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Friday, June 14, 2019

अनुग्रह



      एक मित्र और उसकी पत्नि ने, जो अब नब्बे वर्ष से अधिक के हैं और वैवाहिक जीवन के छियासठ वर्ष पूरे कर चुके हैं, अपने बच्चों, नाती-पोतों, और आने वाली पीढ़ियों के लिए अपने पारिवारिक इतिहास को लिखा। उनकी पुस्तक का अंतिम अध्याय था, “माता और पिता की ओर से एक पत्र” जिसमें उनके द्वारा अपने जीवनों से सीखे महत्वपूर्ण पाठ थे। इनमें से एक ने मुझे रुक कर अपने जीवन पर विचार करने के लिए विवश किया: “यदि आपको लगने लगे कि मसीही विश्वास आपको थका दे रहा है, आपकी स्फूर्ति को छीन ले रहा है, तो फिर आप प्रभु यीशु मसीह के साथ संबंध का आनन्द लेने के स्थान पर एक धर्म का निर्वाह करने लगे हैं। प्रभु के साथ जीने से आप थकेंगे नहीं; वरन वह आपके लिए स्फूर्तिदायक, आपकी सामर्थ्य को बढ़ाने वाला और जीवन को और क्रियाशील कर देने वाला होगा” (मत्ती 11:28-29)।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के इस खण्ड की यूजीन पीटरसन द्वारा की गई व्याख्या के आरंभ में प्रभु यीशु का निमंत्रण इस प्रकार से कहा गया है, “क्या आप थके हुए हैं? थक कर चूर-चूर हो गए हैं? धर्म के निर्वाह करते करते निष्क्रीय हो गए हैं?...मेरे साथ चलो और मेरे साथ काम करो...मेरे अनुग्रह की सहज लय से परिचित हो जाओ। (The Message)”

      यदि मैं यह सोचने लगूँ कि परमेश्वर की सेवा करना मेरे अपने प्रयासों से है, तो मैंने उसके साथ चलने के स्थान, पर उसके लिए काम करना आरंभ कर दिया; इन दोनों में एक बहुत महत्वपूर्ण भिन्नता है। यदि मैं मसीह यीशु के साथ चल नहीं रहा हूँ तो मेरी आत्मा रूखी और सरलता से टूटने वाली हो जाती है। तब लोग खीज दिलाने वाले  हो जाते हैं, न कि परमेश्वर के स्वरूप में बने साथी मनुष्य। तब कुछ भी सही नहीं लगता है।

      जब मैं यह देखता हूँ कि मैं प्रभु यीशु के साथ संबंध का आनन्द लेने के स्थान पर धर्म का निर्वाह करने लग गया हूँ, तो फिर यह समय है कि उस बोझ को उतार कर प्रभु के चरणों में रख दूँ, और उसके अनुग्रह की लय में प्रवाहित होने लगूँ। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रभु यीशु चाहता है कि हम उसके साथ चलें।

यदि दो मनुष्य परस्पर सहमत न हों, तो क्या वे एक संग चल सकेंगे? – अमोस 3:3

बाइबल पाठ: मत्ती 11:25-30
Matthew 11:25 उसी समय यीशु ने कहा, हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु; मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा रखा, और बालकों पर प्रगट किया है।
Matthew 11:26 हां, हे पिता, क्योंकि तुझे यही अच्छा लगा।
Matthew 11:27 मेरे पिता ने मुझे सब कुछ सौंपा है, और कोई पुत्र को नहीं जानता, केवल पिता; और कोई पिता को नहीं जानता, केवल पुत्र और वह जिस पर पुत्र उसे प्रगट करना चाहे।
Matthew 11:28 हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।
Matthew 11:29 मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
Matthew 11:30 क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।

एक साल में बाइबल:  
  • एज्रा 9-10
  • प्रेरितों 1