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Friday, February 15, 2019

पाप



      चार-वर्षीय छोटे एलियास की माँ ने देखा कि वह बिल्ली के नवजात बच्चों के पास से भागकर जा रहा है; एलियास की माँ ने उसे उन बच्चों को छूने से मना किया था। माँ ने पूछा, “क्या तुम ने बिल्ली के उन बच्चों को छूआ है?” उसने बड़ी सच्चाई दिखाते हुए कहा, “नहीं तो!” तो माँ ने एक और प्रश्न किया, “क्या वे मुलायम थे?” एलियास बोल उठा, “हाँ! और काले वाले ने म्याऊँ भी बोला!”

      एक बच्चे के विषय हम इस दोगलेपन को लेकर मुस्कुराते हैं; परन्तु एलियास की यह दशा” हम सभी मनुष्यों की दशा है। चार वर्ष के बच्चे को कोई झूठ बोलना नहीं सिखाता है; यह उसकी स्वाभाविक प्रतिक्रया होती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद ने अपने पाप को स्वीकार करते हुए लिखा, “देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा” (भजन 51:5)। प्रेरित पुलुस कहता है, “इसलिये जैसा एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया, और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, इसलिये कि सब ने पाप किया” (रोमियों 5:12); और यह निराशाजनक समाचार सभी पर लागू होता है, चाहे कोई राजा हो या बालक, आप हों या मैं।

      परन्तु सभी के लिए पर्याप्त आशा है! पौलुस ने लिखा, “और व्यवस्था बीच में आ गई, कि अपराध बहुत हो, परन्तु जहां पाप बहुत हुआ, वहां अनुग्रह उस से भी कहीं अधिक हुआ” (रोमियों 5:20)।

      परमेश्वर इस प्रतीक्षा में नहीं रहता है कि हम गलती करें और वह दण्ड देने के लिए हम पर टूट पड़े। परमेश्वर तो अनुग्रह, क्षमा, और बहाली के कार्य में लगा रहता है। हमें यह पहचानने की आवश्यकता है कि हमारे पाप न तो प्यारा लगने वाले होते हैं और न ही क्षमा करने योग्य; परन्तु यह परमेश्वर का अनुग्रह ही है कि वह हमें क्षमा करता है। इसलिए आज और अभी, समय रहते हम उसके पास पश्चाताप के साथ आएँ और प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास लाकर, उससे पापों की क्षमा प्राप्त करके। - टिम गुस्ताफ्सन


सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं। - रोमियों 8:1

बाइबल पाठ:रोमियों 5:12-21
Romans 5:12 इसलिये जैसा एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया, और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, इसलिये कि सब ने पाप किया।
Romans 5:13 क्योंकि व्यवस्था के दिए जाने तक पाप जगत में तो था, परन्तु जहां व्यवस्था नहीं, वहां पाप गिना नहीं जाता।
Romans 5:14 तौभी आदम से ले कर मूसा तक मृत्यु ने उन लोगों पर भी राज्य किया, जिन्हों ने उस आदम के अपराध के सामान जो उस आने वाले का चिन्ह है, पाप न किया।
Romans 5:15 पर जैसा अपराध की दशा है, वैसी अनुग्रह के वरदान की नहीं, क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध से बहुत लोग मरे, तो परमेश्वर का अनुग्रह और उसका जो दान एक मनुष्य के, अर्थात यीशु मसीह के अनुग्रह से हुआ बहुतेरे लागों पर अवश्य ही अधिकाई से हुआ।
Romans 5:16 और जैसा एक मनुष्य के पाप करने का फल हुआ, वैसा ही दान की दशा नहीं, क्योंकि एक ही के कारण दण्ड की आज्ञा का फैसला हुआ, परन्तु बहुतेरे अपराधों से ऐसा वरदान उत्पन्न हुआ, कि लोग धर्मी ठहरे।
Romans 5:17 क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध के कराण मृत्यु ने उस एक ही के द्वारा राज्य किया, तो जो लोग अनुग्रह और धर्म रूपी वरदान बहुतायत से पाते हैं वे एक मनुष्य के, अर्थात यीशु मसीह के द्वारा अवश्य ही अनन्त जीवन में राज्य करेंगे।
Romans 5:18 इसलिये जैसा एक अपराध सब मनुष्यों के लिये दण्ड की आज्ञा का कारण हुआ, वैसा ही एक धर्म का काम भी सब मनुष्यों के लिये जीवन के निमित धर्मी ठहराए जाने का कारण हुआ।
Romans 5:19 क्योंकि जैसा एक मनुष्य के आज्ञा न मानने से बहुत लोग पापी ठहरे, वैसे ही एक मनुष्य के आज्ञा मानने से बहुत लोग धर्मी ठहरेंगे।
Romans 5:20 और व्यवस्था बीच में आ गई, कि अपराध बहुत हो, परन्तु जहां पाप बहुत हुआ, वहां अनुग्रह उस से भी कहीं अधिक हुआ।
Romans 5:21 कि जैसा पाप ने मृत्यु फैलाते हुए राज्य किया, वैसा ही हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा अनुग्रह भी अनन्त जीवन के लिये धर्मी ठहराते हुए राज्य करे।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 17-18
  • मत्ती 27:27-50