ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

उदार लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
उदार लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 10 जून 2021

उदार

 

          स्टीव, एक बासठ वर्षीय बेघर सेवा-निवृत्त सैनिक है। वह जाकर गर्म मौसम वाले स्थान में रहने लगा जिससे कि वर्ष भर रातों को बाहर खुले में सोने में समस्या न हो। एक संध्या को जब वह अपने हाथों से बनाए गए चित्रों को लोगों को दिखा रहा था, इस आशा में कि उसे कुछ पैसे मिल जाएँगे, एक युवती आई और उसने स्टीव को पीज़ा के कुछ भाग दिए। स्टीव ने उन्हें कृतज्ञता के साथ स्वीकार कर लिया। कुछ ही पल में उसने उसे मिले इस बहुतायत के भोजन को अपने ही समान एक अन्य बेघर और भूखे व्यक्ति के साथ बाँटा। लगभग तुरंत ही वही युवती फिर से आ गई और उसे प्लेट भर के भोजन दिया, इस बात की सराहना करते हुए कि जो उसे मिला था, वह उसके साथ उदार रहा था।

          स्टीव की कहानी परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन 11:25 के सिद्धांत को चित्रित करती है, जहाँ कहा गया है कि जब हम औरों के प्रति उदार होंगे, तो हमें भी उदारता से दिया जाएगा। लेकिन हमें इस अपेक्षा से उदार होकर नहीं देना चाहिए कि हमें वापस कुछ मिल और जाएगा। ऐसा बहुत ही कम होता है कि हमारी उदारता का उतनी तेज़ी से प्रतिफल आ जाता है जितना स्टीव के लिए आ गया। जब हम किसी की सहायता के लिए दें, तो ऐसा परमेश्वर के सप्रेम देने के निर्देश के पालन के लिए करें (फिलिप्पियों 2:3-4; 1 यूहन्ना 3:17)। जब हम ऐसा करते हैं, तब परमेश्वर इससे प्रसन्न होता है; और, यद्यपि वह बाध्य नहीं है कि तुरंत ही हमारे बटुए या पेट को भर दे, फिर भी वह हमें पुरस्कृत करने के तरीके निकाल लेता है – कभी भौतिक वस्तुओं के द्वारा, तो कभी आत्मिक आशीषों से।

          स्टीव ने भोजन की दूसरी प्लेट को भी मुस्कराते हुए और खुले हाथों से औरों के साथ बाँटा। यद्यपि उसके पास अपने कोई संसाधन नहीं थे, फिर भी वह उदारता से देने का एक उदाहरण बना। प्रसन्न चित्त होकर जो भी उसके पास था, उसे दूसरों के साथ साझा किया, न कि अपने ही लिए उसे संग्रह कर के रख लिया। परमेश्वर हमें जैसा सक्षम करे और मार्गदर्शन करे, हम भी उदारता के साथ अपनी आशीषों को बांटने वाले बनें। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

परमेश्वर जो हमें देता है हम उसके साथ उदार हो सकते हैं।


हर एक जन जैसा मन में ठाने वैसा ही दान करे न कुढ़ कुढ़ के, और न दबाव से, क्योंकि परमेश्वर हर्ष से देने वाले से प्रेम रखता है। - 2 कुरिन्थियों 9:7

बाइबल पाठ: नीतिवचन 11:23-31

नीतिवचन 11:23 धर्मियों की लालसा तो केवल भलाई की होती है; परन्तु दुष्टों की आशा का फल क्रोध ही होता है।

नीतिवचन 11:24 ऐसे हैं, जो छितरा देते हैं, तौभी उनकी बढ़ती ही होती है; और ऐसे भी हैं जो यथार्थ से कम देते हैं, और इस से उनकी घटती ही होती है।

नीतिवचन 11:25 उदार प्राणी हृष्ट पुष्ट हो जाता है, और जो औरों की खेती सींचता है, उसकी भी सींची जाएगी।

नीतिवचन 11:26 जो अपना अनाज रख छोड़ता है, उसको लोग शाप देते हैं, परन्तु जो उसे बेच देता है, उसको आशीर्वाद दिया जाता है।

नीतिवचन 11:27 जो यत्न से भलाई करता है वह औरों की प्रसन्नता खोजता है, परन्तु जो दूसरे की बुराई का खोजी होता है, उसी पर बुराई आ पड़ती है।

नीतिवचन 11:28 जो अपने धन पर भरोसा रखता है वह गिर जाता है, परन्तु धर्मी लोग नये पत्ते के समान लहलहाते हैं।

नीतिवचन 11:29 जो अपने घराने को दु:ख देता, उसका भाग वायु ही होगा, और मूढ़ बुद्धिमान का दास हो जाता है।

नीतिवचन 11:30 धर्मी का प्रतिफल जीवन का वृक्ष होता है, और बुद्धिमान मनुष्य लोगों के मन को मोह लेता है।

नीतिवचन 11:31 देख, धर्मी को पृथ्वी पर फल मिलेगा, तो निश्चय है कि दुष्ट और पापी को भी मिलेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 34-36
  • यूहन्ना 19:1-22


सोमवार, 31 मई 2021

आवश्यकता

 

          संसार के अन्य शहरों के समान, पेरिस के बाहरी भाग में भी, लोग अपने समाज के बेघर लोगों की सहायता के लिए आगे आ रहे हैं। अन्दर के समान को पानी से खराब न होने देने वाले थैलों में कपड़े डालकर, गलियों में रहने वाले बेघर लोगों के लिए निर्धारित स्थानों पर टांग दिए जाते हैं। उन थैलों पर लिखा होता है: “मैं तुम्हारी दशा के प्रति उदासीन नहीं हूँ; यदि तुम्हें ठंड लग रही है, तो मैं तुम्हारे लिए हूँ।” यह प्रयास न केवल उन बेघर लोगों को गर्म रखता है, वरन समाज को उनकी सहायता करना भी सिखाता है जो किसी आवश्यकता में हैं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में कंगालों की सहायता करने के महत्व को बताया गया है, और निर्देश दिया गया है कि उनके प्रति “हाथ ढीला” रखें (व्यवस्थाविवरण 15:11)। हमारे सामने निर्धनों के कष्ट के प्रति आँखें मूँद लेने, और जो संसाधन परमेश्वर ने हमें प्रदान किए हैं उन्हें अपने ही लिए जकड़ कर रखने का प्रलोभन हो सकता है। किन्तु परमेश्वर हमें चुनौती देता है कि क्योंकि आवश्यकता में पड़े लोग हमारे चारों ओर सदा ही होंगे, इसलिए हम उनके प्रति उदार रवैया रखें (पद 10)। प्रभु यीशु ने कहा कि निर्धनों को देने के द्वारा हम स्वर्ग में एक स्थाई धन एकत्रित करते हैं (लूका 12:33)।

          हो सकता है कि परमेश्वर के अतिरिक्त और कोई हमारी उदारता को न जानने पाए; किन्तु जब हम उदारता से देते हैं तो हम न केवल अपने आस-पास के लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं वरन उस आनन्द का भी अनुभव करते हैं जो दूसरों की सहायता करने के द्वारा परमेश्वर हमें देता है।

