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Tuesday, January 26, 2016

ज्योति


   प्रति वर्ष दिसंबर के महीने में हमारे घर के निकट के 13 घरों एक मोहल्ले के सभी परिवार मिलकर 300,000 बत्तियों से बनी क्रिसमस ज्योति सजाते हैं। बत्तियों की यह सज्जा इतनी भव्य होती है कि लोग दूर दूर से उसे देखने आते हैं और घंटों पंक्ति में खड़े रहकर उन रंगीन जलती-बुझती-चमकती बत्तियों को देखने तथा उनके साथ बजने वाले संगीत का आनन्द लेते हैं। बत्तियों और संगीत के इस समागम को सुचारू रूप से चलाते रहने के लिए उन लोगों को 64 कंप्यूटरों की सहायता लेनी पड़ती है।

   जब मैं अवकाश काल में लगाई और जलाई जाने वाली इन ज्योतियों के बारे में सोचती हूँ तो मेरा ध्यान उस सच्ची ज्योति की ओर भी जाता है जिस के कारण क्रिसमस संभव हुआ - वह एकल तेजोमय ज्योति जो अपने प्रेम, खराई और न्याय से सारे जगत को रौशन करती है। यह एकमात्र ज्योति है प्रभु यीशु मसीह, और सारे संसार की हर आवश्यकता के लिए वही काफी है (यशायाह 9:2, 6-7)। हमारे जीवनों की इस ज्योति ने हमें, जो उसके अनुयायी हैं, यह कहा है कि उसकी इस ज्योति को सारे संसार में प्रदर्शित करें जिससे लोग उस ज्योति को देखकर परमेश्वर कि महिमा करने पाएं (मत्ती 5:16)।

   ज़रा विचार कीजिए, क्रिसमस की बत्तियों को लगाने और सुचारू रूप से चलाने के लिए मेहनत करने वाले उन 13 परिवारों के समान यदि हम मसीही विश्वासी भी परमेश्वर कि सच्ची ज्योति को लोगों के जीवनों तथा संसार को ज्योतिर्मय करने के लिए एक जुट और प्रयासरत हो जाएं तो कैसा रहे? फिर पाप के अन्धकार में रहने और जीने वाले लोगों को जीवन की ज्योति को ढूंढ़ने की आवश्यकता ही नहीं रहेगी, वह ज्योति उनके चारों ओर उन्हें चमकती मिलेगी।

   जब मसीही विश्वासी एक साथ मिलकर परमेश्वर के प्रेम की ज्योति को अपने अपने जीवनों से प्रदर्शित करेंगे, तो उद्धार तथा पाप-क्षमा के सुसमाचार की यह ज्योति और अधिक चमकेगी, और अधिक लोगों को प्रभु यीशु के पास आकर्षित करेगी और संसार को सच्ची ज्योति से ज्योतिर्मय कर देगी। - जूली ऐकैरमैन लिंक


संसार के पाप के अन्धकार में हमारे मसीही जीवन की गवाही आशा की ज्योति है।

जो लोग अन्धकार में बैठे थे उन्होंने बड़ी ज्योति देखी; और जो मृत्यु के देश और छाया में बैठे थे, उन पर ज्योति चमकी। - मत्ती 4:16

बाइबल पाठ: मत्ती 5:13-16
Matthew 5:13 तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्‍वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा? फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इस के कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए।
Matthew 5:14 तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता।
Matthew 5:15 और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है।
Matthew 5:16 उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 5-7
  • 2यूहन्ना


