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Saturday, November 19, 2016

अलविदा


   मैक्स लुकाडो ने जब हाफ-आयरनमैन प्रतियोगिता में भाग लिया तो उसके अन्तर्गत उन्होंने शिकायत करने के नकारात्मक प्रभाव की सामर्थ का एहसास किया। उन्होंने कहा, "1.2 मील तैरने और 56 मील साइकिल चलाने के बाद, मुझे लग रहा था कि 13.1 मील पैदल दौड़ने के लायक शक्ति अब मुझ में नहीं है। ऐसा ही मेरे साथ दौड़ने वाले एक और प्रतियोगी को लग रहा था; वह कहने लगा, ’क्या बेकार बात है, इस दौड़ में भाग लेना मेरे जीवन का सबसे मूर्खतापूर्ण निर्णय था।’ मैंने तुरंत उससे कहा ’अलविदा’ और आगे बढ़ गया।" मैक्स जानते थे कि यदि वे अधिक देर तक उसकी यह शिकायत सुनते रहेंगे, तो वे भी उसके साथ नकारात्मक विचारों में सहमत होना आरंभ कर देंगे, जिसका गलत फिर प्रभाव उनके भाग लेने पर पड़ेगा। इसलिए उन्होंने उसे अलविदा कहकर अपनी दौड़ ज़ारी रखी।

   जब परमेश्वर इस्त्राएल को मिस्त्र के दासत्व से निकालकर कनान देश में बसाने के लिए ले जा रहा था तो बहुत से ग़ैर-इस्त्राएलियों की एक मिली-जुली भीड़ मिस्त्र से निकलकर उनके साथ चल दी। उनके बियाबान के मार्ग में परमेश्वर उनका मार्गदर्शक था, उनके साथ-साथ चलता था, उनकी रक्षा करता था और वह उन्हें प्रतिदिन भोजन के लिए मन्ना और पीने का पानी प्रदान करता था। लेकिन वे इस्त्राएली उस मिली-जुली भीड़ की बातों में आकर परमेश्वर के विरूद्ध कुड़कुड़ाने लगे, परमेश्वर के प्रावधान को तुच्छ कहने लगे (गिनती 11:6); वे भूल गए कि मन्ना उन्हें परमेश्वर की ओर से मिलने वाली प्रेम भरी भेंट है। क्योंकि इस प्रकार शिकायत करना और कुड़कुड़ाना हृदय को कृतघ्नता से विषैला बना देता है, इसलिए परमेश्वर को उनके अन्दर पनपने वाले इस विष का न्याय करना पड़ा।

   शिकायत और कृतघ्नता से बचने, उसे अलविदा कहने का सटीक उपाय है हृदय को परमेश्वर की आराधना, स्तुति और धन्यवाद से भर लेना; प्रतिदिन परमेश्वर की भलाई और विश्वासयोग्यता के स्मरण को दोहराते रहना। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर की विश्वासयोग्यता का प्रचार करना 
असन्तोष की आवाज़ को मूक कर देता है।

विपत्ति और कल्याण, क्या दोनों परमप्रधान की आज्ञा से नहीं होते? सो जीवित मनुष्य क्यों कुड़कुड़ाए? और पुरुष अपने पाप के दण्ड को क्यों बुरा माने? - विलापगीत 3:38-39

बाइबल पाठ: गिनती 11:1-10
Numbers 11:1 फिर वे लोग बुड़बुड़ाने और यहोवा के सुनते बुरा कहने लगे; निदान यहोवा ने सुना, और उसका कोप भड़क उठा, और यहोवा की आग उनके मध्य जल उठी, और छावनी के एक किनारे से भस्म करने लगी। 
Numbers 11:2 तब मूसा के पास आकर चिल्लाए; और मूसा ने यहोवा से प्रार्थना की, तब वह आग बुझ गई, 
Numbers 11:3 और उस स्थान का नाम तबेरा पड़ा, क्योंकि यहोवा की आग उन में जल उठी थी।
Numbers 11:4 फिर जो मिली-जुली भीड़ उनके साथ थी वह कामुकता करने लगी; और इस्त्राएली भी फिर रोने और कहने लगे, कि हमें मांस खाने को कौन देगा। 
Numbers 11:5 हमें वे मछलियां स्मरण हैं जो हम मिस्र में सेंतमेंत खाया करते थे, और वे खीरे, और खरबूजे, और गन्दने, और प्याज, और लहसुन भी; 
Numbers 11:6 परन्तु अब हमारा जी घबरा गया है, यहां पर इस मन्ना को छोड़ और कुछ भी देख नहीं पड़ता। 
Numbers 11:7 मन्ना तो धनिये के समान था, और उसका रंग रूप मोती का सा था। 
Numbers 11:8 लोग इधर उधर जा कर उसे बटोरते, और चक्की में पीसते वा ओखली में कूटते थे, फिर तसले में पकाते, और उसके फुलके बनाते थे; और उसका स्वाद तेल में बने हुए पुए का सा था। 
Numbers 11:9 और रात को छावनी में ओस पड़ती थी तब उसके साथ मन्ना भी गिरता था। 
Numbers 11:10 और मूसा ने सब घरानों के आदमियों को अपने अपने डेरे के द्वार पर रोते सुना; और यहोवा का कोप अत्यन्त भड़का, और मूसा को भी बुरा मालूम हुआ।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 11-13
  • याकूब 1