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रविवार, 20 दिसंबर 2020

नेतृत्व

 

          हमारे घर के ऊपर, आकाश में तीन सैन्य जेट विमान शोर करते हुए निकले, तीनों एक-दूसरे के इतने निकट थे कि वे एक प्रतीत हो रहे थे। यह देखकर मैंने अपने पति से कहा, “वाह! प्रभावशाली” और वे भी मेरी इस बात से सहमत हुए। हमारा घर एक एयर फ़ोर्स अड्डे के निकट स्थित है, इसलिए इस प्रकार के दृश्य देखना कोई असामान्य बात नहीं है।

          किन्तु जितनी बार ये जेट विमान ऐसे उड़ते हैं, मेरे मन में एक ही प्रश्न उठता है, ‘ऐसा कैसे है कि बिना नियंत्रण खोए ये इतनी निकट एक साथ उड़ सकते हैं?’ एक स्पष्ट कारण जो मुझे पता चला, वह है दीनता और भरोसा! जो पायलेट आगे वाला जेट उड़ा रहा है, उसके नेतृत्व पर भरोसा रखते हुए, दोनों ओर के दोनों पायलेट उसके द्वारा निर्धारित गति और दिशा तथा मुड़ने के निर्देशों का पालन करते हैं। जब वे दोनों अपना नेतृत्व करने वाले के मार्गदर्शन के अनुसार उसके साथ मिलकर उड़ते हैं, तो एक सशक्त और प्रभावी टीम बन जाती है।

          प्रभु यीशु मसीह के अनुयायियों के लिए भी ऐसा ही है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने कहा,यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप से इनकार करे और प्रति दिन अपना क्रूस उठाए हुए मेरे पीछे हो ले” (लूका 9:23)।

          प्रभु का मार्ग अपने आप का इनकार करने और दूसरों के लिए दुःख उठाने का मार्ग था, जिस पर चलना कठिन हो सकता है। परन्तु उसके प्रभावी शिष्य होने के लिए हमें भी अपने स्वयं की इच्छाओं को त्याग कर प्रतिदिन प्रभु के द्वारा दिए जाने वाले आत्मिक निर्देशों का पालन करना है – जैसे कि अपनी बजाए औरों के सेवा के लिए तत्पर रहना और करना – और उसकी निकटता में होकर चलना है।
          परमेश्वर के साथ इस प्रकार दीन और आज्ञाकारी होकर चलना एक अद्भुत दृश्य एवं अनुभव है। जब हम उसके नेतृत्व में, उसकी निकटता में चलते हैं, तो उसके साथ एक प्रतीत हो सकते हैं। तब लोग हमें नहीं प्रभु को देखने पाएँगे; और उनके मुँह से भी वही निकलेगा जो मैंने कहा था – ‘वाह!’ – पेट्रीशिया रेबोन

 

हमारे जीवन वे झरोखे हैं, जिनमें से लोग मसीह को देख हैं।


उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के सामने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। - मत्ती 5:16

बाइबल पाठ: लूका 9:21-24

लूका 9:21 तब उसने उन्हें चिताकर कहा, कि यह किसी से न कहना।

लूका 9:22 और उसने कहा, मनुष्य के पुत्र के लिये अवश्य है, कि वह बहुत दुख उठाए, और पुरिनए और महायाजक और शास्त्री उसे तुच्छ समझकर मार डालें, और वह तीसरे दिन जी उठे।

लूका 9:23 उसने सब से कहा, यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप से इनकार करे और प्रति दिन अपना क्रूस उठाए हुए मेरे पीछे हो ले।

लूका 9:24 क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहेगा वह उसे खोएगा, परन्तु जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा वही उसे बचाएगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • मीका 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 11

सोमवार, 5 फ़रवरी 2018

सेवक


   पारंपरिक अफ्रीकी समाज में, नेतृत्व के लिए उत्तराधिकारी का चयन गंभीर निर्णय होता है। राजा के देहांत के पश्चात अगले अगुवे को चुनने में बहुत सावधानी बरती जाती है। उस नए अगुवे को न केवल राजसी परिवार में से होना होता है, वरन उसे बलवान, निर्भीक और समझदार भी होना होता है। निर्णय करने के लिए पदाभिशिलाषियों से पूछ-ताछ की जाती है, यह जानने के लिए कि वे  प्रजा की सेवा करेंगे या उन पर कठोरता से शासन करेंगे। राजा के उत्तराधिकारी को ऐसा होना चाहिए जो नेतृत्व भी प्रदान करे और सेवा भी करे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि राजा सुलेमान ने अनेकों व्यक्तिगत गलत निर्णय लिए, गलत चुनाव किए, परन्तु वह अपने उत्तराधिकारी को लेकर चिन्तित था। उसने अपनी इस चिंता के विषय लिखा “मैं ने अपने सारे परिश्रम के प्रतिफल से जिसे मैं ने धरती पर किया था घृणा की, क्योंकि अवश्य है कि मैं उसका फल उस मनुष्य के लिये छोड़ जाऊं जो मेरे बाद आएगा। यह कौन जानता है कि वह मनुष्य बुद्धिमान होगा वा मूर्ख? तौभी धरती पर जितना परिश्रम मैं ने किया, और उसके लिये बुद्धि प्रयोग की उस सब का वही अधिकारी होगा। यह भी व्यर्थ ही है” (सभोपदेशक 2:18-19)। सुलेमान के बाद उसका पुत्र रहूबियाम उसकी गद्दी पर बैठा; परन्तु उसने नासमझी से काम लिया और उसका पिता जिस बात के होने से डरता था, वही कर बैठा।

   जब प्रजा के लोगों ने रहूबियाम से कार्य स्थिति को सुधार कर उसे और मानवीय बनाने की माँग की, तो यह उसके पास अवसर था कि वह सेवक और अगुवा होने की दोनों ही जिम्मेदारियों को निभाए। राज्य के प्राचीनों ने उसे परामर्श दिया, “...यदि तू अभी प्रजा के लोगों का दास बनकर उनके आधीन हो और उन से मधुर बातें कहे, तो वे सदैव तेरे आधीन बने रहेंगे” (1 राजा 12:7), किंतु उसने उनकी इस नेक सलाह को नहीं माना। रहूबियाम ने परमेश्वर की इच्छा भी जानने का प्रयास नहीं किया। प्रजा के प्रति उसके कठोर प्रत्युत्तर के कारण राज्य विभाजित हो गया और परमेश्वर के लोगों का आत्मिक पतन गतिमान हो गया (12:14-19)।

   हमारे परिवारों, कार्यस्थल, चर्च, पड़ौस इत्यादि की बातों और निर्णयों में हमें परमेश्वर से मिलने वाली इस समझ-बूझ की बहुत आवश्यकता होती है, जिससे नम्रता के साथ और सेवक बन कर निर्णय लें और कार्य करें न कि रौब गाँठ कर और कठोरता से। - लौरेंस दरामानी


अच्छा अगुवा अच्छा सेवक भी होता है।

यीशु ने उन्हें पास बुलाकर कहा, तुम जानते हो, कि अन्य जातियों के हाकिम उन पर प्रभुता करते हैं; और जो बड़े हैं, वे उन पर अधिकार जताते हैं। परन्तु तुम में ऐसा न होगा; परन्तु जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे, वह तुम्हारा सेवक बने। और जो तुम में प्रधान होना चाहे वह तुम्हारा दास बने। जैसे कि मनुष्य का पुत्र, वह इसलिये नहीं आया कि उस की सेवा टहल करी जाए, परन्तु इसलिये आया कि आप सेवा टहल करे और बहुतों की छुडौती के लिये अपने प्राण दे। - मत्ती 20: 25-28