          प्रभु परमेश्वर हमें ऐसा मन दे कि हमारे पास आवश्यकता में पड़े लोगों को देखने वाली आँखें और उदारता से उनकी सहायता के लिए बढ़ने वाले हाथ हों। जैसे प्रभु हमारी आवश्यकता पूरी करता है, वैसे ही हम भी औरों की आवश्यकताओं को पूरा करने में योगदान दें। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

उदारता परमेश्वर के सप्रेम और विश्वासयोग्य प्रावधानों में हमारे भरोसे को व्यक्त करती है।


अपनी संपत्ति बेचकर दान कर दो; और अपने लिये ऐसे बटुए बनाओ, जो पुराने नहीं होते, अर्थात स्वर्ग पर ऐसा धन इकट्ठा करो जो घटता नहीं और जिस के निकट चोर नहीं जाता, और कीड़ा नहीं बिगाड़ता। क्योंकि जहां तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा मन भी लगा रहेगा। - लूका 12:33-34

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 15:7-11

व्यवस्थाविवरण 15:7 जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसके किसी फाटक के भीतर यदि तेरे भाइयों में से कोई तेरे पास दरिद्र हो, तो अपने उस दरिद्र भाई के लिये न तो अपना हृदय कठोर करना, और न अपनी मुट्ठी कड़ी करना;

व्यवस्थाविवरण 15:8 जिस वस्तु की घटी उसको हो, उसका जितना प्रयोजन हो उतना अवश्य अपना हाथ ढीला कर के उसको उधार देना।

व्यवस्थाविवरण 15:9 सचेत रह कि तेरे मन में ऐसी अधम चिन्ता न समाए, कि सातवां वर्ष जो छुटकारे का वर्ष है वह निकट है, और अपनी दृष्टि तू अपने उस दरिद्र भाई की ओर से क्रूर कर के उसे कुछ न दे, और वह तेरे विरुद्ध यहोवा की दुहाई दे, तो यह तेरे लिये पाप ठहरेगा।

व्यवस्थाविवरण 15:10 तू उसको अवश्य देना, और उसे देते समय तेरे मन को बुरा न लगे; क्योंकि इसी बात के कारण तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे सब कामों में जिन में तू अपना हाथ लगाएगा तुझे आशीष देगा।

व्यवस्थाविवरण 15:11 तेरे देश में दरिद्र तो सदा पाए जाएंगे, इसलिये मैं तुझे यह आज्ञा देता हूं कि तू अपने देश में अपने दीन-दरिद्र भाइयों को अपना हाथ ढीला कर के अवश्य दान देना।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 13-14
  • यूहन्ना 12:1-26


शनिवार, 16 जनवरी 2021

बाँटना

 

          मेरे सबसे छोटे बेटे ने रोते हुए चिल्लाकर कहा, “पर मैं बांटना नहीं चाहता हूँ”; उसके रोने में उसका टूटा हुआ हृदय पता चल रहा था – वह अपने खिलौनों में से एक को भी किसी और के साथ बाँटना नहीं चाहता था। मुझे उसका यह व्यवहार बचकाना और अनुचित लगा, परन्तु वास्तविकता यही है कि इस प्रकार का व्यवहार बच्चों तक ही सीमित नहीं है। मेरे अपने जीवन और सभी मनुष्यों के जीवनों में कितनी ही बार यह भावना देखी जाती है – ढीठ और ज़िद्दी होकर अपनी वस्तुओं को लेकर उदार नहीं होना, उन्हें औरों के साथ बिलकुल भी नहीं बाँटना।

          हम मसीही विश्वासियों को अपने जीवन औरों के साथ बाँटने की शिक्षा दी गई है। परमेश्वर के वचन बाइबल में रूत ने अपनी सास नाओमी के साथ यही किया था। नाओमी एक निर्धन विधवा थी, जिसके पास अपनी परदेशिन  विधवा बहू रूत को देने के लिए अब कुछ नहीं बचा था। फिर भी रूत ने अपने जीवन को अपनी सास के जीवन के साथ जोड़ लिया, और उससे प्रतिज्ञा की, कि वह जीवन भर उसके साथ रहेगी, किसी भी परिस्थिति में उसे नहीं छोड़ेगी। रूत ने नाओमी से कहा, “तू मुझ से यह बिनती न कर, कि मुझे त्याग तथा छोड़कर लौट जा; क्योंकि जिधर तू जाए उधर मैं भी जाऊंगी; जहां तू टिके वहां मैं भी टिकूंगी; तेरे लोग मेरे लोग होंगे, और तेरा परमेश्वर मेरा परमेश्वर होगा” (रूत 1:16)। रूत ने बिना किसी शर्त के अपने आप को उदारता से उस वृद्ध विधवा को दे दिया; उस से प्रेम और कृपा दिखाई।

          इस प्रकार से किसी के साथ अपने जीवनों को बाँटना कठिन हो सकता है, किन्तु हमें ऐसी उदारता के प्रतिफल भी ध्यान रखने चाहिएँ। रूत ने अपना जीवन नाओमी के साथ बाँटा, वह अपने देश और लोगों को छोड़कर नाओमी के साथ इस्राएल आ गई। जहाँ पर परमेश्वर ने उसका विवाह नाओमी के एक धनी रिश्तेदार के साथ करवा दिया; उस विवाह से जन्मा रूत का पुत्र इस्राएल के सर्वोत्तम राजा दाऊद का दादा, और हमारे तथा समस्त जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु का पूर्वज हुआ। प्रभु यीशु ने अपना जीवन हमारे साथ बाँटा, और परमेश्वर ने उसे अति महान कर दिया, और प्रतिज्ञा दी कि इस लोक और परलोक के प्रत्येक व्यक्ति का घुटना प्रभु के सामने झुकेगा।

          जब हम उदारता से औरों के साथ बाँटते हैं, तब हम निश्चित रह सकते हैं कि हम और भी उत्तम जीवन को अनुभव करेंगे। - पीटर चिन

 

औरों की देखभाल के द्वारा परमेश्वर के प्रेम को उनके साथ बाँटें।


इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है। कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें। - फिलिप्पियों 2:9-10

बाइबल पाठ: रूत 1:11-18

रूत 1:11 नाओमी ने कहा, हे मेरी बेटियों, लौट जाओ, तुम क्यों मेरे संग चलोगी? क्या मेरी कोख में और पुत्र हैं जो तुम्हारे पति हों?

