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गुरुवार, 27 मई 2021

स्मृति

 

          मेरी परवरिश एक ऐसे चर्च में हुई थी जिसमें बहुत सी प्रथाएँ मनाई जाती थीं। उनमें से एक प्रथा थी किसी प्रिय परिवार सदस्य या मित्र के देहांत के बाद उसे आदर देने की विधि की। आदर देने के लिए या तो चर्च के अन्दर बैठने की किसी बेंचों के कतार के सिरे पर, या फिर दीवार पर किसी चित्र को लगाकर उस पर एक पीतल की चमकती हुई पट्टिका लगा दी जाती थी जिस पर लिखा होता था “... की स्मृति में।” दिवंगत व्यक्ति का नाम वहाँ चमकता हुआ लिखा रहता था। मैंने सदा ही इन स्मारकों की सराहना की है, और अब भी करता हूँ। लेकिन फिर भी उन्हें देखकर कुछ निश्चल सा लगता है, क्योंकि वे स्थिर, निष्क्रिय वस्तुएँ हैं, जो “जीवित” नहीं हैं। और मैं सोचता हूँ क्या कोई तरीका है कि इसके साथ कुछ गतिमान या सक्रिय स्मृति को भी जोड़ा जा सके?

          परमेश्वर के वचन बाइबल में, उसके प्रिय मित्र योनातान के देहांत के बाद, दाऊद ने उससे किए गए अपने वायदे के निर्वाह (1 शमूएल 20:12-17), तथा उसकी स्मृति में कुछ करना चाहा। लेकिन यूँ ही किसी निष्क्रिय वस्तु को खोजने के स्थान पर, दाऊद ने खोज करवाई और एक जीवित को खोज निकाला – योनातान के पुत्र को (2 शमूएल 9:3)। यहाँ पर दाऊद का निर्णय नाटकीय है। उसने मपीबोशेत पर कृपा दिखानी चाही (पद 1, 6-7)। दाऊद ने उसकी जायदाद उसे फेर कर दे दी (“तेरे दादा की सारी भूमि”), और उसे अपने साथ हमेशा के लिए भोजन करते रहने (“तू मेरे साथ नित्य भोजन किया करेगा”) का अधिकार प्रदान किया।

          जब हम अपने दिवंगत प्रियजनों को स्मरण करते हैं, उनकी स्मृति में पट्टिकाएं और चित्र लगाते हैं, तो हम दाऊद के उदाहरण को भी ध्यान रखें और उनके प्रति भी कृपा दिखाएं जो अभी जीवित हैं। - जॉन ब्लेस

 

जिन्होंने हमारे प्रति कृपा की है, उनकी स्मृति में हम भी औरों पर कृपालु बने रहें।


निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करुणामय, और नम्र बनो। - 1 पतरस 3:8

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 9:1-7

2 शमूएल 9:1 दाऊद ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिस को मैं योनातान के कारण प्रीति दिखाऊं?

2 शमूएल 9:2 शाऊल के घराने का सीबा नाम एक कर्मचारी था, वह दाऊद के पास बुलाया गया; और जब राजा ने उस से पूछा, क्या तू सीबा है? तब उसने कहा, हां, तेरा दास वही है।

2 शमूएल 9:3 राजा ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिस को मैं परमेश्वर की सी प्रीति दिखाऊं? सीबा ने राजा से कहा, हां, योनातान का एक बेटा तो है, जो लंगड़ा है।

2 शमूएल 9:4 राजा ने उस से पूछा, वह कहां है? सीबा ने राजा से कहा, वह तो लोदबार नगर में, अम्मीएल के पुत्र माकीर के घर में रहता है।

2 शमूएल 9:5 तब राजा दाऊद ने दूत भेज कर उसको लोदबार से, अम्मीएल के पुत्र माकीर के घर से बुलवा लिया।

2 शमूएल 9:6 जब मपीबोशेत, जो योनातान का पुत्र और शाऊल का पोता था, दाऊद के पास आया, तब मुँह के बल गिर के दण्डवत किया। दाऊद ने कहा, हे मपीबोशेत! उसने कहा, तेरे दास को क्या आज्ञा?

