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Wednesday, November 30, 2011

उद्देश्य

   चित्रकार होलमैन हन्ट ने अपनी कलाकृति The Shadow of Death में प्रभु यीशु मसीह की मृत्यु की निश्चितता को प्रतिबिंबित किया है। यह कलाकृति प्रभु यीशु द्वारा अपनी सेवकाई आरंभ करने के पहले के समय को लेकर बनाई गई है, जब यीशु बढ़ई का कार्य करते थे। इस चित्र में दिखाया गया है कि यीशु अपने औज़ारों और कार्य करने की बेंच के निकट खड़े हैं, लकड़ी काटने की अपनी आरी उन्होंने बेंच पर रखी है और अपनी नज़रें आकाश की ओर लगाकर, अपनी माँसपेशियों के तनाव को निकालने के लिए उन्होंने अपने हाथ आकाश की ओर फैलाए हुए हैं। डुबते सूरज की किरणें खुले दरवाज़े से आकर पीछे की दीवार पर उनकी छाया डाल रहीं हैं, जहाँ दीवार पर औज़ार लटकाने का एक तखता लगा है जिस पर उनके फैली हुई बाहों की परछाईं पड़ रही है और पूरा दृश्य प्रभु के क्रूस पर चढ़े होने का सा चित्रण कर रहा है। निकट ही भूमि पर उनकी माता मरियम घुटने टेके बैठी है, उसका हाथ उस सन्दूक पर रखा है जिसमें प्रभु के जन्म के समय आए विद्वानों द्वारा अर्पित की गई बहुमूल्य भेंटें रखी हैं और उसके चेहरे पर अपने बेटे की इस छाया को देखने से विस्मय झलक रहा है।

   यह चित्र इस केंद्रूय सत्य को दर्शाती है कि प्रभु यीशु इस संसार में संसार के पापों का निवार्ण करने ही आए थे (युहना १:२९)। वे यह कार्य हमारे पापों को अपने ऊपर लिए हुए क्रूस की मृत्यु से होकर गुज़रने के द्वारा ही कर सकते थे (१ पतरस २:२४)।

   प्रभु यीशु इस संसार में समस्त संसार के पापों के लिए मरने के लिए ही जन्में थे। उस आते क्रूस की छाया सदा उनके साथ रही, वे उसकी परछाईं ही में जीए, यह भली भांति जानते हुए कि अपने पिता के कार्य में लगे होने से (लूका २:४९) उन्हें अन्ततः क्रूस की मृत्यु का कड़ुवा घूंट पीना ही पड़ेगा (लूका २२:४२)।

   आज हम आनन्दित हो सकते हैं क्योंकि हम सब कि मुक्ति के लिए प्रभु यीशु ने क्रूस की छाया में जीवन जिया, क्रूस की मृत्यु को सहा, तीसरे दिन मृतकों से जी उठे और अपने विश्वासियों को अपने साथ स्वर्ग में ले जाने के लिए वे पुनः आने वाले हैं। प्रभु ने अपना उद्देश्य पूरा किया है। - डेव एग्नर


कीलों से छिदे यीशु के हाथ परमेश्वर के प्रेम से भरे हृदय को दर्शाते हैं।

...परन्‍तु मैं इसी कारण इस घड़ी को पहुंचा हूं। हे पिता अपने नाम की महिमा कर: तब यह आकाशवाणी हुई, कि मैं ने उस की महिमा की है, और फिर भी करूंगा। - युहन्ना १२:२७, २८

