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Friday, March 13, 2015

जीवित साक्षी


   वॉचमैन नी को प्रभु यीशु मसीह में विश्वास रखने के कारण चीन में सन 1952 में पकड़ कर जेल में डाल दिया गया था, जहाँ उन्होंने अपना शेष जीवन व्यतीत किया। उस जेल की कोठरी में उन्होंने 30 मई 1972 को अपनी अन्तिम श्वास ली। जब उनकी भतीजी उनकी बची हुई चीज़ें लेने के लिए आई तो उसे जेल के एक पहरेदार ने काग़ज़ का एक टुकड़ा दिया जिस पर वॉचमैन नी ने अपने जीवन की यह साक्षी लिखी थी: "मसीह परमेश्वर का पुत्र है जो पापियों के छुटकारे के लिए मारा गया और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठा। यह सृष्टि का सबसे बड़ा सत्य है। मैं इस लिए मर रहा हूँ क्योंकि मैं मसीह पर विश्वास रखता हूँ - वॉचमैन नी।"

   प्रेरित पौलुस भी मसीह यीशु में अपने विश्वास के लिए मारा गया। अपनी म्रुत्यु से कुछ समय पहले, जेल में से, जहाँ वह मृत्यु दण्ड के दिए जाने की प्रतीक्षा में था, पौलुस ने कुछ पत्रियाँ लिखीं। अपनी अन्तिम पत्री में पौलुस ने अपने पाठकों से कहा, "यीशु मसीह को स्मरण रख, जो दाऊद के वंश से हुआ, और मरे हुओं में से जी उठा; और यह मेरे सुसमाचार के अनुसार है। जिस के लिये मैं कुकर्मी की नाईं दुख उठाता हूं, यहां तक कि कैद भी हूं; परन्तु परमेश्वर का वचन कैद नहीं" (2 तिमुथियुस 2:8-9)।

   संभव है कि हमें मसीह यीशु में विश्वास करने के कारण, उन लाखों लोगों के समान जो सदियों से अपने प्राण बलिदान करते आए हैं, अपने प्राणों की आहुति नहीं देनी पड़े, लेकिन फिर भी हम सभी मसीही विश्वासियों को प्रभु यीशु के लिए जीवित साक्षी होने के लिए बुलाया गया है। हमारे इस विश्वास के कारण हमारा अन्जाम जो भी हो, लेकिन हर समय और हर हाल में हमें परमेश्वर के प्रति धन्यवादी हृदय के साथ लोगों के सामने प्रभु यीशु में होकर मिली आशीषों का वर्णन रखना है, उन्हें प्रभु यीशु में मिलने वाली पापों की क्षमा और उद्धार के बारे में बताना है। - डेनिस फिशर


होने दें कि आपके होंठ और जीवन दोनों ही मसीह यीशु का वर्णन करते रहें।

इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। और गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा। - 1 कुरिन्थियों 15:3-4

बाइबल पाठ: 2 तिमुथियुस 2:1-10
2 Timothy 2:1 इसलिये हे मेरे पुत्र, तू उस अनुग्रह से जो मसीह यीशु में है, बलवन्‍त हो जा। 
2 Timothy 2:2 और जो बातें तू ने बहुत गवाहों के साम्हने मुझ से सुनी हैं, उन्हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे; जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों। 
2 Timothy 2:3 मसीह यीशु के अच्‍छे योद्धा की नाईं मेरे साथ दुख उठा। 
2 Timothy 2:4 जब कोई योद्धा लड़ाई पर जाता है, तो इसलिये कि अपने भरती करने वाले को प्रसन्न करे, अपने आप को संसार के कामों में नहीं फंसाता 
2 Timothy 2:5 फिर अखाड़े में लड़ने वाला यदि विधि के अनुसार न लड़े तो मुकुट नहीं पाता। 
2 Timothy 2:6 जो गृहस्थ परिश्रम करता है, फल का अंश पहिले उसे मिलना चाहिए। 
2 Timothy 2:7 जो मैं कहता हूं, उस पर ध्यान दे और प्रभु तुझे सब बातों की समझ देगा। 
2 Timothy 2:8 यीशु मसीह को स्मरण रख, जो दाऊद के वंश से हुआ, और मरे हुओं में से जी उठा; और यह मेरे सुसमाचार के अनुसार है। 
2 Timothy 2:9 जिस के लिये मैं कुकर्मी की नाईं दुख उठाता हूं, यहां तक कि कैद भी हूं; परन्तु परमेश्वर का वचन कैद नहीं। 
2 Timothy 2:10 इस कारण मैं चुने हुए लोगों के लिये सब कुछ सहता हूं, कि वे भी उस उद्धार को जो मसीह यीशु में हैं अनन्त महिमा के साथ पाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 20-22
  • मरकुस 13:21-37