2 शमूएल 9:7 दाऊद ने उस से कहा, मत डर; तेरे पिता योनातान के कारण मैं निश्चय तुझ को प्रीति दिखाऊंगा, और तेरे दादा शाऊल की सारी भूमि तुझे फेर दूंगा; और तू मेरी मेज पर नित्य भोजन किया कर।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 1-3
  • यूहन्ना 10:1-23

मंगलवार, 16 मार्च 2021

चिह्न

 

          आयोवा विश्वविद्यालय की बास्केटबॉल टीम का प्रतिष्ठित खिलाड़ी, जॉर्डन बोहानन, अपनी टीम के इतिहास में एक नया कीर्तिमान बनाने की कगार पर था, लेकिन उसने जानबूझकर बॉल को सही नहीं फेंका और उसके स्कूल का पच्चीस वर्ष पुराना कीर्तिमान बना रहा। उसने यह क्यों किया? वर्ष 1993 में आयोवा के क्रिस स्ट्रीट ने एक के बाद एक चौंतीस बार फ्री थ्रो में बॉल सही फेंक कर कीर्तिमान बनाया और उसके कुछ ही दिन के बाद एक कार दुर्घटना में उसकी मृत्यु हो गई। जॉर्डन ने अपनी प्रतिष्ठा के स्थान पर क्रिस की इस स्मृति को बनाए रखने को चुना, और उसके द्वारा स्थापित इस कीर्तिमान को नहीं तोड़ा।

          जॉर्डन ने अपनी उन्नति से अधिक महत्वपूर्ण बात पर ध्यान दिया। हम परमेश्वर के वचन बाइबल में युवा योद्धा दाऊद में भी यही भावना देखते हैं। दाऊद राजा शाऊल और शत्रु फिलिस्तियों की सेनाओं से जान बचा कर एक गुफा में अपने साथियों, जो उसकी ‘सेना’ भी थे, के साथ छुपा हुआ था। वहाँ उसके मन में अपने घर के स्थान बैतलहम के कुएँ का पानी पीने की तीव्र इच्छा हुई, लेकिन खतरनाक पलिस्तीनी लोग उसके चारों ओर बसे हुए थे (2 शमूएल 23:14-15)।

          हतप्रभ कर देने वाले बहादुरी दिखाते हुए उसके तीन साथियों ने पलिस्तियों का सामना किया, उनसे बच कर निकल गए, कुएँ से पानी लिया और दाऊद के पास ले आए। किन्तु दाऊद उसे पीने के लिए अपने आप को तैयार न कर सका, “और कहा, हे यहोवा, मुझ से ऐसा काम दूर रहे। क्या मैं उन मनुष्यों का लहू पीऊं जो अपने प्राणों पर खेल कर गए थे? इसलिये उसने उस पानी को पीने से इनकार किया” (2 शमूएल 23:17)।

          ऐसे संसार में जो अकसर उन्हें आदर देता है जो वह सब कुछ छीन और हथिया लेते है, जो वो ले सकते हैं, प्रेम और बलिदान के ऐसे कार्य कितने शक्तिशाली, और प्रोत्साहन देने वाली स्मृतियाँ हो सकते हैं! इस प्रकार के कार्य केवल एक चिह्न ही नहीं हैं; उनका महत्व चिह्न होने से कहीं बढ़कर है। - टिम गुस्ताफ्सन

 

हे पिता परमेश्वर मुझे औरों की आवश्यकताओं का ध्यान रखने वाला बनाएँ।


हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्ता करे। - फिलिप्पियों 2:4

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 23:13-17

2 शमूएल 23:13 फिर तीसों मुख्य सरदारों में से तीन जन कटनी के दिनों में दाऊद के पास अदुल्लाम नाम गुफा में आए, और पलिश्तियों का दल रपाईम नाम तराई में छावनी किए हुए था।

2 शमूएल 23:14 उस समय दाऊद गढ़ में था; और उस समय पलिश्तियों की चौकी बेतलेहेम में थी।

2 शमूएल 23:15 तब दाऊद ने बड़ी अभिलाषा के साथ कहा, कौन मुझे बेतलेहेम के फाटक के पास के कुएं का पानी पिलाएगा?

2 शमूएल 23:16 तो वे तीनों वीर पलिश्तियों की छावनी में टूट पड़े, और बेतलेहेम के फाटक के कुंए से पानी भर के दाऊद के पास ले आए। परन्तु उसने पीने से इनकार किया, और यहोवा के सामने अर्घ कर के उण्डेला,

2 शमूएल 23:17 और कहा, हे यहोवा, मुझ से ऐसा काम दूर रहे। क्या मैं उन मनुष्यों का लहू पीऊं जो अपने प्राणों पर खेल कर गए थे? इसलिये उसने उस पानी को पीने से इनकार किया। इन तीन वीरों ने तो ये ही काम किए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 28-29
  • मरकुस 14:54-72 