बाइबल पाठ: युहन्ना १२:२७-३६
    Joh 12:27  अब मेरा जी व्याकुल हो रहा है। इसलिये अब मैं क्‍या कहूं हे पिता, मुझे इस घड़ी से बचा? परन्‍तु मैं इसी कारण इस घड़ी को पहुंचा हूं।
    Joh 12:28  हे पिता अपने नाम की महिमा कर: तब यह आकाशवाणी हुई, कि मैं ने उस की महिमा की है, और फिर भी करूंगा।
    Joh 12:29  तब जो लोग खड़े हुए सुन रहे थे, उन्‍होंने कहा कि बादल गरजा, औरों ने कहा, कोई स्‍वर्गदूत उस से बोला।
    Joh 12:30  इस पर यीशु ने कहा, यह शब्‍द मेरे लिये नहीं परन्‍तु तुम्हारे लिये आया है।
    Joh 12:31  अब इस जगत का न्याय होता है, अब इस जगत का सरदार निकाल दिया जाएगा।
    Joh 12:32  और मैं यदि पृथ्वी पर से ऊंचे पर चढ़ाया जाऊंगा, तो सब को अपने पास खीचूंगा।
    Joh 12:33  ऐसा कह कर उस ने यह प्रगट कर दिया, कि वह कैसी मृत्यु से मरेगा।
    Joh 12:34  इस पर लोगों ने उस से कहा, कि हम ने व्यवस्था की यह बात सुनी है, कि मसीह सर्वदा रहेगा, फिर तू क्‍यों कहता है, कि मनुष्य के पुत्र को ऊंचे पर चढ़ाया जाना अवश्य है?
    Joh 12:35  यह मनुष्य का पुत्र कौन है? यीशु ने उन से कहा, ज्योति अब थोड़ी देर तक तुम्हारे बीच में है, जब तक ज्योति तुम्हारे साथ है तब तक चले चलो; ऐसा न हो कि अन्‍धकार तुम्हें आ घेरे; जो अन्‍धकार में चलता है वह नहीं जानता कि किधर जाता है।
    Joh 12:36  जब तक ज्योति तुम्हारे साथ है, ज्योति पर विश्वास करो कि तुम ज्योति के सन्‍तान होओ।...
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ३७-३९ 
  • २ पतरस २

Tuesday, November 29, 2011

दोषी या धर्मी

   एक प्रचारक ने कुछ जवानों से पुछा, क्षमा प्राप्त करने के लिए उन्हें क्या करना होगा? एक ने चुटकी लेते हुए कहा, "पाप"; प्रचारक ने उत्तर दिया, "तब तो हम सब को क्षमा के प्रार्थी होना चाहिए!"

   डा० कार्ल मेनिन्गर ने एक व्यक्ति के बारे में लिखा जो शिकागो शहर में मार्गों के एक कोने पर खड़ा रहता था और अचानक किसी राह चलते की ओर अपनी ऊँगली उठा कर ऊँची आवाज़ में कहता ’दोषी’ फिर बिना अपना हाव-भाव बदले स्थिर होकर खड़ा हो जाता, और कुछ समय पश्चात फिर से यही क्रिया दोहराता। एक बार एक व्यक्ति ने, जिस की ओर उसने इशारा कर के ’दोषी’ कहा था, अपने साथ चलने वाले मित्र से पूछा, "इसे कैसे पता चल गया?" लेकिन वस्तुस्थिति यह है कि वह व्यक्ति हम में से किसी की ओर भी इशारा कर के यही बात कह सकता है, और वह गलत नहीं होगा।

   परमेश्वर का वचन बाइबल यह स्पष्ट बताती है "इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं" (रोमियों ३:२३)। समस्त मानव इतिहास में प्रभु यीशु को छोड़ कोई ऐसा नहीं हुआ है जिसने पाप न किया हो; हर कोई पाप का दोषी है - जन्म से भी और जीवन से भी - चाहे कर्मों में हो अथवा विचारों में, पाप सभी ने किया है और करते रहते हैं। इसी लिए सभी अपने अपने पाप की मज़दूरी के भी भागी हैं, जो है मृत्यु - "क्‍योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है..." (रोमियों ६:२३)। यह मृत्यु शारीरिक भी है - आत्मा का शरीर से विच्छेद; और आत्मिक भी है - आत्मा का परमेश्वर से विच्छेद। किंतु जो बाइबल का जो पद पाप की मज़दूरी के बारे में बताता है, वही उसके निवारण के बारे में भी बताता है - "...परन्‍तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु यीशु मसीह में अनन्‍त जीवन है" (रोमियों ६:२३)।

