बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Thursday, June 30, 2011

कुछ प्रश्न

एक शोधकर्ता ने १५०० व्यवसायिक प्रबन्धकों (Buisness Managers) के बारे में अध्ययन किया, यह जानने के लिए कि उनके नीचे काम करने वाले अपने अधिकारी में किन बातों को मूल्य देते हैं। उसके शोध के नतीजों से पता चल कि लोग ऐसे अगुवों का आद्र करते हैं जो कार्य की योग्यता रखते हैं, दूसरों को कार्य के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं, निर्देष देने में निपुण हैं। परन्तु स्ब से अधिक जिस बात को लोग अपने अधिकारी में देखना चाहते थे वह थी ईमानदारी - ऐसे अगुवे जो विश्वासयोग्य हों और अपने कही बात को निभाने में पक्के हों।

यह बात केवल सांसारिक प्रब्न्धकों और अगुवों पर ही लागु नहीं होती, मसीही विश्वासियों पर भी यह बात उतनी ही लागू होती है। ईमानदारी एक ऐसा गुण है जो प्रत्येक मसीही विश्वासी में विद्यमान होना चाहिए, वाहे उसका ओहदा कोई भी हो। भजन १५ के अनुसार इस गुण को प्रत्येक परमेश्वर के भक्त की हर बात और हर कार्य में प्रदर्शित होना चाहिए। क्योंकि बाइबल का परमेश्वर अपनी हर बात ईमानदारी से पूरी करता है, उस परमेश्वर के लोगों को भी ऐसे लोगों के रूप में जने जाना चाहिए जो अपनी हर बात पूरी करते हैं।

हम में से प्रत्येक मसीही विश्वासी को अपने कहे के प्रति ईमानदार रहना है। यह एक ऐसा सत्य है जो मुझे विचिलित करता है। यद्यपि मुझे झूठ बोलने से बच कर रहने में कोई विशेष परेशानी नहीं होती, लेकिन कभी कभी मेरे लिए अपने कहे को निभाना कठिन अवश्य हो जाता है।

क्या हमारे आसपास के लोग हमारी ईमानदारी के लिए हमारी प्रशंसा करते हैं? क्या इसके लिए परमेश्वर हमारी प्रशंसा करता है? क्या हमारा परमेश्वर हमें वही करते देखता है जो हम ने कहा - चाहे इसके लिए हमें दुख ही क्यों न उठाना पड़े? ये कुछ प्रश्न हैं जिन पर हमें गंभीरता से विचार करना चाहिए। - मार्ट डी हॉन


वे ही ऊपर उठ सकते हैं जो अपनी विश्वासयोग्यता के स्तर को बनाए रखना जानते हैं।

हे परमेश्वर तेरे तम्बू में कौन रहेगा? तेरे पवित्र पर्वत पर कौन बसने पाएगा?...जो शपथ खाकर बदलता नहीं चाहे हानि उठाना पड़े। - भजन १५:१, ४


बाइबल पाठ: भजन १५

Psa 15:1 हे परमेश्वर तेरे तम्बू में कौन रहेगा? तेरे पवित्र पर्वत पर कौन बसने पाएगा?
Psa 15:2 वह जो खराई से चलता और धर्म के काम करता है, और हृदय से सच बोलता है;
Psa 15:3 जो अपनी जीभ से निन्दा नहीं करता, और न अपके मित्र की बुराई करता, और न अपने पड़ोसी की निन्दा सुनता है;
Psa 15:4 वह जिसकी दृष्टि में निकम्मा मनुष्य तुच्छ है, और जो यहोवा के डरवैयों का आदर करता है, जो शपथ खाकर बदलता नहीं चाहे हानि उठाना पड़े;
Psa 15:5 जो अपना रूपया ब्याज पर नहीं देता, और निर्दोष की हानि करने के लिये घूस नहीं लेता है। जो कोई ऐसी चाल चलता है वह कभी न डगमगाएगा।

