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Tuesday, June 4, 2019

शान्ति



      एक सहेली ने मुझे बताया कि वर्षों से वह शान्ति और संतुष्टि की तलाश में थी। उसके पति और उसने मिलकर एक सफल व्यवसाय स्थापित किया, इसलिए वह एक बड़ा घर, सुन्दर और महंगे कपड़े, तथा कीमती ज़ेवर खरीद सकी। परन्तु इन संपत्तियों से उसे अपने अन्दर शान्ति और संतुष्टि नहीं मिली, और न ही समाज के प्रभावशाली और उच्च कोटि के लोगों के साथ संबंधों और मित्रता के द्वारा यह संभव हुआ। फिर एक दिन जब वह बहुत हताश और परेशान थी, किसी मित्र ने उसे प्रभु यीशु मसीह और उनके सुसमाचार के विषय में बताया। तब उसने शान्ति के राजकुमार से भेंट की, और तब से शान्ति तथा संतुष्टि की उसकी समझ हमेशा के लिए बदल गई।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु ने अपने पकड़वाए जाने से पहले, अपने शिष्यों को सच्ची शान्ति के विषय बताया (यूहन्ना 14); वह अपने शिष्यों को आने वाली घटनाओं – उसके मारे जाने, गाड़े जाने, और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठने, तथा पवित्र आत्मा के आगमन के लिए तैयार कर रहा था। प्रभु चाहता था कि उसके शिष्य उसमें मिलने वाली उस अद्भुत शान्ति के बारे में समझ और सीख सकें, जिससे वे दुःख और कठिनाइयों के समयों में भी दुखी न हों, वरन प्रभु में आश्वस्त और संतुष्ट बने रहें।

      बाद में पुनरुत्थान के पश्चात जब प्रभु यीशु भयभीत शिष्यों के सामने प्रगट हुए, तो उन्होंने अभिनन्दन में उन से कहा, “तुम्हें शान्ति मिले” (यूहन्ना 20:19)। जो प्रभु ने उन शिष्यों और अब हमारे लिए किया है, उसके विषय, और प्रभु में मिलने वाले विश्राम के बारे में अब एक नई समझ हमें प्रभु में प्राप्त होती है। जब हम प्रभु की शान्ति को समझते और स्वीकार करते है, उसका अनुभव करते हैं, तो हमारी परिवर्तनशील भावनाओं के होते हुए भी हम एक गहरे भरोसे, संतुष्टि एवं अद्भुत शान्ति का अनुभव कर सकते हैं। - एमी बाउचर पाई

प्रभु यीशु सँसार और हमारे जीवन में शान्ति प्रदान करने के लिए आए थे।

मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है। - यूहन्ना ;16:33

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:25-31
John 14:25 ये बातें मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए तुम से कहीं।
John 14:26 परन्तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा।
John 14:27 मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।
John 14:28 तुम ने सुना, कि मैं ने तुम से कहा, कि मैं जाता हूं, और तुम्हारे पास फिर आता हूं: यदि तुम मुझ से प्रेम रखते, तो इस बात से आनन्‍दित होते, कि मैं पिता के पास जाता हूं क्योंकि पिता मुझ से बड़ा है।
John 14:29 और मैं ने अब इस के होने से पहिले तुम से कह दिया है, कि जब वह हो जाए, तो तुम प्रतीति करो।
John 14:30 मैं अब से तुम्हारे साथ और बहुत बातें न करूंगा, क्योंकि इस संसार का सरदार आता है, और मुझ में उसका कुछ नहीं।
John 14:31 परन्तु यह इसलिये होता है कि संसार जाने कि मैं पिता से प्रेम रखता हूं, और जिस तरह पिता ने मुझे आज्ञा दी, मैं वैसे ही करता हूं: उठो, यहां से चलें।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 21-22
  • यूहन्ना 14