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Thursday, October 5, 2017

समय


   मेरे मित्र बॉब बोर्डमैन ने लिखा, "यदि मनुष्य की संभावित सामान्य आयु को 70 वर्ष मानकर, उसे 24 घंटे के एक दिन में सीमित कर दिया जाए तो मेरे जीवन में अभी संध्या के 8:30 बज रहे हैं...समय बड़ी तेज़ी से निकलता चला जा रहा है।"

   इस तथ्य को मान लेने की कठिनाई ने कि पृथ्वी पर हमारा समय बहुत सीमित है, और जो है वह बहुत तेज़ी से बीतता चला जा रहा है, "टिक्कर" नामक कलाई-घड़ी को बनाने की प्रेरणा दी, जो आपके जीवन का अनुमानित शेष समय बताती है। इसे बनाने वाले इसके प्रचार के लिए दिए गए विज्ञापन में इसके विषय में कहते हैं कि "यह वह घड़ी है जो आपके जीवन के पल गिनती है, जिससे आप हर पल का महत्व जान सकें।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, भजन 39 में दाऊद ने जीवन के अल्पकालीन होने का सामना किया। दाऊद ने कहा, "हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं" (पद 4)। उसने अपने जीवन काल को एक हाथ की बालिश्त भर का बताया, परमेश्वर के समक्ष क्षण भर का, और मात्र एक श्वास कहा (पद 5)। दाऊद का निष्कर्ष था, "और अब हे प्रभु, मैं किस बात की बाट जोहूं? मेरी आशा तो तेरी ओर लगी है" (पद 7)

   समय बीत रहा है। परमेश्वर हमें जिस प्रकार के लोग देखना चाहता है वैसे होने के लिए परमेश्वर की सामर्थ्य को खोजने, तथा उसकी सहायता से वैसे बन जाने का समय अभी है। हमारे शाश्वत प्रभु परमेश्वर यीशु मसीह में सच्चे पश्चाताप और समर्पण द्वारा अपनी अनन्त आशा को सुदृढ़ कर लेना ही हमारे जीवनों को सार्थक बना सकता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रभु यीशु के लिए जीवन जीने का समय अभी है।

हे भाइयो, चौकस रहो, कि तुम में ऐसा बुरा और अविश्वासी मन न हो, जो जीवते परमेश्वर से दूर हट जाए। वरन जिस दिन तक आज का दिन कहा जाता है, हर दिन एक दूसरे को समझाते रहो, ऐसा न हो, कि तुम में से कोई जन पाप के छल में आकर कठोर हो जाए। - इब्रानियों 3:12-13

बाइबल पाठ: भजन 39
Psalms 39:1 मैं ने कहा, मैं अपनी चाल चलन में चौकसी करूंगा, ताकि मेरी जीभ से पाप न हो; जब तक दुष्ट मेरे साम्हने है, तब तक मैं लगाम लगाए अपना मुंह बन्द किए रहूंगा। 
Psalms 39:2 मैं मौन धारण कर गूंगा बन गया, और भलाई की ओर से भी चुप्पी साधे रहा; और मेरी पीड़ा बढ़ गई, 
Psalms 39:3 मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर जल रहा था। सोचते सोचते आग भड़क उठी; तब मैं अपनी जीभ से बोल उठा; 
Psalms 39:4 हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं! 
Psalms 39:5 देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं। 
Psalms 39:6 सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा! 
Psalms 39:7 और अब हे प्रभु, मैं किस बात की बाट जोहूं? मेरी आशा तो तेरी ओर लगी है। 
Psalms 39:8 मुझे मेरे सब अपराधों के बन्धन से छुड़ा ले। मूढ़ मेरी निन्दा न करने पाए। 
Psalms 39:9 मैं गूंगा बन गया और मुंह न खोला; क्योंकि यह काम तू ही ने किया है। 
Psalms 39:10 तू ने जो विपत्ति मुझ पर डाली है उसे मुझ से दूर कर दे, क्योंकि मैं तो तरे हाथ की मार से भस्म हुआ जाता हूं। 
Psalms 39:11 जब तू मनुष्य को अधर्म के कारण डाँट डपटकर ताड़ना देता है; तब तू उसकी सुन्दरता को पतंगे की नाईं नाश करता है; सचमुच सब मनुष्य व्यर्थ अभिमान करते हैं।
Psalms 39:12 हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन, और मेरी दोहाई पर कान लगा; मेरा रोना सुनकर शांत न रह! क्योंकि मैं तेरे संग एक परदेशी यात्री के समान रहता हूं, और अपने सब पुरखाओं के समान परदेशी हूं। 
Psalms 39:13 आह! इस से पहिले कि मैं यहां से चला जाऊं और न रह जाऊं, मुझे बचा ले जिस से मैं प्रदीप्त जीवन प्राप्त करूं!

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 23-25
  • फिलिप्पियों 1