बाइबल पाठ: 1 राजा 12:1-15
1 Kings 12:1 रहूबियाम तो शकेम को गया, क्योंकि सब इस्राएली उसको राजा बनाने के लिये वहीं गए थे।
1 Kings 12:2 और जब नबात के पुत्र यारोबाम ने यह सुना, (जो अब तक मिस्र में रहता था, क्योंकि यारोबाम सुलैमान राजा के डर के मारे भगकर मिस्र में रहता था।
1 Kings 12:3 सो उन लोगों ने उसको बुलवा भेजा) तब यारोबाम और इस्राएल की समस्त सभा रहूबियाम के पास जा कर यों कहने लगी,
1 Kings 12:4 कि तेरे पिता ने तो हम लोगों पर भारी जूआ डाल रखा था, तो अब तू अपने पिता की कठिन सेवा को, और उस भारी जूए को, जो उसने हम पर डाल रखा है, कुछ हलका कर; तब हम तेरे आधीन रहेंगे।
1 Kings 12:5 उसने कहा, उभी तो जाओ, और तीन दिन के बाद मेरे पास फिर आना। तब वे चले गए।
1 Kings 12:6 तब राजा रहूबियाम ने उन बूढ़ों से जो उसके पिता सुलैमान के जीवन भर उसके साम्हने उपस्थित रहा करते थे सम्मति ली, कि इस प्रजा को कैसा उत्तर देना उचित है, इस में तुम क्या सम्मति देते हो?
1 Kings 12:7 उन्होंने उसको यह उत्तर दिया, कि यदि तू अभी प्रजा के लोगों का दास बनकर उनके आधीन हो और उन से मधुर बातें कहे, तो वे सदैव तेरे आधीन बने रहेंगे।
1 Kings 12:8 रहूबियाम ने उस सम्मति को छोड़ दिया, जो बूढ़ों ने उसको दी थी,और उन जवानों से सम्मति ली, जो उसके संग बड़े हुए थे, और उसके सम्मुख उपस्थित रहा करते थे।
1 Kings 12:9 उन से उसने पूछा, मैं प्रजा के लोगों को कैसा उत्तर दूं? उस में तुम क्या सम्मति देते हो? उन्होने तो मुझ से कहा है, कि जो जूआ तेरे पिता ने हम पर डाल रखा है, उसे तू हलका कर।
1 Kings 12:10 जवानों ने जो उसके संग बड़े हुए थे उसको यह उत्तर दिया, कि उन लोगों ने तुझ से कहा है, कि तेरे पिता ने हमारा जूआ भारी किया था, परन्तु तू उसे हमारे लिऐ हलका कर; तू उन से यों कहना, कि मेरी छिंगुलिया मेरे पिता की कमर से भी मोटी है।
1 Kings 12:11 मेरे पिता ने तुम पर जो भारी जूआ रखा था, उसे मैं और भी भारी करूंगा; मेरा पिता तो तुम को कोड़ों से ताड़ना देता था, परन्तु मैं बिच्छुओं से दूंगा।
1 Kings 12:12 तीसरे दिन, जैसे राजा ने ठहराया था, कि तीसरे दिन मेरे पास फिर आना, वैसे ही यारोबाम और समस्त प्रजागण रहूबियाम के पास उपस्थित हुए।
1 Kings 12:13 तब राजा ने प्रजा से कड़ी बातें कीं,
1 Kings 12:14 और बूढ़ों की दी हुई सम्मति छोड़कर, जवानों की सम्मति के अनुसार उन से कहा, कि मेरे पिता ने तो तुम्हारा जूआ भारी कर दिया, परन्तु मैं उसे और भी भारी कर दूंगा: मेरे पिता ने तो कोड़ों से तुम को ताड़ना दी, परन्तु मैं तुम को बिच्छुओं से ताड़ना दूंगा।
1 Kings 12:15 सो राजा ने प्रजा की बात नहीं मानी, इसका कारण यह है, कि जो वचन यहोवा ने शीलोवासी अहिय्याह के द्वारा नबात के पुत्र यारोबाम से कहा था, उसको पूरा करने के लिये उसने ऐसा ही ठहराया था।


एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 36-38
  • मत्ती 23:1-22



शुक्रवार, 31 मार्च 2017

नेतृत्व


   दक्षिणी अफ्रीका के तट के निकट, 4 अगस्त 1991 को, एक भीष्ण समुद्री तूफान के कारण एम. टी. एस. ओशनोस नामक यात्री समुद्री जहाज़ डूबने लगा। जहाज़ को डूबता देख उसके कप्तान ने जहाज़ से भाग जाने का निर्णय लिया और, किसी को कुछ बताए बिना अपने साथी अफसरों के साथ जहाज़ को छोड़कर चला गया। जहाज़ के यात्रियों में से मौस हिल्स नामक एक ब्रिटिश संगीतज्ञ को आभास हुआ कि कुछ गड़बड़ है और उसने दक्षिणी अफ्रीका के कोस्ट गार्ड को बचाने आने के लिए खतरे का संकेत भेजा। फिर परिस्थिति को अपने हाथों में लेते हुए, मौस और उसकी पत्नि ट्रेसी तथा उनके साथी संगीतज्ञों ने सारे यात्रियों को बचाए जाने में सहायता की, उन्हें बचाव के लिए आए हेलिकॉप्टरों में चढ़ाया।

   कभी कभी हम जिनकी ओर नेतृत्व के लिए देखते हैं, वे ही हमारा साथ छोड़ देते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में जब राजा शाऊल और उसके साथी सैनिक अधिकारियों को भीमकाय फिलिस्ती योद्धा गोलियत के अपमान भरी चुनौती का सामना करना पड़ा, तो उनका प्रत्युत्तर भय और भीरुता था (1 शमूएल 17:11)। परन्तु एक युवा चरवाहे और संगीतज्ञ, दाऊद, ने परमेश्वर पर भरोसा रखा, जिससे इस धमकी के प्रति उसका दृष्टिकोण बदल गया और उसने गोलियत से कहा, "...तू तो तलवार और भाला और सांग लिये हुए मेरे पास आता है; परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं, जो इस्राएली सेना का परमेश्वर है, और उसी को तू ने ललकारा है" (1 शमूएल 17:45)। अपने भरोसे और परमेश्वर की सामर्थ द्वारा दाऊद ने गोलियत को मार डाला, शत्रु फिलिस्तियों को हरा दिया और उस युद्ध का रुख बदल दिया। यह सब इसलिए क्योंकि दाऊद ने साँसारिक नेतृत्व की ओर नहीं वरन एकमात्र जीवते परमेश्वर को अपनी सामर्थ का आधार बनाया।

   जब अन्य साथ छोड़ दें और हम असहाय अनुभव करें, तो संभव है कि परमेश्वर अपनी सामर्थ और प्रतिष्ठा सबके सामने प्रगट करने के लिए, हमें उसके लोगों का नेतृत्व करने के लिए बुला रहा हो। - डेनिस फिशर


प्रभु यीशु मसीह का अनुसरण करने के द्वारा ही 
हम औरों को सही मार्गदर्शन कर सकते हैं।

हम यहोवा का आसरा देखते आए हैं; वह हमारा सहायक और हमारी ढाल ठहरा है। हमारा हृदय उसके कारण आनन्दित होगा, क्योंकि हम ने उसके पवित्र नाम का भरोसा रखा है। - भजन 33:20-21

