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Monday, September 23, 2019

कहा



      रिफ्यूज रबिन्द्रनाथ नामक एक व्यक्ति, श्री लंका में, दस वर्ष से भी अधिक समय से जवानों के मध्य में काम कर रहा है। वह अकसर जवानों के साथ देर रात तक बातचीत करता रहता है, उनके साथ खेलता है, उनकी सुनता है, उन्हें सिखाता है और परामर्श देता है। उसे उन जवानों के मध्य काम करना अच्छा लगता है किन्तु कभी-कभी निराशाजनक भी हो जाता है जब ऐसे विद्यार्थी जिन पर भरोसा रखा गया था, वे विश्वास से मुड़कर चले जाते हैं। कुछ दिन ऐसे भी होते हैं जब उसे वैसा अनुभव होता है जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका की पुस्तक के पाँचवें अध्याय में शमौन पतरस को हुआ था।

      शमौन सारी रात परिश्रम करता रहा था, परन्तु उसने कोई मछली नहीं पकड़ी (पद 5); वह थका हुआ और निराश अनुभव कर रहा था। परन्तु फिर भी जब प्रभु यीशु ने उससे कहा कि वह गहरे में जाकर जाल डाले (पद 4), तो शमौन ने उत्तर दिया कि “तौभी तेरे कहने से जाल डालूँगा” (पद 5)।

      यहाँ शमौन द्वारा प्रभु की कही बात का पालन करना अद्भुत है। शमौन अनुभवी मछुआरा था, और जानता था कि जब सूरज चढ़ने लगता है तो मछलियाँ झील की गहराइयों में चली जाती हैं, और उनके पास जो जाल थे वे उतनी गहराई से मछलियों को पकड़ नहीं सकते थे।

      शमौन द्वारा प्रभु की कही गई बात को मानने से, उसे अच्छा परिणाम मिला। न केवल शमौन ने ढेर सारी मछलियाँ पकड़ीं, वरन उसे प्रभु यीशु मसीह की और गहरी पहचान भी मिली। वह पहले प्रभु यीशु को “स्वामी” कहकर संबोधित करता था (पद 5), परन्तु अब इस घटना के बाद वह “प्रभु” कहने लगा (पद 8)। निःसंदेह, परमेश्वर की सुनने से हम उसकी निकटता में बढ़ते हैं और उसके कार्यों को निकट से देखने भी लगते हैं।

      हो सकता है कि परमेश्वर आपको कह रहा है कि आप भी अपने “जाल फिर से डालें” जैसा कि उसने शमौन से कहा था। और होनें दें कि हम भी शमौन के समान ही प्रभु से कहें, “तेरे कहने से जाल डालूँगा।” – पो फैंग चिया

परमेश्वर के प्रति हमारी आज्ञाकारिता 
अज्ञात मार्गों में भी हमारा मार्गदर्शन करेगी, 
और हमें उसकी निकटता में लाएगी।

भला होता कि उनका मन सदैव ऐसा ही बना रहे, कि वे मेरा भय मानते हुए मेरी सब आज्ञाओं पर चलते रहें, जिस से उनकी और उनके वंश की सदैव भलाई होती रहे! – व्यवस्थाविवरण 5:29

बाइबल पाठ: लूका 5:1-11
Luke 5:1 जब भीड़ उस पर गिरी पड़ती थी, और परमेश्वर का वचन सुनती थी, और वह गन्नेसरत की झील के किनारे पर खड़ा था, तो ऐसा हुआ।
Luke 5:2 कि उसने झील के किनारे दो नावें लगी हुई देखीं, और मछुवे उन पर से उतरकर जाल धो रहे थे।
Luke 5:3 उन नावों में से एक पर जो शमौन की थी, चढ़कर, उसने उस से बिनती की, कि किनारे से थोड़ा हटा ले चले, तब वह बैठकर लोगों को नाव पर से उपदेश देने लगा।
Luke 5:4 जब वे बातें कर चुका, तो शमौन से कहा, गहिरे में ले चल, और मछिलयां पकड़ने के लिये अपने जाल डालो।
Luke 5:5 शमौन ने उसको उत्तर दिया, कि हे स्‍वामी, हम ने सारी रात मिहनत की और कुछ न पकड़ा; तौभी तेरे कहने से जाल डालूंगा।
Luke 5:6 जब उन्होंने ऐसा किया, तो बहुत मछिलयां घेर लाए, और उन के जाल फटने लगे।
Luke 5:7 इस पर उन्होंने अपने साथियों को जो दूसरी नाव पर थे, संकेत किया, कि आकर हमारी सहायता करो: और उन्होंने आकर, दोनों नाव यहां तक भर लीं कि वे डूबने लगीं।
Luke 5:8 यह देखकर शमौन पतरस यीशु के पांवों पर गिरा, और कहा; हे प्रभु, मेरे पास से जा, क्योंकि मैं पापी मनुष्य हूं।
Luke 5:9 क्योंकि इतनी मछिलयों के पकड़े जाने से उसे और उसके साथियों को बहुत अचम्भा हुआ।
Luke 5:10 और वैसे ही जब्‍दी के पुत्र याकूब और यूहन्ना को भी, जो शमौन के सहभागी थे, अचम्भा हुआ: तब यीशु ने शमौन से कहा, मत डर: अब से तू मनुष्यों को जीवता पकड़ा करेगा।
Luke 5:11 और व नावों को किनारे पर ले आए और सब कुछ छोड़कर उसके पीछे हो लिए।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 1-3
  • गलातियों 2