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Monday, August 14, 2017

परिप्रेक्ष्य


   हम एलबर्ट आइन्स्टाईन को उनके बिखरे हुए बालों, बड़ी-बड़ी आँखों और आकर्षक बुद्धिमता के अलावा उनके एक सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक और भौतिक शास्त्री होने के लिए जानते हैं; एक ऐसे प्रवीण वैज्ञानिक होने के लिए जिन्होंने संसार की रचना और कार्यविद्धि के प्रति हमारा दृष्टिकोण बदल दिया। उनके प्रसिद्ध सूत्र, E=mc2 ने वैज्ञानिक सोच में क्रांति ला दी और हमें नाभिकीय युग में पहुँचा दिया। उन्होंने अपने "Special Theory of Relativity (सापेक्षता के विशेष सिद्धांत)" के द्वारा तर्क दिया कि क्योंकि सृष्टि में सब कुछ गतिवान है, इसलिए हर बात को समझना और जानना उसके परिप्रेक्ष्य पर निर्भर करता है। उनका मानना था कि प्रकाश की गति ही एकमात्र अपरिवर्तनीय तथ्य है, जिसके आधार पर हम अन्तरिक्ष, समय, और भौतिक द्रव्यमान को माप सकते हैं।

   एलबर्ट आइन्स्टाईन से सदियों पहले प्रभु यीशु ने हमारे संसार को जानने और समझने के लिए प्रकाश के महत्व के बारे में बताया, किंतु एक भिन्न परिप्रेक्ष्य से। प्रभु यीशु ने संसार की ज्योति होने के अपने दावे (यूहन्ना 8:12) के समर्थन में एक जन्म से अन्धे की आँखों को ज्योति दी (यूहन्ना 9:6)। इस घटना को लेकर जब उस समय के धर्मगुरुओं, फरीसियों, ने प्रभु पर पापी होने का दोषारोपण किया, तो ज्योति पाने वाले उस कृतज्ञ जन्म के अँधे ने उन से कहा, "...मैं नहीं जानता कि वह पापी है या नहीं: मैं एक बात जानता हूं कि मैं अन्‍धा था और अब देखता हूं" (यूहन्ना 9:25)।

   यद्यपि बाद में आइन्स्टाईन के विचारों को सरलता से जाँच पाना कठिन हुआ, प्रभु यीशु के सभी दावों की जाँच की जा सकती है। जब हम परमेश्वर के वचन बाइबल की शिक्षाओं में प्रभु यीशु के साथ चलते हैं, उसे अपनी दिनचर्या में आमंत्रित कर के अपने जीवन का भाग बना लेते हैं, तो हम स्वयं देखने पाएंगे कि वह प्रत्येक बात के प्रति हमारे परिप्रेक्ष्य को बदल देता है, हमें जीवन के प्रति एक नया दृष्टिकोण प्रदान करता है। - मार्ट डीहॉन


केवल मसीह की ज्योति में चलकर ही हम उसके प्रेम में जीवन जी सकते हैं।

तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा। - यूहन्ना 8:12

बाइबल पाठ: यूहन्ना 9:1-7
John 9:1 फिर जाते हुए उसने एक मनुष्य को देखा, जो जन्म का अन्‍धा था। 
John 9:2 और उसके चेलों ने उस से पूछा, हे रब्बी, किस ने पाप किया था कि यह अन्‍धा जन्मा, इस मनुष्य ने, या उसके माता पिता ने? 
John 9:3 यीशु ने उत्तर दिया, कि न तो इस ने पाप किया था, न इस के माता पिता ने: परन्तु यह इसलिये हुआ, कि परमेश्वर के काम उस में प्रगट हों। 
John 9:4 जिसने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आने वाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता। 
John 9:5 जब तक मैं जगत में हूं, तब तक जगत की ज्योति हूं। 
John 9:6 यह कहकर उसने भूमि पर थूका और उस थूक से मिट्टी सानी, और वह मिट्टी उस अन्धे की आंखों पर लगाकर। 
John 9:7 उस से कहा; जा शीलोह के कुण्ड में धो ले, (जिस का अर्थ भेजा हुआ है) सो उसने जा कर धोया, और देखता हुआ लौट आया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 89-90
  • रोमियों 14