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 17:31-54
1 Samuel 17:31 जब दाऊद की बातों की चर्चा हुई, तब शाऊल को भी सुनाईं गई; और उसने उसे बुलवा भेजा।
1 Samuel 17:32 तब दाऊद ने शाऊल से कहा, किसी मनुष्य का मन उसके कारण कच्चा न हो; तेरा दास जा कर उस पलिश्ती से लड़ेगा। 
1 Samuel 17:33 शाऊल ने दाऊद से कहा, तू जा कर उस पलिश्ती के विरुद्ध नहीं युद्ध कर सकता; क्योंकि तू तो लड़का ही है, और वह लड़कपन ही से योद्धा है। 
1 Samuel 17:34 दाऊद ने शाऊल से कहा, तेरा दास अपने पिता की भेड़ बकरियां चराता था; और जब कोई सिंह वा भालू झुंड में से मेम्ना उठा ले गया, 
1 Samuel 17:35 तब मैं ने उसका पीछा कर के उसे मारा, और मेम्ने को उसके मुंह से छुड़ाया; और जब उसने मुझ पर चढ़ाई की, तब मैं ने उसके केश को पकड़कर उसे मार डाला। 
1 Samuel 17:36 तेरे दास ने सिंह और भालू दोनों को मार डाला; और वह खतनारहित पलिश्ती उनके समान हो जाएगा, क्योंकि उसने जीवित परमेश्वर की सेना को ललकारा है। 
1 Samuel 17:37 फिर दाऊद ने कहा, यहोवा जिसने मुझ सिंह और भालू दोनों के पंजे से बचाया है, वह मुझे उस पलिश्ती के हाथ से भी बचाएगा। शाऊल ने दाऊद से कहा, जा, यहोवा तेरे साथ रहे। 
1 Samuel 17:38 तब शाऊल ने अपने वस्त्र दाऊद को पहिनाए, और पीतल का टोप उसके सिर पर रख दिया, और झिलम उसको पहिनाया। 
1 Samuel 17:39 और दाऊद ने उसकी तलवार वस्त्र के ऊपर कसी, और चलने का यत्न किया; उसने तो उन को न परखा था। इसलिये दाऊद ने शाऊल से कहा, इन्हें पहिने हुए मुझ से चला नहीं जाता, क्योंकि मैं ने नहीं परखा। और दाऊद ने उन्हें उतार दिया। 
1 Samuel 17:40 तब उसने अपनी लाठी हाथ में ले नाले में से पांच चिकने पत्थर छांटकर अपनी चरवाही की थैली, अर्थात अपने झोले में रखे; और अपना गोफन हाथ में ले कर पलिश्ती के निकट चला। 
1 Samuel 17:41 और पलिश्ती चलते चलते दाऊद के निकट पहुंचने लगा, और जो जन उसकी बड़ी ढाल लिये था वह उसके आगे आगे चला। 
1 Samuel 17:42 जब पलिश्ती ने दृष्टि कर के दाऊद को देखा, तब उसे तुच्छ जाना; क्योंकि वह लड़का ही था, और उसके मुख पर लाली झलकती थी, और वह सुन्दर था। 
1 Samuel 17:43 तब पलिश्ती ने दाऊद से कहा, क्या मैं कुत्ता हूं, कि तू लाठी ले कर मेरे पास आता है? तब पलिश्ती अपने देवताओं के नाम ले कर दाऊद को कोसने लगा। 
1 Samuel 17:44 फिर पलिश्ती ने दाऊद से कहा, मेरे पास आ, मैं तेरा मांस आकाश के पक्षियों और वनपशुओं को दे दूंगा। 
1 Samuel 17:45 दाऊद ने पलिश्ती से कहा, तू तो तलवार और भाला और सांग लिये हुए मेरे पास आता है; परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं, जो इस्राएली सेना का परमेश्वर है, और उसी को तू ने ललकारा है। 
1 Samuel 17:46 आज के दिन यहोवा तुझ को मेरे हाथ में कर देगा, और मैं तुझ को मारूंगा, और तेरा सिर तेरे धड़ से अलग करूंगा; और मैं आज के दिन पलिश्ती सेना की लोथें आकाश के पक्षियों और पृथ्वी के जीव जन्तुओं को दे दूंगा; तब समस्त पृथ्वी के लोग जान लेंगे कि इस्राएल में एक परमेश्वर है। 
1 Samuel 17:47 और यह समस्त मण्डली जान लेगी की यहोवा तलवार वा भाले के द्वारा जयवन्त नहीं करता, इसलिये कि संग्राम तो यहोवा का है, और वही तुम्हें हमारे हाथ में कर देगा। 
1 Samuel 17:48 जब पलिश्ती उठ कर दाऊद का साम्हना करने के लिये निकट आया, तब दाऊद सेना की ओर पलिश्ती का साम्हना करने के लिये फुर्ती से दौड़ा। 
1 Samuel 17:49 फिर दाऊद ने अपनी थैली में हाथ डालकर उस में से एक पत्थर निकाला, और उसे गोफन में रखकर पलिश्ती के माथे पर ऐसा मारा कि पत्थर उसके माथे के भीतर घुस गया, और वह भूमि पर मुंह के बल गिर पड़ा। 
1 Samuel 17:50 यों दाऊद ने पलिश्ती पर गोफन और एक ही पत्थर के द्वारा प्रबल हो कर उसे मार डाला; परन्तु दाऊद के हाथ में तलवार न थी। 
1 Samuel 17:51 तब दाऊद दौड़कर पलिश्ती के ऊपर खड़ा हुआ, और उसकी तलवार पकड़कर मियान से खींची, और उसको घात किया, और उसका सिर उसी तलवार से काट डाला। यह देखकर कि हमारा वीर मर गया पलिश्ती भाग गए। 
1 Samuel 17:52 इस पर इस्राएली और यहूद पुरूष ललकार उठे, और गत और एक्रोन से फाटकों तक पलिश्तियों का पीछा करते गए, और घायल पलिश्ती शारैम के मार्ग में और गत और एक्रोन तक गिरते गए। 
1 Samuel 17:53 तब इस्राएली पलिश्तियों का पीछा छोड़कर लौट आए, और उनके डेरों को लूट लिया। 
1 Samuel 17:54 और दाऊद पलिश्ती का सिर यरूशलेम में ले गया; और उसके हथियार अपने डेरे में धर लिए। 
एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 11-12
  • लूका 6:1-26


शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2016

प्रेम


   नेतृत्व पर लिखी गई पुस्तकें अकसर सर्वाधिक बिकने वाली पुस्तकों की सूची में होती हैं। ये पुस्तकें अधिकांशतः सामर्थी और प्रभावशाली अगुवा बनने के तरीके बताती हैं। किंतु हेनरी नौवेन द्वारा लिखी पुस्तक Name of Jesus: Reflections on Christian Leadership एक अलग ही दृष्टिकोण से लिखी गई है। इस पुस्तक के लेखक एक विश्वविद्यालय के भूतपूर्व प्रोफैसर हैं और उन्होंने अनेक वर्षों तक मानसिक तौर पर अपूर्ण विकसित व्यसकों के समाज में सेवा करी है। अपनी पुस्तक में वे कहते हैं, "प्रश्न ये नहीं हैं कि - कितने लोग आपको गंभीरता से लेते हैं? इससे आपको कितनी उपलब्धि प्राप्त हो जाएगी? क्या आप कोई परिणाम दिखाने पाएंगे? वरन प्रश्न यह है कि क्या आप प्रभु यीशु से प्रेम करते हैं?...अकेलेपन और निराशा से भरे हमारे संसार में, ऐसे लोगों की बहुत आवश्यकता है जो परमेश्वर के हृदय को जानते हैं; उस हृदय को जो क्षमा करता है, जो औरों की परवाह करता है, जो पहल करके तथा आगे बढ़कर लोगों को स्वास्थ्य देता है।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के अनुयायी प्रेरित यूहन्ना ने अपनी पत्री में लिखा, "जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं। प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर से प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्‍चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा" (1 यूहन्ना 4:9-10)।

   हेनरी नौवेन ने आगे लिखा कि "आने वाले समय के मसीही अगुवे वे ही होने पाएंगे जो परमेश्वर के हृदय को वास्तव में जानते होंगे; उस हृदय को जो प्रभु यीशु में सदेह होकर हमारे बीच में आया।" प्रभु यीशु में ही हम परमेश्वर के असीम, निस्वार्थ, बिना किसी शर्त पर आधारित प्रेम को जानने और अनुभव करने पाते हैं। - डेविड मैक्कैसलैंड


जब परमेश्वर का प्रेम हमारे हृदयों में होता है तब ही हमारे हृदय औरों के लिए खुलते हैं।

और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा। - यूहन्ना 1:14

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4:7-10
1 John 4:7 हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है। 
1 John 4:8 जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है। 
1 John 4:9 जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं। 
1 John 4:10 प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्‍चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 15-16
  • मरकुस 6:1-29


शनिवार, 6 जून 2015

नेतृत्व


   स्टीफन एम्ब्रोज़ ने अमरीकी सेना की "ईज़ी कंपनी" के इतिहास को, उनके प्रशिक्षण से लेकर दूसरे विश्वयुद्ध में नॉरमैण्डी पर हुए हमले और फिर यूरोप में दूसरे विश्वयुद्ध के अन्त होने तक, अपनी पुस्तक Band of Brothers में लिखा है। उस समय के अधिकांश भाग में ईज़ी कंपनी का नेतृत्व रिचर्ड विन्टर्स ने किया था। रिचर्ड असाधारण रीति से एक अच्छा अफसर था क्योंकि वह अपनी उस टुकड़ी का नेतृत्व सदा आगे रहकर करता था। उस पूरे युद्ध काल में रिचर्ड के मूँह से सबसे अधिक सुनाई देने वाले शब्द थे, "मेरे पीछे आओ!" अन्य अफसर पीछे रहकर सुरक्षा ढूँढते थे, किंतु यदि रिचर्ड की टुकड़ी हमले के लिए जाती तो रिचर्ड सबसे आगे रहकर उनका नेतृत्व करता।

   हम मसीही विश्वासियों का सच्चा और एकमात्र अगुवा है मसीह यीशु। वह हमें भली-भाँति जानता है, यह भी जानता है कि हमें किस चीज़ कि आवश्यकता है और हम कहाँ किस बात में कमज़ोर हैं। एक चरवाहे के समान भेड़ों की रखवाली तथा देखभाल करने के उसके नेतृत्व के कारण ही परमेश्वर के वचन बाइबल से भजन 23 इतना लोकप्रीय भजन हुआ है। इस भजन के दूसरे पद में दाऊद कहता है, "वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है" और तीसरे पद में, "वह मेरे जी में जी ले आता है। धर्म के मार्गो में वह अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई करता है।" ये दोनों विचार दिखाते हैं कि क्यों प्रभु यीशु की हमारे प्रति देखरेख इतनी परिपूर्ण है। चाहे वे तरोताज़ा करने, सामर्थ देने के समय हों ("सुखदाई जल"), या उसे पसन्द आने वाले कार्य करने के समय हों ("धर्म के मार्ग"), हम निसंकोच उसका अनुसरण कर सकते हैं।

   इसी लिए एक पुराने मसीही स्तुति गीत में कहा गया है, "मेरा प्रभु बियाबान के मार्ग को जानता है; मुझे तो बस उसके पीछे-पीछे चलते जाना है"। - बिल क्राउडर


प्रभु यीशु मार्ग जानता है; उसका अनुसरण करते रहिए।

वे तेरे भवन के चिकने भोजन से तृप्त होंगे, और तू अपनी सुख की नदी में से उन्हें पिलाएगा। क्योंकि जीवन का सोता तेरे ही पास है; तेरे प्रकाश के द्वारा हम प्रकाश पाएंगे। - भजन 36:8-9

