बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Thursday, February 9, 2017

विवाह


   कॉलेज में उसकी ओर मेरा ध्यान सबसे पहले उसके पीले रेनकोट ने खींचा; और शीघ्र ही मैं सू नाम की उस लंबे भूरे बालों वाली आकर्षक नई विद्यार्थी में अधिकाधिक रुचि लेने लग गया। कुछ ही समय में मैंने साहस जुटा कर सू को रोका और हिचकिचाते हुए उससे पूछा कि क्या वह मेरे साथ मिलना और बातचीत करना चाहेगी। मुझे आशचर्य हुआ जब उसने तुरंत ही मेरे इस प्रस्ताव के लिए हाँ कह दिया।

   अब चार दशक से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी, मैं और सू कॉलेज में हमारी उस प्रथम अटपटी सी मुलाकात को स्मरण कर के हँसते हैं, और अचरज करते हैं कि कैसे परमेश्वर ने ओहायो प्रांत से आए एक शर्मीले लड़के, अर्थात मुझे, मिशिगन प्रांत से आई एक शर्मीली लड़की सू से मिलाया। इतने वर्षों में हम दोनों ने अपने परिवार को बनाने और उसकी परवरिश करने के लिए एक साथ अनेकों परिस्थितियों एवं कठिनाईयों का सामना किया है। हमने अपने चार बच्चों का पालन-पोषण भी एक साथ मिलकर किया और उनमें से एक के असमय आक्स्मिक देहांत के हृदय विदारक दुःख का सामना भी एक साथ मिलकर किया है। बड़ी और छोटी समस्याओं ने हमारे विश्वास को परखा है, परन्तु हम एक दूसरे के साथ बने रहे हैं। इन सब बातों का सामना करते हुए साथ बने रहने के लिए हम दोनों के एक दूसरे के प्रति स्थिर विश्वास एवं परस्पर समर्पण के दृढ़ निश्चय तथा हमारे प्रति परमेश्वर के अनुग्रह का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

   आज हम परमेश्वर की योजना में एक साथ होने और रहने के लिए आनन्दित हैं। परमेश्वर ने अपने वचन बाइबल के आरंभ में ही परिवार के लिए, उत्पत्ति 2:24 में अपनी योजना दे दी थी - कि मनुष्य अपने माता-पिता को छोड़कर अपनी पत्नि के साथ मिलकर रहे, वे एक तन होकर रहें। हम विवाह में परमेश्वर की इस अद्भुत योजना का आदर करते हैं और बाइबल में दिए परमेश्वर के निर्देशों के अनुसार उसे संभाल कर रखते तथा निभाते हैं, जिससे एक साथ एक अद्भुत आनन्द का जीवन व्यतीत कर सकें।

   विवाह को लेकर परमेश्वर की योजना सुन्दर है; इसलिए हम सभी विवाहित जोड़ों के लिए प्रार्थना करते हैं कि वे यह समझ तथा जान सकें कि परमेश्वर की आशीषों तथा मार्गदर्शन के साथ एक साथ मिलकर जीवन का आनन्द लेना कितना विलक्षण होता है। - डेव ब्रैनन


विवाहित जीवन परस्पर प्रेम, आदर और विश्वास के वातवरण में पनपता है।

विवाह सब में आदर की बात समझी जाए, और बिछौना निष्‍कलंक रहे; क्योंकि परमेश्वर व्यभिचारियों, और परस्त्रीगामियों का न्याय करेगा। - इब्रानियों 13:4

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 2:18-25
Genesis 2:18 फिर यहोवा परमेश्वर ने कहा, आदम का अकेला रहना अच्छा नहीं; मैं उसके लिये एक ऐसा सहायक बनाऊंगा जो उस से मेल खाए। 
Genesis 2:19 और यहोवा परमेश्वर भूमि में से सब जाति के बनैले पशुओं, और आकाश के सब भाँति के पक्षियों को रचकर आदम के पास ले आया कि देखें, कि वह उनका क्या क्या नाम रखता है; और जिस जिस जीवित प्राणी का जो जो नाम आदम ने रखा वही उसका नाम हो गया। 
Genesis 2:20 सो आदम ने सब जाति के घरेलू पशुओं, और आकाश के पक्षियों, और सब जाति के बनैले पशुओं के नाम रखे; परन्तु आदम के लिये कोई ऐसा सहायक न मिला जो उस से मेल खा सके। 
Genesis 2:21 तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को भारी नीन्द में डाल दिया, और जब वह सो गया तब उसने उसकी एक पसली निकाल कर उसकी सन्ती मांस भर दिया। 
Genesis 2:22 और यहोवा परमेश्वर ने उस पसली को जो उसने आदम में से निकाली थी, स्त्री बना दिया; और उसको आदम के पास ले आया। 
Genesis 2:23 और आदम ने कहा अब यह मेरी हड्डियों में की हड्डी और मेरे मांस में का मांस है: सो इसका नाम नारी होगा, क्योंकि यह नर में से निकाली गई है। 
Genesis 2:24 इस कारण पुरूष अपने माता पिता को छोड़कर अपनी पत्नी से मिला रहेगा और वे एक तन बने रहेंगे। 
Genesis 2:25 और आदम और उसकी पत्नी दोनो नंगे थे, पर लजाते न थे।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 6-7
  • मत्ती 25:1-30