सोमवार, 10 फ़रवरी 2020

सर्वत्र विद्यमान



      हमारी एक पारिवारिक मित्र ने, जिसकी युवा बेटी भी हमारी युवा बेटी मेलिस्सा के समान ही एक कार दुर्घटना में जाती रही, अपने बेटी लिंडसे के लिए स्थानीय अखबार में श्रद्धांजलि लिखी। उसके द्वारा लिखी गई इस श्रद्धांजलि में एक बहुत प्रभावी वाक्य था; उसने लिंडसे की अनेकों फोटो और स्मृतियों को घर में स्थान-स्थान पर रखने के वर्णन के बाद लिखा, “वह सभी स्थानों पर है, परन्तु कहीं नहीं है।”

      यद्यपि हमारी बेटियाँ, मेलिस्सा और लिंडसे, अपनी फोटो में सदा ही हमारी और मुस्कुरा कर देख रही होती हैं, फिर भी उनका वह मुस्कुराता हुए व्यक्तित्व अब कहीं नहीं है। वे सर्वत्र हैं – हमारे मानों में, हमारे विचारों में, उन सभी फोटो और स्मृतियों में – परन्तु फिर भी कहीं नहीं हैं।

      परन्तु परमेश्वर का वचन बाइबल हमें आश्वस्त करता है कि उनके द्वारा मसीह यीशु में लाए गए विश्वास के कारण ऐसा नहीं है कि वे कहीं नहीं हैं। वे प्रभु यीशु की उपस्थिति में हैं, प्रभु के साथ हैं (2 कुरिन्थियों 5:8)। वे उसके साथ हैं जो एक प्रकार से सर्वत्र है, किन्तु दिखता नहीं है। हम परमेश्वर को शारीरिक स्वरूप में नहीं देखते हैं; न ही हमारे घरों में परमेश्वर के फोटो हैं। क्योंकि वह प्रगट नहीं है, इसलिए हमें यह आभास हो सकता है कि वह कहीं विद्यमान नहीं है। परन्तु सत्य इसके बिलकुल विपरीत है; वह सर्वत्र विद्यमान है!

      हम इस पृथ्वी पर चाहे जहाँ चले जाएं, परमेश्वर वहाँ विद्यमान है। वह हर स्थान पर हमारा मार्गदर्शन करने, हमें बल देने, हमें संभालने, और हमें शान्ति देने के लिए उपस्थित है। हम उसे देखते न हों, परन्तु वह सर्वत्र विद्यमान है। हमारी प्रत्येक परिक्षा के घड़ी में, यह हमारे लिए अद्भुत शांतिदायक तथ्य है। - डेव ब्रैनन

हमारे दुःख में हमारी सबसे बड़ी सांत्वना हमारे साथ परमेश्वर की उपस्थिति है।

वे परमेश्वर को ढूंढ़ें, कदाचित उसे टटोल कर पा जाएं तौभी वह हम में से किसी से दूर नहीं! क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते-फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं। - प्रेरितों 17:27-28

बाइबल पाठ: भजन 139:7-12
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है!
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं,
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा,
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 8-10
  • मत्ती 25:31-46



गुरुवार, 9 जनवरी 2020

स्मृति चिन्ह



      कई बार जब मैं इंटर्नेट चालू करके फेसबुक पर जाती हूँ, तो फेसबुक मुझे पिछले वर्षों में, उस दिन मैंने फेसबुक पर क्या पोस्ट किया था, उन बातों की स्मृतियाँ दिखाती है। ये स्मृतियाँ कुछ फोटो हो सकती हैं, जैसे कि मेरे भाई के विवाह की फोटो, या मेरी बेटी का मेरी दादी के साथ खेलने का वीडियो हो सकता है, और इन्हें देखकर अकसर मेरे चेहरे पर मुस्कराहट आ जाती है। परन्तु कभी-कभी उन स्मृतियों से कुछ भावुक बातें भी स्मरण हो आती हैं, जैसे कि मेरे बहनोई की कीमोथेरपी की याद, या मेरी माँ के मस्तिष्क के ओपरेशन के बाद की फोटो, आदि। ये सभी मुझे, मेरी हर परिस्थिति में मेरे साथ बनी रहने वाली परमेश्वर की भरोसेमंद उपस्थिति को स्मरण दिलाती हैं। फेसबुक की यह स्मृतियाँ मुझे परमेश्वर के प्रति धन्यवादी, और प्रार्थना करने वाला बनाने की ओर बढ़ावा देती हैं।

