बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Saturday, September 6, 2014

सुनें


   मुझे नहीं पता कि ऐसा सभी विवाह संबंधों में यह सत्य है या नहीं, लेकिन ना जाने क्यों, मेरी प्रवृति है कि मैं अकसर अपने आस-पास की बातों से ध्यान हटाकर केवल अपने ही विचारों पर अपना ध्यान केंद्रित कर लेता हूँ। यह मेरी पत्नि के लिए बहुत खिसिया देने वाला हो जाता है, विशेषकर तब जब वह मुझ से कोई आवश्यक बात कह रही होती है, और मैं अपने आप में ध्यान-मग्न हो जाता हूँ। जब उसे मेरी आँखों में वह खोई हुई से दशा दिखाई देती है, तो वह पूछती है, "जो मैं कह रही हूँ, तुमने उसमें से कुछ सुना भी है?"

   किसी भी संबंध का एक महत्वपूर्ण भाग है सुनना, विशेषकर प्रभु यीशु के साथ हमारे संबंधों में। यदि हम मसीह यीशु के हैं तो यह हमारा सौभाग्य है कि हम उससे बात-चीत बनाए रख सकते हैं, उसके वचन बाइबल तथा हमारे जीवनों में पवित्र आत्मा के कार्यों के द्वारा। प्रभु यीशु ने अपने आप को यूहन्ना 10 में "सच्चा चरवाहा" बताया और कहा कि उसकी भेड़ें उसकी आवाज़ सुनती हैं और उसे पहिचानती हैं। हम यह पहिचान सकते हैं कि हम अपने सच्चे चरवाहे और मार्गदर्शक प्रभु यीशु के प्रति ध्यान दे रहे हैं, जब उसके साथ हो रही हमारी बात-चीत हमारे अन्दर सदाचारिता, प्रेम, अनुग्रह तथा उसके चरित्र और गुणों के अनुरूप चरित्र तथा गुण उत्पन्न करती है और उन्हें बढ़ाती है। जो प्रभु यीशु पर अपना ध्यान लगाए रहते हैं, वे उसकी सुनते और मानते हैं, तथा उसकी समानता में भी परिवर्तित होते जाते हैं।

   जैसे अपने पति या पत्नि, या किसी मित्र की बात को ध्यान देकर सुनना यह दिखाता है कि हम उसे महत्व एवं मान्यता दे रहे हैं, उसी प्रकार प्रभु यीशु तथा उसके वचन बाइबल के प्रति भी ध्यान देना यह दिखाता है कि हमारे जीवनों में उसका महत्व एवं मान्यता है। इसलिए जीवन के उन विकर्षणों से जो हमारा ध्यान प्रभु यीशु से हटाते हैं, ध्यान हटाकर प्रभु की वाणी पर ध्यान लगाएं, उसकी सुनें और उससे प्रार्थना द्वारा सामर्थ माँगें कि उसके प्रति आज्ञाकारी रह सकें। - जो स्टोवैल


प्रभु यीशु का अनुसरण करने के लिए पहला कदम है उसकी सुनना।

मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं। - यूहन्ना 10:27

बाइबल पाठ: यूहन्ना 10:1-10
John 10:1 मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जो कोई द्वार से भेड़शाला में प्रवेश नहीं करता, परन्तु और किसी ओर से चढ़ जाता है, वह चोर और डाकू है। 
John 10:2 परन्तु जो द्वार से भीतर प्रवेश करता है वह भेड़ों का चरवाहा है। 
John 10:3 उसके लिये द्वारपाल द्वार खोल देता है, और भेंड़ें उसका शब्द सुनती हैं, और वह अपनी भेड़ों को नाम ले ले कर बुलाता है और बाहर ले जाता है। 
John 10:4 और जब वह अपनी सब भेड़ों को बाहर निकाल चुकता है, तो उन के आगे आगे चलता है, और भेड़ें उसके पीछे पीछे हो लेती हैं; क्योंकि वे उसका शब्द पहचानती हैं। 
John 10:5 परन्तु वे पराये के पीछे नहीं जाएंगी, परन्तु उस से भागेंगी, क्योंकि वे परायों का शब्द नहीं पहचानती। 
John 10:6 यीशु ने उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा, परन्तु वे न समझे कि ये क्या बातें हैं जो वह हम से कहता है।
John 10:7 तब यीशु ने उन से फिर कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि भेड़ों का द्वार मैं हूं। 
John 10:8 जितने मुझ से पहिले आए; वे सब चोर और डाकू हैं परन्तु भेड़ों ने उन की न सुनी। 
John 10:9 द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा। 
John 10:10 चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 8-11