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Saturday, January 9, 2016

ऊपर और नीचे


   प्रभु यीशु के पृथ्वी के जीवन के समय में रोमी साम्राज्य था और रोमियों की धार्मिक आस्थाएं प्रचलित थीं। उन आस्थाओं में से एक थी कि जो ऊपर स्वर्ग में हो रहा होता है, उसका प्रभाव नीचे पृथ्वी पर पड़ता है। यदि युनानी देवराज ज़्यूस क्रोधित हैं तो पृथ्वी पर वज्रपात होगा। उन दिनों माना जाने वाला सिद्धांत था, "जैसा ऊपर, वैसा नीचे"।

   लेकिन प्रभु यीशु इस सिद्धांत का उलट दिखाते और सिखाते थे: "जैसा नीचे, वैसा ऊपर"। नीचे पृथ्वी पर एक मसीही विश्वासी प्रार्थना करता है और ऊपर स्वर्ग से उत्तर आता है; नीचे एक पापी पश्चाताप करता है, ऊपर स्वर्ग में आनन्द मनाया जाता है; नीचे परमेश्वर का कार्य पूरा किया जाता है, ऊपर परमेश्वर महिमान्वित होता है; नीचे एक मसीही विश्वासी अनाज्ञाकारी होता है, ऊपर परमेश्वर शोकित होता है।

   मैं इन सब बातों को जानता और मानता हूँ, लेकिन फिर भी उन्हें बार बार भूल जाता हूँ। मैं भूल जाता हूँ कि परमेश्वर के सामने मेरी प्रार्थनाओं का महत्व है। मैं भूल जाता हूँ कि जो चुनाव मैं करता हूं वे सृष्टि के प्रभु परमेश्वर को प्रसन्न अथवा शोकित करती हैं। मैं भूल जाता हूँ कि मुझे अपने पड़ौसियों और साथियों को उनके अनन्त गन्तव्य के विषय बताना और सचेत करना है।

   परमेश्वर की क्षमा और प्रेम का जो सुसमाचार प्रभु यीशु संसार में लेकर आए थे, हमें उसे संसार के सभी लोगों तक पहुँचाना है। यही जिम्मेदारी प्रभु ने अपने स्वर्गारोहण के समय अपने चेलों को सौंपी थी (मत्ती 28:18-20)। हम जो मसीह यीशु के अनुयायी हैं, उसके  पृथ्वी पर आने और देहधारी होने का कारण और उसकी सेवा को आगे बढ़ाने वाले लोग हैं, उसके गवाह हैं (लूका 24:48)। पृथ्वी पर के अपने समय के अन्तिम दिनों में प्रभु ने अपने चेलों से वायदा किया था कि वह उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगा, वह ऊपर से अपनी पवित्र आत्मा नीचे उनके साथ रहने के लिए भेजेगा (यूहन्ना 14:16-18)। ऊपर से मिली पवित्र आत्मा की यह सामर्थ और सहायता आज नीचे हमें पार्थिव जीवनों को प्रभावित करने, और उन जीवनों को अनन्तकाल के लिए ऊपर परमेश्वर के साथ रहना समझाने वाला बनाती है। - फिलिप यैन्सी


आप हमारे सामने स्वर्ग पर उठा लिए गए, हम शोकित होकर पीछे मुड़े और पाया कि आप हमारे हृदयों में बस गए हैं। - ऑगस्टीन

और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा। मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं। - यूहन्ना 14:16-18

बाइबल पाठ: लूका 24:44-53
Luke 24:44 फिर उसने उन से कहा, ये मेरी वे बातें हैं, जो मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए, तुम से कही थीं, कि अवश्य है, कि जितनी बातें मूसा की व्यवस्था और भविष्यद्वक्ताओं और भजनों की पुस्‍तकों में, मेरे विषय में लिखी हैं, सब पूरी हों। 
Luke 24:45 तब उसने पवित्र शास्त्र बूझने के लिये उन की समझ खोल दी। 
Luke 24:46 और उन से कहा, यों लिखा है; कि मसीह दु:ख उठाएगा, और तीसरे दिन मरे हुओं में से जी उठेगा। 
Luke 24:47 और यरूशलेम से ले कर सब जातियों में मन फिराव का और पापों की क्षमा का प्रचार, उसी के नाम से किया जाएगा। 
Luke 24:48 तुम इन सब बातें के गवाह हो। 
Luke 24:49 और देखो, जिस की प्रतिज्ञा मेरे पिता ने की है, मैं उसको तुम पर उतारूंगा और जब तक स्वर्ग से सामर्थ न पाओ, तब तक तुम इसी नगर में ठहरे रहो।
Luke 24:50 तब वह उन्हें बैतनिय्याह तक बाहर ले गया, और अपने हाथ उठा कर उन्हें आशीष दी। 
Luke 24:51 और उन्हें आशीष देते हुए वह उन से अलग हो गया और स्वर्ग से उठा लिया गया। 
Luke 24:52 और वे उसको दण्‍डवत कर के बड़े आनन्द से यरूशलेम को लौट गए। 
Luke 24:53 और लगातार मन्दिर में उपस्थित हो कर परमेश्वर की स्‍तुति किया करते थे।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 23-24
  • मत्ती 7