      हम सभी को स्मृतियों की आवशयकता होती है, नहीं तो हम कई बातों को जो परमेश्वर ने हमारे लिए की हैं भूल जाते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि जब यहोशू परमेश्वर के लोगों, इस्राएलियों, को वाचा किए हुए देश में बसाने के लिए लेकर चला, तो उन्हें उस देश में प्रवेश करने के लिए यर्दन नदी को पार करना था (यहोशू 3:15-16)। परमेश्वर ने यर्दन के पानी को विभाजित कर दिया, और उसके लोग सूखी भूमि पर से होकर पार उतर गए (पद 17)। इस आश्चर्यकर्म का स्मृति चिन्ह बनाने के लिए उन्होंने नदी में से बारह बड़े पत्थर उठाए और पार की भूमि पर उनका ढेर बना दिया (4:3, 6-7)। यह इसलिए था कि आते समयों में जब भी उनकी संतानें या कोई अन्य उनके बारे में पूछे तो परमेश्वर के लोग उन्हें बताएं कि उस दिन परमेश्वर ने उनके लिए क्या कर के दिया था।

      बीते समय में हमारे प्रति परमेश्वर की विश्वासयोग्यता के स्मृति-चिन्ह हमें उस पर अपने वर्तमान तथा भविष्य के लिए भरोसा बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। - एमी पीटरसन

बीते वर्षों में, और आते समयों के लिए, 
परमेश्वर की विश्वासयोग्यता के लिए उसका धन्यवाद।

यहोवा और उसकी सामर्थ को खोजो, उसके दर्शन के लगातार खोजी बने रहो! उसके किए हुए आश्चर्यकर्म स्मरण करो, उसके चमत्कार और निर्णय स्मरण करो! – भजन 105:4 - 5

बाइबल पाठ: यहोशू 3:14 - 4:7
Joshua 3:14 सो जब प्रजा के लोगों ने अपने डेरों से यरदन पार जाने को कूच किया, और याजक वाचा का सन्दूक उठाए हुए प्रजा के आगे आगे चले,
Joshua 3:15 और सन्दूक के उठाने वाले यरदन पर पहुंचे, और सन्दूक के उठाने वाले याजकों के पांव यरदन के तीर के जल में डूब गए (यरदन का जल तो कटनी के समय के सब दिन कड़ारों के ऊपर ऊपर बहा करता है),
Joshua 3:16 तब जो जल ऊपर की ओर से बहा आता था वह बहुत दूर, अर्थात आदाम नगर के पास जो सारतान के निकट है रूककर एक ढेर हो गया, और दीवार सा उठा रहा, और जो जल अराबा का ताल, जो खारा ताल भी कहलाता है, उसकी ओर बहा जाता था, वह पूरी रीति से सूख गया; और प्रजा के लाग यरीहो के साम्हने पार उतर गए।
Joshua 3:17 और याजक यहोवा की वाचा का सन्दूक उठाए हुए यरदन के बीचोंबीच पहुंचकर स्थल पर स्थिर खड़े रहे, और सब इस्राएली स्थल ही स्थल पार उतरते रहे, निदान उस सारी जाति के लोग यरदन पार हो गए।
Joshua 4:1 जब उस सारी जाति के लोग यरदन के पार उतर चुके, तब यहोवा ने यहोशू से कहा,
Joshua 4:2 प्रजा में से बारह पुरूष, अर्थात गोत्र पीछे एक एक पुरूष को चुनकर यह आज्ञा दे,
Joshua 4:3 कि तुम यरदन के बीच में, जहां याजकों ने पांव धरे थे वहां से बारह पत्थर उठा कर अपने साथ पार ले चलो, और जहां आज की रात पड़ाव होगा वहीं उन को रख देना।
Joshua 4:4 तब यहोशू ने उन बारह पुरूषों को, जिन्हें उसने इस्राएलियों के प्रत्येक गोत्र में से छांटकर ठहरा रखा था,
Joshua 4:5 बुलवाकर कहा, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के सन्दूक के आगे यरदन के बीच में जा कर इस्राएलियों के गोत्रों की गिनती के अनुसार एक एक पत्थर उठा कर अपने अपने कन्धे पर रखो,
Joshua 4:6 जिस से यह तुम लोगों के बीच चिन्हानी ठहरे, और आगे को जब तुम्हारे बेटे यह पूछें, कि इन पत्थरों का क्या मतलब है?
Joshua 4:7 तब तुम उन्हें उत्तर दो, कि यरदन का जल यहोवा की वाचा के सन्दूक के साम्हने से दो भाग हो गया था; क्योंकि जब वह यरदन पार आ रहा था, तब यरदन का जल दो भाग हो गया। सो वे पत्थर इस्राएल को सदा के लिये स्मरण दिलाने वाले ठहरेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 23-24
  • मत्ती 7



