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Friday, April 13, 2018

हृदय



   जब भी मैं शिकागो में ट्रेन से यात्रा करता हूँ, तो मैं “व्यवहार के मौखिक नियमों,” जैसे कि, अपने पास बैठे किसी भी व्यक्ति से कोई बातचीत नहीं करनी यदि आप उनसे पहले से ही परिचित नहीं हैं, आदि का अवश्य ही पालन करता हूँ। लेकिन ऐसा करना मेरे जैसे व्यक्ति के लिए बहुत कठिन होता है क्योंकि मैं अपरिचितों से भी वार्तालाप आरंभ कर लेता हूँ, उन्हें अपरिचित नहीं रहने देता हूँ। यद्यपि मैं खामोश रहने के नियम का पालन करता हूँ, लेकिन मैं ने सीखा है कि बिना बात किए हुए भी, उनके समाचार-पत्र पढ़ने के तरीके से, इसपर ध्यान देने से कि वे समाचार-पत्र का कौन सा भाग पहले और अधिक रुचि के साथ पढ़ते हैं, मैं उनके बारे में काफी जानकारी एकत्रित कर सकता हूँ।

   हमारे चुनाव हमारे व्यवहार को प्रगट करते हैं, परन्तु परमेश्वर को हमारे हृदय की दशा जानने के लिए हमारे चुनावों को देखने की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं होती है। हमारे समय और ध्यान को आकर्षित करने और उपयोग करने वाली बातें हमारे बारे में बहुत कुछ कहती हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड में प्रभु यीशु ने कहा, “क्योंकि जहां तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा मन भी लगा रहेगा” (लूका 12:34)। हम चाहे अपने आप को कैसा भी दिखाना चाहे, परन्तु अपने समय, धन, योग्यताओं आदि का हम कैसे और किन बातों में निवेश करते हैं, हमारे हृदय की दशा को स्पष्ट प्रगट कर देता है। जब हम अपने व्यवहार की इन बातों को परमेश्वर की बातों और कार्यों में लगाते हैं तो यह दिखाता है कि हमारे हृदय उसके साथ जुड़े हुए हैं, उसको समर्पित हैं।

   परमेश्वर का हृदय अपने लोगों की आवश्यकताओं और अपनी महिमा के प्रति लगा रहता है। आपका व्यवहार और आपके चुनाव आपके हृदय के बारे में क्या प्रगट करते हैं? – जो स्टोवैल


आपका धन क्या और कहाँ है?

इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। - मत्ती 6:33

बाइबल पाठ: लूका 12:22-34
Luke 12:22 फिर उसने अपने चेलों से कहा; इसलिये मैं तुम से कहता हूं, अपने प्राण की चिन्‍ता न करो, कि हम क्या खाएंगे; न अपने शरीर की कि क्या पहिनेंगे।
Luke 12:23 क्योंकि भोजन से प्राण, और वस्‍त्र से शरीर बढ़कर है।
Luke 12:24 कौवों पर ध्यान दो; वे न बोते हैं, न काटते; न उन के भण्‍डार और न खत्ता होता है; तौभी परमेश्वर उन्हें पालता है; तुम्हारा मूल्य पक्षियों से कहीं अधिक है।
Luke 12:25 तुम में से ऐसा कौन है, जो चिन्‍ता करने से अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है?
Luke 12:26 इसलिये यदि तुम सब से छोटा काम भी नहीं कर सकते, तो और बातों के लिये क्यों चिन्‍ता करते हो?
Luke 12:27 सोसनों के पेड़ों पर ध्यान करो कि वे कैसे बढ़ते हैं; वे न परिश्रम करते, न कातते हैं: तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में, उन में से किसी एक के समान वस्‍त्र पहिने हुए न था।
Luke 12:28 इसलिये यदि परमेश्वर मैदान की घास को जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा पहिनाता है; तो हे अल्प विश्वासियों, वह तुम्हें क्यों न पहिनाएगा?
Luke 12:29 और तुम इस बात की खोज में न रहो, कि क्या खाएंगे और क्या पीएंगे, और न सन्‍देह करो।
Luke 12:30 क्योंकि संसार की जातियां इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहती हैं: और तुम्हारा पिता जानता है, कि तुम्हें इन वस्‍तुओं की आवश्यकता है।
Luke 12:31 परन्तु उसके राज्य की खोज में रहो, तो ये वस्‍तुऐं भी तुम्हें मिल जाएंगी।
Luke 12:32 हे छोटे झुण्ड, मत डर; क्योंकि तुम्हारे पिता को यह भाया है, कि तुम्हें राज्य दे।
Luke 12:33 अपनी संपत्ति बेचकर दान कर दो; और अपने लिये ऐसे बटुए बनाओ, जो पुराने नहीं होते, अर्थात स्वर्ग पर ऐसा धन इकट्ठा करो जो घटता नहीं और जिस के निकट चोर नहीं जाता, और कीड़ा नहीं बिगाड़ता।
Luke 12:34 क्योंकि जहां तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा मन भी लगा रहेगा।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 22-24
  • लूका 12:1-31