रूत 1:12 हे मेरी बेटियों, लौटकर चली जाओ, क्योंकि मैं पति करने को बूढ़ी हूं। और चाहे मैं कहती भी, कि मुझे आशा है, और आज की रात मेरे पति होता भी, और मेरे पुत्र भी होते,

रूत 1:13 तौभी क्या तुम उनके सयाने होने तक आशा लगाए ठहरी रहतीं? और उनके निमित्त पति करने से रुकी रहतीं? हे मेरी बेटियों, ऐसा न हो, क्योंकि मेरा दु:ख तुम्हारे दु:ख से बहुत बढ़कर है; देखो, यहोवा का हाथ मेरे विरुद्ध उठा है।

रूत 1:14 तब वे फिर से उठीं; और ओर्पा ने तो अपनी सास को चूमा, परन्तु रूत उस से अलग न हुई।

रूत 1:15 तब उसने कहा, देख, तेरी जिठानी तो अपने लोगों और अपने देवता के पास लौट गई है; इसलिये तू अपनी जिठानी के पीछे लौट जा।

रूत 1:16 रूत बोली, तू मुझ से यह बिनती न कर, कि मुझे त्याग तथा छोड़कर लौट जा; क्योंकि जिधर तू जाए उधर मैं भी जाऊंगी; जहां तू टिके वहां मैं भी टिकूंगी; तेरे लोग मेरे लोग होंगे, और तेरा परमेश्वर मेरा परमेश्वर होगा;

रूत 1:17 जहां तू मरेगी वहां मैं भी मरूंगी, और वहीं मुझे मिट्टी दी जाएगी। यदि मृत्यु छोड़ और किसी कारण मैं तुझ से अलग होऊं, तो यहोवा मुझ से वैसा ही वरन उस से भी अधिक करे।

रूत 1:18 जब उसने यह देखा कि वह मेरे संग चलने को स्थिर है, तब उसने उस से और बात न कही।

 

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 39-40
  • मत्ती 11

मंगलवार, 25 अगस्त 2020

उदार


         हमारे चर्च के अगुवों ने, हमारे चर्च के इतिहास में जो कुछ परमेश्वर ने किया था, उसे दोहराने के पश्चात, चर्च समुदाय के सामने एक नए जिम को बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसके द्वारा वे हमारे समुदाय की सेवा और अच्छे से करने पाएँगे। उन अगुवों ने यह भी कहा कि उस निर्माण-कार्य के लिए धन दान करने के प्रतिज्ञा-पत्रों पर सबसे पहले वे लोग हस्ताक्षर करेंगे। इस आवश्यकता के लिए अपनी ओर से देने के लिए मैंने पहले तो मन मारकर प्रार्थना की, मैं नहीं चाहती थी कि हम पहले से ही जो चर्च को देने का निर्णय ले चुके थे, उससे अधिक कुछ दें। फिर भी मैंने तथा मेरे पति ने इस निर्माण कार्य के लिए प्रार्थना करने का फैसला लिया। परमेश्वर जो कुछ हमारे लिए करता आ रहा था, जो कुछ देता आ रहा था, उस सब को ध्यान में रखते हुए हमने प्रति माह कुछ देते रहने का निर्णय लिया। हमारे चर्च-परिवार द्वारा दी गई संयुक्त भेंटों ने उस नए भवन को बनाने के लिए आवश्यक धान-राशि को उपलब्ध करवा दिया।

         हम आभारी हैं कि उसके बन जाने के बाद से परमेश्वर ने उस जिम को कैसे समुदाय के कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए विभिन्न प्रकार से उपयोग किया है। इससे मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में एक अन्य उदार दानी – राजा दाऊद का ध्यान आता है। यद्यपि परमेश्वर ने उसे अपना मंदिर बनवाने के लिए नहीं चुना था, फिर भी दाऊद ने उसके पास उपलब्ध सभी संसाधनों को इस परियोजना में लगा दिया (1 इतिहास 29:1-5)। उसके अधीन कार्य करने वाले अगुवों,और उन लोगों ने भी जिनकी वे सेवा करते थे, उदारता से दिया (पद 6-9)। राजा ने स्वीकार किया कि उन्होंने जो कुछ भी दिया था, वह सब पहले उन्हें परमेश्वर ने दिया था – उसने जो सृष्टिकर्ता, पालनहार, और प्रत्येक वस्तु का स्वामी है (पद 10-16)।

         जब हम यह पहचान लेते हैं कि परमेश्वर ही सभी वस्तुओं का वास्तविक स्वामी है, तो फिर हमारे लिए उदारता, कृतज्ञता, और विश्वासयोग्यता के साथ औरों की भलाई के लिए देना सहज हो जाता है। और साथ ही हम यह भी विश्वास रख सकते हैं कि हमारी आवश्यकता के समय में परमेश्वर हमारे लिए प्रावधान करेगा, और अन्य लोगों की उदारता का हमारे लिए प्रयोग करेगा। - होकिटिल डिक्सन

 

परमेश्वर पहले देता है, और वह सबसे उदार देने वाले से भी कहीं अधिक दे देता है।


सो जैसे हर बात में अर्थात विश्वास, वचन, ज्ञान और सब प्रकार के यत्‍न में, और उस प्रेम में, जो हम से रखते हो, बढ़ते जाते हो, वैसे ही इस दान के काम में भी बढ़ते जाओ। - 2 कुरिन्थियों 8:7

बाइबल पाठ: 1 इतिहास 29:1-14

1 इतिहास 29:1 फिर राजा दाऊद ने सारी सभा से कहा, मेरा पुत्र सुलैमान सुकुमार लड़का है, और केवल उसी को परमेश्वर ने चुना है; काम तो भारी है, क्योंकि यह भवन मनुष्य के लिये नहीं, यहोवा परमेश्वर के लिये बनेगा।

1 इतिहास 29:2 मैं ने तो अपनी शक्ति भर, अपने परमेश्वर के भवन के निमित्त सोने की वस्तुओं के लिये सोना, चान्दी की वस्तुओं के लिये चान्दी, पीतल की वस्तुओं के लिये पीतल, लोहे की वस्तुओं के लिये लोहा, और लकड़ी की वस्तुओं के लिये लकड़ी, और सुलैमानी पत्थर, और जड़ने के योग्य मणि, और पच्ची के काम के लिये रंग रंग के नग, और सब भांति के मणि और बहुत संगमरमर इकट्ठा किया है।

1 इतिहास 29:3 फिर मेरा मन अपने परमेश्वर के भवन में लगा है, इस कारण जो कुछ मैं ने पवित्र भवन के लिये इकट्ठा किया है, उस सब से अधिक मैं अपना निज धन भी जो सोना चान्दी के रूप में मेरे पास है, अपने परमेश्वर के भवन के लिये दे देता हूँ।

1 इतिहास 29:4 अर्थात तीन हजार किक्कार ओपीर का सोना, और सात हजार किक्कार तपाई हुई चान्दी, जिस से कोठरियों की भीतें मढ़ी जाएं।

1 इतिहास 29:5 और सोने की वस्तुओं के लिये सोना, और चान्दी की वस्तुओं के लिये चान्दी, और कारीगरों से बनाने वाले सब प्रकार के काम के लिये मैं उसे देता हूँ। और कौन अपनी इच्छा से यहोवा के लिये अपने को अर्पण कर देता है?