प्रतीक्षा का अनुशासन


   प्रतीक्षा करना कठिन होता है। हमें दुकान पर सामान खरिदने के समय, यात्रा में, डॉक्टर से मिलने के लिए, सभी स्थानों पर प्रतीक्षा करनी पड़ती है। ऐसा करते समय हम अपनी ऊँगलियों को चटकाते हैं, उबासी आने से रोकने का प्रयत्न करते हैं और अन्दर ही अन्दर खिसियाते हैं। कभी कभी प्रतीक्षा किसी पत्र की होती है जो पहुँच नहीं रहा होता है, किसी बिगड़ी हुई सन्तान के वापस लौट आने की होती है, जीवन साथी में किसी परिवर्तन की होती है, किसी बच्चे के पैदा होने की होती जिसे हम अपनी बाहों में ले सकें। हमें अपनी मनोकामनाओं के पूरे होने की प्रतीक्षा रहती है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 40 में भजनकार दाऊद ने कहा, "मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा..." (भजन 40:1); मूल इब्रानी भाषा में जो शब्द "बाट जोहता रहा" के लिए प्रयोग हुए हैं उनका तात्पर्य होता है कि दाऊद ने "प्रतीक्षा करी, और प्रतीक्षा करी, और भी प्रतीक्षा करी" कि परमेश्वर उसकी प्रार्थना का उत्तर दे। लेकिन फिर भी जब दाऊद प्रतीक्षा के अपने इस समय का पुनःअवलोकन करता है तो इस लंबे विलंब के लिए परमेश्वर की आराधना करता है कि "...उसने मुझे एक नया गीत सिखाया जो हमारे परमेश्वर की स्तुति का है..." (भजन 40:3)।

   सुप्रसिद्ध मसीही प्रचारक और लेखक एफ. बी. मेयर्स ने कहा, "परमेश्वर के विलंब पर कैसा महान अध्याय लिखा जा सकता है। यह ऐसा भेद है जो मानव आत्मा को उसकी क्षमता के चरम बिंदु तक संवार सकता है।" प्रतीक्षा के अनुशासन के द्वारा हम में मृदुल सदगुण विकसित हो सकते हैं, जैसे समर्पण, नम्रता, धैर्य, आनन्द सहित सहनशीलता, भलाई में लगे रहना आदि - ये सब ऐसे सदगुण हैं जिन्हें सीखने और जिनमें बढ़ने में सबसे अधिक समय लगता है।

   जब ऐसा लगे कि परमेश्वर हमारी मनोकामनाओं को पूरा करने, हमारी प्रार्थानों का उत्तर देने में विलंब कर रहा है तो हमें क्या करना चाहिए? परमेश्वर से ही सहायता लें कि वह हमें उससे प्रेम करने, उसपर विश्वास बनाए रखने और उसके विलंब को आनन्द के साथ स्वीकार करने की सामर्थ दे तथा उपरोक्त सदगुणों को हम में विकसित करे; साथ ही दाऊद के समान हमें उसकी आराधना और स्तुति में भी लगे रहना चाहिए। - डेविड रोपर


परमेश्वर के लिए प्रतीक्षा करना कभी भी समय की बर्बादी नहीं है।

यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह! - भजन 27:14

बाइबल पाठ: भजन 40:1-5
Psalms 40:1 मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उसने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी। 
Psalms 40:2 उसने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा कर के मेरे पैरों को दृढ़ किया है। 
Psalms 40:3 और उसने मुझे एक नया गीत सिखाया जो हमारे परमेश्वर की स्तुति का है। बहुतेरे यह देखकर डरेंगे, और यहोवा पर भरोसा रखेंगे।
Psalms 40:4 क्या ही धन्य है वह पुरूष, जो यहोवा पर भरोसा करता है, और अभिमानियों और मिथ्या की ओर मुड़ने वालों की ओर मुंह न फेरता हो। 
Psalms 40:5 हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने बहुत से काम किए हैं! जो आश्चर्यकर्म और कल्पनाएं तू हमारे लिये करता है वह बहुत सी हैं; तेरे तुल्य कोई नहीं! मैं तो चाहता हूं की खोल कर उनकी चर्चा करूं, परन्तु उनकी गिनती नहीं हो सकती।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 14-15
  • मत्ती 17