बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Thursday, October 27, 2016

परिवार


   हम मसीही हाई स्कूल की गायन-मण्डली के साथ जमाइका में सेवकाई के दौरे पर थे; वहाँ हमने परमेश्वर के प्रेम को कार्यान्वित होते हुए देखा। एक दिन हम वहाँ एक ऐसे अनाथालय में गए हुए थे जो अपंग बच्चों और किशोरों के लिए था; वहाँ हमें ज्ञात हुआ कि उस अनाथालय के एक बच्चे, डॉनल्ड को, जो सेरेब्रल पाल्सी से ग्रसित था जिस के कारण बांहें और टांगें भली भांति कार्य नहीं कर पाते हैं, और जिसके साथ हमारी मण्डली के बच्चों ने बातचीत करी थी, गोद लिया जा रहा है। जब डॉनल्ड को गोद लेने वाले दंपत्ति उस स्थान पर आए तो उनके साथ डॉनल्ड के बारे में वार्तालाप करना बड़े आनन्द की बात थी; लेकिन उस भी अधिक आनन्द की बात वह था जो इसके बाद हुआ।

   जब डॉनल्ड के नए माता-पिता उसे अनाथालय से गोद लेने की प्रक्रिया पूरी करके बाहर लेकर आए और उसकी नई माँ ने उसे गोद में भर लिया, तो हमारी गायन मण्डली के बच्चों ने उनके चारों ओर एकत्रित होकर परमेश्वर की स्तुति और धन्यवाद के गीत गाए। वहाँ आनन्द के आँसू बह रहे थे, और डॉनल्ड का चेहरा खुशी से खिला हुआ था।

   बाद में एक बच्चे ने मुझ से कहा, "इससे मुझे ध्यान आया कि स्वर्ग में कैसा लगता होगा जब कोई जन प्रभु यीशु में लाए विश्वास के द्वारा पाप क्षमा एवं उद्धार पाकर परमेश्वर की सन्तान बन जाता है। स्वर्ग में भी इसी प्रकार से स्वर्गदूत आनन्द मनाते हैं क्योंकि परमेश्वर के परिवार में एक नया सदस्य सम्मिलित हो गया है।" वास्तव में यह स्वर्ग में मनाए जाने वाले उस आनन्द का, जो प्रभु यीशु में लाए विश्वास के द्वारा परमेश्वर के परिवार में आए जन के लिए होता है, एक चित्रण ही था। प्रभु यीशु ने स्वयं इस विषय में कहा था, "मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा..." (लूका 15:7)।

   परमेश्वर का धन्यवाद और आराधना हो कि उसने हमें अपने परिवार में सम्मिलित कर लिया है; इसीलिए स्वर्गदूत हमारे लिए आनन्द मनाते हैं। - डेव ब्रैनन


जब पृथ्वी पर मनुष्य पापों से मन फिराते और प्रभु यीशु से उद्धार पाते हैं, 
तो स्वर्ग में स्वर्गदूत आनन्द मनाते हैं।

सो तुम जा कर इस का अर्थ सीख लो, कि मैं बलिदान नहीं परन्तु दया चाहता हूं; क्योंकि मैं धर्मियों को नहीं परन्तु पापियों को बुलाने आया हूं। - मत्ती 9:13

बाइबल पाठ: लूका 15:1-10
Luke 15:1 सब चुंगी लेने वाले और पापी उसके पास आया करते थे ताकि उस की सुनें। 
Luke 15:2 और फरीसी और शास्त्री कुड़कुड़ा कर कहने लगे, कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है।
Luke 15:3 तब उसने उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा। 
Luke 15:4 तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए तो निन्नानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे? 
Luke 15:5 और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्द से उसे कांधे पर उठा लेता है। 
Luke 15:6 और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों को इकट्ठे कर के कहता है, मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है। 
Luke 15:7 मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धर्मियों के विषय नहीं होता, जिन्हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं।
Luke 15:8 या कौन ऐसी स्त्री होगी, जिस के पास दस सिक्के हों, और उन में से एक खो जाए; तो वह दीया बारकर और घर झाड़ बुहार कर जब तक मिल न जाए, जी लगाकर खोजती न रहे? 
Luke 15:9 और जब मिल जाता है, तो वह अपनी सखियों और पड़ोसिनियों को इकट्ठी कर के कहती है, कि मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरा खोया हुआ सिक्‍का मिल गया है। 
Luke 15:10 मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में परमेश्वर के स्‍वर्गदूतों के साम्हने आनन्द होता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 12-14
  • 2 तिमुथियुस 1