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Saturday, December 21, 2019

घर



      एक वर्ष, क्रिसमस के समय मैं काम पर एक ऐसे स्थान को गया हुआ था जिसे मेरे बहुत से मित्र नक़्शे पर भी ढूँढ़ नहीं पा रहे थे। एक संध्या काम समाप्त करके जब मैं थका हुआ घर की ओर चला जा रहा था, तो तेज़ बहती सर्द हवाएं मुझे परेशान कर रहीं थीं, और मेरा मन हो रहा था, काश मैं घर पर होता। जब मैनें कमरे पर पहुँच कर दरवाज़ा खोला तो वह एक चमत्कारिक पल था। मेरे साथ रहने वाले मेरे कला प्रेमी साथी ने अपनी कला का एक नया नमूना तैयार कर रखा था – चीनी मिट्टी से बना उन्नीस इंच ऊँचा क्रिसमस ट्री, जिस पर रंगीन बत्तियां जगमगा रहीं थीं, और जो उस समय हमारे कमरे के अँधेरे को रंगीन बना रही थीं। चाहे थोड़ी से देर ही के लिए सही, मुझे लगा जैसे मैं घर पहुँच गया था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि जब याकूब अपने भाई एसाव से बचकर भाग रहा था, तो एक रात उसने अपने आप को एक अकेले और सुनसान स्थान पर पाया। वह वहीं धरती पर सो गया और रात को एक स्वप्न में परमेश्वर ने उसे दर्शन दिए, और याकूब को घर के लिए एक स्थान देने का वायदा किया। परमेश्वर ने उससे कहा, “...जिस भूमि पर तू पड़ा है, उसे मैं तुझ को और तेरे वंश को दूंगा। और तेरा वंश भूमि की धूल के किनकों के समान बहुत होगा, और पच्छिम, पूरब, उत्तर, दक्खिन, चारों ओर फैलता जाएगा: और तेरे और तेरे वंश के द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएंगे” (उत्पत्ति 28:13-14)।

      आगे चलकर याकूब के वंशजों में से ही प्रतिज्ञागत मसीहा – संसार के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह, अपना स्वर्गीय घर छोड़कर आए, और उन्होंने उन पर विश्वास लाने वालों को यह वायदा दिया कि, “और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो” (यूहन्ना 14:3)।

      उस दिसंबर की रात को मैं अपने कमरे के अँधेरे में बैठा उस क्रिसमस ट्री को निहार रहा था; और निश्चय ही मैंने जगत की उस ज्योति के बारे में सोचा होगा, जो समस्त संसार के लोगों सभी लोगों को घर वापसी का मार्ग प्रदान करने आई थी। - टीम गुस्ताफ्सन

घर नक़्शे पर स्थित कोई स्थान नहीं है; 
वह अपनेपन का स्थान है; और परमेश्वर ही हमें वह स्थान देता है।

तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा। - यूहन्ना 8:12

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 28:10-17
Genesis 28:10 सो याकूब बेर्शेबा से निकल कर हारान की ओर चला।
Genesis 28:11 और उसने किसी स्थान में पहुंच कर रात वहीं बिताने का विचार किया, क्योंकि सूर्य अस्त हो गया था; सो उसने उस स्थान के पत्थरों में से एक पत्थर ले अपना तकिया बना कर रखा, और उसी स्थान में सो गया।
Genesis 28:12 तब उसने स्वप्न में क्या देखा, कि एक सीढ़ी पृथ्वी पर खड़ी है, और उसका सिरा स्वर्ग तक पहुंचा है: और परमेश्वर के दूत उस पर से चढ़ते उतरते हैं।
Genesis 28:13 और यहोवा उसके ऊपर खड़ा हो कर कहता है, कि मैं यहोवा, तेरे दादा इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का भी परमेश्वर हूं: जिस भूमि पर तू पड़ा है, उसे मैं तुझ को और तेरे वंश को दूंगा।
Genesis 28:14 और तेरा वंश भूमि की धूल के किनकों के समान बहुत होगा, और पच्छिम, पूरब, उत्तर, दक्खिन, चारों ओर फैलता जाएगा: और तेरे और तेरे वंश के द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएंगे।
Genesis 28:15 और सुन, मैं तेरे संग रहूंगा, और जहां कहीं तू जाए वहां तेरी रक्षा करूंगा, और तुझे इस देश में लौटा ले आऊंगा: मैं अपने कहे हुए को जब तक पूरा न कर लूं तब तक तुझ को न छोडूंगा।
Genesis 28:16 तब याकूब जाग उठा, और कहने लगा; निश्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था।
Genesis 28:17 और भय खा कर उसने कहा, यह स्थान क्या ही भयानक है! यह तो परमेश्वर के भवन को छोड़ और कुछ नहीं हो सकता; वरन यह स्वर्ग का फाटक ही होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 4-5
  • प्रकाशितवाक्य 12