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Thursday, August 30, 2012

सामान्य विषय


   अमेरिका के एक हाई स्कूल के कुछ विद्यार्थी छुट्टियों में सेवाकाई के लिए जैमैका गए। वहां वे एक ऐसी संस्था में गए जो उपद्रवी किशोरों की देख-रेख के लिए थी - ऐसे किशोर जो नियम-कानून का उल्लंघन करते रहते थे और अपने माता-पिता के नियंत्रण से बाहर हो चुके थे।

   मुलाकात की यह परिस्थिति दोनो ही संसकृति के किशोरों के लिए अपारंपरिक और असुविधाजनक थी - एक दूसरे के साथ क्या बात करें? एक दूसरे से कैसे संपर्क बढ़ाएं?

   इस समस्या का उत्तर मिलने में देर नहीं लगी; उनके वहां पहुँचने के कुछ ही देर में दोनो में फुटबॉल मैच आरंभ हो गया जिसमें अमरीकी और जैमैकाई किशोरों ने बड़े उत्साह से भाग लिया। इस मैच से आपसी झिझक दूर हो गई और संबंध बनाने में बहुत सुविधा हुई, तथा किशोरों की आपस में बातचीत आरंभ हो गई। एक सामान्य रुचि के विषय के माध्यम से आपसी संबंध स्थापित होना और बातचीत आरंभ होना सहज हो गया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरितों १७ में पौलुस ने सुसमाचार के प्रचार के लिए आपसी बातचीत आरंभ करने और विभाजन की दीवारें तोड़ने का नमूना दिखाया। उसने अथेनियों से, वहां की परिस्थिति के अनुसार, एक सामान्य विषय - आराधना पर बातचीत आरंभ करी। इसी प्रकार हम भी किसी सहकर्मी या पड़ौसी के साथ बातचीत आरंभ करने के लिए कोई सामान्य विषय, जैसे खेल-कूद या अन्य कोई विषय चुन सकते हैं। संपर्क के आरंभ के लिए सामान्य विषय खोज पाने की अनेक संभावनाएं हैं।

   परमेश्वर के प्रेम को लोगों तक पहुँचाने के लिए पहले उनके साथ बात-चीत के लिए एक सामान्य विषय खोज लें, और फिर देखिए कि कैसे परस्पर संकोच कि दीवारें गिरती और बातचीत आरंभ होती तथा बढ़ती है। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर का प्रेम सब रुकावटें दूर कर सकता है।

क्‍योंकि मैं फिरते हुए तुम्हारी पूजने की वस्‍तुओं को देख रहा था, तो एक ऐसी वेदी भी पाई, जिस पर लिखा था, कि अनजाने ईश्वर के लिये। सो जिसे तुम बिना जाने पूजते हो, मैं तुम्हें उसका समाचार सुनाता हूं। 
- प्रेरितों १७:२३

बाइबल पाठ: प्रेरितों १७:२२-३१
Act 17:22  तब पौलुस ने अरियुपगुस के बीच में खड़ा होकर कहा, हे अथेने के लोगों मैं देखता हूं, कि तुम हर बात में देवताओं के बड़े मानने वाले हो। 
Act 17:23  क्‍योंकि मैं फिरते हुए तुम्हारी पूजने की वस्‍तुओं को देख रहा था, तो एक ऐसी वेदी भी पाई, जिस पर लिखा था, कि अनजाने ईश्वर के लिये। सो जिसे तुम बिना जाने पूजते हो, मैं तुम्हें उसका समाचार सुनाता हूं। 
Act 17:24  जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उस की सब वस्‍तुओं को बनाया, वह स्‍वर्ग और पृथ्वी का स्‍वामी होकर हाथ के बनाए हुए मन्‍दिरों में नहीं रहता। 
Act 17:25  न किसी वस्‍तु का प्रयोजन रखकर मनुष्यों के हाथों की सेवा लेता है, क्‍योंकि वह तो आप ही सब को जीवन और स्‍वास और सब कुछ देता है। 
Act 17:26  उस ने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाई हैं; और उन के ठहराए हुए समय, और निवास के सिवानों को इसलिये बान्‍धा है। 
Act 17:27   कि वे परमेश्वर को ढूंढ़ें, कदाचित उसे टटोलकर पा जाएं तौभी वह हम में से किसी से दूर नहीं! 
Act 17:28  क्‍योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते-फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं। 
Act 17:29  सो परमेश्वर का वंश होकर हमें यह समझना उचित नहीं, कि ईश्वरत्‍व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पना से गढ़े गए हों। 
Act 17:30   इसलिये परमेश्वर आज्ञानता के समयों में अनाकानी करके, अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है। 
Act 17:31  क्‍योंकि उस ने एक दिन ठहराया है, जिस में वह उस मनुष्य के द्वारा धर्म से जगत का न्याय करेगा, जिसे उस ने ठहराया है और उसे मरे हुओं में से जिलाकर, यह बात सब पर प्रामाणित कर दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन १२६-१२८ 
  • १ कुरिन्थियों १०:१९-३३