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गुरुवार, 8 जून 2023
Miscellaneous Questions / कुछ प्रश्न - 30a - Lent & Fasting / लेंट और उपवास (1)
शुक्रवार, 4 दिसंबर 2020
प्रश्न
कैलेंडर
में दिसंबर माह आरंभ होने से बहुत पहले ही हमारे शहर में क्रिसमस का उत्साह दिखाई
देने लगता है। एक चिकित्सा दफतर अपने परिसर के पेड़ों और झाड़ियों के चारों ओर
रंग-बिरंगी लाईट लगा देता है जिससे रात में वहाँ अद्भुत रंगीन रौशनी रहती है। एक
अन्य व्यवसाय केंद्र अपने भवन को एक विशाल उपहार के समान सजा देता है। जिस ओर भी
मुड़ो क्रिसमस – या कम से कम मौसमी व्यापार के उत्सव का उत्साह का कोई न कोई प्रमाण
दिखाई देता है।
कुछ
लोगों को इस उत्सव के ये भव्य प्रदर्शन बहुत पसंद आते हैं। कुछ इनके प्रति
आलोचनात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। परन्तु महत्वपूर्ण प्रश्न यह नहीं है कि अन्य लोग
क्रिसमस किस प्रकार से मनाते हैं,
वरन हम में से प्रत्येक को विचार करना चाहिए कि हमारे लिए इस उत्सव का क्या अर्थ
है?
परमेश्वर
के वचन बाइबल में, अपने जन्म के लगभग तीस वर्ष के पश्चात, प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से पूछा, “लोग मनुष्य के पुत्र को क्या कहते हैं?” (मत्ती 16:13)। उन्होंने वे प्रतिक्रियाएं
बताईं जो औरों ने दी थीं: यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला, एलिय्याह, या कोई अन्य
भविष्यद्वक्ता। फिर प्रभु यीशु ने इस प्रश्न को उन शिष्यों के लिए और व्यक्तिगत कर
दिया, और पूछा: “परन्तु तुम मुझे
क्या कहते हो?” (पद 15)।
पतरस ने उत्तर दिया, “तू जीवते परमेश्वर
का पुत्र मसीह है” (पद 16)।
अनेकों, बिना इस बात पर विचार करे कि वह शिशु वास्तव
में कौन है, क्रिसमस का उत्सव मनाएंगे। जब भी हमारा उन लोगों के साथ इस विषय पर
वार्तालाप हो, हम उन्हें क्रिसमस से
सम्बन्धित कुछ विशिष्ट प्रश्नों पर विचार करने में सहायता कर सकते हैं: क्या
क्रिसमस चरनी में जन्म लेने वाले एक शिशु की केवल एक मर्मस्पर्शी कहानी मात्र है? या, हमारा सृष्टिकर्ता वास्तव में
अपनी सृष्टि में हमारे स्वरूप में आया और हमारे समान एक मनुष्य बनकर रहा? उसके स्वर्ग का वैभव छोड़कर पृथ्वी पर आने, रहने, और क्रूस पर मारे जाने,
फिर तीसरे दिन जी उठने का क्या अभिप्राय और महत्व है? – टिम गुस्ताफसन
आपको क्या लगता है कि प्रभु यीशु कौन है?
पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र
समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा
के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर
देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता
और भय के साथ। - 1 पतरस 3:15
बाइबल पाठ: मत्ती 16:13-21
मत्ती 16:13 यीशु कैसरिया फिलिप्पी के देश में
आकर अपने चेलों से पूछने लगा, कि लोग
मनुष्य के पुत्र को क्या कहते हैं?
मत्ती 16:14 उन्होंने कहा, कितने तो यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला कहते हैं और
कितने एलिय्याह, और कितने यिर्मयाह या
भविष्यद्वक्ताओं में से कोई एक कहते हैं।
मत्ती 16:15 उसने उन से कहा; परन्तु तुम मुझे क्या कहते हो?
मत्ती 16:16 शमौन पतरस ने उत्तर दिया, कि तू जीवते परमेश्वर का पुत्र मसीह है।
मत्ती 16:17 यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि हे शमौन योना के पुत्र, तू धन्य है; क्योंकि मांस और लहू ने नहीं, परन्तु मेरे पिता ने जो स्वर्ग में है, यह बात तुझ पर प्रगट की है।
मत्ती 16:18 और मैं भी तुझ से कहता हूं, कि तू पतरस है; और मैं इस पत्थर पर अपनी कलीसिया बनाऊंगा: और अधोलोक के फाटक उस पर प्रबल न
होंगे।
मत्ती 16:19 मैं तुझे स्वर्ग के राज्य की कुंजियां
दूंगा: और जो कुछ तू पृथ्वी पर बान्धेगा, वह स्वर्ग में बन्धेगा; और
जो कुछ तू पृथ्वी पर खोलेगा, वह स्वर्ग
में खुलेगा।
मत्ती 16:20 तब उसने चेलों को चिताया, कि किसी से न कहना! कि मैं मसीह हूं।
मत्ती 16:21 उस समय से यीशु अपने चेलों को बताने
लगा, कि मुझे अवश्य है, कि यरूशलेम को जाऊं, और पुरनियों और महायाजकों और शास्त्रियों के हाथ से बहुत दुख उठाऊं; और मार डाला जाऊं; और तीसरे दिन जी उठूं।
एक साल में बाइबल:
- यहेजकेल 47-48
- 1 यूहन्ना 3
बुधवार, 25 दिसंबर 2019
धन्यवाद
- सपन्याह 1-3
- प्रकाशितवाक्य 16
मंगलवार, 24 दिसंबर 2019
सन्देश
- हबक्कूक 1-3
- प्रकाशितवाक्य 15
बुधवार, 26 दिसंबर 2018
प्रतीक्षा
- हाग्गै 1-2
- प्रकाशितवाक्य 17
मंगलवार, 25 दिसंबर 2018
आनन्द
- सपन्याह 1-3
- प्रकाशितवाक्य 16
सोमवार, 24 दिसंबर 2018
आनन्द और ज्योति
- हबक्कूक 1-3
- प्रकाशितवाक्य 15
शनिवार, 22 दिसंबर 2018
उपहार
- मीका 6-7
- प्रकाशितवाक्य 13
बुधवार, 5 दिसंबर 2018
ज्योति
- दानिय्येल 1-2
- 1 यूहन्ना 4
मंगलवार, 26 दिसंबर 2017
बलिदान
- हग्गै 1-2
- प्रकाशितवाक्य 17
सोमवार, 25 दिसंबर 2017
उपहार
- सपन्याह 1-3
- प्रकाशितवाक्य 16
रविवार, 24 दिसंबर 2017
भेद
- हब्क्कूक 1-3
- प्रकाशितवाक्य 15
शनिवार, 23 दिसंबर 2017
सबके लिए
- नहूम 1-3
- प्रकाशितवाक्य 14
मंगलवार, 19 दिसंबर 2017
आशा
- योना 1-4
- प्रकाशितवाक्य 10