एक साल में बाइबल:
  • अय्युब १७-१९
  • प्रेरितों १०:१-२३

Wednesday, June 29, 2011

पारदर्शी जीवन

अपनी पुस्तक "Helping Those Who Don't Want Help" में लेखक मार्शल शैली ने एक चर्च के पाद्री के जीवन से संबंधित घटना बताई: पाद्री अपने घर के गैराज से अपनी कार बाहर निकाल रहा था कि उसे कुछ टूटने की आवाज़ सुनाई दी। कार रोक कर वह आवाज़ के कारण का पता करने नीचे उतरा और पाया कि उसके प्रीय शौक मछली पकड़ने की बंसी कार के नीचे आकर टूट गई है। उसने ऊँची आवाज़ में पूछा, "मेरी मछली मारने की बंसी से कौन खेल रहा था?" उसके ५ साल के बेटे ने सकपका कर कहा, "पिताजी मैं खेल रहा था, और उसे वापस जगह पर रखना भूल गया था।" पाद्री को बात रास तो नहीं आई, पर अपने आप पर काबू रखकर उसने बस बेटे से इतना ही कहा, "मुझे सच बताने के लिए धन्यवाद" और अपने कार्य पर निकल पड़ा। बेटे ने जाकर माँ से घटना बताई और अपने जेब खर्च से बचाए हुए दो डॉलर, जो उसकी कुल संपत्ति थी, माँ को देते हुए कहा कि मुझे पिताजी के लिए अब एक नई बंसी खरीदनी है। माँ ने कहा, "ठीक है, लेकिन तुम्हें इसके लिए पैसे देने की आवश्यक्ता नहीं है"; बेटा बोला, "लेकिन मैं ऐसा करना चाहता हूँ, क्योंकि मुझे आज यह पता चल गया है कि पिताजी अपनी मछली मारने की बंसी से अधिक मुझ से प्यार करते हैं।" माँ ने यह बात पाद्री को बता दी।

बाद में एक इतवार की चर्च सभा में पाद्री ने अपनी मंडली को यह घटना सुनाई और कहा, "यह सब जानकर मुझे बहुत बढ़िया लगा। मुझे लगा कि चलो मैंने एक बार तो वह किया जो ठीक था।" चर्च सभा के अन्त में कई लोग पाद्री के पास आए और उससे कहने लगे कि उन्हें उसका यह पारदर्शिता दिखाना और यह कहना कि मैंने एक बार तो वह किया जो ठीक था बहुत भाया। वे लोग यह मान कर चलते थे कि पाद्री कभी कुछ गलत नहीं कर सकता; लेकिन पाद्री की ईमानदारी ने लोगों के दिल को छू लिया।

यह प्रत्येक अगुवे के लिए एक बहुमूल्य शिक्षा है। अगुवे को अपने जीवन की खा़मियों और कमज़ोरियों के प्रगट होने से डरना नहीं चाहिए। जब वे अपने जीवनों के प्रति पार्दर्शी होंगे तो उनकी इस ईमानदारी के कारण लोग उन पर अधिक विश्वास रखेंगे और उनके जीवन से सीखने में हिचकिचाएंगे नहीं। यदि वे अपनी बातें छुपाएंगे और लोगों को वही बातें कही बाहर से पता चलेंगी तो फिर वे आलोचना और अविश्वास का कारण बनेंगी। अगुवों की पारदर्शिता उनके अनुसरणकर्ताओं के लिए विश्वास, प्रोत्साहन और सहायता का कारण बन सकती है। - डेव एग्नर


