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Monday, June 25, 2018

स्थिर



      जोर्जिया प्रांत के सवाना शहर का नदी किनारे का एतिहासिक क्षेत्र ऊबड़-खाबड़ पत्थरों से बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सदियों पहले ये पत्थर अटलांटिक महासागर को पार करने वाले जल-पोतों में भरकर, यात्रा के दौरान उन्हें स्थिरता प्रदान करने के लिए प्रयोग किए जाते थे। जब वे जल-पोत जोर्जिया में आकर माल लादते थे तो उन पत्थरों का कार्य समाप्त हो जाता था, और उन्हें निकाल कर बंदरगाह के आसपास के क्षेत्र में डाल दिया जाता था, जहाँ उन्हें फिर मार्गों पर बिछा दिया जाता था। उन पत्थरों का प्राथमिक कार्य पूरा हो चुका था – खतरनाक जल-यात्रा के दौरान जल-पोत को स्थिर करना।

      हम जिन दिनों में जी रहे हैं, कभी-कभी वे हमें अशांत समुद्र में की जा रही हिचकोलों से भरी यात्रा के समान लग सकते हैं। प्राचीन काल के उन जल-पोतों के समान हमें भी जीवन यात्रा के तूफानों में स्थिर रखने के लिए कुछ चाहिए होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रमुख पात्र, दाऊद ने भी खतरों का सामना किया, और उसने अपने कठिन समय में परमेश्वर से मिली स्थिरता के लिए परमेश्वर को सराहा। दाऊद ने कहा, “उसने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा कर के मेरे पैरों को दृढ़ किया है” (भजन 40:2)। दाऊद ने संघर्ष, व्यक्तिगत असफलता, और पारिवारिक कलह के कठिन समयों का अनुभव किया था, परन्तु फिर भी परमेश्वर ने उसे खड़े होने के लिए स्थिर स्थान दिया। इसलिए दाऊद  ने यह “परमेश्वर की स्तुति” (पद 3) का भजन लिखा।

      कठिनाइयों के समय में, हम भी अपने सर्व-सामर्थी परमेश्वर की ओर उस स्थिरता के लिए देख सकते हैं जो केवल उस ही से मिलती है। परमेश्वर की भरोसेमंद देखरेख के कारण हम भी दाऊद के साथ कह सकते हैं “हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने बहुत से काम किए हैं! जो आश्चर्यकर्म और कल्पनाएं तू हमारे लिये करता है वह बहुत सी हैं...” (पद 5)। - बिल क्राउडर


जब हमारे चारों का सँसार बिखर रहा हो, 
तो मसीह ही वह स्थिर चट्टान है जिस पर हम स्थिर खड़े रह सकते हैं।

यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का सींग, और मेरा ऊँचा गढ़ है। - भजन 18:2

बाइबल पाठ: भजन 40:1-5
Psalms 40:1 मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उसने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी।
Psalms 40:2 उसने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा कर के मेरे पैरों को दृढ़ किया है।
Psalms 40:3 और उसने मुझे एक नया गीत सिखाया जो हमारे परमेश्वर की स्तुति का है। बहुतेरे यह देखकर डरेंगे, और यहोवा पर भरोसा रखेंगे।
Psalms 40:4 क्या ही धन्य है वह पुरूष, जो यहोवा पर भरोसा करता है, और अभिमानियों और मिथ्या की ओर मुड़ने वालों की ओर मुंह न फेरता हो।
Psalms 40:5 हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने बहुत से काम किए हैं! जो आश्चर्यकर्म और कल्पनाएं तू हमारे लिये करता है वह बहुत सी हैं; तेरे तुल्य कोई नहीं! मैं तो चाहता हूं की खोल कर उनकी चर्चा करूं, परन्तु उनकी गिनती नहीं हो सकती।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 3-4
  • प्रेरितों 7:44-60