मंगलवार, 31 दिसंबर 2019

स्मृतियाँ



      परमेश्वर के स्तुतिगान के स्वरों से भरे चर्च में प्रवेश करते ही मैंने उस नए-साल की पूर्व संध्या पर एकत्रित हुए लोगों की भीड़ को देखा, और उसपर एक नज़र दौड़ाई। उन सब को देखकर मेरा हृदय आनन्द और आशा से भर गया; मुझे बीते हुए वर्ष की प्रार्थनाएं स्मरण हो आईं। हमारी चर्च-मण्डली ने सामूहिक रूप से बिगड़े हुए बच्चों, प्रिय जनों के देहांत, लोगों के कार्यों की हानि, और टूटे हुए रिश्तों के लिए शोक मनाया था, उनके लिए प्रार्थनाएं की थीं। हमने परमेश्वर के अनुग्रह का स्वाद भी चखा था जब हमने हृदयों को परिवर्तित होते, और व्यक्तिगत संबंधों को सुधरते हुए देखा था। हमने साथ मिलकर विजयों, विवाहों, दीक्षांत समारोहों, और परमेश्वर के परिवार में सम्मिलित होते समय बप्तिस्मों का उत्सव मनाया था। हमने मण्डली में जन्में, या गोद लिए गए, या परमेश्वर को समर्पित किए गए बच्चों का भी स्वागत किया था।

      हमारे चर्च-मण्डली परिवार ने जिन परेशानियों और परीक्षाओं का अनुभव किया, उन्हें स्मरण करते समय, वैसे ही जैसे यिर्मयाह ने अपने दुःख और मारे-मारे फिरने” को स्मरण किया था (विलापगीत 3:19), मुझे भी यिर्मयाह ही के समान यही विश्वास था कि “हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है” (पद 22)। उस भविष्यद्वकता ने अपने आपको बीते समय में परमेश्वर की विश्वासयोग्यता के द्वारा आश्वस्त किया, और उसके शब्दों “जो यहोवा की बाट जोहते और उसके पास जाते हैं, उनके लिये यहोवा भला है” (पद 25) ने मुझे भी शान्ति और सांत्वना दी।

      उस रात्रि, हमारी मण्डली का प्रत्येक सदस्य परमेश्वर के जीवन परिवर्तित करने वाले प्रेम का प्रतीक था। आते वर्ष में हमें चाहे जिस भी बात का सामना करना पड़े, मसीह की परस्पर निर्भर देह के अंग होने के नाते, हम उन सभी पर जयवंत रहने के लिए अपने प्रभु परमेश्वर पर भरोसा बनाए रख सकते हैं। और जब हम उसके खोजी तथा एक-दूसरे के सहायक बने रहते हैं, तो हम भी यिर्मयाह के समान अपने विश्वास की पुष्टि और दृढ़ होने की आशा, अपनी प्रेरणादायक स्मृतियों के द्वारा बनाए रख सकते हैं; क्योंकि यह सब परमेश्वर के कभी न बदलने वाले चरित्र और विश्वासयोग्यता पर आधारित है। - जोशील डिक्सन

हम जब नए वर्ष की ओर देखते हैं, 
तो हम यह कभी न भूलें कि 
परमेश्वर सदैव विश्वासयोग्य बना रहा है और बना रहेगा।

आहा, तेरी भलाई क्या ही बड़ी है जो तू ने अपने डरवैयों के लिये रख छोड़ी है, और अपने शरणागतों के लिये मनुष्यों के साम्हने प्रगट भी की है! – भजन 31:19

बाइबल पाठ: विलापगीत 3:19-26
Lamentations 3:19 मेरा दु:ख और मारा मारा फिरना, मेरा नागदौने और-और विष का पीना स्मरण कर!
Lamentations 3:20 मैं उन्हीं पर सोचता रहता हूँ, इस से मेरा प्राण ढला जाता है।
Lamentations 3:21 परन्तु मैं यह स्मरण करता हूँ, इसीलिये मुझे आाशा है:
Lamentations 3:22 हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है।
Lamentations 3:23 प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है।
Lamentations 3:24 मेरे मन ने कहा, यहोवा मेरा भाग है, इस कारण मैं उस में आशा रखूंगा।
Lamentations 3:25 जो यहोवा की बाट जोहते और उसके पास जाते हैं, उनके लिये यहोवा भला है।
Lamentations 3:26 यहोवा से उद्धार पाने की आशा रख कर चुपचाप रहना भला है।