बाइबल पाठ: भजन 23
Psalms 23:1 यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। 
Psalms 23:2 वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है; 
Psalms 23:3 वह मेरे जी में जी ले आता है। धर्म के मार्गो में वह अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई करता है। 
Psalms 23:4 चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में हो कर चलूं, तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।
Psalms 23:5 तू मेरे सताने वालों के साम्हने मेरे लिये मेज बिछाता है; तू ने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा कटोरा उमण्ड रहा है। 
Psalms 23:6 निश्चय भलाई और करूणा जीवन भर मेरे साथ साथ बनी रहेंगी; और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 25-27
  • यूहन्ना 16



शुक्रवार, 20 दिसंबर 2013

कर्तव्य


   मैंने एक स्थानीय भोजनालय में अपने बच्चों के साथ भोजन समाप्त किया था और बच्चे भोजन से संबंधित कूड़ा वहाँ रखे कूड़ेदान में डाल कर मुड़ ही रहे थे कि एक बड़ी तेज़ी से आ रहे व्यक्ति से उनकी टक्कर होते होते बची। मेरे छोटे बेटे ने चुटकी ली, "शायद यह व्यक्ति कोई चोरी कर के भाग रहा होगा"। मैंने सोचा यह कुछ शिक्षा देने का अच्छा अवसर है और उन से कहा, "बाइबल इस प्रकार के प्रत्युत्तर को दूसरे को जाँचना कहती है, जो हमारा नहीं परमेश्वर का कार्य है।" मेरे बेटे ने तुरंत उत्तर दिया, "आप हमेशा शिक्षा देने में क्यों लगे रहते हैं?" मेरी हंसी निकल गई, हंसी थमने के बाद मैंने उससे कहा, "एक पिता होने के नाते यह मेरा एक ऐसा कर्तव्य है जिससे मैं कभी अवकाश नहीं ले सकता।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने इफिसियों के विश्वासियों की मसीही मण्डली को स्मरण दिलाया कि वह भी कभी प्रभु यीशु के अनुयायियों को शिक्षा देने से अवकाश नहीं लेने पाया था (प्रेरितों 20)। पौलुस जानता था कि उनके मध्य गलत शिक्षाएं देने वाले आएंगे और मण्डली का नाश करने का प्रयत्न करेंगे, इस लिए यह मण्डली के अगुवों का कर्तव्य था कि वे उन नाश करने वालों से मण्डली के लोगों को बचा कर रखें। परमेश्वर के लोगों की देखभाल करने में उन्हें सही और सच्ची मसीही शिक्षाओं का आत्मिक भोजन, नम्रता और संयम के साथ उनका नेतृत्व और दृढ़ता के साथ उनको चिताना सम्मिलित हैं। मण्डली के अगुवों को इस कर्तव्य को निभाने के लिए हमारे और जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु द्वारा इस उद्धार के लिए क्रूस पर चुकाई गई कीमत को सदा स्मरण रखना चाहिए (पद 28)।

   मण्डली के अगुवों पर हमारी आत्माओं की देखभाल की एक बड़ी ज़िम्मेदारी है, जिसके लिए एक दिन वे प्रभु यीशु को लेखा देंगे। इसलिए आईए हम अपने अगुवों के साथ सहयोग करने का मन बना लें और उनके विश्वासयोग्य और परमेश्वर के भय में दिए गए नेतृत्व के प्रति आज्ञाकारी और समर्पित रहने के द्वारा उनके आनन्द का कारण बनें (इब्रानियों 13:17)। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर के वचन को ग्रहण करने के बाद परमेश्वर के कार्य को करना हमारा कर्तव्य है।

अपने अगुवों की मानो; और उनके आधीन रहो, क्योंकि वे उन की नाईं तुम्हारे प्राणों के लिये जागते रहते, जिन्हें लेखा देना पड़ेगा, कि वे यह काम आनन्द से करें, न कि ठंडी सांस ले ले कर, क्योंकि इस दशा में तुम्हें कुछ लाभ नहीं। - इब्रानियों 13:17

बाइबल पाठ: प्रेरितों 20:17-32
Acts 20:17 और उसने मीलेतुस से इफिसुस में कहला भेजा, और कलीसिया के प्राचीनों को बुलवाया। 
Acts 20:18 जब वे उस के पास आए, तो उन से कहा, तुम जानते हो, कि पहिले ही दिन से जब मैं आसिया में पहुंचा, मैं हर समय तुम्हारे साथ किस प्रकार रहा। 
Acts 20:19 अर्थात बड़ी दीनता से, और आंसू बहा बहाकर, और उन परीक्षाओं में जो यहूदियों के षडयन्‍त्र के कारण मुझ पर आ पड़ी; मैं प्रभु की सेवा करता ही रहा। 
Acts 20:20 और जो जो बातें तुम्हारे लाभ की थीं, उन को बताने और लोगों के साम्हने और घर घर सिखाने से कभी न झिझका। 
Acts 20:21 वरन यहूदियों और यूनानियों के साम्हने गवाही देता रहा, कि परमेश्वर की ओर मन फिराना, और हमारे प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करना चाहिए। 
Acts 20:22 और अब देखो, मैं आत्मा में बन्‍धा हुआ यरूशलेम को जाता हूं, और नहीं जानता, कि वहां मुझ पर क्या क्या बीतेगा 
Acts 20:23 केवल यह कि पवित्र आत्मा हर नगर में गवाही दे देकर मुझ से कहता है, कि बन्‍धन और क्‍लेश तेरे लिये तैयार हैं। 
Acts 20:24 परन्तु मैं अपने प्राण को कुछ नहीं समझता: कि उसे प्रिय जानूं, वरन यह कि मैं अपनी दौड़ को, और उस सेवाकाई को पूरी करूं, जो मैं ने परमेश्वर के अनुग्रह के सुसमाचार पर गवाही देने के लिये प्रभु यीशु से पाई है। 
Acts 20:25 और अब देखो, मैं जानता हूं, कि तुम सब जिनमें मैं परमेश्वर के राज्य का प्रचार करता फिरा, मेरा मुंह फिर न देखोगे। 
Acts 20:26 इसलिये मैं आज के दिन तुम से गवाही देकर कहता हूं, कि मैं सब के लोहू से निर्दोष हूं। 
Acts 20:27 क्योंकि मैं परमेश्वर की सारी मनसा को तुम्हें पूरी रीति से बनाने से न झिझका। 
Acts 20:28 इसलिये अपनी और पूरे झुंड की चौकसी करो; जिस से पवित्र आत्मा ने तुम्हें अध्यक्ष ठहराया है; कि तुम परमेश्वर की कलीसिया की रखवाली करो, जिसे उसने अपने लोहू से मोल लिया है। 
Acts 20:29 मैं जानता हूं, कि मेरे जाने के बाद फाड़ने वाले भेड़िए तुम में आएंगे, जो झुंड को न छोड़ेंगे। 
Acts 20:30 तुम्हारे ही बीच में से भी ऐसे ऐसे मनुष्य उठेंगे, जो चेलों को अपने पीछे खींच लेने को टेढ़ी मेढ़ी बातें कहेंगे। 
Acts 20:31 इसलिये जागते रहो; और स्मरण करो; कि मैं ने तीन वर्ष तक रात दिन आंसू बहा बहा कर, हर एक को चितौनी देना न छोड़ा। 
Acts 20:32 और अब मैं तुम्हें परमेश्वर को, और उसके अनुग्रह के वचन को सौंप देता हूं; जो तुम्हारी उन्नति कर सकता है, और सब पवित्रों में साझी कर के मीरास दे सकता है।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 1-3 
  • प्रकाशितवाक्य 11


शुक्रवार, 1 जुलाई 2011

"ईमानदार एबी"

हमारे समाज की यह दशा हो गई है कि हमें अब ईमानदारी की एक बड़ी खुराक अच्छे से पिलाई जाने की बहुत आवश्यक्ता है, विशेषकर हमारे नेताओं को। चाहे व्यापार हो, राजनीति हो, स्कूल में, घरों में यहाँ तक कि चर्चों में भी ईमानदारी का यह अति आवश्यक गुण घटता ही जा रहा है। कपट, घूस, छिपाई हुई कमाई, जमा-खर्च के दोगले रेकॉर्ड, करों की चोरी, अनचुकाए जुर्माने आदि बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि समाज का नियम बन गया है कि नियम तोड़ने से मत डरिए, विशेषकर यदि आप बचकर निकल सकते हैं तो।

ऐसे में हमें भूतपूर्व अमरीकी राष्ट्रपति एब्राहम लिंकन के जीवन से उनके नैतिक और आत्मिक गुणों के बारे में सीखना चाहिए। राष्ट्रपति बनने से पहले वे अपने एक साथी के साथ वकील का कार्य करते थे। अधिकाँशतः लिंकन बाहर जाकर न्यायिक मामलों को संभालते और उनका साथी दफतर में बैठकर बाकी के संबंधित काम देखता। लिंकन दफतर वापस लौटने से पहले मुकद्दमे का शुल्क ले लिया करते थे। शुल्क लेकर वे उसे दो भागों में विभाजित करते, एक भाग को सावधानी से एक कागज़ में लपटेते और उस पर अपने साथी और मुकद्दमे का नाम सावधानी से लिख लेते थे, जिससे यदि उनके दफतर वापस पहुँच कर साथी को उसका हिस्सा देने से पहले यदि कुछ अन्होनी हो जाए तो उनके साथी को उसका हिस्सा मिलने में कोई परेशानी न हो। देखने में तो यह एक छोटी सी बात लगती है, लेकिन यह उस व्यक्ति के चरित्र को दिखाती है जिसे संसार ने "Honest Abe" (ईमानदार एबी) के उपनाम से जाना था।