   पाप का यह दोष प्रभु यीशु में विश्वास के द्वारा हटाया जा सकता है। क्योंकि प्रभु यीशु परमेश्वर का सिद्ध प्रतिरूप, परमेश्वर का पुत्र था, जन्म, कर्म और विचारों से संपूर्णतः निषपाप और निषकलंक था, इसलिए पाप के दण्ड, अर्थात मृत्यु का उस पर कभी कोई अधिकार नहीं था। हमारे पापों का दण्ड अपने ऊपर लेकर प्रभु यीशु ने हमारी म्रुत्यु भी अपने ऊपर ले ली और हमारे स्थान पर क्रूस की मृत्यु सह ली, और अपने मृत्यु पर जयवंत होने के प्रमाण के लिए वह कब्र में से तीसरे दिन जी भी उठा। इसलिए अब जो कोई साधारण विश्वास से अपने पापों की क्षमा उससे माँग लेता है और उसे अपने उद्धारकर्ता के रूप में स्वीकार कर लेता है, वह परमेश्वर से, प्रभु यीशु की मृत्यु और जी उठने के आधार पर, अपने पापों की क्षमा भी प्राप्त कर लेता है।

   जिस किसी ने प्रभु यीशु को अपना मुक्तिदाता स्वीकार नहीं किया है, उनके लिए आज और अभी यह अवसर है, केवल साधारण विश्वास द्वारा सच्चे मन से कही एक प्रार्थना - "हे प्रभु यीशु मेरे पाप क्षमा करें, मुझे अपनी शरण में लें" इस के लिए काफी है। प्रभु का सेंत-मेंत उद्धार का प्रस्ताव अभी सब के लिए उपलब्ध है; वह आपको दोषी से धर्मी बनाने में सक्षम है। - रिचर्ड डी हॉन


कोई भी अपने आप में इतना भला नहीं है कि अपने आप को पाप के दण्ड से बचा सके; कोई भी पाप में इतना गिरा भी नहीं है कि दण्ड से परमेश्वर उसे बचा ना सके।

इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं। - रोमियों ३:२३
 
बाइबल पाठ: रोमियों ३:९-२५
    Rom 3:9  तो फिर क्‍या हुआ क्‍या हम उन से अच्‍छे हैं कभी नहीं? क्‍योंकि हम यहूदियों और यूनानियों दोनों पर यह दोष लगा चुके हैं कि वे सब के सब पाप के वश में हैं।
    Rom 3:10  जैसा लिखा है, कि कोई धर्मी नहीं, एक भी नहीं।
    Rom 3:11  कोई समझदार नहीं, कोई परमेश्वर का खोजने वाला नहीं।
    Rom 3:12  सब भटक गए हैं, सब के सब निकम्मे बन गए, कोई भलाई करने वाला नहीं, एक भी नहीं।
    Rom 3:13  उन का गला खुली हुई कब्र है: उन्‍हीं ने अपनी जीभों से छल किया है: उन के होठों में सापों का विष है।
    Rom 3:14  और उन का मुंह श्राप और कड़वाहट से भरा है।
    Rom 3:15  उन के पांव लोहू बहाने को र्फुतीले हैं।
    Rom 3:16  उन के मार्गों में नाश और क्‍लेश है।
    Rom 3:17  उन्‍होंने कुशल का मार्ग नहीं जाना।
    Rom 3:18  उन की आंखों के साम्हने परमेश्वर का भय नहीं।
    Rom 3:19  हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्‍हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्‍द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्‍ड के योग्य ठहरे।
    Rom 3:20  क्‍योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है।
    Rom 3:21  पर अब बिना व्यवस्था परमेश्वर की धामिर्कता प्रगट हुई है, जिस की गवाही व्यवस्था और भविष्यद्वक्ता देते हैं।
    Rom 3:22  अर्थात परमेश्वर की वह धामिर्कता, जो यीशु मसीह पर विश्वास करने से सब विश्वास करने वालों के लिये है; क्‍योंकि कुछ भेद नहीं।
    Rom 3:23  इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं।
    Rom 3:24  परन्‍तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं।
    Rom 3:25  उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धामिर्कता प्रगट करे।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ३५-३६ 
  • २ पतरस १

