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Thursday, September 21, 2017

स्मरण


   जिस छोटे दफ्तर को किराए पर लेकर मैं अब कार्य कर रही हूँ, वहाँ केवल कुछ मक्खियाँ ही रहा करती थीं; और उन में से अनेक मर चुकी थीं। वे मरी हुई मक्खियाँ चारों ओर, फर्श पर और खिड़कियों की दहलीज़ पर बिखरी पड़ी थीं। काम आरंभ करने से पहले मैंने वहाँ की सफाई करते हुए उन सभी मरी हुई मक्खियों को भी हटा दिया, सिवाए एक के। उस एक मक्खी को मैंने अपने सामने स्पष्ट दिखाई देने वाले स्थान पर रख दिया। वह मरी हुई मक्खी मुझे स्मरण दिलाती है कि मैं प्रत्येक दिन को भली-भांति व्यतीत करूँ। जीवन को स्मरण दिलाने के लिए मृत्यु एक बहुत अच्छा साधन है, और जीवन परमेश्वर से मिला उपहार है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा सुलेमान ने अपनी सभोपदेशक नामक पुस्तक में लिखा, "जो सब जीवतों में है, उसे आशा है" (सभोपदेशक 9:4)। पृथ्वी पर हमारा जीवन हमें अपने आस-पास के संसार को प्रभावित करने और उसका आनन्द लेने का अवसर देता है। हम अच्छे से खा-पी सकते हैं, अपने संबंधों का आनन्द उठा सकते हैं (पद 7, 9)। हम अपने कार्य से भी आनन्द ले सकते हैं। सुलेमान ने यह भी लिखा, "जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जाने वाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुध्दि है" (पद 10)। जीवन में हमारा जो भी कार्य या जीविका का साधन हो, हम उसमें प्रभावी हो सकते हैं, और उन सभी कार्यों को अच्छे से कर सकते हैं। हम लोगों को प्रोत्साहित कर सकते हैं, प्रार्थना कर सकते हैं, लोगों के प्रति निष्ठा और प्रेम प्रगट कर सकते हैं।

   सभोपदेशक का लेखक लिखता है, "...वे सब समय और संयोग के वश में हैं। क्योंकि मनुष्य अपना समय नहीं जानता।" (पद 11-12)। हमारे लिए यह जानना कि पृथ्वी पर हमारा जीवन कब समाप्त होगा असंभव है, परन्तु परमेश्वर की सामर्थ्य और प्रभु यीशु द्वारा अनन्त जीवन की प्रतिज्ञा में होकर जीवन में आज आनन्द और उद्देश्य पाना, और भरपूरी का जीवन जीना संभव है, जैसा कि प्रभु यीशु ने कहा: "...मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं" (यूहन्ना 10:10)। हम अपने जीवन की अनिश्चितता को स्मरण रखते हुए, जो जीवन मिला है उसे प्रभु यीशु में होकर भरपूरी से जीएं। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


आज का यह दिन परमेश्वर का उपहार है। इसमें आनन्दित हों, इसे भरपूरी से जीएं।

हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुध्दिमान हो जाएं। - भजन 90:12

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 9:4-12
Ecclesiastes 9:4 उसको परन्तु जो सब जीवतों में है, उसे आशा है, क्योंकि जीवता कुत्ता मरे हुए सिंह से बढ़कर है। 
Ecclesiastes 9:5 क्योंकि जीवते तो इतना जानते हैं कि वे मरेंगे, परन्तु मरे हुए कुछ भी नहीं जानते, और न उन को कुछ और बदला मिल सकता है, क्योंकि उनका स्मरण मिट गया है। 
Ecclesiastes 9:6 उनका प्रेम और उनका बैर और उनकी डाह नाश हो चुकी, और अब जो कुछ सूर्य के नीचे किया जाता है उस में सदा के लिये उनका और कोई भाग न होगा।
Ecclesiastes 9:7 अपने मार्ग पर चला जा, अपनी रोटी आनन्द से खाया कर, और मन में सुख मान कर अपना दाखमधु पिया कर; क्योंकि परमेश्वर तेरे कामों से प्रसन्न हो चुका है।
Ecclesiastes 9:8 तेरे वस्त्र सदा उजले रहें, और तेरे सिर पर तेल की घटी न हो।
Ecclesiastes 9:9 अपने व्यर्थ जीवन के सारे दिन जो उसने सूर्य के नीचे तेरे लिये ठहराए हैं अपनी प्यारी पत्नी के संग में बिताना, क्योंकि तेरे जीवन और तेरे परिश्रम में जो तू सूर्य के नीचे करता है तेरा यही भाग है। 
Ecclesiastes 9:10 जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जाने वाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है।
Ecclesiastes 9:11 फिर मैं ने धरती पर देखा कि न तो दौड़ में वेग दौड़ने वाले और न युध्द में शूरवीर जीतते; न बुध्दिमान लोग रोटी पाते न समझ वाले धन, और न प्रवीणों पर अनुग्रह होता है, वे सब समय और संयोग के वश में हैं। 
Ecclesiastes 9:12 क्योंकि मनुष्य अपना समय नहीं जानता। जैसे मछलियां दुखदाई जाल में बझतीं और चिड़ियें फन्दे में फंसती हैं, वैसे ही मनुष्य दुखदाई समय में जो उन पर अचानक आ पड़ता है, फंस जाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 7-9
  • 2 कुरिन्थियों 13