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Sunday, August 28, 2016

नम्र और दीन


   ईस्टर के समय में, मेरी पत्नि और मैं एक चर्च सभा में सम्मिलित हुए जिसमें उस सभा में उपस्थित लोगों ने प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिए पकड़वाए जाने के रात्रि भोज के समय की घटनाओं को सजीव प्रस्तुत किया। उस सभा में उपासना के भाग के रूप में चर्च के कार्यकर्ताओं ने प्रभु यीशु के समान ही सभा के लोगों में से स्वेच्छा से इस कार्य के लिए कुछ लोगों के पाँव धोए। यह देखते समय मैं सोच रहा था कि हमारे आज के समय में क्या अधिक नम्र करने वाला है - किसी के पैर धोना, या फिर किसी से अपने पैर धुलवाना! जो यह सेवा कर रहे थे तथा जो यह सेवा ले रहे थे, दोनों ही नम्र होने के भिन्न पहलु प्रस्तुत कर रहे थे।

   जब प्रभु यीशु और उनके चेले, एक साथ मिलकर किए गए उस अन्तिम भोज के लिए एकत्रित हुए (यूहन्ना 13:1-20), तब प्रभु यीशु ने दीन सेवक की सेवकाई दिखाते हुए चेलों के पाँव धोए थे। लेकिन शमौन पतरस ने प्रभु यीशु द्वारा करे जा रहे इस कार्य का पहले यह कहते हुए विरोध किया कि, "...तू मेरे पांव कभी न धोने पाएगा"; लेकिन प्रभु यीशु ने उसे उत्तर दिया, "...यदि मैं तुझे न धोऊं, तो मेरे साथ तेरा कुछ भी साझा नहीं" (यूहन्ना 13:8)। प्रभु द्वारा उन चेलों के पाँव धोना किसी रीति का पूरा करना नहीं था; ऐसा करके प्रभु यीशु नम्र और दीन होना सिखा रहा था, और साथ ही यह भी कि हमें उससे अपनी मलिनता से स्वच्छ होने की आवश्यकता है - और प्रभु के हाथों हमारा यह स्वच्छ होना तब तक संभव नहीं है जब तक की हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु के सामने नम्र और दीन नहीं हो जाते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने लिखा, "वह तो और भी अनुग्रह देता है; इस कारण यह लिखा है, कि परमेश्वर अभिमानियों से विरोध करता है, पर दीनों पर अनुग्रह करता है" (याकूब 4:6)। जब हम परमेश्वर की महानता को पहचानते हैं, और क्रूस पर उसके नम्र और दीन होने को (फिलिप्पियों 2:5-11) व्यक्तिगत रीति से अपने लिए स्वीकार करते हैं, हम परमेश्वर के अनुग्रह को प्राप्त करते हैं। - बिल क्राउडर


सृष्टि के प्रभु के सामने घुटनों पर झुके रहना, संसार में सबसे सामर्थी होना है।

जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। - फिलिप्पियों 2:5

बाइबल पाठ: यूहन्ना 13:1-11
John 13:1 फसह के पर्व से पहिले जब यीशु ने जान लिया, कि मेरी वह घड़ी आ पहुंची है कि जगत छोड़कर पिता के पास जाऊं, तो अपने लोगों से, जो जगत में थे, जैसा प्रेम वह रखता था, अन्‍त तक वैसा ही प्रेम रखता रहा। 
John 13:2 और जब शैतान शमौन के पुत्र यहूदा इस्करियोती के मन में यह डाल चुका था, कि उसे पकड़वाए, तो भोजन के समय। 
John 13:3 यीशु ने यह जानकर कि पिता ने सब कुछ मेरे हाथ में कर दिया है और मैं परमेश्वर के पास से आया हूं, और परमेश्वर के पास जाता हूं। 
John 13:4 भोजन पर से उठ कर अपने कपड़े उतार दिए, और अंगोछा ले कर अपनी कमर बान्‍धी। 
John 13:5 तब बरतन में पानी भरकर चेलों के पांव धोने और जिस अंगोछे से उस की कमर बन्‍धी थी उसी से पोंछने लगा। 
John 13:6 जब वह शमौन पतरस के पास आया: तब उसने उस से कहा, हे प्रभु, 
John 13:7 क्या तू मेरे पांव धोता है? यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि जो मैं करता हूं, तू अब नहीं जानता, परन्तु इस के बाद समझेगा। 
John 13:8 पतरस ने उस से कहा, तू मेरे पांव कभी न धोने पाएगा: यह सुनकर यीशु ने उस से कहा, यदि मैं तुझे न धोऊं, तो मेरे साथ तेरा कुछ भी साझा नहीं। 
John 13:9 शमौन पतरस ने उस से कहा, हे प्रभु, तो मेरे पांव ही नहीं, वरन हाथ और सिर भी धो दे। 
John 13:10 यीशु ने उस से कहा, जो नहा चुका है, उसे पांव के सिवा और कुछ धोने का प्रयोजन नहीं; परन्तु वह बिलकुल शुद्ध है: और तुम शुद्ध हो; परन्तु सब के सब नहीं। 
John 13:11 वह तो अपने पकड़वाने वाले को जानता था इसी लिये उसने कहा, तुम सब के सब शुद्ध नहीं।

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 123-125
  • 1 कुरिन्थियों 10:1-18