1 इतिहास 29:6 तब पितृों के घरानों के प्रधानों और इस्राएल के गोत्रों के हाकिमों और सहस्रपतियों और शतपतियों और राजा के काम के अधिकारियों ने अपनी अपनी इच्छा से,

1 इतिहास 29:7 परमेश्वर के भवन के काम के लिये पांच हजार किक्कार और दस हजार दर्कनोन सोना, दस हजार किक्कार चान्दी, अठारह हजार किक्कार पीतल, और एक लाख किक्कार लोहा दे दिया।

1 इतिहास 29:8 और जिनके पास मणि थे, उन्होंने उन्हें यहोवा के भवन के खजाने के लिये गेर्शोनी यहीएल के हाथ में दे दिया।

1 इतिहास 29:9 तब प्रजा के लोग आनन्दित हुए, क्योंकि हाकिमों ने प्रसन्न हो कर खरे मन और अपनी अपनी इच्छा से यहोवा के लिये भेंट दी थी; और दाऊद राजा बहुत ही आनन्दित हुआ।

1 इतिहास 29:10 तब दाऊद ने सारी सभा के सम्मुख यहोवा का धन्यवाद किया, और दाऊद ने कहा, हे यहोवा! हे हमारे मूल पुरुष इस्राएल के परमेश्वर! अनादिकाल से अनन्तकाल तक तू धन्य है।

1 इतिहास 29:11 हे यहोवा! महिमा, पराक्रम, शोभा, सामर्थ्य और वैभव, तेरा ही है; क्योंकि आकाश और पृथ्वी में जो कुछ है, वह तेरा ही है; हे यहोवा! राज्य तेरा है, और तू सभों के ऊपर मुख्य और महान ठहरा है।

1 इतिहास 29:12 धन और महिमा तेरी ओर से मिलती हैं, और तू सभों के ऊपर प्रभुता करता है। सामर्थ्य और पराक्रम तेरे ही हाथ में हैं, और सब लोगों को बढ़ाना और बल देना तेरे हाथ में है।

1 इतिहास 29:13 इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर! हम तेरा धन्यवाद और तेरे महिमायुक्त नाम की स्तुति करते हैं।

 1 इतिहास 29:14 मैं क्या हूँ? और मेरी प्रजा क्या है? कि हम को इस रीति से अपनी इच्छा से तुझे भेंट देने की शक्ति मिले? तुझी से तो सब कुछ मिलता है, और हम ने तेरे हाथ से पाकर तुझे दिया है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 119:1-88
  • 1 कुरिन्थियों 7:20-40

शनिवार, 4 अप्रैल 2020

सहायता



     एक अत्याधिक गरम दिन में, आठ वर्षीय कारमाइन मैकडैनियल यह सुनिशचित करना चाहता था कि उन्हें डाक बांटने वाले डाकिए के लिए ठंडा पानी और स्फूर्तिदायक ठंडा पेय उपलब्ध हो। इसलिए उसने अपने घर के बरामदे में एक कूलर में ठन्डे पानी की बोतलें और एक ठंडा पेय रख दिया। उसके परिवार द्वारा सुरक्षा के लिए लगाए गए कैमरे में, उन वस्तुओं को देखकर, डाकिए की प्रतिक्रिया रिकॉर्ड हो गई: “अरे वाह, पानी और पेय! परमेश्वर आपका धन्यवाद, धन्यवाद!” कारमाइन की माँ ने कहा, “कारमाइन को लगता है कि चाहे वे घर पर न भी हों, तो भी यह उनका कर्तव्य है कि डाकिए को कुछ ठंडा पीने के लिए उपलब्ध रहे।”

     यह कहानी हमारे हृदयों को छूती है, किन्तु साथ ही हमें यह भी स्मरण करवाती है कि कोई है जो हमारी “हर एक घटी को पूरा करेगा” जैसा कि परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने लिखा। यह लिखते समय पौलुस जेल में बंदी था और उसका भविष्य अनिश्चित था। उसने फिलिप्पी के मसीही विश्वासियों के प्रति अपने आनन्द को व्यक्त किया, क्योंकि उनकी आर्थिक सहायता में हो कर परमेश्वर ने पौलुस की आवश्यकताओं को पूरा किया था। फिलिप्पी की मसीही मंडली धनी तो नहीं थी, परन्तु उदार अवश्य थी, और अपनी निर्धनता में भी वे पौलुस और अन्य लोगों की सहायता करते थे (2 कुरिन्थियों 8:1-4)। पौलुस ने लिखा की जिस प्रकार से उन्होंने उसकी सहायता तथा आवश्यकताओं की पूर्ति की थी, उसी प्रकार से परमेश्वर भी उनके लिए करेगा: “और मेरा परमेश्वर भी अपने उस धन के अनुसार जो महिमा सहित मसीह यीशु में है तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा” (फिलिप्पियों 4:19)।

     परमेश्वर अकसर अनेपक्षित स्त्रोतों से सहायता उपलब्ध करवा देता है; वह हमारी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए औरों को सहायातार्थ खड़ा करता है। जब हम उस पर भरोसा बनाए रखते हैं, तो जैसे पौलुस ने सीखा, हम भी पाएंगे कि सच्चे संतोष का स्त्रोत वही है, उसकी सहायता सदा उपलब्ध रहती है। - मार्विन विलियम्स

परमेश्वर के संसाधन, हमारी आवश्यकताओं से सदा बढ़कर होते हैं।

अब हे भाइयों, हम तुम्हें परमेश्वर के उस अनुग्रह का समाचार देते हैं, जो मकिदुनिया की कलीसियाओं पर हुआ है। कि क्‍लेश की बड़ी परीक्षा में उन के बड़े आनन्द और भारी कंगालपन के बढ़ जाने से उन की उदारता बहुत बढ़ गई। और उनके विषय में मेरी यह गवाही है, कि उन्होंने अपनी सामर्थ्य भर वरन सामर्थ्य से भी बाहर मन से दिया। और इस दान में और पवित्र लोगों की सेवा में भागी होने के अनुग्रह के विषय में हम से बार बार बहुत बिनती की। - 2 कुरिन्थियों 8:1-4

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 4:10-20
फिलिप्पियों 4:10 मैं प्रभु में बहुत आनन्‍दित हूं कि अब इतने दिनों के बाद तुम्हारा विचार मेरे विषय में फिर जागृत हुआ है; निश्‍चय तुम्हें आरम्भ में भी इस का विचार था, पर तुम्हें अवसर न मिला।
फिलिप्पियों 4:11 यह नहीं कि मैं अपनी घटी के कारण यह कहता हूं; क्योंकि मैं ने यह सीखा है कि जिस दशा में हूं, उसी में सन्‍तोष करूं।
फिलिप्पियों 4:12 मैं दीन होना भी जानता हूं और बढ़ना भी जानता हूं: हर एक बात और सब दशाओं में तृप्‍त होना, भूखा रहना, और बढ़ना-घटना सीखा है।
फिलिप्पियों 4:13 जो मुझे सामर्थ्य देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं।
फिलिप्पियों 4:14 तौभी तुम ने भला किया, कि मेरे क्‍लेश में मेरे सहभागी हुए।
फिलिप्पियों 4:15 और हे फिलप्‍पियो, तुम आप भी जानते हो, कि सुसमाचार प्रचार के आरम्भ में जब मैं ने मकिदुनिया से कूच किया तब तुम्हें छोड़ और किसी मण्‍डली ने लेने देने के विषय में मेरी सहयता नहीं की।
फिलिप्पियों 4:16 इसी प्रकार जब मैं थिस्सलुनीके में था; तब भी तुम ने मेरी घटी पूरी करने के लिये एक बार क्या वरन दो बार कुछ भेजा था।
फिलिप्पियों 4:17 यह नहीं कि मैं दान चाहता हूं परन्तु मैं ऐसा फल चाहता हूं, जो तुम्हारे लाभ के लिये बढ़ता जाए।
फिलिप्पियों 4:18 मेरे पास सब कुछ है, वरन बहुतायत से भी है: जो वस्तुएं तुम ने इपफ्रुदीतुस के हाथ से भेजी थीं उन्हें पाकर मैं तृप्‍त हो गया हूं, वह तो सुगन्‍ध और ग्रहण करने के योग्य बलिदान है, जो परमेश्वर को भाता है।
फिलिप्पियों 4:19 और मेरा परमेश्वर भी अपने उस धन के अनुसार जो महिमा सहित मसीह यीशु में है तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा।
फिलिप्पियों 4:20 हमारे परमेश्वर और पिता की महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • रूत 1-4
  • लूका 8:1-25



