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Monday, December 2, 2019

समर्पण



      मुझे मुर्गी और बकरे की एक कहानी सुनाई गयी थी, जिसमें वे दोनों मिलकर एक रेस्टोरेंट खोलने पर विचार कर रहे हैं। रेस्टोरेंट में परोसे जाने वाले भोजन के विषय चर्चा करते समय मुर्गी सुझाव देती है कि वे वहाँ गोष्त और अन्डे परोसा करेंगे। बकरा तुरंत यह कहते हुए मना कर देता है कि ऐसा करने पर उसे तो अपने आप को पूर्णतः समर्पित कर देना पड़ेगा, परन्तु मुर्गी इसमें केवल सम्मिलित होने भर के द्वारा ही बच निकलेगी।

      यद्यपि वह बकरा अपने आप को थाली में परोसा हुआ नहीं देखना चाहता था, किन्तु समर्पण के प्रति उसका विचार मेरे लिए शिक्षाप्रद है, जो मुझे परमेश्वर का अपने पूरे मन से अनुसरण करने वाला होना सिखाता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि यहूदा के राजा आसा ने अपने राज्य की रक्षा करने के लिए इस्राएल और अराम के राजा के मध्य हुई संधि को तोड़ने की योजना बनाई। उसने अराम के राजा बेन-हदद के पास अपनी व्यक्तिगत संपत्ति के साथ परमेश्वर के भवन से भी सोना और चांदी निकालकर भेजी (2 इतिहास 16:2-3)। यह सब पाकर बेन-हदद ने यहूदा के साथ संधि कर ली और फिर उन दोनों ने इस्राएल पर हमला करके उसे भगा दिया।

      परन्तु परमेश्वर के नबी, हनानी ने आसा को परमेश्वर के स्थान पर, जिसने उसके हाथों में अन्य शत्रुओं को भी कर दिया था (पद 8), अब इस परिस्थिति में मनुष्य पर निर्भर हो जाने के लिए मूर्ख कहा। हनानी ने बल दे कर कहा, “देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ्य दिखाए। तूने यह काम मूर्खता से किया है, इसलिये अब से तू लड़ाइयों में फंसा रहेगा” (पद 9)।

      जब हम अपने जीवनों में चुनौतियों और संघर्षों का सामना करते हैं, तो हमें स्मरण रखना चाहिए कि हमारा सबसे विश्वासयोग्य और उत्तम साथी परमेश्वर ही है। वह हमारी सहायता करता है और हमें सामर्थी करता है, जब हम उसे पूर्ण समर्पण करके उसकी आज्ञाकारिता में चलते रहते हैं। - कर्स्टिन होल्मबर्ग

जब हम अपने आप को परमेश्वर के हाथों में छोड़ देते हैं
 तो वह हम में होकर कार्य करता रहता है – ओस्वौल्ड चेम्बर्स

तो तुम्हारा मन हमारे परमेश्वर यहोवा की ओर ऐसी पूरी रीति से लगा रहे, कि आज के समान उसकी विधियों पर चलते और उसकी आज्ञाएं मानते रहो। - 1 राजाओं 8:61

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 16:1-9
2 Chronicles 16:1 आसा के राज्य के छत्तीसवें वर्ष में इस्राएल के राजा बाशा ने यहूदा पर चढ़ाई की और रामा को इसलिये दृढ़ किया, कि यहूदा के राजा आसा के पास कोई आने जाने न पाए।
2 Chronicles 16:2 तब आसा ने यहोवा के भवन और राजभवन के भणडारों में से चान्दी-सोना निकाल दमिश्कवासी अराम के राजा बेन-हदद के पास दूत भेज कर यह कहा,
2 Chronicles 16:3 कि जैसे मेरे-तेरे पिता के बीच वैसे ही मेरे-तेरे बीच भी वाचा बन्धे; देख मैं तेरे पास चान्दी-सोना भेजता हूं, इसलिये आ, इस्राएल के राजा बाशा के साथ की अपनी वाचा को तोड़ दे, ताकि वह मुझ से दूर हो।
2 Chronicles 16:4 बेन-हदद ने राजा आसा की यह बात मान कर, अपने दलों के प्रधानों से इस्राएली नगरों पर चढ़ाई करवा कर इय्योन, दान, आबेल्मैम और नप्ताली के सब भणडार वाले नगरों को जीत लिया।
2 Chronicles 16:5 यह सुनकर बाशा ने रामा को दृढ़ करना छोड़ दिया, और अपना वह काम बन्द करा दिया।
2 Chronicles 16:6 तब राजा आसा ने पूरे यहूदा देश को साथ लिया और रामा के पत्थरों और लकड़ी को, जिन से बाशा काम करता था, उठा ले गया, और उन से उसने गेवा, और मिस्पा को दृढ़ किया।
2 Chronicles 16:7 उस समय हनानी दर्शी यहूदा के राजा आसा के पास जा कर कहने लगा, तू ने जो अपने परमेश्वर यहोवा पर भरोसा नहीं रखा वरन अराम के राजा ही पर भरोसा रखा है, इस कारण अराम के राजा की सेना तेरे हाथ से बच गई है।
2 Chronicles 16:8 क्या कूशियों और लूबियों की सेना बड़ी न थी, और क्या उस में बहुत ही रथ, और सवार न थे? तौभी तू ने यहोवा पर भरोसा रखा था, इस कारण उसने उन को तेरे हाथ में कर दिया।
2 Chronicles 16:9 देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए। तूने यह काम मूर्खता से किया है, इसलिये अब से तू लड़ाइयों में फंसा रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 42-44
  • 1 यूहन्ना 1