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Thursday, February 8, 2018

फल


   मैं अपने किए को पलट नहीं सकती थी। एक महिला ने मेरे आगे अपनी कार को मार्ग में खड़ा किया और पास रखे डिब्बे में कुछ चीज़ों को डालने के लिए चली गई, जिससे पेट्रोल भरवाने के पम्प तक पहुँचाने का मेरा मार्ग अवरुद्ध हुआ। क्योंकि मैं प्रतीक्षा नहीं करना चाहती थी, इसलिए मैंने क्रोधावेश में जोर से हॉर्न बजाया और अपने गाड़ी को पीछे कर के घुमा कर पेट्रोल पम्प की ओर चली गई। तुरंत ही मुझे अपने इस प्रकार अधीर और क्रोधित होने का बुरा लगा, कि मैं उस महिला के लौटकर अपनी कार को आगे बढ़ा लेने का, जिसमें उसे 30 सेकेंड से अधिक नहीं लगते, प्रतीक्षा नहीं कर सकी। मैंने परमेश्वर से क्षमा माँगी। यह ठीक है कि उसे अपनी गाड़ी निर्धारित स्थान पर खड़ी करनी चाहिए थी, परन्तु मुझे भी तो उस कड़ुवाहट के स्थान पर नम्रता और धीरज दिखाना चाहिए था। लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी, वह महिला जा चुकी थी, और अब मैं उससे अपने इस कठोर व्यवहार के लिए क्षमा नहीं माँग सकती थी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन नामक पुस्तक में अनेकों ऐसी शिक्षाएँ दी गई हैं जो हमें सिखाती हैं कि जब औरों के द्वारा हमारे मार्ग या योजनाएं बाधित हों, तो हमें कैसे प्रत्युत्तर देना चाहिए। एक स्थान पर लिखा है, “मूढ़ की रिस उसी दिन प्रगट हो जाती है, परन्तु चतुर अपमान को छिपा रखता है” (नीतिवचन 12:16)। एक अन्य में कहा गया है, “मुकद्दमे से हाथ उठाना, पुरूष की महिमा ठहरती है; परन्तु सब मूढ़ झगड़ने को तैयार होते हैं” (20:3)। और यह भी है जो सीधे हृदय को स्पर्श करती है, “मूर्ख अपने सारे मन की बात खोल देता है, परन्तु बुद्धिमान अपने मन को रोकता, और शान्त कर देता है” (29:11)।

   कभी-कभी नम्रता और धैर्य में बढना बहुत कठिन लगता है, परन्तु पौलुस प्रेरित ने बताया है कि ये गुण विक्सित करना परमेश्वर द्वारा संभव है; क्योंकि ये परमेश्वर के पवित्र आत्मा के फल है (गलतियों 5:22-23)। हम अपने व्यवहार में जितना अधिक परमेश्वर के आत्मा के साथ सहयोग करते हैं, उस पर निर्भर होते हैं, उतना अधिक वह हमारे अन्दर अपने फल उत्पन्न करता जाता है।

   हे प्रभु हमें अन्दर से परिवर्तित कीजिए, हमारे अन्दर बहुतायत से अपनी आत्मा के फल उत्पन्न कीजिए! – ऐनी सेटास

                  
परमेश्वर हमारे हृदयों को विशाल करने के लिए हमारे धैर्य की परिक्षा लेता है।

तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जा कर फल लाओ; और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे। - यूहन्ना 15:16

बाइबल पाठ: गलतियों 5:13-26
Galatians 5:13 हे भाइयों, तुम स्‍वतंत्र होने के लिये बुलाए गए हो परन्तु ऐसा न हो, कि यह स्‍वतंत्रता शारीरिक कामों के लिये अवसर बने, वरन प्रेम से एक दूसरे के दास बनो।
Galatians 5:14 क्योंकि सारी व्यवस्था इस एक ही बात में पूरी हो जाती है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।
Galatians 5:15 पर यदि तुम एक दूसरे को दांत से काटते और फाड़ खाते हो, तो चौकस रहो, कि एक दूसरे का सत्यानाश न कर दो।
Galatians 5:16 पर मैं कहता हूं, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे।
Galatians 5:17 क्योंकि शरीर आत्मा के विरोध में, और आत्मा शरीर के विरोध में लालसा करती है, और ये एक दूसरे के विरोधी हैं; इसलिये कि जो तुम करना चाहते हो वह न करने पाओ।
Galatians 5:18 और यदि तुम आत्मा के चलाए चलते हो तो व्यवस्था के आधीन न रहे।
Galatians 5:19 शरीर के काम तो प्रगट हैं, अर्थात व्यभिचार, गन्‍दे काम, लुचपन।
Galatians 5:20 मूर्ति पूजा, टोना, बैर, झगड़ा, ईर्ष्या, क्रोध, विरोध, फूट, विधर्म।
Galatians 5:21 डाह, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, और इन के जैसे और और काम हैं, इन के विषय में मैं तुम को पहिले से कह देता हूं जैसा पहिले कह भी चुका हूं, कि ऐसे ऐसे काम करने वाले परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे।
Galatians 5:22 पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज,
Galatians 5:23 और कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई भी व्यवस्था नहीं।
Galatians 5:24 और जो मसीह यीशु के हैं, उन्होंने शरीर को उस की लालसाओं और अभिलाषाओं समेत क्रूस पर चढ़ा दिया है।
Galatians 5:25 यदि हम आत्मा के द्वारा जीवित हैं, तो आत्मा के अनुसार चलें भी।
Galatians 5:26 हम घमण्‍डी हो कर न एक दूसरे को छेड़ें, और न एक दूसरे से डाह करें।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 4-5
  • मत्ती 24:29-51