हमें भी ऐसे ही जीवन जीने चाहिएं जिनसे हमारे नाम के आगे यदि कोई "ईमानदार" शब्द लगाए तो वह झूठा प्रतीत न हो। - डेनिस डी हॉन


मलाई की बातें कर के लोगों को सप्रेटा मत परोसिए।

निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगया करो। - फिलिप्पियों ४:८


बाइबल पाठ: फिलिप्पियों ४:५-९

Php 4:5 तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है।
Php 4:6 किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्‍तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
Php 4:7 तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी।
Php 4:8 निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगाया करो।
Php 4:9 जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा।

एक साल में बाइबल:
  • अय्युब २०-२१
  • प्रेरितों १०:२४-४८

गुरुवार, 30 जून 2011

कुछ प्रश्न

एक शोधकर्ता ने १५०० व्यवसायिक प्रबन्धकों (Buisness Managers) के बारे में अध्ययन किया, यह जानने के लिए कि उनके नीचे काम करने वाले अपने अधिकारी में किन बातों को मूल्य देते हैं। उसके शोध के नतीजों से पता चल कि लोग ऐसे अगुवों का आद्र करते हैं जो कार्य की योग्यता रखते हैं, दूसरों को कार्य के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं, निर्देष देने में निपुण हैं। परन्तु स्ब से अधिक जिस बात को लोग अपने अधिकारी में देखना चाहते थे वह थी ईमानदारी - ऐसे अगुवे जो विश्वासयोग्य हों और अपने कही बात को निभाने में पक्के हों।

यह बात केवल सांसारिक प्रब्न्धकों और अगुवों पर ही लागु नहीं होती, मसीही विश्वासियों पर भी यह बात उतनी ही लागू होती है। ईमानदारी एक ऐसा गुण है जो प्रत्येक मसीही विश्वासी में विद्यमान होना चाहिए, वाहे उसका ओहदा कोई भी हो। भजन १५ के अनुसार इस गुण को प्रत्येक परमेश्वर के भक्त की हर बात और हर कार्य में प्रदर्शित होना चाहिए। क्योंकि बाइबल का परमेश्वर अपनी हर बात ईमानदारी से पूरी करता है, उस परमेश्वर के लोगों को भी ऐसे लोगों के रूप में जने जाना चाहिए जो अपनी हर बात पूरी करते हैं।

हम में से प्रत्येक मसीही विश्वासी को अपने कहे के प्रति ईमानदार रहना है। यह एक ऐसा सत्य है जो मुझे विचिलित करता है। यद्यपि मुझे झूठ बोलने से बच कर रहने में कोई विशेष परेशानी नहीं होती, लेकिन कभी कभी मेरे लिए अपने कहे को निभाना कठिन अवश्य हो जाता है।

क्या हमारे आसपास के लोग हमारी ईमानदारी के लिए हमारी प्रशंसा करते हैं? क्या इसके लिए परमेश्वर हमारी प्रशंसा करता है? क्या हमारा परमेश्वर हमें वही करते देखता है जो हम ने कहा - चाहे इसके लिए हमें दुख ही क्यों न उठाना पड़े? ये कुछ प्रश्न हैं जिन पर हमें गंभीरता से विचार करना चाहिए। - मार्ट डी हॉन


वे ही ऊपर उठ सकते हैं जो अपनी विश्वासयोग्यता के स्तर को बनाए रखना जानते हैं।

हे परमेश्वर तेरे तम्बू में कौन रहेगा? तेरे पवित्र पर्वत पर कौन बसने पाएगा?...जो शपथ खाकर बदलता नहीं चाहे हानि उठाना पड़े। - भजन १५:१, ४


बाइबल पाठ: भजन १५

Psa 15:1 हे परमेश्वर तेरे तम्बू में कौन रहेगा? तेरे पवित्र पर्वत पर कौन बसने पाएगा?
Psa 15:2 वह जो खराई से चलता और धर्म के काम करता है, और हृदय से सच बोलता है;
Psa 15:3 जो अपनी जीभ से निन्दा नहीं करता, और न अपके मित्र की बुराई करता, और न अपने पड़ोसी की निन्दा सुनता है;
Psa 15:4 वह जिसकी दृष्टि में निकम्मा मनुष्य तुच्छ है, और जो यहोवा के डरवैयों का आदर करता है, जो शपथ खाकर बदलता नहीं चाहे हानि उठाना पड़े;
Psa 15:5 जो अपना रूपया ब्याज पर नहीं देता, और निर्दोष की हानि करने के लिये घूस नहीं लेता है। जो कोई ऐसी चाल चलता है वह कभी न डगमगाएगा।

एक साल में बाइबल:
  • अय्युब १७-१९
  • प्रेरितों १०:१-२३

बुधवार, 29 जून 2011

पारदर्शी जीवन

अपनी पुस्तक "Helping Those Who Don't Want Help" में लेखक मार्शल शैली ने एक चर्च के पाद्री के जीवन से संबंधित घटना बताई: पाद्री अपने घर के गैराज से अपनी कार बाहर निकाल रहा था कि उसे कुछ टूटने की आवाज़ सुनाई दी। कार रोक कर वह आवाज़ के कारण का पता करने नीचे उतरा और पाया कि उसके प्रीय शौक मछली पकड़ने की बंसी कार के नीचे आकर टूट गई है। उसने ऊँची आवाज़ में पूछा, "मेरी मछली मारने की बंसी से कौन खेल रहा था?" उसके ५ साल के बेटे ने सकपका कर कहा, "पिताजी मैं खेल रहा था, और उसे वापस जगह पर रखना भूल गया था।" पाद्री को बात रास तो नहीं आई, पर अपने आप पर काबू रखकर उसने बस बेटे से इतना ही कहा, "मुझे सच बताने के लिए धन्यवाद" और अपने कार्य पर निकल पड़ा। बेटे ने जाकर माँ से घटना बताई और अपने जेब खर्च से बचाए हुए दो डॉलर, जो उसकी कुल संपत्ति थी, माँ को देते हुए कहा कि मुझे पिताजी के लिए अब एक नई बंसी खरीदनी है। माँ ने कहा, "ठीक है, लेकिन तुम्हें इसके लिए पैसे देने की आवश्यक्ता नहीं है"; बेटा बोला, "लेकिन मैं ऐसा करना चाहता हूँ, क्योंकि मुझे आज यह पता चल गया है कि पिताजी अपनी मछली मारने की बंसी से अधिक मुझ से प्यार करते हैं।" माँ ने यह बात पाद्री को बता दी।

बाद में एक इतवार की चर्च सभा में पाद्री ने अपनी मंडली को यह घटना सुनाई और कहा, "यह सब जानकर मुझे बहुत बढ़िया लगा। मुझे लगा कि चलो मैंने एक बार तो वह किया जो ठीक था।" चर्च सभा के अन्त में कई लोग पाद्री के पास आए और उससे कहने लगे कि उन्हें उसका यह पारदर्शिता दिखाना और यह कहना कि मैंने एक बार तो वह किया जो ठीक था बहुत भाया। वे लोग यह मान कर चलते थे कि पाद्री कभी कुछ गलत नहीं कर सकता; लेकिन पाद्री की ईमानदारी ने लोगों के दिल को छू लिया।

यह प्रत्येक अगुवे के लिए एक बहुमूल्य शिक्षा है। अगुवे को अपने जीवन की खा़मियों और कमज़ोरियों के प्रगट होने से डरना नहीं चाहिए। जब वे अपने जीवनों के प्रति पार्दर्शी होंगे तो उनकी इस ईमानदारी के कारण लोग उन पर अधिक विश्वास रखेंगे और उनके जीवन से सीखने में हिचकिचाएंगे नहीं। यदि वे अपनी बातें छुपाएंगे और लोगों को वही बातें कही बाहर से पता चलेंगी तो फिर वे आलोचना और अविश्वास का कारण बनेंगी। अगुवों की पारदर्शिता उनके अनुसरणकर्ताओं के लिए विश्वास, प्रोत्साहन और सहायता का कारण बन सकती है। - डेव एग्नर