बुधवार, 26 फ़रवरी 2020

देना



      जब मेरा बेटा, ज़ेवियर छः वर्ष का था, तब मेरी एक सहेली अपने छोटे बच्चे को लेकर हमारे घर मुझ से मिलाने आई, और ज़ेवियर ने उस बच्चे को अपने कुछ खिलौने देने चाहे। मैं अपने बेटे की उदारता देख कर प्रसन्न हुई; फिर ज़ेवियर ने एक दुर्लभ खिलौना भी उस बच्चे को देने का प्रयास किया, जिसे खरीदने के लिए मेरे पति ने कई शहरों में अनेकों दुकानों में खोजा था। उस खिलौने की बहुमूल्यता को समझते हुए, मेरी सहेली ने विनम्रता से लेने से मना किया; परन्तु फिर भी ज़ेवियर ने उसे उनके बच्चे के हाथ में रख दिया, और कहा, “मेरे पिता मुझे बहुत से खिलौने देते हैं कि मैं उन्हें साझा करूं।”

      यद्यपि मैं यह कहना चाहूँगी कि ज़ेवियर ने इस प्रकार से उदारता से देना मुझ से सीखा है; परन्तु सत्य यह है कि कई बार मैंने मेरे पास उपलब्ध संसाधनों को परमेश्वर तथा औरों से बचा कर रखा है। परन्तु जब मैं यह स्मरण करती हूँ कि मेरा स्वर्गीय पिता मेरी हर आवश्यकता को मुझे प्रदान करता है, तो मेरे लिए उन्हें साझा करना सहज हो जाता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि परमेश्वर ने इस्राएलियों को आज्ञा दी कि वे उस पर उनके भरोसे को, उन्हें परमेश्वर से मिली वस्तुओं को लेवियों के साथ साझा करने के द्वारा प्रदर्शित करें और लेवी भी उन लोगों की सहायता करें जो आवश्यकता में पड़े हों। जब लोगों ने ऐसा नहीं किया, तो मलाकी नबी में होकर परमेश्वर ने उन से कहा कि वे परमेश्वर से चोरी कर रहे हैं (मलाकी  3:8-9)। परन्तु यदि वे स्वेच्छा से देते, यह दिखाते हुए कि वे परमेश्वर पर भरोसा करते हैं कि तो वह अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार उन्हें देगा और सुरक्षित रखेगा (पद 10-11), और फिर इससे अन्य लोग उन्हें परमेश्वर द्वारा आशीषित और धन्य लोग पहचानेंगे (पद 12)।

      हम चाहे अपने पैसों का ध्यान कर रहे हों, या अपने समय का, या उन वरदानों का जो परमेश्वर ने हमें दिए हैं, दान देना परमेश्वर की आराधना का एक तरीका हो सकता है। स्वेच्छा तथा उदारता से दान देना परमेश्वर पिता, जो स्वयं एक महान दानी है, की देखभाल में हमारे भरोसे को दिखाता है। - जोशील डिक्सन

निःसंकोच और उदारता से देना परमेश्वर में हमारे भरोसे को दिखता है।

और परमेश्वर सब प्रकार का अनुग्रह तुम्हें बहुतायत से दे सकता है जिस से हर बात में और हर समय, सब कुछ, जो तुम्हें आवश्यक हो, तुम्हारे पास रहे, और हर एक भले काम के लिये तुम्हारे पास बहुत कुछ हो। - 2 कुरिन्थियों 9:8

बाइबल पाठ: मलाकी 3:8-12
Malachi 3:8 क्या मनुष्य परमेश्वर को धोखा दे सकता है? देखो, तुम मुझ को धोखा देते हो, और तौभी पूछते हो कि हम ने किस बात में तुझे लूटा है? दशमांश और उठाने की भेंटों में।
Malachi 3:9 तुम पर भारी शाप पड़ा है, क्योंकि तुम मुझे लूटते हो; वरन सारी जाति ऐसा करती है।
Malachi 3:10 सारे दशमांश भण्डार में ले आओ कि मेरे भवन में भोजनवस्तु रहे; और सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि ऐसा कर के मुझे परखो कि मैं आकाश के झरोखे तुम्हारे लिये खोल कर तुम्हारे ऊपर अपरम्पार आशीष की वर्षा करता हूं कि नहीं।
Malachi 3:11 मैं तुम्हारे लिये नाश करने वाले को ऐसा घुड़कूंगा कि वह तुम्हारी भूमि की उपज नाश न करेगा, और तुम्हारी दाखलताओं के फल कच्चे न गिरेंगे, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
Malachi 3:12 तब सारी जातियां तुम को धन्य कहेंगी, क्योंकि तुम्हारा देश मनोहर देश होगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।

एक साल में बाइबल: 

  • गिनती 15-16
  • मरकुस 6:1-29


बुधवार, 19 फ़रवरी 2020

उदार



      हम चर्च से लौट रहे थे, और हमारी छोटी बेटी गाड़ी की पिछली सीट पर बैठी बिस्कुट खा रही थी, जबकि हमारे अन्य बच्चे उससे आग्रह कर रहे थे कि वह अपने बिस्कुट उनके साथ भी बाँटे, जिसके लिए वह कतई राज़ी नहीं हो रही थी। मैंने उस से पूछा, “तुमने आज सन्डे स्कूल क्लास में क्या सीखा?” उसने बताया कि उन्होंने प्रभु यीशु द्वारा पांच रोटी और दो मछली द्वारा पांच हज़ार को खिलाए जाने की कहानी सीखी (यूहन्ना 6:1-13), और फिर रोटी और मछली रखने के लिए एक छोटी टोकरी भी बनाई।

      मैंने इस बात को उपयोग करके उसे उदार होना सिखाने के लिए अपनी बेटी से कहा, “उस छोटे लड़के ने जो यह कार्य किया क्या वह बहुत अच्छा नहीं था? वैसे ही क्यों न वह भी अपने बिस्कुट अपने भाई-बहिनों से बांटे?” तुरंत ही उसने उत्तर दिया, “नहीं मामा” और मेरे बहुत प्रोत्साहित करने के बाद भी वह अपने बिस्कुट बांटने को तैयार नहीं हुई। उसका तर्क था कि उसके पास इतने बिस्कुट हैं ही नहीं जो सबके लिए प्रयाप्त हो सकेंगे।

