्वच्छ रखने के लिए परमेश्वर के संपर्क में बारंबार आना ही होता है। हमारे लिए लौकिक और आलौकिक में कोई स्पष्ट विभाजन नहीं है; जिस संसार में हम रहते और कार्य करते हैं वह ’या तो इस ओर, नहीं तो उस ओर’ का संसार नहीं है। एक मसीही विश्वासी होने के नाते मैं जो प्रार्थना, आराधना, परमेश्वर के प्रेम को ज़रूरतमंदों, बीमारों और बन्धनों में पड़े हुओं तक पहुँचाने का कार्य करता हूँ, वह लौकिक भी है और अलौकिक भी, सांसारिक भी है और स्वर्गीय भी। हमारे सभी कार्य इस प्रत्यक्ष संसार में, जिसे हम देख, छू, सूंघ और अनुभव कर सकते हैं में होते हैं, लेकिन हमारे जीवनों पर उनके प्रभाव ना केवल इस संसार में वरन आने वाले संसार में भी जाते हैं।

   जिस परमेश्वर ने हमें प्रत्यक्ष दिखाई देने वाले इस संसार की तथा हमारी सृष्टि करी है, वही इस प्रत्यक्ष संसार को अप्रत्यक्ष रीति से संचालित करता है तथा हमें अपने संपर्क में आने के तरीके और अवसर भी देता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में लिखा: "और उसने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे। यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्‍टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना" (कुलुस्सियों  1:22-23)। प्रभु यीशु में होकर संभव हुए परमेश्वर से इस मेल-मिलाप के द्वारा परमेश्वर ने हमारे लिए यह संभव किया है कि हम उससे संपर्क में बने रहें तथा वह आत्मिक ऑक्सीजन, अर्थात उसका वचन, प्राप्त करते रहें जो हमारे प्राण, देह और आत्मा को स्वच्छ एवं स्वस्थ रखता है। - फिलिप यैन्सी


परमेश्वर का सिंहासन उसके बच्चों की पहुँच के बाहर कभी नहीं रहता।

क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे? और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं। - रोमियों 5:10-11

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:9-23
Colossians 1:9 इसी लिये जिस दिन से यह सुना है, हम भी तुम्हारे लिये यह प्रार्थना करने और बिनती करने से नहीं चूकते कि तुम सारे आत्मिक ज्ञान और समझ सहित परमेश्वर की इच्छा की पहिचान में परिपूर्ण हो जाओ। 
Colossians 1:10 ताकि तुम्हारा चाल-चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ। 
Colossians 1:11 और उस की महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ से बलवन्‍त होते जाओ, यहां तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको। 
Colossians 1:12 और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिसने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में समभागी हों। 
Colossians 1:13 उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया। 
Colossians 1:14 जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है। 
Colossians 1:15 वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है। 
Colossians 1:16 क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं। 
Colossians 1:17 और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।
Colossians 1:18 और वही देह, अर्थात कलीसिया का सिर है; वही आदि है और मरे हुओं में से जी उठने वालों में पहिलौठा कि सब बातों में वही प्रधान ठहरे। 
Colossians 1:19 क्योंकि पिता की प्रसन्नता इसी में है कि उस में सारी परिपूर्णता वास करे। 
Colossians 1:20 और उसके क्रूस पर बहे हुए लोहू के द्वारा मेल मिलाप कर के, सब वस्‍तुओं का उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर ले चाहे वे पृथ्वी पर की हों, चाहे स्वर्ग में की। 
Colossians 1:21 और उसने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे। 
Colossians 1:22 ताकि तुम्हें अपने सम्मुख पवित्र और निष्‍कलंक, और निर्दोष बनाकर उपस्थित करे। 
Colossians 1:23 यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्‍टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 1-3
  • यूहन्ना 5:25-47