एक साल में बाइबल: 
  • मलाकी 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 22



रविवार, 10 नवंबर 2019

शान्तिदायक


      नर्स ने मेरे विषय अपने विवरण में लिखा, “मरीज़ बहुत हाथ-पाँव मार रहा है।” उसे उस समय तो पता नहीं चला, बाद में पता चला कि मैं दिल की शल्यचिकित्सा होने के बाद, जब होश में आने लगा, तो मुझे किसी चीज़ से एलर्जी के कारण बहुत बेचैनी होने लगी। मेरे हाल बुरे थे; मुझे सांस दिलाने के लिए एक नाली मेरे गले से होकर श्वास-नली में जा रही थी, जिससे मैं बोल नहीं सकता था; मेरे हाथ बंधे हुए थे, कि कहीं मैं उस सांस लेने वाली नाली को निकाल न दूँ। उस एलर्जी के कारण मेरा शरीर बुरी तरह से कांपने लगा, और मेरे हाथ उन बंधनों से मुक्त होने के लिए जोर लगाने लगे। वह एक बहुत पीड़ादायक और भयावह घटना थी। ऐसे में मेरी दाहिनी और खड़ी एक नर्स की सहायिका ने हलके से मेरा हाथ थाम लिया, और उसे शान्ति से पकड़े रही। वह एक अप्रत्याशित बात थी, और मुझे बहुत कोमल लगी। मैं शांत होने लगा, जिससे फिर मेरे शरीर की प्रतिक्रया भी शांत होने लगी और मेरा हाथ-पैर पटकना बंद हो गया।

      उस नर्स सहायिका ने इस बात का अनुभव अन्य मरीजों के साथ भी किया था, इसलिए वह जानती थी कि कोमलता से पकड़ा हुआ हाथ शांतिदायक होता है, और मुझे भी शान्ति देगा। यह एक प्रत्यक्ष उदाहरण था की किस प्रकार से परमेश्वर शान्ति प्रदान करता है, जब उसके बच्चे कष्ट में होते हैं।

      किसी भी देखभाल करने वाले के लिए, परिस्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए, शांतिदायक होना एक बहुत सामर्थी और स्मरणीय तरीका है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस 2 कुरिन्थियों 1:3-4 में बताता है की यह परमेश्वर के उपयोगी उपकरणों में से एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इतना ही नहीं, परन्तु परमेश्वर उसके द्वारा हमें प्रदान की गयी शान्ति के प्रभाव को कई गुणा और बढ़ाता है, जब वह हमें कहता है कि हम उसके द्वारा हमें मिलने वाली शान्ति की स्मृति को औरों के जीवन में, जो वैसी ही परिस्थितियों में फंसे हों, शान्ति लाने के लिए प्रयोग करें (पद 4-7)। यह उसके महान प्रेम का एक और चिन्ह है; एक ऐसा चिन्ह जिसे हम औरों के साथ बाँट सकते हैं – एक साधारण से हाथ पकड़ने के द्वारा भी, और परमेश्वर की ओर से दुखी लोगों के लिए शांतिदायक हो सकते हैं। - रैंडी किल्गोर

साधारण से कार्य भी प्रबल शांतिदायक हो सकते हैं।

मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - यूहन्ना 14:27

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 1:3-7
2 Corinthians 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है।
2 Corinthians 1:4 वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों।
2 Corinthians 1:5 क्योंकि जैसे मसीह के दुख हम को अधिक होते हैं, वैसे ही हमारी शान्‍ति भी मसीह के द्वारा अधिक होती है।
2 Corinthians 1:6 यदि हम क्‍लेश पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्‍ति और उद्धार के लिये है और यदि शान्‍ति पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्‍ति के लिये है; जिस के प्रभाव से तुम धीरज के साथ उन क्‍लेशों को सह लेते हो, जिन्हें हम भी सहते हैं।
2 Corinthians 1:7 और हमारी आशा तुम्हारे विषय में दृढ़ है; क्योंकि हम जानते हैं, कि तुम जैसे दुखों के वैसे ही शान्‍ति के भी सहभागी हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 48-49
  • इब्रानियों 7