हमें अपने पड़ौसी की नहीं, अपनी गलतियों का ध्यान करना चाहिए।

यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं। - १ युहन्ना १:८


बाइबल पाठ: याकूब ५:१३-२०

Jas 5:13 यदि तुम में कोई दुखी हो तो वह प्रार्थना करे: यदि आनन्‍दित हो, तो वह स्‍तुति के भजन गाए।
Jas 5:14 यदि तुम में कोई रोगी हो, तो कलीसिया के प्राचीनों को बुलाए, और वे प्रभु के नाम से उस पर तेल मल कर उसके लिये प्रार्थना करें।
Jas 5:15 और विश्वास की प्रार्थना के द्वारा रोगी बच जाएगा और प्रभु उस को उठा कर खड़ा करेगा और यदि उस ने पाप भी किए हों, तो उन की भी क्षमा हो जाएगी।
Jas 5:16 इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है।
Jas 5:17 एलिय्याह भी तो हमारे समान दुख-सुख भोगी मनुष्य था और उस ने गिड़िगड़ा कर प्रार्थाना की कि मेंह न बरसे, और साढ़े तीन वर्ष तक भूमि पर मेंह नहीं बरसा।
Jas 5:18 फिर उस ने प्रार्थना की, तो आकाश से वर्षा हुई, और भूमि फलवन्‍त हुई।
Jas 5:19 हे मेरे भाइयों, यदि तुम में कोई सत्य के मार्ग से भटक जाए, और कोई उस को फेर लाए।
Jas 5:20 तो वह यह जान ले, कि जो कोई किसी भटके हुए पापी को फेर लाएगा, वह एक प्राण को मृत्यु से बचाएगा, और अनेक पापों पर परदा डालेगा।

एक साल में बाइबल:
  • अय्युब १४-१६
  • प्रेरितों ९:२२-४३

Tuesday, June 28, 2011

नेतृत्व की ज़िम्मेदारियाँ

प्रसिद्ध अमरीकी लेखक मार्क ट्वेन परमेश्वर से संबंधित बातों के प्रति अपनी कड़ुवाहट और आलोचना प्रगट करने में ज़रा भी हिचकिचाते नहीं थे। दुख की बात यह है कि उनके इस दृष्टिकोण और चर्च के प्रति बैर के लिए कई चर्च के अगुवे ही ज़िम्मेदार थे। ट्वेन ऐसे चर्च अगुवों को को जानते थे जो अपने घरों में गुलाम खरीद कर रखते थे और उनसे बहुत दुर्व्यवहार करते थे। वे ऐसे पाद्रियों को भी जानते थे जो बाइबल से गलत शिक्षा और बाइबल की गलत व्याख्या द्वारा गुलाम प्रथा को जायज़ ठहराते थे। उन्होंने ऐसे लोगों को चर्च में देखा था जो चर्च के अन्दर तो बड़े धार्मिक होने का ढोंग करते लेकिन चर्च के बाहर झूठ बोलने और गाली-गलौज करने में ज़रा नहीं हिचकचते थे। यद्यपि मार्क ट्वेन ने कुछ लोगों, जैसे अपनी माता और पत्नि में सच्चा मसीही प्रेम देखा और अनुभव किया, लेकिन वह कभी चर्च के अगुवों के बुरे और दोगले व्यवहार तथा उनके बुरे जीवन को समझ नहीं पाए और इसी कारण मसीह की ओर आकर्षित नहीं हो सके।

नेतृत्व एक विशेषाधिकार है, और इस विशेषाधिकार के साथ इसे भली भांति निभाने और इसके द्वारा लोगों का भला करने का दायित्व भी मिलता है। यह बात मसीही अगुवों और प्रचारकों पर विशेष रूप से लागू होती है। परमेश्वर अपने वचन के शिक्षकों को इस दायित्व के निर्वाह के लिए अन्य लोगों से अधिक ज़िम्मेदार मानता है; क्योंकि वे एक ऐसे पद पर हैं जहाँ से वे लोगों को मसीह के प्रति आकर्षित भी कर सकते हैं और उन्हें मसीह से निरुत्साहित करके उस से दूर भी कर सकते हैं।

चर्च के अगुवे, जैसे प्रमुख, पादरी, शिक्षक आदि की ज़िम्मेदारी निभाना एक बहुत महान और गंभीर अधिकार है। जिन्हें इस ज़िम्मेदारी के लिए बुलाया गया है उन का कार्य है लोगों को मसीह क