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Tuesday, November 5, 2013

शांति


   हमारे चर्च का एक अगुवा, टेड, पहले पुलिस अधिकारी हुआ करता था। उस समय, एक बार एक हिंसा की घटना की खबर पाकर टेड और उसका एक साथी पुलिस वाला उस स्थान पर पहुँचे, जहाँ स्थिति विकट हो गई। एक आदमी ने किसी दूसरे को चाकू मारा और फिर चाकू से टेड पर हमला करने का प्रयास किया। टेड के साथी पुलिस वाले ने बचाने के लिए उस आदमी पर गोली चलाई लेकिन गोली टेड के लग गई। चाकू वाला हमलावर तो पकड़ लिया गया, किंतु टेड को एम्बुलेंस में अस्पताल के लिए रवाना करा गया। एम्बुलेंस में टेड का साथी पुलिस वाला अपनी चूक के कारण बहुत परेशान और दुखी था, लेकिन टेड परमेश्वर के पवित्र आत्मा की ओर से एक अद्भुत शांति को अपने ऊपर बहता महसुस कर रहा था। उस शांति के कारण टेड ज़रा भी विचिलित नहीं हुआ और अपनी जान को खतरा होते हुए भी टेड अपने साथी पुलिस वाले को ढाढ़स के शब्द भी कह सका, और उसे उभार भी सका।

   प्रभु यीशु ने क्रूस पर चढ़ाए जाने से कुछ ही घंटे पहले अपने विश्वासियों को अपनी शांति देने का वायदा किया। प्रभु यीशु ने उस समय अपने चेलों से कहा: "मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे" (यूहन्ना 14:27)। उसका यही वायदा आज भी प्रत्येक मसीही विश्वासी के लिए वैसा ही बना हुआ है जैसा तब चेलों के लिए था। प्रभु यीशु के वायदे के अनुसार, परमेश्वर पवित्र आत्मा से मिलने वाली यह अद्भुत शांति प्रत्येक मसीही विश्वासी ने अनुभव करी है।

   आपका सबसे बड़ा डर क्या है? वह चाहे कुछ भी हो, परन्तु एक मसीही विश्वासी होने के नाते यह सदा स्मरण रखें कि यदि आपको उस डर का प्रत्यक्ष सामना भी करना पड़ा, तो उस परिस्थिति में प्रभु यीशु आपके साथ होगा। जब उस पर विश्वास बनाए रखेंगे और प्रार्थना द्वारा उससे सामर्थ प्राप्त करेंगे, "तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी" (फिलिप्पियों 4:7)। - डेनिस फिशर


शांति पाने का भेद है प्रत्येक चिन्ता को परमेश्वर के हाथों में सौंप देना।

मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है। - यूहन्ना 16:33

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:16-27
John 14:16 और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। 
John 14:17 अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा। 
John 14:18 मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं। 
John 14:19 और थोड़ी देर रह गई है कि फिर संसार मुझे न देखेगा, परन्तु तुम मुझे देखोगे, इसलिये कि मैं जीवित हूं, तुम भी जीवित रहोगे। 
John 14:20 उस दिन तुम जानोगे, कि मैं अपने पिता में हूं, और तुम मुझ में, और मैं तुम में। 
John 14:21 जिस के पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूंगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूंगा। 
John 14:22 उस यहूदा ने जो इस्करियोती न था, उस से कहा, हे प्रभु, क्या हुआ की तू अपने आप को हम पर प्रगट किया चाहता है, और संसार पर नहीं। 
John 14:23 यीशु ने उसको उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे। 
John 14:24 जो मुझ से प्रेम नहीं रखता, वह मेरे वचन नहीं मानता, और जो वचन तुम सुनते हो, वह मेरा नहीं वरन पिता का है, जिसने मुझे भेजा।
John 14:25 ये बातें मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए तुम से कहीं। 
John 14:26 परन्तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा। 
John 14:27 मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 34-36 
  • इब्रानियों 2