हमें अपने पड़ौसी की नहीं, अपनी गलतियों का ध्यान करना चाहिए।

यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं। - १ युहन्ना १:८


बाइबल पाठ: याकूब ५:१३-२०

Jas 5:13 यदि तुम में कोई दुखी हो तो वह प्रार्थना करे: यदि आनन्‍दित हो, तो वह स्‍तुति के भजन गाए।
Jas 5:14 यदि तुम में कोई रोगी हो, तो कलीसिया के प्राचीनों को बुलाए, और वे प्रभु के नाम से उस पर तेल मल कर उसके लिये प्रार्थना करें।
Jas 5:15 और विश्वास की प्रार्थना के द्वारा रोगी बच जाएगा और प्रभु उस को उठा कर खड़ा करेगा और यदि उस ने पाप भी किए हों, तो उन की भी क्षमा हो जाएगी।
Jas 5:16 इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है।
Jas 5:17 एलिय्याह भी तो हमारे समान दुख-सुख भोगी मनुष्य था और उस ने गिड़िगड़ा कर प्रार्थाना की कि मेंह न बरसे, और साढ़े तीन वर्ष तक भूमि पर मेंह नहीं बरसा।
Jas 5:18 फिर उस ने प्रार्थना की, तो आकाश से वर्षा हुई, और भूमि फलवन्‍त हुई।
Jas 5:19 हे मेरे भाइयों, यदि तुम में कोई सत्य के मार्ग से भटक जाए, और कोई उस को फेर लाए।
Jas 5:20 तो वह यह जान ले, कि जो कोई किसी भटके हुए पापी को फेर लाएगा, वह एक प्राण को मृत्यु से बचाएगा, और अनेक पापों पर परदा डालेगा।

एक साल में बाइबल:
  • अय्युब १४-१६
  • प्रेरितों ९:२२-४३

मंगलवार, 28 जून 2011

नेतृत्व की ज़िम्मेदारियाँ

प्रसिद्ध अमरीकी लेखक मार्क ट्वेन परमेश्वर से संबंधित बातों के प्रति अपनी कड़ुवाहट और आलोचना प्रगट करने में ज़रा भी हिचकिचाते नहीं थे। दुख की बात यह है कि उनके इस दृष्टिकोण और चर्च के प्रति बैर के लिए कई चर्च के अगुवे ही ज़िम्मेदार थे। ट्वेन ऐसे चर्च अगुवों को को जानते थे जो अपने घरों में गुलाम खरीद कर रखते थे और उनसे बहुत दुर्व्यवहार करते थे। वे ऐसे पाद्रियों को भी जानते थे जो बाइबल से गलत शिक्षा और बाइबल की गलत व्याख्या द्वारा गुलाम प्रथा को जायज़ ठहराते थे। उन्होंने ऐसे लोगों को चर्च में देखा था जो चर्च के अन्दर तो बड़े धार्मिक होने का ढोंग करते लेकिन चर्च के बाहर झूठ बोलने और गाली-गलौज करने में ज़रा नहीं हिचकचते थे। यद्यपि मार्क ट्वेन ने कुछ लोगों, जैसे अपनी माता और पत्नि में सच्चा मसीही प्रेम देखा और अनुभव किया, लेकिन वह कभी चर्च के अगुवों के बुरे और दोगले व्यवहार तथा उनके बुरे जीवन को समझ नहीं पाए और इसी कारण मसीह की ओर आकर्षित नहीं हो सके।

नेतृत्व एक विशेषाधिकार है, और इस विशेषाधिकार के साथ इसे भली भांति निभाने और इसके द्वारा लोगों का भला करने का दायित्व भी मिलता है। यह बात मसीही अगुवों और प्रचारकों पर विशेष रूप से लागू होती है। परमेश्वर अपने वचन के शिक्षकों को इस दायित्व के निर्वाह के लिए अन्य लोगों से अधिक ज़िम्मेदार मानता है; क्योंकि वे एक ऐसे पद पर हैं जहाँ से वे लोगों को मसीह के प्रति आकर्षित भी कर सकते हैं और उन्हें मसीह से निरुत्साहित करके उस से दूर भी कर सकते हैं।

चर्च के अगुवे, जैसे प्रमुख, पादरी, शिक्षक आदि की ज़िम्मेदारी निभाना एक बहुत महान और गंभीर अधिकार है। जिन्हें इस ज़िम्मेदारी के लिए बुलाया गया है उन का कार्य है लोगों को मसीह की ओर लेकर आएं न कि लोगों का मसीह से दूर होने का कारण बनें। ये अगुवे अपनी इस ज़िम्मेदारी को तभी भली भांति निभा सकते हैं जब वे उस सच्चे ज्ञान के केवल प्रचार करने वाले न हों, वरन उसे अपने जीवनों में प्रदर्शित भी करें: "जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्र होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्‍छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है" (याकूब ३:१७)। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


अच्छे नेता वही बन सकते हैं जो मसीह यीशु का अनुसरण करते हैं।

हे मेरे भाइयों, तुम में से बहुत उपदेशक न बनें, क्‍योंकि जानते हो, कि हम उपदेशक और भी दोषी ठहरेंगे। - याकूब ३:१


बाइबल पाठ: याकूब ३
Jas 3:1 हे मेरे भाइयों, तुम में से बहुत उपदेशक न बनें, क्‍योंकि जानते हो, कि हम उपदेशक और भी दोषी ठहरेंगे।
Jas 3:2 इसलिये कि हम सब बहुत बार चूक जाते हैं: जो कोई वचन में नहीं चूकता, वही तो सिद्ध मनुष्य है और सारी देह पर भी लगाम लगा सकता है।
Jas 3:3 जब हम अपने वश में करने के लिये घोड़ों के मुंह में लगाम लगाते हैं, तो हम उन की सारी देह को भी फेर सकते हैं।
Jas 3:4 देखो, जहाज भी, यद्यपि ऐसे बड़े होते हैं, और प्रचण्‍ड वायु से चलाए जाते हैं, तौभी एक छोटी सी पतवार के द्वारा मांझी की इच्‍छा के अनुसार घुमाए जाते हैं।
Jas 3:5 वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है और बड़ी बड़ी डींगे मारती है: देखो, थोड़ी सी आग से कितने बड़े वन में आग लग जाती है।
Jas 3:6 जीभ भी एक आग है: जीभ हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्‍ड की आग से जलती रहती है।
Jas 3:7 क्‍योंकि हर प्रकार के वन-पशु, पक्षी, और रेंगने वाले जन्‍तु और जलचर तो मनुष्य जाति के वश में हो सकते हैं और हो भी गए हैं।
Jas 3:8 पर जीभ को मनुष्यों में से कोई वश में नहीं कर सकता; वह एक ऐसी बला है जो कभी रूकती ही नहीं, वह प्राण नाशक विष से भरी हुई है।
Jas 3:9 इसी से हम प्रभु और पिता की स्‍तुति करते हैं और इसी से मनुष्यों को जो परमेश्वर के स्‍वरूप में उत्‍पन्न हुए हैं श्राप देते हैं।
Jas 3:10 एक ही मुंह से धन्यवाद और श्राप दोनों निकलते हैं।
Jas 3:11 हे मेरे भाइयों, ऐसा नही होना चाहिए।
Jas 3:12 क्‍या सोते के एक ही मुंह से मीठा और खारा जल दोनों निकलता है? हे मेरे भाइयों, क्‍या अंजीर के पेड़ में जैतून, या दाख की लता में अंजीर लग सकते हैं? वैसे ही खारे सोते से मीठा पानी नहीं निकल सकता।
Jas 3:13 तुम में ज्ञानवान और समझदार कौन है जो ऐसा हो वह अपने कामों को अच्‍छे चालचलन से उस नम्रता सहित प्रगट करे जो ज्ञान से उत्‍पन्न होती है।
Jas 3:14 पर यदि तुम अपने अपने मन में कड़वी डाह और विरोध रखते हो, तो सत्य के विरोध में घमण्‍ड न करना, और न तो झूठ बोलना।
Jas 3:15 यह ज्ञान वह नहीं, जो ऊपर से उतरता है वरन सांसारिक, और शारीरिक, और शैतानी है।
Jas 3:16 इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्‍कर्म भी होता है।
Jas 3:17 पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्र होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्‍छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है।
Jas 3:18 और मिलाप कराने वालों के लिये धामिर्कता का फल मेल-मिलाप के साथ बोया जाता है।

एक साल में बाइबल:
  • अय्युब ११-१३
  • प्रेरितों ९:१-२१

सोमवार, 27 जून 2011

फलों से पहचानिए

इतिहास साक्षी है कि अनेक बार अधर्मी और अयोग्य लोगों ने अपने प्रभावी व्यक्तित्व और विलक्षण कार्यों द्वारा प्रतापी और ऊँचे ओहदे प्राप्त कर लिये। लेकिन उनके ये स्वाभाविक गुण और विलक्षण कार्य, चाहे वे परमेश्वर के नाम से ही क्यों न किये गए हों, वह भला और आत्मिक नेतृत्व प्रदान नहीं कर सके जो परमेश्वर चाहता है और जिसके लिए अपनी सहमति देता है। इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है एक समय रूस के राज्य में रहा एक "पादरी" रासपुटिन।

रासपुटिन ने रूस के राजा ज़ार निकोलस द्वितीय के घर में अपनी पकड़ बना ली क्योंकि ऐसा लगता था कि किसी आलौकिक शक्ति द्वारा वह राजा के बिमार बेटे को ठीक रख पाता था। उस समय के अन्य चिकित्सकों की बजाए, रासपुटिन उस लड़के के लिए अधिक अच्छा कर पाता था। उसने ज़ार और उसकी पत्नि के मन यह भर दिया कि उनका बेटा केवल तब तक ही जीवित रहेगा जब तक वे उसकी बात मानते रहेंगे। राजा और रानी को अपने वश में करने के बाद रासपुटिन का व्यवहार क्रूर और अनैतिक होता गया, किंतु केवल अपनी धमकियों और भय के द्वारा ही वह महल और समाज में अपना स्थान बनाए रहा।

ठग शातिर हो सकते हैं, वे अद्भुत दिखने वाले झूठे चमत्कार भी कर सकते हैं; लेकिन जब उनके जीवन बारीके से जाँचे जाते हैं तब ही उनकी वास्तविकता पता पड़ती है। ऐसे लोग भला नेतृत्व कभी नहीं दे सकते क्यों कि उनके जीवनों में परमेश्वर के आत्मा के फल नहीं होते। उनका जीवन और भलाई वैसे ही झूठे हैं जैसे किसी सेब के पेड़ पर धागों से सेब बाँध दिये जाएं, यह दिखाने को कि वह पेड़ बहुत फल देने वाला है!