      औरों के साथ बाँटना कठिन होता है; जो हमारे पास है और हमें दिखाई दे रहा है उसे ही अपने लिए थामे रहना सहज होता है। हम भी मेरी बेटी और संसार के अधिकाँश लोगों के समान यही हिसाब लगाते हैं कि जो हमारे पास है वह सब के लायक पर्याप्त नहीं है, और इसलिए यदि हम उसे बाँट देंगे तो न हमारे पास प्रयाप्त रहेगा और न ही औरों को पर्याप्त मिलेगा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस हमें स्मरण करवाता है कि हमारे पास जो कुछ भी है वह हमें परमेश्वर से ही मिला है, जो हमें और भी फलवन्त करना चाहता है, और चाहता है की हम उदार बनें (2 कुरिन्थियों 9:10-11)। स्वर्ग का गणित पृथ्वी के गणित से बहुत भिन्न है; स्वर्ग के गणित के अनुसार, बाँटने से बढ़ोतरी होती है, और देने से बहुतायत आती है। हम निःसंकोच होकर और आनन्द के साथ उदार होकर बाँट सकते हैं, क्योंकि परमेश्वर ने हमारी देखभाल का वायदा किया है, और जैसे हम औरों के प्रति उदार होंगे, वह भी हमारे प्रति उदार बनेगा। - लीसा सामरा

जब हम यह विश्वास करते हैं की परमेश्वर भला है, 
तो हमें उसकी भलाइयों को उदारता के साथ औरों के साथ बाँटना चाहिए।

परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है, कि जो वाचा उसने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है। - व्यवस्थाविवरण 8:18

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 9:10-15
2 Corinthians 9:10 सो जो बोने वाले को बीज, और भोजन के लिये रोटी देता है वह तुम्हें बीज देगा, और उसे फलवन्‍त करेगा; और तुम्हारे धर्म के फलों को बढ़ाएगा।
2 Corinthians 9:11 कि तुम हर बात में सब प्रकार की उदारता के लिये जो हमारे द्वारा परमेश्वर का धन्यवाद करवाती है, धनवान किए जाओ।
2 Corinthians 9:12 क्योंकि इस सेवा के पूरा करने से, न केवल पवित्र लोगों की घटियां पूरी होती हैं, परन्तु लोगों की ओर से परमेश्वर का बहुत धन्यवाद होता है।
2 Corinthians 9:13 क्योंकि इस सेवा से प्रमाण ले कर वे परमेश्वर की महिमा प्रगट करते हैं, कि तुम मसीह के सुसमाचार को मान कर उसके आधीन रहते हो, और उन की, और सब की सहायता करने में उदारता प्रगट करते रहते हो।
2 Corinthians 9:14 ओर वे तुम्हारे लिये प्रार्थना करते हैं; और इसलिये कि तुम पर परमेश्वर का बड़ा ही अनुग्रह है, तुम्हारी लालसा करते रहते हैं।
2 Corinthians 9:15 परमेश्वर को उसके उस दान के लिये जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद हो।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 25
  • मरकुस 1:23-45



मंगलवार, 3 सितंबर 2019

आराधना



      मैं लेखन के द्वारा परमेश्वर की सेवा और आराधना करती हूँ; अब यह मेरे लिए और भी अधिक महत्वपूर्ण इसलिए हो गया है क्योंकि अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण मेरा चलना-फिरना और एक से दूसरे स्थान को जाना बहुत सीमित हो गया है। इसलिए जब एक जानकार ने मुझ से कहा कि उसे मेरे लेखों में कुछ भी महत्व का नहीं मिलता है तो मैं बहुत निराश हुई। मुझे परमेश्वर को अर्पित की गई अपनी इस छोटी आराधना के महत्व पर संदेह होने लगा।

      लेकिन मेरे पति, परिवार-जनों, और मित्रों ने मुझे प्रोत्साहित किया, और उनकी सहायता तथा परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन, और प्रार्थना के द्वारा मैंने प्रभु परमेश्वर से पुष्टि प्राप्त की, कि केवल मेरा प्रभु परमेश्वर ही है जो मेरी उस आराधना का आँकलन और महत्व निर्धारित कर सकता है तथा करता है – किसी भी मनुष्य की आंकलन और राय का उसमें कोई स्थान नहीं है। फिर मैंने सभी उपहारों को देने वाले मेरे प्रभु परमेश्वर से प्रार्थना की, कि वह मेरी सहायता करता रहे, लिखने के मेरे इस कौशल को और अधिक विक्सित करने तथा उसके द्वारा मुझे प्रदान किए जा रहे संसाधनों को औरों के साथ बाँटने में मुझे और उन्नत करे।

      बाइबल में हम प्रभु यीशु द्वारा परमेश्वर के आँकलन के माप-दण्ड का मनुष्यों के माप-दण्ड से भिन्न होने के संबंध में एक घटना पढ़ते हैं (मरकुस 12:41-44)। प्रभु मंदिर में लोगों द्वारा दीए जा रहे दान को देख रहे थे। धनी लोग तो मंदिर के खजाने में बहुत धन डाल रहे थी, परन्तु एक कंगाल विधवा ने अपना सब कुछ – दो दमड़ी – ही डाला। परन्तु प्रभु यीशु ने कहा कि उस विधवा ने सबसे अधिक दान डाला है, यद्यपि सांसारिक मानकों के आधार पर उसके द्वारा डाला गया पैसा न के बराबर था।

      यद्यपि उस विधवा की यह घटना दान में डाले गए धन की मात्रा पर केंद्रित है, परन्तु परमेश्वर को दिया गया कुछ भी उसके प्रति प्रेम, आदर और आराधना का सूचक हो सकता है। उस विधवा के समान, जब हम परमेश्वर द्वारा हमें दिए गए संसाधनों में से  स्वेच्छा से उदार और बलिदान रूपी भाग परमेश्वर को अर्पित करते हैं, तो हम उस से उसका आदर और आराधना करते हैं। हमारे द्वारा परमेश्वर को अपने समय, कौशल, और धन का सर्वोत्तम भाग दिया जाना, उसके प्रति हमारी आराधना का स्वरूप है। - जोशील डिक्सन


परमेश्वर के प्रति हमारे प्रेम के अन्तर्गत उसे अर्पित की गई बलिदान रूपी भेंटें, 
हमारी आराधना की अमूल्य अभिव्यक्ति हैं।

यहोवा के नाम की ऐसी महिमा करो जो उसके योग्य है; भेंट ले कर उसके आंगनों में आओ! – भजन 96:8

बाइबल पाठ: मरकुस  12:38-44
Mark 12:38 उसने अपने उपदेश में उन से कहा, शस्‍त्रियों से चौकस रहो, जो लम्बे वस्‍त्र पहिने हुए फिरना।
Mark 12:39 और बाजारों में नमस्‍कार, और आराधनालयों में मुख्य मुख्य आसन और जेवनारों में मुख्य मुख्य स्थान भी चाहते हैं।
Mark 12:40 वे विधवाओं के घरों को खा जाते हैं, और दिखाने के लिये बड़ी देर तक प्रार्थना करते रहते हैं, ये अधिक दण्‍ड पाएंगे।
Mark 12:41 और वह मन्दिर के भण्‍डार के साम्हने बैठकर देख रहा था, कि लोग मन्दिर के भण्‍डार में किस प्रकार पैसे डालते हैं, और बहुत धनवानों ने बहुत कुछ डाला।
Mark 12:42 इतने में एक कंगाल विधवा ने आकर दो दमडिय़ां, जो एक अधेले के बराबर होती है, डालीं।
Mark 12:43 तब उसने अपने चेलों को पास बुलाकर उन से कहा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि मन्दिर के भण्‍डार में डालने वालों में से इस कंगाल विधवा ने सब से बढ़कर डाला है।
Mark 12:44 क्योंकि सब ने अपने धन की बढ़ती में से डाला है, परन्तु इस ने अपनी घटी में से जो कुछ उसका था, अर्थात अपनी सारी जीविका डाल दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 140-142
  • 1 कुरिन्थियों 14:1-20



