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Tuesday, September 25, 2018

वचन



      Our Daily Bread का संपादक होने के मेरे प्रारंभिक दिनों की बात है, मुझे प्रकाशित होने वाली प्रत्यक माह के संदेशों की पुस्तिका के जिल्द-पृष्ठ पर छापने के लिए परमेश्वर के वचन बाइबल में से पद चुनने होते थे। कुछ समय तक यह करते रहने के बाद मैं सोचने लगा कि मेरे इस कार्य से किसी को कोई फर्क पड़ता भी है?

      इसके कुछ समय बाद ही एक महिला पाठक का पत्र आया, जिसमें उसने विवरण दिया कि कैसे वह अपने बेटे के उद्धार के लिए बीस वर्ष से भी अधिक समय से प्रार्थना कर रही थी, परन्तु उसके बेटे को प्रभु यीशु से कोई सरोकार नहीं था। फिर एक दिन जब वह उससे मिलने आया हुआ था, तो मेज़ पर रखी उस सन्देश पुस्तिका की जिल्द पर लिखे पद को उसने पढ़ा, और परमेश्वर के आत्मा ने उस वचन के द्वारा उसे कायल किया, और उसने उसी पल अपने पापों से पश्चाताप कर के अपना जीवन प्रभु यीशु को समर्पित कर दिया।

      मुझे न तो वह पद स्मरण है और न ही उस महिला का नाम; परन्तु उस दिन परमेश्वर से मिले उस सन्देश की स्पष्टता को मैं कभी नहीं भूलूंगा। परमेश्वर ने उस महिला की प्रार्थनाओं का उत्तर देने के लिए एक ऐसे पद का प्रयोग किया जो लगभग एक वर्ष पहले चुना गया था। समय के परे के स्थान से परमेश्वर ने अपनी उपस्थिति के अचरज को मेरे कार्य और अपने वचन में होकर प्रगट किया।

      प्रभु यीशु के शिष्य यूहन्ना ने प्रभु यीशु को “जीवन का वचन” कहा (1 यूहन्ना 1:1)। वह चाहता था कि सब जानें कि इसका अर्थ क्या है; उसने प्रभु यीशु के विषय लिखा: “...तुम्हें उस अनन्त जीवन का समाचार देते हैं, जो पिता के साथ था, और हम पर प्रगट हुआ। जो कुछ हम ने देखा और सुना है उसका समाचार तुम्हें भी देते हैं, इसलिये कि तुम भी हमारे साथ सहभागी हो...” (पद 2-3)।

      किसी पृष्ठ पर कुछ शब्द लिख देने में कुछ भी करिशमाई नहीं है। परन्तु पवित्र-शास्त्र के वचनों में जीवन बदल देने वाली सामर्थ्य है, क्योंकि वे हमें “जीवन का वचन” प्रभु यीशु मसीह की ओर अग्रसर करते हैं। - टिम गुस्ताफ्सन


वे वचन जो हमें प्रभु यीशु की ओर अग्रसर करते हैं सदा ही महत्वपूर्ण होते हैं।

शमौन पतरस ने उसको उत्तर दिया, कि हे प्रभु हम किस के पास जाएं? अनन्त जीवन की बातें तो तेरे ही पास हैं। और हम ने विश्वास किया, और जान गए हैं, कि परमेश्वर का पवित्र जन तू ही है। - यूहन्ना 6:68-69

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 1:1-4
1 John 1:1 उस जीवन के वचन के विषय में जो आदि से था, जिसे हम ने सुना, और जिसे अपनी आंखों से देखा, वरन जिसे हम ने ध्यान से देखा; और हाथों से छूआ।
1 John 1:2 (यह जीवन प्रगट हुआ, और हम ने उसे देखा, और उस की गवाही देते हैं, और तुम्हें उस अनन्त जीवन का समाचार देते हैं, जो पिता के साथ था, और हम पर प्रगट हुआ)।
1 John 1:3 जो कुछ हम ने देखा और सुना है उसका समाचार तुम्हें भी देते हैं, इसलिये कि तुम भी हमारे साथ सहभागी हो; और हमारी यह सहभागिता पिता के साथ, और उसके पुत्र यीशु मसीह के साथ है।
1 John 1:4 और ये बातें हम इसलिये लिखते हैं, कि हमारा आनन्द पूरा हो जाए।


एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 6-8
  • गलतियों 4