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Monday, May 29, 2017

मार्ग


   जब मेरे बेटे ने चीनी भाषा सीखनी आरंभ की, तो उसके द्वारा लाए गए दस्तावेज़ों को देखकर मैं चकित हो गई। मूल रूप से अंग्रेज़ी बोलने वाली होने के कारण, मेरे लिए यह समझना कठिन था कि उन लिखित अक्षरों का बोली गई भाषा के साथ तालमेल कैसे बैठाया जा सकता है? वह भाषा मुझे बेहद जटिल लगी, लगभग समझ से बिलकुल परे।

   कभी कभी ऐसे ही चकरा देने वाले भावों का सामना मुझे तब करना पड़ता है जब मैं परमेश्वर कि कार्यविधि पर ध्यान करती हूँ। मैं जानती हूँ कि परमेश्वर ने अपने वचन बाइबल में कहा है, "...मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है" (यशायाह 55:8); लेकिन फिर भी, क्योंकि मैं उसके वचन का अध्ययन नियमित रीति से करती हूँ और मैं जानती हूँ कि परमेश्वर का पवित्राअत्मा मेरे हृदय में निवास करता है, इसलिए मेरे अन्दर का एक भाग यह चाहता है कि मैं समझ सकूँ कि परमेश्वर जो कर रहा है, वह वैसा क्यों कर रहा है?

   जब मुझे ऐसा लगता है कि परमेश्वर की कार्यविधि को जानना मेरा हक है, तो साथ ही मैं नम्र होने के लिए अपने आप को पुनःसमर्पित भी करती हूँ। मुझे स्मरण आता है कि बाइबल के एक चरित्र, अय्युब, को अपने दुःखों के लिए, ऐसे ही प्रश्नों का परमेश्वर से अपेक्षित उत्तर नहीं मिला था (अय्युब 1:5, 8)। वह अपनी परिस्थितियों को समझने का प्रयत्न करता रहा, और परमेश्वर ने उस से प्रश्न किया, "क्या जो बकवास करता है वह सर्वशक्तिमान से झगड़ा करे? जो ईश्वर से विवाद करता है वह इसका उत्तर दे" (अय्युब 40:2)। परमेश्वर के प्रश्न को सुनकर अय्युब ने पश्चाताप के साथ उत्तर दिया, "देख, मैं तो तुच्छ हूँ, मैं तुझे क्या उत्तर दूं? मैं अपनी अंगुली दांत तले दबाता हूँ" (अय्युब 40:4)। परमेश्वर की महानता के सामने अय्युब निरुत्तर हो गया।

   यद्यपि परमेश्वर के मार्ग रहस्यमय और अथाह प्रतीत होते हैं, हम इस बात से निश्चिंत हो सकते हैं कि चाहे वे हमारी समझ से परे तो हैं, परन्तु उनके द्वारा परमेश्वर हमारी भलाई ही के लिए कार्य कर रहा है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


क्योंकि परमेश्वर का हाथ हर बात, हर स्थान, हर परिस्थिति में है; 
इसलिए हम निश्चिंत होकर सब कुछ उसके हाथ में छोड़ सकते हैं।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: अय्युब 40:1-14
Job 40:1 फिर यहोवा ने अय्यूब से यह भी कहा: 
Job 40:2 क्या जो बकवास करता है वह सर्वशक्तिमान से झगड़ा करे? जो ईश्वर से विवाद करता है वह इसका उत्तर दे। 
Job 40:3 तब अय्यूब ने यहोवा को उत्तर दिया: 
Job 40:4 देख, मैं तो तुच्छ हूँ, मैं तुझे क्या उत्तर दूं? मैं अपनी अंगुली दांत तले दबाता हूँ। 
Job 40:5 एक बार तो मैं कह चुका, परन्तु और कुछ न कहूंगा: हां दो बार भी मैं कह चुका, परन्तु अब कुछ और आगे न बढ़ूंगा। 
Job 40:6 तब यहोवा ने अय्यूब को आँधी में से यह उत्तर दिया: 
Job 40:7 पुरुष की नाईं अपनी कमर बान्ध ले, मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, और तू मुझे बता। 
Job 40:8 क्या तू मेरा न्याय भी व्यर्थ ठहराएगा? क्या तू आप निर्दोष ठहरने की मनसा से मुझ को दोषी ठहराएगा? 
Job 40:9 क्या तेरा बाहुबल ईश्वर के तुल्य है? क्या तू उसके समान शब्द से गरज सकता है? 
Job 40:10 अब अपने को महिमा और प्रताप से संवार और ऐश्वर्य्य और तेज के वस्त्र पहिन ले। 
Job 40:11 अपने अति क्रोध की बाढ़ को बहा दे, और एक एक घमण्डी को देखते ही उसे नीचा कर। 
Job 40:12 हर एक घमण्डी को देख कर झुका दे, और दुष्ट लोगों को जहां खड़े हों वहां से गिरा दे। 
Job 40:13 उन को एक संग मिट्टी में मिला दे, और उस गुप्त स्थान में उनके मुंह बान्ध दे। 
Job 40:14 तब मैं भी तेरे विषय में मान लूंगा, कि तेरा ही दहिना हाथ तेरा उद्धार कर सकता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 7-9
  • यूहन्ना 11:1-29