Monday, November 28, 2011

उलट-फेर

   सामान्यतः किसी व्यक्ति का कुछ लेकर उसे दूसरे को दे देना अनुचित माना जाता है, किंतु जब यह कार्य कोई ऐसा व्यक्ति करे जिसके पास इसके उपयुक्त शासनाधिकार हों तो बात भिन्न हो जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ जब दक्षिणी अमेरिका में पीरू देश के राष्ट्रपति एलन गार्सिया की पत्नि ने नशीले पदार्थ कोकेन का कारोबार करने वाले एक व्यक्ति के पकड़े जाने पर उसका विशाल रिहायशी बंगला उससे ले कर उस बंगले को अनाथालय बना देने का आदेश दिया। वह बंगला जो कभी ’विला कोकेन’ के नाम से जाना जाता था और गैरकानूनी कामों के लिए प्रयोग होता था अब अनाथ बच्चों का निवास स्थान है।

   परमेश्वर ने भी कुछ ऐसा ही किया जब उस ने इस्त्राएल को वाचा किए हुए कनान देश में लाकर बसाया। परमेश्वर ने इस्त्राएलियों के द्वारा मूर्ति-पूजक और अपने विरोधी कनानियों का न्याय किया और उन्हें उस देश से निकाल दिया। परमेश्वर ने अपने लोगों को बने-बनाए नगर, घर, बाग़, खुदे हुए कुंए आदि दिए, जिनके लिए इस्त्राएलियों ने नहीं, दूसरों ने मेहनत करी थी। परमेश्वर ने अपने विरोधियों से लेकर अपने लोगों को दे दिया, जैसा उसने उनसे वायदा किया था (व्यवस्थाविवरण ६:१०, ११)।

   स्वर्ग और पृथ्वी के वास्तविक स्वामी होने के कारण परमेश्वर हमें विश्वास दिलाता है कि उसके पास लेने का भी अधिकार है और देने का भी अधिकार है; वह घमंडियों से लेकर दीनों को देता है। हो सकता है कि कुछ समय के लिए लगे कि परमेश्वर ऐसे लोगों की अनदेखी कर रहा है जो अन्याय, हिंसा और अनुचित कार्यों के द्वारा संपत्ति जमा कर लेते हैं; लेकिन भजन ३७ हमें आश्वस्त करता है कि आता समय दिखाएगा कि जो लोग परमेश्वर के समय की बाट जोहते हैं, उनकी इस बुद्धिमानी का कितना बड़ा प्रतिफल उनके लिए रखा है। वे एक बहुत बड़ा उलट-फेर देखने पाएंगे। - मार्ट डी हॉन

जीवन के अन्त में हम पाएंगे कि हमने वही खोया है जिसे हमने संजो कर रखने का प्रयास किया था।

यहोवा की बाट जोहता रह, और उसके मार्ग पर बना रह, और वह तुझे बढ़ा कर पृथ्वी का अधिकारी कर देगा; जब दुष्ट काट डाले जाएंगे, तब तू देखेगा। - भजन ३७:३४

बाइबल पाठ: भजन ३७:२७-४०
    Psa 37:27  बुराई को छोड़ भलाई कर; और तू सर्वदा बना रहेगा।
    Psa 37:28  क्योंकि यहोवा न्याय से प्रीति रखता है और अपने भक्तों को न तजेगा। उनकी तो रक्षा सदा होती है, परन्तु दुष्टों का वंश काट डाला जाएगा।
    Psa 37:29  धर्मी लोग पृथ्वी के अधिकारी होंगे, और उस में सदा बसे रहेंगे।
    Psa 37:30  धर्मी अपने मुंह से बुद्धि की बातें करता, और न्याय का वचन कहता है।
    Psa 37:31  उसके परमेश्वर की व्यवस्था उसके हृदय में बनी रहती है, उसके पैर नहीं फिसलते।
    Psa 37:32  दुष्ट धर्मी की ताक में रहता है। और उसके मार डालने का यत्न करता है।
    Psa 37:33  यहोवा उसको उसके हाथ में न छोड़ेगा, और जब उसका विचार किया जाए तब वह उसे दोषी न ठहराएगा।
    Psa 37:34  यहोवा की बाट जोहता रह, और उसके मार्ग पर बना रह, और वह तुझे बढ़ा कर पृथ्वी का अधिकारी कर देगा; जब दुष्ट काट डाले जाएंगे, तब तू देखेगा।
    Psa 37:35  मैं ने दुष्ट को बड़ा पराक्रमी और ऐसा फैलता हुए देखा, जैसा कोई हरा पेड़ अपनी निज भूमि में फैलता है।
    Psa 37:36  परन्तु जब कोई उधर से गया तो देखा कि वह वहां है ही नहीं; और मैं ने भी उसे ढूंढ़ा, परन्तु कहीं न पाया।
    Psa 37:37  खरे मनुष्य पर दृष्टि कर और धर्मी को देख, क्योंकि मेल से रहने वाले पुरूष का अन्तफल अच्छा है।
    Psa 37:38  परन्तु अपराधी एक साथ सत्यानाश किए जाएंगे; दुष्टों का अन्तफल सर्वनाश है।
    Psa 37:39  धर्मियों की मुक्ति यहोवा की ओर से होती है; संकट के समय वह उनका दृढ़ गढ़ है।
    Psa 37:40  और यहोवा उनकी सहायता कर के उनको बचाता है; वह उनको दुष्टों से छुड़ा कर उनका उद्धार करता है, इसलिये कि उन्होंने उस में अपनी शरण ली है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ३३-३४ 
  • १ पतरस ५

Sunday, November 27, 2011

पूर्वानुमान और भय

   लड़कपन से मैं जोखिम और साहस के कार्यों में बहुत रुचि रखता हूँ। मुझे अनजान स्थानों की खोज और वहाँ के यात्राओं की रोमाँचक कहानियाँ बहुत पसन्द हैं। मुझे रुडयार्ड किपलिंग कि यह पंक्तियाँ  अभी भी याद हैं:

   उन्होंने कहा, अब और आगे बढ़ने से कोई लाभ नहीं
   यह सभ्यता की अन्तिम सीमा है
   मैंने भी यह मान लिया
   जब तक कि अन्तरात्मा जैसी एक आवाज़ ने निरंतर मुझसे कहना आरंभ नहीं किया
   दिन-रात वह आवाज़ मेरे अन्दर गूँजती थी
   कुछ छुपा हुआ है, आगे बढ़ो और उसे ढूंढो
   जाओ, उन पहाड़ों के पीछे जाकर देखो
   उन पहाड़ों के पीछे कुछ रखा है
   कुछ जो तुम्हारा है, जो तुम्हारी प्रतीक्षा कर रहा है। जाओ!

  
   यद्यपि मैं अभी भी कुछ नया आज़माने में रुचि रखता हूँ, किंतु उम्र बढ़ने के साथ वह जोखिम और रोमाँच की आत्मा कुछ सुस्त पड़ गई है। निकट भविष्य में नौकरी से अवकाश पाने, बुढ़ापा बढ़ते जाने और मृत्यु के समीप आते जाने के विचारों से मुझ में कुछ बेचैनी आ गई; अनजाने भविष्य का सामना करने की आशंका पर यह प्रतिक्रिया स्वाभाविक ही है। किंतु जब मैंने परमेश्वर पर अपना विश्वास और उसके साथ साथ नित-प्रतिदिन अपना चलते रहना कायम रखा, तो मेरी यह बेचैनी हट गई और अब स्वर्ग पहुँचने की लालसा बढ़ गई है।

   जब इस्त्राएली प्रजा मिस्त्र से निकल कर वाचा किए हुए कनान देश में प्रवेश करने पर थी तो निस्सन्देह वे आतुर किंतु बेचैन भी थे। यह पहचानते हुए उन के नायक यहोशु ने उन से कहा कि वे परमेश्वर की उन के साथ बनी हुई उपस्थिति के प्रतीक, उस वाचा के सन्दूक के पीछे पीछे चलते रहें। जो लोग वाचा का सन्दूक ले कर चल रहे थे, उन्हें यह निर्देश था कि बाकी लोगों से कुछ दूरी बना कर तो चलें, किंतु वे इस बात को ध्यान रख कर चलें कि वह सन्दूक उनके पीछे आने वाले लोगों को सदैव दिखता रहे, कभी भी दूरी इतनी न बढ़े कि पीछे आने वालों को सन्दूक दिखना बन्द हो जाए। उस सन्दूक को देखते हुए चलने से परमेश्वर की उपस्थिति पर उन इस्त्राएलियों का भरोसा बना रहा जिससे उनका साहस बढ़ा, तथा आने वाले भविष्य के पूर्वानुमान के बारे में उनका भय जाता रहा और वे उस वाचा के सन्दूक के पीछे-पीछे कनान में प्रवेश भी कर सके और बस भी सके।

   मसीही विश्वासी के लिए आने वाले भविष्य में परमेश्वर के साथ अनन्तकाल तक रहने का पूर्वानुमान भविष्य के उसके हर भय को दूर कर देता है और उस आनन्दमयी भविष्य की कल्पना के रोमाँच से भर देता है। - हर्ब वैण्डर लुग्ट

विश्वास जीवन नैया के पाल को स्वर्गीय बयार से भर देता है।

परन्तु उसके और तुम्हारे बीच में दो हजार हाथ के अटकल अन्तर रहे; तुम सन्दूक के निकट न जाना। ताकि तुम देख सको, कि किस मार्ग से तुम को चलना है, क्योंकि अब तक तुम इस मार्ग पर होकर नहीं चले। - यहोशु ३:४
 
