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Thursday, April 20, 2017

खुली बाहें


   प्रतिदिन एक पिता मार्ग पर नज़रें गड़ाए बड़ी लालसा से देखता रहता था, उसे अपने पुत्र के आने की प्रतीक्षा थी; और प्रति संध्या वह निराश अपने बिस्तर पर सोने के लिए जाता था क्योंकि वह पुत्र नहीं आया था। परन्तु एक दिन मार्ग पर दूर कोई आता हुआ दिखाई दिया, कुछ देर में एक मानव आकृति निकट आती हुई दिखाई दी। पिता के मन में आशा बंधी; उसने अपने आप से पूछा, ’क्या ये मेरा पुत्र होगा?’ फिर जब वह व्यक्ति और निकट आया तो पिता को उसकी चाल परिचित लगी, और मन में विश्वास जाग उठा, ’यह मेरा पुत्र ही है!’

   ऐसा होते ही, "...वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा" (लूका 15:20)। जो पिता ने किया वह उस समय के व्यवहार और संस्कारों के विरुध्द था, कि कोई संभ्रांत व्यक्ति ऐसे दौड़ता हुआ मार्ग पर निकल जाए। परन्तु पिता को इसकी कोई परवाह नहीं थी, वह तो अपने पुत्र से मिलने जा रहा था, उसके आनन्द की कोई सीमा नहीं थी, उसे अपने पुत्र को गले लगाने से रोकने वाली कोई बात हो नहीं सकती थी।

   वह पुत्र अपने पिता से मिले इस स्वागत के योग्य नहीं था क्योंकि वह स्वयं ही पिता से संपत्ति का अपना भाग लेकर पिता का घर छोड़ कर चला गया था, और दुराचार तथा बुरी संगति में सारी दौलत उड़ा दी थी। पिता से संपत्ति का अपना भाग माँगने का दावा करना और संपति ले लेना एक प्रकार से यह दर्शाना था कि उस पुत्र के लिए पिता अब दिवंगत है, और पिता के मरणोप्रांत वह विरासत के अपना अधिकार पर दावा कर रहा है। परन्तु पुत्र ने पिता के साथ जो भी किया था, उसके बावजूद, अपने पिता की दृष्टि में वह अभी भी उसका पुत्र था (पद 24)। पिता ने लौट कर आए हुए उस पश्चातापी पुत्र को क्षमा कर दिया, घर में उसका स्थान उसे बहाल कर दिया, उसके लौटने का बड़ा आनन्द मनाया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा दिया गया यह दृष्टांत मुझे स्मरण दिलाता है कि मेरा परमेश्वर पिता भी मुझे मेरे किसी कार्य या भलाई या धार्मिकता के कारण नहीं वरन संपूर्णतः अपने प्रेम और अनुग्रह के कारण स्वीकार करता है, मेरे पापों को क्षमा करता है, और मुझे अपने परिवार का सदस्य बना लेता है। यह दृष्टांत मुझे यह भी एहसास करवाता है कि मैं चाहे जितना भी नीचे गिर जाऊँ, परन्तु फिर भी अपने पापों के लिए मेरे पश्चातापी होते ही मेरे परमेश्वर पिता का अनुग्रह मुझे उठा कर बहाल कर सकता है। मैं इस बात से सदा आश्वस्त रह सकता हूँ कि मेरा परमेश्वर पिता सदा मेरी प्रतीक्षा में रहता है और जैसे ही मैं उसकी ओर अपने कदम बढ़ाता हूँ, वह खुली बाहों से मेरा स्वागत करता है, मेरे लौट आने का आनन्द मनाता है। - पो फैंग चिया


हम दण्ड पाने के योग्य हैं, 
परन्तु प्रभु यीशु में हमें क्षमा मिलती है; 
हमें परमेश्वर का क्रोध मिलना चाहिए, 
परन्तु प्रभु यीशु में हमें परमेश्वर से प्रेम मिलता है। - फिलिप यैन्सी

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: लूका 15:11-24
Luke 15:11 फिर उसने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे। 
Luke 15:12 उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उसने उन को अपनी संपत्ति बांट दी। 
Luke 15:13 और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा कर के एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी। 
Luke 15:14 जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया। 
Luke 15:15 और वह उस