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Friday, February 2, 2018

विरासत


   जब एक सड़क-निर्माण कंपनी के कर्मचारी, टिम, का एक दुर्घटना में निधन हुआ, तो इस व्यक्ति के अपने परिवार-जनों, सहकर्मियों, और समाज के लोगों के प्रति प्रेम के कारण सब को अभिभूत कर देने वाली हानि उठाने का अनुभव हुआ। उसकी अंत्येष्ठी सभा के लिए एकत्रित होने वालों की संख्या इतनी थी कि उनके कसबे के छोटे चर्च में सब लोग नहीं आ सकते थे, इसलिए प्रबंधन करने वालों को उस सभा के स्थान को एक बड़े स्थान पर स्थानांतरित करना पड़ा। परिवार जनों और मित्रों से वह बड़ा सभा घर भी खचा-खच भरा हुआ था। सन्देश स्पष्ट था : टिम ने अपनी अनोखी रीति से बहुतेरे जीवनों को छुआ था। ऐसे बहुतेरे थे जो अब उसकी कृपा, हंसमुख प्रवृत्ति, और जीवन के प्रति उमंग की कमी अनुभव करेंगे।

   जब मैं उसकी अंत्येष्ठी से लौटा तो मेरा ध्यान परमेश्वर के वचन बाइबल में उल्लेखित राजा यहोराम के जीवन की ओर गया। टिम के और उस राजा के जीवन में कितना अन्तर था। उस राजा के अल्पकालीन आतंकपूर्ण शासन का उल्लेख 2 इतिहास 21 अध्याय में दिया गया है। अपने राज्य को स्थिर करने के उद्देश्य से येहोराम ने अपने ही भाइयों और अन्य अगुवों की हत्या करवा दी (पद 4)। इसके बाद वह यहूदा की अपनी प्रजा को अनेकों बुराईयों की ओर ले गया, परमेश्वर से विमुख किया। उसके उल्लेख के अन्त में उसके विषय आया है : “और सब को अप्रिय हो कर जाता रहा। और उसको दाऊदपुर में मिट्टी दी गई, परन्तु राजाओं के कब्रिस्तान में नहीं” (पद 20)। येहोराम ने सोचा था कि क्रूर बल के प्रयोग से उसकी विरासत बनी रहेगी। उसकी विरासत बनी तो रही, परंतु बदनामी और बुराई के साथ – परमेश्वर के वचन में अनन्त काल तक वह एक बुरा और स्वार्थी व्यक्ति कहलाया जाएगा।

   प्रभु यीशु भी एक राजा थे, परन्तु वे पृथ्वी पर दास का स्वरुप धारण कर के आ गए। वे सब की भलाई करते हुए फिरे, और जो लोगों पर नियंत्रण रखना और बलवान होना चाहते थे, उनकी घृणा को सहा। उन्होंने सबकी भलाई और सँसार के प्रत्येक व्यक्ति के उद्धार के लिए अपने प्राण बलिदान होने के लिए दे दिए।

   आज प्रभु यीशु की भी एक विरासत है, जिसके साथ वे अपने अनुयायियों में जीवित हैं। उस विरासत में वे सभी जन सम्मिलित हैं जो यह जानते हैं कि जीवन केवल अपने बारे में सोचने, करने के लिए नहीं है। सच्चा आनंदमय और अनन्त जीवन प्रभु यीशु के साथ होने में है; उस प्रभु परमेश्वर के साथ जो अपनी सामर्थी भुजाओं में प्रत्येक उस व्यक्ति भर लेना चाहता है जो स्वेच्छा से उसकी ओर मुड़ता है, अनन्त जीवन पा लेने के उसके निमंत्रण को स्वीकार करता है। - टिम गुस्टाफसन


प्रभु परमेश्वर के लिए जिया गया जीवन स्थाई विरासत छोड़ जाता है।

क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे। - मरकुस 10:45

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 21:4-20
2 Chronicles 21:4 जब यहोराम अपने पिता के राज्य पर नियुक्त हुआ और बलवन्त भी हो गया, तब उसने अपने सब भाइयों को और इस्राएल के कुछ हाकिमों को भी तलवार से घात किया।
2 Chronicles 21:5 जब यहोराम राजा हुआ, तब वह बत्तीस वर्ष का था, और वह आठ वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा।