बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Friday, March 3, 2017

बदलाव


   यदि आप मेरे समान हैं तो आपने ने भी कोई नई ज़िम्मेदारी को निभाना स्वीकार करने के लिए संघर्ष किया होगा - विशेषकर तब जब वह किसी भले कार्य तथा औरों की सहायाता करने से संबंधित हो। निभाने के लिए इन्कार करने या अपनी प्राथमिकताओं का ध्यानपूर्वक चयन करने के हमारे पास उचित कारण हो सकते हैं। परन्तु फिर भी कई बार, और अधिक कुछ करने के लिए सहमत नहीं होने के कारण हम दोषी अनुभव कर सकते हैं या हमें प्रतीत हो सकता है कि हम अपने मसीही विश्वास में कम हो गए हैं।

   परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल में सभोपदेशक 3:1-8 के अनुसार, बुद्धि पहचानती है कि जीवन में प्रत्येक बात का अपना समय होता है - मानवीय गतिविधियों में भी तथा प्रकृति के कार्यों में भी: "हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है" (सभोपदेशक 3:1)।

   हो सकता है कि आप का विवाह होने वाला हो, या आप पहली बार माता या पिता बनने वाले हैं। हो सकता है कि आपके लिए पढ़ाई पूरी कर के अब नौकरी में जाने का समय आ रहा है, या अपनी कार्य अवधि पूरी करके आप की सेवानिवृति होने वाली है। जैसे जैसे हमारे समय बदलते हैं, हमारी प्राथमिकताएं भी बदलती हैं। हमें जो हम करते आ रहे हैं उसे छोड़कर अपनी शक्तियों को किसी अन्य ओर लगाने के बारे में विचार करना पड़ता है।

   जब जीवन हमारी परिस्थितियों तथा ज़िम्मेदारियों में बदलाव लाता है, तो उन नई परिस्थितियों में हमें बुद्धिमता तथा ज़िम्मेदारी के साथ चुनाव करना होता है कि हम किन बातों को स्वीकार करें या निभाएं, और किन को नहीं। ऐसे समय में निर्णय लेने में सहायक बातों में से एक है, "जो कुछ भी करो परमेश्वर कि महिमा के लिए करो" (1 कुरिन्थियों 10:31)। बाइबल में नीतिवचन 3:5-6 हमें आश्वस्त करता है कि जब हम सब बातों में परमेश्वर को प्राथमिकता देते हैं, तो वह जिस मार्ग पर हमें जाना चाहिए उसके लिए हमारा मार्गदर्शन भी करता है; हमारे जीवन के हर बदलाव और हर परिस्थिति में। - पो फैंग चिया


मसीह यीशु के प्रति समर्पण का जीवन विचार करके 
सही कार्य करने की हमारी प्रतिदिन की बुलाहट है।

तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। - नीतिवचन 3:5-6

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 3:1-13
Ecclesiastes 3:1 हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है। 
Ecclesiastes 3:2 जन्म का समय, और मरण का भी समय; बोने का समय; और बोए हुए को उखाड़ने का भी समय है; 
Ecclesiastes 3:3 घात करने का समय, और चंगा करने का भी समय; ढा देने का समय, और बनाने का भी समय है; 
Ecclesiastes 3:4 रोने का समय, और हंसने का भी समय; छाती पीटने का समय, और नाचने का भी समय है; 
Ecclesiastes 3:5 पत्थर फेंकने का समय, और पत्थर बटोरने का भी समय; गल लगाने का समय, और गल लगाने से रूकने का भी समय है; 
Ecclesiastes 3:6 ढूंढ़ने का समय, और खो देने का भी समय; बचा रखने का समय, और फेंक देने का भी समय है; 
Ecclesiastes 3:7 फाड़ने का समय, और सीने का भी समय; चुप रहने का समय, और बोलने का भी समय है; 
Ecclesiastes 3:8 प्रेम का समय, और बैर करने का भी समय; लड़ाई का समय, और मेल का भी समय है। 
Ecclesiastes 3:9 काम करने वाले को अधिक परिश्रम से क्या लाभ होता है? 
Ecclesiastes 3:10 मैं ने उस दु:खभरे काम को देखा है जो परमेश्वर ने मनुष्यों के लिये ठहराया है कि वे उस में लगे रहें। 
Ecclesiastes 3:11 उसने सब कुछ ऐसा बनाया कि अपने अपने समय पर वे सुन्दर होते है; फिर उसने मनुष्यों के मन में अनादि-अनन्त काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, तौभी काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, वह आदि से अन्त तक मनुष्य बूझ नहीं सकता। 
Ecclesiastes 3:12 मैं ने जान लिया है कि मनुष्यों के लिये आनन्द करने और जीवन भर भलाई करने के सिवाय, और कुछ भी अच्छा नहीं; 
Ecclesiastes 3:13 और यह भी परमेश्वर का दान है कि मनुष्य खाए-पीए और अपने सब परिश्रम में सुखी रहे। 

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 28-30
  • मरकुस 8:22-38