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Friday, April 10, 2015

सरल


   संयुक्त राज्य अमेरिका के चौथे राष्ट्रपति, जेमस मैडिसन ने अमेरिका के संविधान के बनाए जाने में सहयोग दिया था। उन्होंने अपने सह-कार्यकर्ताओं को सचेत किया था कि वे ऐसे नियम नहीं बनाएं जो इतने भारी-भरकम हों कि पढ़े ना जा सकें, या इतने जटिल हों कि समझे ना जा सकें। आज जब मैं कुछ कार्यों के लिए भरे जाने वाले सरकारी दस्तावेज़ों को देखता हूँ तो मुझे लगता है कि राष्ट्रपति जेम्स मैडिसन की नियम बनाने वालों के द्वारा उनकी यह सलाह अभी तक ठीक से समझी तथा स्वीकार नहीं की गई है।

   ऐसे ही अनेक बार परमेश्वर द्वारा संसार के लिए पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार के साथ भी होता है; उस सरल से सुसमाचार को आवश्यकता से अधिक जटिल बना कर प्रस्तुत किया जाता है। लेकिन हम आनन्दित हो सकते हैं कि परमेश्वर द्वारा सारे संसार के उद्धार के लिए दिए गए इस सुसमाचार को परमेश्वर का वचन बाइबल बड़े स्पष्ट और सरलता से समझी जा सकने वाली भाषा में प्रस्तुत करता है। प्रभु यीशु ने निकुदिमुस से, जो शास्त्रों का ज्ञाता तथा धर्माधिकारियों का एक प्रमुख था कहा, "क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए" (यूहन्ना 3:16)। अपने पकड़वाए जाने से पहले चेलों से अपनी बातचीत के दौरान "यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता" (यूहन्ना 14:6)। अनन्त जीवन पाने के लिए फिल्प्पी के जेलर द्वारा किए गए प्रश्न के उत्तर में प्रेरित पौलुस ने उससे कहा, "...प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा" (प्रेरितों 16:31); तथा कुरिन्थुस की मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में पौलुस ने उन्हें स्मरण दिलाया "इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। और गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा" (1 कुरिन्थियों 15:3-4)।

   जगत से किए गए परमेश्वर के प्रेम की गाथा बहुत सरल है; परमेश्वर ने अपने पुत्र को संसार के सभी लोगों को उनके पापों के दण्ड और अनन्त काल की मृत्यु से बचाने के लिए भेजा, और यह प्रभु यीशु पर स्वेच्छा से लाए गए साधारण विश्वास द्वारा संभव है। यह अद्भुत सुसमाचार इतना सरल है कि एक बच्चा भी इसे समझ सकता है, इतना कारगर है कि संसार का कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी बड़ा पापी क्यों ना समझा जाता हो, इसे स्वीकार करने के द्वारा निश्चित ही क्षमा और उद्धार पा सकता है। इस अवसर को नज़रंदाज़ ना करें, सुसमाचार को स्वीकार कर लें। - डेव ऐगनर


प्रभु यीशु में विश्वास द्वारा हम परमेश्वर से पापों के दण्ड की क्षमा और उद्धार प्राप्त करते हैं।

हम तुम्हें और कुछ नहीं लिखते, केवल वह जो तुम पढ़ते या मानते भी हो, और मुझे आशा है, कि अन्‍त तक भी मानते रहोगे। - 2 कुरिन्थियों 1:13

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:1-4, 35, 42-50
1 Corinthians 15:1 हे भाइयों, मैं तुम्हें वही सुसमाचार बताता हूं जो पहिले सुना चुका हूं, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया था और जिस में तुम स्थिर भी हो। 
1 Corinthians 15:2 उसी के द्वारा तुम्हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्हें सुनाया था स्मरण रखते हो; नहीं तो तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ। 
1 Corinthians 15:3 इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। 
1 Corinthians 15:4 ओर गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा। 

1 Corinthians 15:35 अब कोई यह कहेगा, कि मुर्दे किस रीति से जी उठते हैं, और कैसी देह के साथ आते हैं? 

1 Corinthians 15:42 मुर्दों का जी उठना भी ऐसा ही है। शरीर नाशमान दशा में बोया जाता है, और अविनाशी रूप में जी उठता है। 
1 Corinthians 15:43 वह अनादर के साथ बोया जाता है, और तेज के साथ जी उठता है; निर्बलता के साथ बोया जाता है; और सामर्थ के साथ जी उठता है। 
1 Corinthians 15:44 स्‍वाभाविक देह बोई जाती है, और आत्मिक देह जी उठती है: जब कि स्‍वाभाविक देह है, तो आत्मिक देह भी है। 
1 Corinthians 15:45 ऐसा ही लिखा भी है, कि प्रथम मनुष्य, अर्थात आदम, जीवित प्राणी बना और अन्‍तिम आदम, जीवनदायक आत्मा बना। 
1 Corinthians 15:46 परन्तु पहिले आत्मिक न था, पर स्‍वाभाविक था, इस के बाद आत्मिक हुआ। 
1 Corinthians 15:47 प्रथम मनुष्य धरती से अर्थात मिट्टी का था; दूसरा मनुष्य स्‍वर्गीय है। 
1 Corinthians 15:48 जैसा वह मिट्टी का था वैसे ही और मिट्टी के हैं; और जैसा वह स्‍वर्गीय है, वैसे ही और भी स्‍वर्गीय हैं। 
1 Corinthians 15:49 और जैसे हम ने उसका रूप जो मिट्टी का था धारण किया वैसे ही उस स्‍वर्गीय का रूप भी धारण करेंगे। 
1 Corinthians 15:50 हे भाइयों, मैं यह कहता हूं कि मांस और लोहू परमेश्वर के राज्य के अधिकारी नहीं हो सकते, और न विनाश अविनाशी का अधिकारी हो सकता है।

एक साल में बाइबल:
  • 1 शमूएल 15-16
  • लूका 10:25-42