गुरुवार, 22 अगस्त 2019

फसल



ग्रीष्म ऋतु के अन्त के समय हम इंग्लैण्ड के न्यू फॉरेस्ट नामक क्षेत्र में घूमने के लिए गए, हमने वहाँ जंगली झाड़ियों से फल चुने और आस-पास घोड़ों को अटखेलियाँ करते हुए देखने का आनन्द लिया। हम नहीं जानते थे कि उन मीठे रसभरे फलों के बीज किसने और कब डाले थे, शायद बहुत वर्ष पहले, परन्तु उनके द्वारा बोए गए बीजों की फसल का आनन्द आज हम उठा पा रहे थे, और इससे मुझे प्रभु यीशु द्वारा कहे गए शब्द स्मरण हो आए, “मैं ने तुम्हें वह खेत काटने के लिये भेजा, जिस में तुम ने परिश्रम नहीं किया” (यूहन्ना 4:38)।

      उन शब्दों में प्रतिबिंबित होने वाली परमेश्वर के राज्य की उदारतापूर्ण भलाई मुझे बहुत पसन्द है। परमेश्वर हमें किसी अन्य के परिश्रम के फलों का आनन्द लेने देता है, जैसे कि तब, जब हम किसी के साथ प्रभु यीशु मसीह के लिए अपने प्रेम की गवाही देते हैं, इस बात से अनजान कि उस व्यक्ति के परिवार जन उसके लिए वर्षों से प्रार्थनाएं कर रहे हैं कि वह प्रभु के बारे में जानें, जिसके परिणामस्वरूप हमें आज यह अवसर प्राप्त हुआ है।

      मुझे इस पद में, प्रभु यीशु के शब्दों में, निहित सीमा भी पसन्द है – कि हम ऐसे बीज भी बो सकते हैं जिनकी फसल हम नहीं वरन कोई और काटेगा। इसलिए हम हमारे समक्ष रखे गए कार्यों को करने में निश्चिन्त रह सकते हैं, इस चिन्ता द्वारा भरमाए जाए बिना कि परिणामों के लिए हम ही ज़िम्मेदार हैं। परमेश्वर भी कार्यरत है, और वह हम पर निर्भर नहीं है। उसके पास भरपूरी की फसल के लिए सभी संसाधन उपलब्ध हैं, और हम उसकी योजनाओं का एक भाग हैं।

      क्या हम पहचानते हैं कि मेरे सामने, आपके सामने तैयार फसल के कौन से खेत तैयार खड़े हैं? हम प्रभु यीशु के सप्रेम निर्देश: “अपनी आंखे उठा कर खेतों पर दृष्टि डालो, कि वे कटनी के लिये पक चुके हैं” (पद 35) का पालन करें। - एमी बाउचर पाई


हम औरों द्वारा बोए गए बीजों के फसल काट सकते हैं।

और उसने उन से कहा; पके खेत बहुत हैं; परन्तु मजदूर थोड़े हैं: इसलिये खेत के स्‍वामी से बिनती करो, कि वह अपने खेत काटने को मजदूर भेज दे। - लूका 10:2

बाइबल पाठ: यूहन्ना 4:35-38
John 4:35 क्या तुम नहीं कहते, कि कटनी होने में अब भी चार महीने पड़े हैं? देखो, मैं तुम से कहता हूं, अपनी आंखे उठा कर खेतों पर दृष्टि डालो, कि वे कटनी के लिये पक चुके हैं।
John 4:36 और काटने वाला मजदूरी पाता, और अनन्त जीवन के लिये फल बटोरता है; ताकि बोने वाला और काटने वाला दोनों मिलकर आनन्द करें।
John 4:37 क्योंकि इस पर यह कहावत ठीक बैठती है कि बोने वाला और है और काटने वाला और।
John 4:38 मैं ने तुम्हें वह खेत काटने के लिये भेजा, जिस में तुम ने परिश्रम नहीं किया: औरों ने परिश्रम किया और तुम उन के परिश्रम के फल में भागी हुए।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 110-112
  • 1 कुरिन्थियों 5



मंगलवार, 16 अप्रैल 2019

देना



      एक पास्टर ने चर्च के लोगों के सामने बेचैन करने वाली चुनौती रखते हुए कहा, “कैसा हो यदि हम अपने कोट उतार कर उन्हें दे दें जिनके पास नहीं हैं, और जिन्हें आवश्यकता है?” यह कहकर उसने अपना कोट उतारा और चर्च के आगे रख दिया। उसके बाद कई औरों ने भी उसके उदाहरण का अनुसरण किया और अपने कोट उतारकर सामने रख दिए। यह सर्दियों में हुआ, इसलिए कुछ के लिए उस दिन घर वापस जाना कुछ कम आरामदायक था, परन्तु कुछ अन्य के लिए सर्दी के उस मौसम में कुछ गर्माहट आ गई।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले ने उसके पास उसका सन्देश सुनने और बपतिस्मा लेने के लिए आने वालों को एक कड़ी चेतावनी दी। उसने कहा, “हे सांप के बच्चों... मन फिराव के योग्य फल लाओ” (लूका 3:7-8)। उन लोगों ने चकित होकर उससे पूछा “हम क्या करें?” इस पर जब, “लोगों ने उस से पूछा, तो हम क्या करें? उसने उन्हें उतर दिया, कि जिस के पास दो कुरते हों वह उसके साथ जिस के पास नहीं हैं बांट दे और जिस के पास भोजन हो, वह भी ऐसा ही करे” (पद 10-11)। सच्चा पश्चाताप उदार हृदय उत्पन्न करता है: “मैं ने तुम्हें सब कुछ कर के दिखाया, कि इस रीति से परिश्रम करते हुए निर्बलों को सम्भालना, और प्रभु यीशु की बातें स्मरण रखना अवश्य है, कि उसने आप ही कहा है; कि लेने से देना धन्य है” (प्रेरितों 20:35)।

      क्योंकि वचन में लिखा है कि “हर एक जन जैसा मन में ठाने वैसा ही दान करे न कुढ़ कुढ़ के, और न दबाव से, क्योंकि परमेश्वर हर्ष से देने वाले से प्रेम रखता है” (2 कुरिन्थियों 9:7); इसलिए देना कभी भी दोष-भावना या किसी दबाव से प्रेरित होकर नहीं होना चाहिए। जब हम मुक्त भाव से और उदारता से देते हैं, तो हम पाएँगे कि वास्तव में लेने से देना धन्य है। - टिम गुस्ताफसन


उदार प्राणी हृष्ट पुष्ट हो जाता है, और जो औरों की खेती सींचता है, उसकी भी सींची जाएगी। - नीतिवचन 11:25

बाइबल पाठ: लूका 3:7-14
Luke 3:7 जो भीड़ की भीड़ उस से बपतिस्मा लेने को निकल कर आती थी, उन से वह कहता था; हे सांप के बच्चों, तुम्हें किस ने जता दिया, कि आने वाले क्रोध से भागो।
Luke 3:8 सो मन फिराव के योग्य फल लाओ: और अपने अपने मन में यह न सोचो, कि हमारा पिता इब्राहीम है; क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि परमेश्वर इन पत्थरों से इब्राहीम के लिये सन्तान उत्पन्न कर सकता है।
Luke 3:9 और अब ही कुल्हाड़ा पेड़ों की जड़ पर धरा है, इसलिये जो जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में झोंका जाता है।
Luke 3:10 और लोगों ने उस से पूछा, तो हम क्या करें?
Luke 3:11 उसने उन्हें उतर दिया, कि जिस के पास दो कुरते हों वह उसके साथ जिस के पास नहीं हैं बांट दे और जिस के पास भोजन हो, वह भी ऐसा ही करे।
Luke 3:12 और महसूल लेने वाले भी बपतिस्मा लेने आए, और उस से पूछा, कि हे गुरू, हम क्या करें?
Luke 3:13 उसने उन से कहा, जो तुम्हारे लिये ठहराया गया है, उस से अधिक न लेना।
Luke 3:14 और सिपाहियों ने भी उस से यह पूछा, हम क्या करें? उसने उन से कहा, किसी पर उपद्रव न करना, और न झूठा दोष लगाना, और अपनी मजदूरी पर सन्‍तोष करना।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 30-31
  • लूका 13:23-35



रविवार, 19 अगस्त 2018

तुलना



      थॉमस जे. डीलॉन्ग, हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल के प्राध्यापक हैं, और उन्होंने अपने छात्रों और सहकर्मियों में एक विचलित करने वाली प्रवृत्ति देखी है – तुलना करने की धुन। उन्होंने लिखा, “पहले से कहीं अधिक बढ़कर...व्यवसाय मैनेजरों, आर्थिक विश्लेषकों, वकीलों, चिकित्सकों, और अन्य व्यावसायिक लोगों में यह प्रवृत्ति देखी जा रही है कि वे अपनी उपलब्धियों की तुलना दूसरों की उपलब्धियों के साथ करते हैं, ...यह व्यक्तियों और कंपनियों, दोनों के लिए हानिकारक है। जब आप सफलता की परिभाषा अपने स्वयँ के आतंरिक नहीं वरन औरों के बाहरी मापदण्डों के आधार पर करने लगते हैं, तब आप अपनी संतुष्टि और लगन को हलका करने लगते हैं।”

      तुलना करने की यह धुन कोई नई नहीं है। पवित्र शास्त्र, परमेश्वर का वचन बाइबल, हमें अपनी तुलना दूसरों के साथ करने के विषय सचेत करता है। हम जब तुलना करने लगते हैं तो, परमेश्वर ने जो हमें दिया है, उस पर और उसके कार्य पर ध्यान लगाने के स्थान पर, हम में घमण्ड आ सकता है, हम औरों को नीची दृष्टि से देखने लग सकते हैं (लूका 18:9-14); या फिर हम ईर्ष्यालु होकर औरों के समान बनने के प्रयास, अथवा, उन सब वस्तुओं की लालसा करने लगते हैं जो औरों के पास है (याकूब 4:1)। प्रभु यीशु ने कहा कि यह तुलना करने की प्रवृत्ति का आधार यह बात है कि परमेश्वर अन्यायी है, और उसे कोई अधिकार नहीं है कि वह हम से अधिक औरों के प्रति उदार हो (मत्ती 20:1-16)।

      परमेश्वर के अनुग्रह से, परमेश्वर ने जो कुछ हमें दिया है उसपर अपना ध्यान केंद्रित करने के द्वारा, हम इस तुलना करने की प्रवृत्ति से ऊपर उठ सकते हैं। जब हम अपनी दैनिक आशीषों के लिए परमेश्वर के धन्यवादी होते हैं, तो हमारे विचार भी परिवर्तित होते हैं, और हम इस पर भी विश्वास करने लगते हैं कि परमेश्वर भला है। - मारविन विलियम्स


परमेश्वर अपनी ही रीति से अपनी भलाई अपने बच्चों पर प्रकट करता है।  

पर सन्‍तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है। क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं। और यदि हमारे पास खाने और पहिनने को हो, तो इन्‍हीं पर सन्‍तोष करना चाहिए। पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं। - 1 तिमुथियुस 6:6-9

बाइबल पाठ: मत्ती 20:1-16
Matthew 20:1 स्वर्ग का राज्य किसी गृहस्थ के समान है, जो सबेरे निकला, कि अपने दाख की बारी में मजदूरों को लगाए।
Matthew 20:2 और उसने मजदूरों से एक दीनार रोज पर ठहराकर, उन्हें अपने दाख की बारी में भेजा।
Matthew 20:3 फिर पहर एक दिन चढ़े, निकल कर, और औरों को बाजार में बेकार खड़े देखकर,
Matthew 20:4 उन से कहा, तुम भी दाख की बारी में जाओ, और जो कुछ ठीक है, तुम्हें दूंगा; सो वे भी गए।
Matthew 20:5 फिर उसने दूसरे और तीसरे पहर के निकट निकलकर वैसा ही किया।
Matthew 20:6 और एक घंटा दिन रहे फिर निकलकर औरों को खड़े पाया, और उन से कहा; तुम क्यों यहां दिन भर बेकार खड़े रहे? उन्हों ने उस से कहा, इसलिये, कि किसी ने हमें मजदूरी पर नहीं लगाया।
Matthew 20:7 उसने उन से कहा, तुम भी दाख की बारी में जाओ।
Matthew 20:8 सांझ को दाख बारी के स्‍वामी ने अपने भण्‍डारी से कहा, मजदूरों को बुलाकर पिछलों से ले कर पहिलों तक उन्हें मजदूरी दे दे।
Matthew 20:9 सो जब वे आए, जो घंटा भर दिन रहे लगाए गए थे, तो उन्हें एक एक दीनार मिला।
Matthew 20:10 जो पहिले आए, उन्होंने यह समझा, कि हमें अधिक मिलेगा; परन्तु उन्हें भी एक ही एक दीनार मिला।
Matthew 20:11 जब मिला, तो वह गृहस्थ पर कुड़कुड़ा के कहने लगे।
Matthew 20:12 कि इन पिछलों ने एक ही घंटा काम किया, और तू ने उन्हें हमारे बराबर कर दिया, जिन्हों ने दिन भर का भार उठाया और घाम सहा?
Matthew 20:13 उसने उन में से एक को उत्तर दिया, कि हे मित्र, मैं तुझ से कुछ अन्याय नहीं करता; क्या तू ने मुझ से एक दीनार न ठहराया?
Matthew 20:14 जो तेरा है, उठा ले, और चला जा; मेरी इच्छा यह है कि जितना तुझे, उतना ही इस पिछले को भी दूं।
Matthew 20:15 क्या उचित नहीं कि मैं अपने माल से जो चाहूं सो करूं? क्या तू मेरे भले होने के कारण बुरी दृष्टि से देखता है?
Matthew 20:16 इसी रीति से जो पिछले हैं, वह पहिले होंगे, और जो पहिले हैं, वे पिछले होंगे।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 103-104
  • 1कुरिन्थियों 2