शुक्रवार, 22 मार्च 2019

याद



      चीन में स्थित एक भूतपूर्व जापानी बन्दी शिविर के प्रांगण में एक स्मृति का पत्थर खड़ा है, जहाँ 1945 में एक व्यक्ति का देहांत हुआ था। उस स्मृति-चिन्ह पर लिखा है, “एरिक लिड्डल का जन्म तियांजिन प्रांत में स्कॉटलैंड से आए माता-पिता के घर में 1902 में हुआ। उसके जीवन का चरमोत्कर्ष 1924 के ओलिम्पिक खेलों में 400 मीटर की दौड़ में स्वर्ण-पदक जीतना था। उसके बाद वह लौट कर चीन के तियानजिन में आ गए और शिक्षक का कार्य करते रहे। उनका सारा जीवन युवाओं को मनुष्यों की भलाई करते रहने के लिए प्रोत्साहित करते रहने में व्यतीत हुआ।”

      बहुत से लोगों की दृष्टि में एरिक लिड्डल की सबसे उच्च उपलब्धि खेल के मैदान में थी। परन्तु उन्हें चीन, जहाँ उनका जन्म हुआ और जिस देश से वे प्रेम करते थे, के तियानजिन में युवकों के उत्थान के लिए भी जाना जाता है।

      मूसा को परमेश्वर के वचन बाइबल के विश्वास के अध्याय, इब्रानियों 11 में, एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया गया है जिसने परमेश्वर के लोगों के साथ गिने जाने को मिस्र की दौलत और शोहरत से अधिक मूल्यवान समझा। और परमेश्वर ने उसे अपने लोगों को मिस्र के दासत्व से निकालकर लाने और उन्हें वाचा की भूमि, कनान, तक पहुँचाने के योग्य जाना।

      हम किस बात के लिए याद किए जाएँगे? क्या अपनी शैक्षिक उपलब्धियों के लिए, या कार्य स्थल में प्राप्त की गई पदवी और स्तर के लिए, अथवा हमें प्राप्त होने वाली आर्थिक सफलता के लिए? ये सभी हमें सँसार में पहचान तो दिलवा सकती हैं, किन्तु हमारी वास्तविक और स्थाई याद, जो हमारे बाद भी बनी रहेगी, हमारे द्वारा शान्ति से लोगों के जीवनों को सुधारने-संवारने के लिए किए गए कार्यों के द्वारा ही होगी। - सी. पी. हिया


परमेश्वर के प्रति विश्वासयोग्यता ही सच्ची सफलता है।

और विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्योंकि परमेश्वर के पास आने वाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है; और अपने खोजने वालों को प्रतिफल देता है। - इब्रानियों 11:6

बाइबल पाठ: इब्रानियों 11:23-29
Hebrews 11:23 विश्वास ही से मूसा के माता पिता ने उसको, उत्पन्न होने के बाद तीन महीने तक छिपा रखा; क्योंकि उन्होंने देखा, कि बालक सुन्‍दर है, और वे राजा की आज्ञा से न डरे।
Hebrews 11:24 विश्वास ही से मूसा ने सयाना हो कर फिरौन की बेटी का पुत्र कहलाने से इन्कार किया।
Hebrews 11:25 इसलिये कि उसे पाप में थोड़े दिन के सुख भोगने से परमेश्वर के लोगों के साथ दुख भोगना और उत्तम लगा।
Hebrews 11:26 और मसीह के कारण निन्‍दित होने को मिस्र के भण्‍डार से बड़ा धन समझा: क्योंकि उस की आंखे फल पाने की ओर लगी थीं।
Hebrews 11:27 विश्वास ही से राजा के क्रोध से न डर कर उसने मिस्र को छोड़ दिया, क्योंकि वह अनदेखे को मानों देखता हुआ दृढ़ रहा।
Hebrews 11:28 विश्वास ही से उसने फसह और लोहू छिड़कने की विधि मानी, कि पहिलौठों का नाश करने वाला इस्त्राएलियों पर हाथ न डाले।
Hebrews 11:29 विश्वास ही से वे लाल समुद्र के पार ऐसे उतर गए, जैसे सूखी भूमि पर से; और जब मिस्रियों ने वैसा ही करना चाहा, तो सब डूब मरे।

