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Saturday, August 22, 2015

वचन


   इंटरनैट के इस युग में संगीत से संबंधित एक चमत्कार है पैंडोरा नामक एक प्रोग्राम। इस प्रोग्राम के द्वारा आप अपने लिए अपनी पसन्द के गाने बजाने वाला रेडियो-स्टेशन बना सकते हैं। इसकी कार्यविधि सरल है, पैंडोरा आपके लिए कोई गाना बजाता है, उस गाने को सुनकर आपको अपनी पसन्द के अनुसार उसे स्वीकार या अस्वीकार करना होता है। इस प्रकार आप अपनी पसन्द के गानों का संकलन बना लेते हैं और फिर उसी संकलन के गाने पैंडोरा पर आपके लिए बजते हैं।

   दुर्भाग्यवश हम में से बहुतेरे यही कार्य परमेश्वर के वचन बाइबल के साथ भी करते हैं। हम बाइबल के कुछ ऐसे खण्ड चुन लेते हैं जो हमें पसन्द हैं और शेष को नज़रन्दाज़ कर देते हैं, इस प्रकार हम अपनी पसन्द के अनुसार बाइबल की शिक्षाओं और बातों का संकलन बना लेते हैं, और उन्हीं को ध्यान में रखते हैं। परन्तु भजनकार ने परमेश्वर के वचन को उसके समूचे स्वरूप में आदर दिया; उसने कहा, "तेरा सारा वचन सत्य ही है; और तेरा एक एक धर्ममय नियम सदा काल तक अटल है" (भजन 119:160)। प्रेरित पौलुस ने अपने युवा सहकर्मी तिमुथियुस से कहा, "हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्‍पर हो जाए" (2 तिमुथियुस 3:16-17)।

   परमेश्वर का वचन प्रभु यीशु के लिए बहुत महत्वपूर्ण था (मत्ती 5:17-18), परन्तु प्रभु का दृष्टिकोण उस समय के धर्मगुरुओं से भिन्न था; प्रभु उन धर्मगुरुओं के समान परमेश्वर के वचन का केवल ऊपरी रीति से या दिखाने को पालन करने के पक्ष में नहीं था, वरन वह चाहता था कि लोगों के मन उस वचन की गहराई को समझें और वे सच्चे तथा खरे मन से उसका पालन करें; उदाहरणस्वरूप, प्रभु यीशु के लिए परमेश्वर की दस आज्ञाओं में से एक, "तू हत्या न करना" (निर्गमन 20:13) का अर्थ केवल शरीर की हत्या नहीं था, वरन यदि कोई अपने भाई से अकारण क्रुद्ध होकर उसे अपशब्द कहे तो यह भी उसकी हत्या करने के समान ही था (मत्ती 5:21-22)।

   हम जितना अधिक परमेश्वर के वचन को अपनाएंगे, उसका अध्ययन और मनन करेंगे, हम उतना ही अधिक परमेश्वर को जानेंगे और उसका आदर करने पाएंगे, उससे आशीषित होने पाएंगे। - मार्विन विलियम्स


जब भी आप अपनी बाइबल खोलें, उसके रचियेता से प्रार्थना भी करें कि वह आपके हृदय को उसकी सच्चाईयों के लिए खोले।

मैं तेरे पवित्र मन्दिर की ओर दण्डवत करूँगा, और तेरी करुणा और सच्चाई के कारण तेरे नाम का धन्यवाद करूँगा, क्योंकि तू ने अपने वचन को अपने बड़े नाम से अधिक महत्त्व दिया है। - भजन 138:2

बाइबल पाठ: मत्ती 5:17-22
Matthew 5:17 यह न समझो, कि मैं व्यवस्था था भविष्यद्वक्ताओं की पुस्‍तकों को लोप करने आया हूं। 
Matthew 5:18 लोप करने नहीं, परन्तु पूरा करने आया हूं, क्योंकि मैं तुम से सच कहता हूं, कि जब तक आकाश और पृथ्वी टल न जाएं, तब तक व्यवस्था से एक मात्रा या बिन्‍दु भी बिना पूरा हुए नहीं टलेगा। 
Matthew 5:19 इसलिये जो कोई इन छोटी से छोटी आज्ञाओं में से किसी एक को तोड़े, और वैसा ही लोगों को सिखाए, वह स्वर्ग के राज्य में सब से छोटा कहलाएगा; परन्तु जो कोई उन का पालन करेगा और उन्हें सिखाएगा, वही स्वर्ग के राज्य में महान कहलाएगा। 
Matthew 5:20 क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि यदि तुम्हारी धामिर्कता शास्‍त्रियों और फरीसियों की धामिर्कता से बढ़कर न हो, तो तुम स्वर्ग के राज्य में कभी प्रवेश करने न पाओगे।
Matthew 5:21 तुम सुन चुके हो, कि पूर्वकाल के लोगों से कहा गया था कि हत्या न करना, और जो कोई हत्या करेगा वह कचहरी में दण्‍ड के योग्य होगा। 
Matthew 5:22 परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि जो कोई अपने भाई पर क्रोध करेगा, वह कचहरी में दण्‍ड के योग्य होगा: और जो कोई अपने भाई को निकम्मा कहेगा वह महासभा में दण्‍ड के योग्य होगा; और जो कोई कहे “अरे मूर्ख” वह नरक की आग के दण्‍ड के योग्य होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 110-112
  • 1 कुरिन्थियों 5