भले नेतृत्व की क्षमता बाहर से नहीं, भीतर से आती है। जिसके जीवन में परमेश्वर के आत्मा के फल (गलतियों ५:२२, २३): प्रेम, आनन्द, मेल धीरज, कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता और संयम हों, वे ही भला नेतृत्व भी प्रदान कर सकते हैं।

भला नेतृत्व दे सकने वाले को पहचानना है, तो उसके जीवन में आत्मा के फलों को खोजिए। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


अच्छा अगुवा वही है जो मार्ग जानता है, स्वयं उस मार्ग पर चलता है और उस मार्ग पर चलने के लिए दूसरों को प्रेरित करता है।

उन के फलों से तुम उन्‍हें पहचान लोगे; - मत्ती ७:१६

बाइबल पाठ: मती ७:१५-२०

Mat 7:15 झूठे भविष्यद्वक्ताओं से सावधान रहो, जो भेड़ों के भेष में तुम्हारे पास आते हैं, परन्‍तु अन्दर में फाड़ने वाले भेड़िए हैं।
Mat 7:16 उन के फलों से तुम उन्‍हें पहचान लोगे; क्‍या झाडिय़ों से अंगूर, वा ऊंटकटारों से अंजीर तोड़ते हैं?
Mat 7:17 इसी प्रकार हर एक अच्‍छा पेड़ अच्‍छा फल लाता है और निकम्मा पेड़ बुरा फल लाता है।
Mat 7:18 अच्‍छा पेड़ बुरा फल नहीं ला सकता, और न निकम्मा पेड़ अच्‍छा फल ला सकता है।
Mat 7:19 जो जो पेड़ अच्‍छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में डाला जाता है।
Mat 7:20 सो उन के फलों से तुम उन्‍हें पहचान लोगे।

एक साल में बाइबल:
  • अय्युब ८-१०
  • प्रेरितों ८:२६-४०

रविवार, 26 जून 2011

अच्छा उदाहरण

१९४० के दशक में मूडी बाइबल इन्सटीट्यूट के प्रमुख, विल हौटन, पहले न्यू यॉर्क शहर में एक चर्च के पादरी हुआ करते थे, और उन्के विश्वास के उत्तम जीवन के कारण वहाँ उनका बहुत नाम था। वहाँ रहने वाला एक व्यक्ति जो परमेश्वर में विश्वास नहीं करता था, आत्म हत्या करने के बारे में सोच रहा था। उसने अपने आप को एक मौका और देने की ठानी और निश्चय किया कि यदि उसे एक भी ऐसा प्रचारक मिल जाएगा जो अपने प्रचार को अपने जीवन में जी कर के दिखाता हो, तो वह उसकी बात सुनेगा। क्योंकि विल हौटन का उन दिनों बहुत नाम था इसलिए उसने विल को ही अपने अध्ययन का विष्य बनाने का निर्णय किया। उसने एक निजी जासूस को नियुक्त किया कि वह विल पर गुप्त रूप से लगातार नज़र रखे और उसकी गतिविधियों का विशलेष्ण कर के उसे बताए। कुछ समय बाद उस जासूस ने अपनी रिपोर्ट उसे पेश करी, जिसका निशकर्ष था कि विल किसी भी बात में दोषी नहीं पाया गया है। वह अविश्वासी विल के चर्च जाने लगा, उसने अपने पापों से पश्चाताप कर के प्रभु यीशु को अपना निज उद्धारकर्ता ग्रहण किया, और बाद में अपनी बेटी को मूडी बाइबल इन्सटीट्यूट में बाइबल अध्ययन के लिए भेजा।

बाइबल का एक पात्र न्हेम्याह भी ऐसा ही व्यक्ति था जिसने अपने जीवन के उदाहरण द्वारा अपने आस-पास के लोगों को प्रभावित किया। यहाँ तक कि बहुत धनी ऊँचे ओहदे वाले लोग भी शाँत होकर आदर से उसकी बात सुनते थे, तब भी जब वह उन्हें डाँट रहा होता था। क्यों? उसके जीवन जीने के स्तर के कारण। जो कुछ वह चाहता था कि दूसरे करें, वह पहले अपने जीवन में उसे कर के दिखाता था। न्हेम्याह ने कभी अपने ओहदे को दौलत जमा करने का ज़रिया नहीं बनाया, उसने कामगारों को केवल काम करने की आज्ञा नहीं दी वरन उनके साथ मिलकर उनके कठोर परिश्रम में उनका हाथ भी बंटाया। ऐसे व्य्क्ति की बात को कौन नहीं सुनता, कौन उसकी बात को टालता?

एक उत्तम जीवन, उन में जो उसे देखते हैं, आत्मिक और नैतिक बोध उत्पन्न करता है और अपनी गवाही के शब्दों पर विश्वास की सामर्थ देता है। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


अपने होटों से बेहतर प्रचार हम अपने जीवन द्वारा कर सकते हैं।

कोई तेरी जवानी को तुच्‍छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्रता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा। - १ तिमुथियुस ४:१२


बाइबल पाठ: न्हेम्याह ५:१-१६

Neh 5:1 तब लोग और उनकी स्त्रियों की ओर से उनके भाई यहूदियों के किरुद्ध बड़ी चिल्लाहट मची।
Neh 5:2 कितने तो कहते थे, हम अपने बेटे-बेटियों समेत बहुत प्राणी हैं, इसलिये हमें अन्न मिलना चाहिये कि उसे खाकर जीवित रहें।
Neh 5:3 और कितने कहते थे, कि हम अपने अपने खेतों, दाख की बारियों और घरों को महंगी के कारण बन्धक रखते हैं, कि हमें अन्न मिले।
Neh 5:4 फिर कितने यह कहते थे, कि हम ने राजा के कर के लिये अपने अपने खेतों और दाख की बारियों पर रुपया उधार लिया।
Neh 5:5 परन्तु हमारा और हमारे भाइयों का शरीर और हमारे और उनके लड़के बाले एक ही समान हैं, तौभी हम अपने बेटे-बेटियों को दास बनाते हैं; वरन हमारी कोई कोई बेटी दासी भी हो चुकी हैं और हमारा कुछ बस नहीं चलता, क्योंकि हमारे खेत और दाख की बारियां औरों के हाथ पड़ी हैं।
Neh 5:6 यह चिल्लाहट ओर ये बातें सुनकर मैं बहुत क्रोधित हुआ।
Neh 5:7 तब अपने मन में सोच विचार करके मैं ने रईसों और हाकिमों को घुड़क कर कहा, तुम अपने अपने भाई से ब्याज लेते हो। तब मैं ने उनके विरुद्ध एक बड़ी सभा की।
Neh 5:8 और मैं ने उन से कहा, हम लोगों ने तो अपनी शक्ति भर अपने यहूदी भाइयों को जो अन्यजातियों के हाथ बिक गए थे, दाम देकर छुड़ाया है, फिर क्या तुम अपने भाइयों को बेचोगे? क्या वे हमारे हाथ बिकेंगे? तब वे चुप रहे और कुछ न कह सके।
Neh 5:9 फिर मैं कहता गया, जो काम तुम करते हो वह अच्छा नहीं है; क्या तुम को इस कारण हमारे परमेश्वर का भय मानकर चलना न चाहिये कि हमारे शत्रु जो अन्यजाति हैं, वे हमारी नामधराई न करें?
Neh 5:10 मैं भी और मेरे भाई और सेवक उनको रुपया और अनाज उधार देते हैं, परन्तु हम इसका ब्याज छोड़ दें।
Neh 5:11 आज ही अनको उनके खेत, और दाख, और जलपाई की बारियां, और घर फेर दो; और जो रुपया, अन्न, नया दाखमधु, और टटका तेल तुम उन से ले लेते हो, उसका सौवां भाग फेर दो;
Neh 5:12 अन्होंने कहा, हम उन्हें फेर देंगे, और उन से कुछ न लेंगे; जैसा तू कहता है, वैसा ही हम करेंगे। तब मैं ने याजकों को बुलाकर उन लोगों को यह शपथ खिलाई, कि वे इसी वचन के अनुसार करेंगे।
Neh 5:13 फिर मैं ने अपने कपड़े की छोर फाड़ कर कहा, इसी रीति से जो कोई इस वचन को पूरा न करे, उसको परमेश्वर फाड़ कर, उसका घर और कमाई उस से छुड़ाए, और इसी रीति से वह फाड़ा जाए, और छूछा हो जाए। तब सारी सभा ने कहा, आमीन ! और यहोवा की स्तुति की। और लोगों ने इस वचन के अनुसार काम किया।
Neh 5:14 फिर जब से मैं यहूदा देश में उनका अधिपति ठहराया गया, अर्थात राजा अर्तझत्र के बीसवें वर्ष से ले उसके बत्तीसवें वर्ष तक, अर्थात बारह वर्ष तक मैं और मेरे भाई अधिपति के हक का भोजन खाते रहे।
Neh 5:15 परन्तु पहिले अधिपति जो मुझ से आगे थे, वह प्रजा पर भार डालते थे, और उन से रोटी, और दाखमधु, और इस से अधिक चालीस शेकेल चान्दी लेते थे, वरन उनके सेवक भी प्रजा के ऊपर अधिकार जताते थे, परन्तु मैं ऐसा नहीं करता था, क्योंकि मैं यहोवा का भय मानता था।
Neh 5:16 फिर मैं शहरपनाह के काम में लिपटा रहा, और हम लोगों ने कुछ भूमि मोल न ली और मेरे सब सेवक काम करने के लिये वहां इकट्ठे रहते थे।

एक साल में बाइबल:
  • अय्युब ५-७
  • प्रेरितों ८:१-२५

शनिवार, 25 जून 2011

अनुसरणीय नेतृत्व

शिकागो शहर के अखबारों में शहर की भीतरी भागों में स्थित एक आवासीय बस्ती में लगातार हो रही गुण्डागर्दी और लोगों पर हो रहे हमलों की घटनाओं की चर्चा थी। ऐसा प्रतीत होता था कि पुलिस इन घटनाओं को रोक पाने में असमर्थ थी। शिकागो नगरपलिका की अध्य्क्षा जेन बायर्न इस समस्या को सुलझाने में लगी थी लेकिन कोई कारगर हल नहीं मिल पा रहा था। फिर अचानक सब को अचंभित करते हुए जेन ने घोषणा करी कि वे और उनके पति उस आवासीय बस्ती में जा कर वहाँ रहना आरंभ करेंगे। उनके इस साहस पूर्ण कदम ने तुरंत उन्हें समाज में लोकप्रीय बना दिया और इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए उन्हें समाज का भरपूर समर्थन भी प्राप्त हुआ। उनके समस्या से ग्रसित स्थान पर स्वयं जाकर रहने से एक दम बहुत प्रभाव पड़ा और समस्या को काबू में लाने में बहुत सहायता मिली।

यह घटना और उदाहरण मुझे स्मरण दिलाता है परमेश्वर के वचन के एक पात्र नहेम्याह की। नहेम्याह फारस के राजा के पास ऊँचे पद पर काम करने वाला एक यहूदी दास था, और राजा का विश्वासपात्र था। जब उसे अपनी मातृभूमि में यरुशलेम की दुर्दशा - शहर की ध्वस्त दीवारें, उखड़े और जले हुए फाटक और वहाँ रहने वाले लोगों के दुखी जीवन का पता चला तो वह बहुत दुखी हुआ। हृदय की वेदना के साथ उसने अपने लोगों के पापों के लिए कई दिनों तक परमेश्वर के सामने विलाप किया, उपवास रखा और प्रार्थनाएं करीं। फिर जैसा परमेश्वर ने उसे निर्देश दिया, वह अपनी नौकरी की सुरक्षा और आराम को छोड़ कर दुर्दशा में पड़े यरुशलेम को संवारने के लिए वहाँ जाकर रहने लगा। उसने यरुशलेम का पुनःर्निमाण आरंभ किया और इस कार्य में अनेक कठिनाईयों का सामना करते हुए वह वहाँ तब तक रहा जब तक शहर की दीवारें फिर से नहीं बन गईं और शहर में शाँति तथा व्यवस्था स्थापित नहीं हो गई।

हम चाहे किसी भी ओहदे पर कार्य करते हों, यदि हमें परमेश्वर के लिए उपयोगी होना है तो मनुष्यों की तकलीफों को समझने, उन्हें महसूस करने और उन के निवारण का माध्यम बनने के लिए तैयार होना आवश्यक है। तब ही हम अनुसरणीय नेतृत्व प्रदान करने वाले बन सकते हैं और समाज का कुछ भला कर सकते हैं। - मार्ट डी हॉन


जो लोग हमारे कथनी पर विश्वास नहीं करते, वे हमारी करनी देखकर विश्वास लाएंगे।

मैं रात को तराई के फाटक में होकर निकला और अजगर के सोते की ओर, और कूड़ा फाटक के पास गया, और यरूशलेम की टूटी पड़ी हुई शहरपनाह और जले फाटकों को देखा। - नहेम्याह २:१३


बाइबल पाठ: नहेम्याह १:१-६; २:११-१८

Neh 1:1 हकल्याह के पुत्र नहेम्याह के वचन। बीसवें वर्ष के किसलवे नाम महीने में, जब मैं शूशन नाम राजगढ़ में रहता था,
Neh 1:2 तब हनानी नाम मेरा एक भाई और यहूदा से आए हुए कई एक पुरुष आए; तब मैं ने उन से उन बचे हुए यहूदियों के विषय जो बन्धुआई से छूट गए थे, और यरूशलेम के विष्य में पूछा।
Neh 1:3 उन्होंने मुझ से कहा, जो बचे हुए लोग बन्धुआई से छूटकर उस प्रान्त में रहते हैं, वे बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं, और उनकी निन्दा होती है क्योंकि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई, और उसके फाटक जले हुए हैं।
Neh 1:4 ये बातें सुनते ही मैं बैठ कर रोने लगा और कितने दिन तक विलाप करता और स्वर्ग के परमेश्वर के सम्मुख उपवास करता और यह कहकर प्रार्थना करता रहा।
Neh 1:5 हे स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा, हे महान और भययोग्य ईश्वर ! तू जो अपने प्रेम रखने वाले और आज्ञा मानने वाले के विष्य अपनी वाचा पालता और उन पर करुणा करता है;
Neh 1:6 तू कान लगाए और आंखें खोले रह, कि जो प्रार्थना मैं तेरा दास इस समय तेरे दास इस्राएलियों के लिये दिन रात करता रहता हूँ, उसे तू सुन ले। मैं इस्राएलियों के पापों को जो हम लोगों ने तेरे विरुद्ध किए हैं, मान लेता हूँ। मैं और मेरे पिता के घराने दोनों ने पाप किया है।
Neh 2:11 जब मैं यरूशलेम पहुंच गया, तब वहां तीन दिन रहा।
Neh 2:12 तब मैं थोड़े पुरुषों को लेकर रात को उठा; मैं ने किसी को नहीं बताया कि मेरे परमेश्वर ने यरूशलेम के हित के लिये मेरे मन में क्या उपजाया था। और अपनी सवारी के पशु को छोड़ कोई पशु मेरे संग न था।
Neh 2:13 मैं रात को तराई के फाटक में होकर निकला और अजगर के सोते की ओर, और कूड़ा फाटक के पास गया, और यरूशलेम की टूटी पड़ी हुई शहरपनाह और जले फाटकों को देखा।
Neh 2:14 तब मैं आगे बढ़कर सोते के फाटक और राजा के कुणड के पास गया परन्तु मेरी सवारी के पशु के लिये आगे जाने को स्थान न था।
Neh 2:15 तब मैं रात ही रात नाले से हो कर शहरपनाह को देखता हुआ चढ़ गया फिर घूमकर तराई के फाटक से भीतर आया, और इस प्रकार लौट आया।
Neh 2:16 और हाकिम न जानते थे कि मैं कहां गया और क्या करता था वरन मैं ने तब तक न तो यहूदियों को कुछ बताया था और न याजकों और न रईसों और न हाकिमों और न दूसरे काम करने वालों को।
Neh 2:17 तब मैं ने उन से कहा, तुम तो आप देखते हो कि हम कैसी दुर्दशा में हैं, कि यरूशलेम उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं। तो आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह को बनाएं, कि भविष्य में हमारी नामधराई न रहे।
Neh 2:18 फिर मैं ने उनको बतलाया, कि मेरे परमेश्वर की कृपादृष्टि मुझ पर कैसी हुई और राजा ने मुझ से क्या क्या बातें कही थीं। तब उन्होंने कहा, आओ हम कमर बान्धकर बनाने लगें। और उन्होंने इस भले काम को करने के लिये हियाव बान्ध लिया।

एक साल में बाइबल:
  • अय्युब ३, ४
  • प्रेरितों ७:४४-६०