बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Friday, July 19, 2013

भय

   यदि आप सुप्रसिद्ध अंग्रेज़ी नाट्यकार शेक्सपियर के लिखे नाटकों को पसन्द करते हैं तो आपने एक बात उनके नाटकों में देखी होगी - उनके नायकों के चरित्र में कोई ना कोई गंभीर दोष अवश्य होता है। यह बात कहानी को रोचक तो बनाती ही है, साथ ही उन चरित्रों से सीखने के लिए भी कई अवसर प्रदान करती है। कुछ यही बात परमेश्वर के वचन बाइबल के एक नायक अब्राहम के विषय में भी सत्य है; उसके चरित्र में दोष था उसका भय।

   बाइबल में लिखी उसके जीवनी में हम पाते हैं कि दो बार वह अपने इस भय के आगे झुक गया कि शासक उसे मारकर उसकी पत्नि सारा को अपनी कर लेंगे (उत्पत्ति 12:11-20; 20:2-13)। अपनी जान को खतरा जान कर उसने फिरौन और राजा अभिमेलेक दोनों को यह कह कर धोखा दिया कि उसकी पत्नि सारा उसकी बहन है; यह एक तरह से उन अधिपतियों को छूट देना था कि वे चाहें तो सारा को अपने हरम में ले लें! अपनी जान बचाने के लिए अब्राहम ने ना केवल सारा की जान और जीवन जोखिम में डाली, वरन परमेश्वर की योजना कि सारा और अब्राहम से वह एक बड़ी जाति उत्पन्न करेगा, को भी जोखिम में डाल दिया। लेकिन परमेश्वर की योजनाएं मनुष्य की कमज़ोरियों से नहीं टलतीं; परमेश्वर ने सारा और अब्राहम दोनों ही को सुरक्षित रखा और अन्ततः उन दोनों से ही इस्त्राएली जाति का उद्गम हुआ।

   लेकिन इससे पहले कि हम अब्राहम पर ऊँगुली उठाएं और उसे कायर या दोषी कहें, भला होगा कि आज के अपने मसीही विश्वास के संदर्भ में हम अपने आप से कुछ प्रश्न कर लें: क्या अपनी नौकरी खो बैठने के डर से या अपने उच्च अधिकारियों को प्रसन्न करने के लिए हम अपनी सत्यनिष्ठा, सच्चाई और खराई के साथ कोई समझौता तो नहीं करने लगते हैं? लोगों में ’पुरानी विचारधारा’ का कहलाने और मज़ाक उड़ाए जाने के भय से क्या हम कभी अपने विश्वास और अपनी मान्यतओं को आवश्यकतानुसार एक किनारे तो नहीं कर देते? अपमानित होने या गलत समझे जाने के भय से क्या हम प्रभु यीशु में संसार के सभी लोगों के लिए पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार को लोगों के सामने रखने से लज्जाते हैं और दूसरों का अनन्त भविष्य खतरे में डालते हैं?

   ये और ऐसे ही बहुत से भय हैं जिनका सामना हमें प्रतिदिन करना होता है, और जिन पर विजयी होना हमें बहुत कठिन या असंभव लगता है, तथा जिनसे समझौता करना बहुत सरल और स्वाभाविक। केवल एक ही बात है जो हमारे हर भय पर हमें विजयी करेगी - परमेश्वर की हमारे साथ सदा बनी रहने वाली उपस्थिति, सुरक्षा, सामर्थ और प्रतिज्ञाओं पर दृढ़ एवं अडिग विश्वास।

   यदि आपके भय परमेश्वर द्वारा आपके लिए निर्धारित करी गई अद्भुत योजनाओं के आड़े आ रहे हैं, तो सदा समरण रखिए कि वह आपसे कभी कुछ भी ऐसा करने को नहीं कहेगा जिसे पूरा करने की सामर्थ उसने आपको प्रदान नहीं करी है। अपनी निर्धारित हर बात को पूरा करवाने के लिए वह सदा आपके साथ है, और आपसे पूरा करवाएगा भी; चाहे इसके लिए उसे कोई चमत्कारिक हस्तक्षेप ही क्यों ना करना पड़े। - जो स्टोवैल


अपने विश्वास को अपने भय पर हावी हो जाने दें और परमेश्वर आपकी चिन्ताओं को आराधना में बदल देगा।

इब्राहीम ने कहा, मैं ने यह सोचा था, कि इस स्थान में परमेश्वर का कुछ भी भय न होगा; सो ये लोग मेरी पत्नी के कारण मेरा घात करेंगे। - उत्पत्ति 20:11

बाइबल पाठ: 20:2-13
Genesis 20:1 फिर इब्राहीम वहां से कूच कर दक्खिन देश में आकर कादेश और शूर के बीच में ठहरा, और गरार में रहने लगा।
Genesis 20:2 और इब्राहीम अपनी पत्नी सारा के विषय में कहने लगा, कि वह मेरी बहिन है: सो गरार के राजा अबीमेलेक ने दूत भेज कर सारा को बुलवा लिया।
Genesis 20:3 रात को परमेश्वर ने स्वप्न में अबीमेलेक के पास आकर कहा, सुन, जिस स्त्री को तू ने रख लिया है, उसके कारण तू मर जाएगा, क्योंकि वह सुहागिन है।
Genesis 20:4 परन्तु अबीमेलेक तो उसके पास न गया था: सो उसने कहा, हे प्रभु, क्या तू निर्दोष जाति का भी घात करेगा?
Genesis 20:5 क्या उसी ने स्वयं मुझ से नहीं कहा, कि वह मेरी बहिन है? और उस स्त्री ने भी आप कहा, कि वह मेरा भाई है: मैं ने तो अपने मन की खराई और अपने व्यवहार की सच्चाई से यह काम किया।
Genesis 20:6 परमेश्वर ने उस से स्वप्न में कहा, हां, मैं भी जानता हूं कि अपने मन की खराई से तू ने यह काम किया है और मैं ने तुझे रोक भी रखा कि तू मेरे विरुद्ध पाप न करे: इसी कारण मैं ने तुझ को उसे छूने नहीं दिया।
Genesis 20:7 सो अब उस पुरूष की पत्नी को उसे फेर दे; क्योंकि वह नबी है, और तेरे लिये प्रार्थना करेगा, और तू जीता रहेगा: पर यदि तू उसको न फेर दे तो जान रख, कि तू, और तेरे जितने लोग हैं, सब निश्चय मर जाएंगे।
Genesis 20:8 बिहा