एक साल में बाइबल:  
  • यहोशू 10-12
  • लूका 1:39-56



बुधवार, 30 जनवरी 2019

पुनर्निर्माण



      एडवर्ड क्ली जब अनेकों वर्षों तक बाहर रहने के पश्चात, बर्लिन लौट कर आए, तो उन्होंने पाया कि जिस शहर की उनकी स्मृतियाँ थीं और जिससे वे प्रेम करते थे, अब वह नहीं था; अब वह बिलकुल बदल गया था, और उन्होंने ध्यान किया कि इतने वर्षों में वे भी बहुत बदल गए थे। क्ली ने हेमिस्फेयर्स पत्रिका में अपने एक लेख में इसके विषय लिखा, “जिस शहर से आप प्रेम करते हैं, वहाँ लौट कर आना अप्रत्याशित हो सकता है...यह निराशात्मक भी हो सकता है।” अपने बीते समय के स्थानों पर जाना दुःख और हानि का आभास करवा सकता है। हम अब वह व्यक्ति नहीं हैं जो हम तब थे, और न ही वह स्थान जो हमारे लिए इतना महत्वपूर्ण है वैसा है जैसा तब था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम नहेम्याह के विषय में देखते हैं कि वह अनेकों वर्षों से, इस्राएल के देश से दूर, निर्वासन में था। ऐसी परिस्थिति में उसे अपने लोगों की दुर्दशा और यरूशलेम के विनाश के बारे में पता चला। तब उसने फारस के राजा अर्तक्षत्र से अनुमति ली कि वह यरूशलेम जाकर वहाँ की शहरपनाह का पुनर्निर्माण करे। एक रात यरूशलेम की शहरपनाह की टोह लेने के बाद (नहेम्याह 2:13-15), नहेम्याह ने वहाँ के लोगों से कहा, “तुम तो आप देखते हो कि हम कैसी दुर्दशा में हैं, कि यरूशलेम उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं। तो आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह को बनाएं, कि भविष्य में हमारी नामधराई न रहे” (पद 17)।

      नहेम्याह वापस केवल अपनी यादों को दोहराने के लिए नहीं आया था, वरन उस टूटे हुए को फिर से बनाने के लिए आया था। यह हमारे लिए एक सशक्त पाठ है; हम अपने अतीत के टूटे और बिगड़े हुए भागों को फिर से ठीक करके स्थापित करें। प्रभु यीशु में हमारा विश्वास, और हमारे जीवनों में कार्यकारी उसकी सामर्थ्य हमें आगे की ओर देखने, और टूटे हुए का पुनर्निर्माण करने के लिए सबल करती है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


हम अतीत को बदल तो नहीं सकते हैं, परन्तु परमेश्वर हमें भविष्य के लिए बदल रहा है।

परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: नहेम्याह 2:11-18
Nehemiah 2:11 जब मैं यरूशलेम पहुंच गया, तब वहां तीन दिन रहा।
Nehemiah 2:12 तब मैं थोड़े पुरुषों को ले कर रात को उठा; मैं ने किसी को नहीं बताया कि मेरे परमेश्वर ने यरूशलेम के हित के लिये मेरे मन में क्या उपजाया था। और अपनी सवारी के पशु को छोड़ कोई पशु मेरे संग न था।
Nehemiah 2:13 मैं रात को तराई के फाटक में हो कर निकला और अजगर के सोते की ओर, और कूड़ाफाटक के पास गया, और यरूशलेम की टूटी पड़ी हुई शहरपनाह और जले फाटकों को देखा।
Nehemiah 2:14 तब मैं आगे बढ़ कर सोते के फाटक और राजा के कुण्ड के पास गया; परन्तु मेरी सवारी के पशु के लिये आगे जाने को स्थान न था।
Nehemiah 2:15 तब मैं रात ही रात नाले से हो कर शहरपनाह को देखता हुआ चढ़ गया; फिर घूम कर तराई के फाटक से भीतर आया, और इस प्रकार लौट आया।
Nehemiah 2:16 और हाकिम न जानते थे कि मैं कहां गया और क्या करता था; वरन मैं ने तब तक न तो यहूदियों को कुछ बताया था और न याजकों और न रईसों और न हाकिमों और न दूसरे काम करने वालों को।
Nehemiah 2:17 तब मैं ने उन से कहा, तुम तो आप देखते हो कि हम कैसी दुर्दशा में हैं, कि यरूशलेम उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं। तो आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह को बनाएं, कि भविष्य में हमारी नामधराई न रहे।
Nehemiah 2:18 फिर मैं ने उन को बतलाया, कि मेरे परमेश्वर की कृपादृष्टि मुझ पर कैसी हुई और राजा ने मुझ से क्या क्या बातें कही थीं। तब उन्होंने कहा, आओ हम कमर बान्धकर बनाने लगें। और उन्होंने इस भले काम को करने के लिये हियाव बान्ध लिया।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 23-24
  • मत्ती 20:1-16