बाइबल पाठ: यहोशु ३
    Jos 3:1  बिहान को यहोशू सवेरे उठा, और सब इस्राएलियों को साथ ले शित्तीम से कूच कर यरदन के किनारे आया; और वे पार उतरने से पहिले वहीं टिक गए।
    Jos 3:2  और तीन दिन के बाद सरदारों ने छावनी के बीच जाकर
    Jos 3:3  प्रजा के लोगों को यह आज्ञा दी, कि जब तुम को अपने परमेश्वर यहोवा की वाचा का सन्दूक और उसे उठाए हुए लेवीय याजक भी देख पड़ें, तब अपने स्थान से कूच करके उसके पीछे पीछे चलना,
Jos 3:4  परन्तु उसके और तुम्हारे बीच में दो हजार हाथ के अटकल अन्तर रहे; तुम सन्दूक के निकट न जाना। ताकि तुम देख सको, कि किस मार्ग से तुम को चलना है, क्योंकि अब तक तुम इस मार्ग पर होकर नहीं चले।
    Jos 3:5  फिर यहोशू ने प्रजा के लोगों से कहा, तुम अपने आप को पवित्र करो; क्योंकि कल के दिन यहोवा तुम्हारे मध्य में आश्चर्यकर्म करेगा।
    Jos 3:6  तब यहोशू ने याजकों से कहा, वाचा का सन्दूक उठा कर प्रजा के आगे आगे चलो। तब वे वाचा का सन्दूक उठा कर आगे आगे चले।
    Jos 3:7  तब यहोवा ने यहोशू से कहा, आज के दिन से मैं सब इस्राएलियों के सम्मुख तेरी प्रशंसा करना आरम्भ करूंगा, जिस से वे जान लें कि जैसे मैं मूसा के संग रहता था वैसे ही मैं तेरे संग भी हूं।
    Jos 3:8  और तू वाचा के सन्दूक के उठाने वाले याजकों को यह आज्ञा दे, कि जब तुम यरदन के जल के किनारे पहुंचो, तब यरदन में खड़े रहना।
    Jos 3:9  तब यहोशू ने इस्राएलियों से कहा, कि पास आकर अपने परमेश्वर यहोवा के वचन सुनो।
    Jos 3:10  और यहोशू कहने लगा, कि इस से तुम जान लोगे कि जीवित ईश्वर तुम्हारे मध्य में है, और वह तुम्हारे सामहने से नि:सन्देह कनानियों, हित्तियों, हिव्वियों, परिज्जियों, गिर्गाशियों, एमोरियों, और यबूसियों को उनके देश में से निकाल देगा।
    Jos 3:11  सुनो, पृथ्वी भर के प्रभु की वाचा का सन्दूक तुम्हारे आगे आगे यरदन में जाने पर है।
    Jos 3:12  इसलिये अब इस्राएल के गोत्रों में से बारह पुरूषों को चुन लो, वे एक एक गोत्र में से एक पुरूष हो।
    Jos 3:13  और जिस समय पृथ्वी भर के प्रभु यहोवा की वाचा का सन्दूक उठाने वाले याजकों के पांव यरदन के जल में पड़ेंगे, उस समय यरदन का ऊपर से बहता हुआ जल थम जाएगा, और ढेर होकर ठहरा रहेगा।
    Jos 3:14  सो जब प्रजा के लोगों ने अपने डेरों से यरदन पार जाने को कूच किया, और याजक वाचा का सन्दूक उठाए हुए प्रजा के आगे आगे चले,
    Jos 3:15  और सन्दूक के उठाने वाले यरदन पर पहुंचे, और सन्दूक के उठाने वाले याजकों के पांव यरदन के तीर के जल में डूब गए (यरदन का जल तो कटनी के समय के सब दिन कड़ारों के ऊपर ऊपर बहा करता है),
    Jos 3:16  तब जो जल ऊपर की ओर से बहा आता था वह बहुत दूर, अर्थात आदाम नगर के पास जो सारतान के निकट है रूक कर एक ढेर हो गया, और दीवार सा उठा रहा, और जो जल अराबा का ताल, जो खारा ताल भी कहलाता है, उसकी ओर बहा जाता था, वह पूरी रीति से सूख गया; और प्रजा के लाग यरीहो के साम्हने पार उतर गए।
    Jos 3:17  और याजक यहोवा की वाचा का सन्दूक उठाए हुए यरदन के बीचों बीच पहुंच कर स्थल पर स्थिर खड़े रहे, और सब इस्राएली स्थल ही स्थल पार उतरते रहे, निदान उस सारी जाति के लोग यरदन पार हो गए।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ३०-३२ 
  • १ पतरस ४

Saturday, November 26, 2011

आपका हाथ परमेश्वर के हाथ

   ब्रिटिश साम्राज्य को सन १९३९ में दिए गए अपने क्रिस्मस के सन्देश का अन्त तत्कालीन सम्राट जौर्ज (शष्टम) ने परमेश्वर की अगुवाई पर अपने विश्वास के बारे में बताकर किया। उस समय दूसरा विश्वयुद्ध आरंभ हो चुका था और हिटलर की सेनाएं ब्रिटेन पर भारी प्रहार कर रहीं थीं। सम्राट ने अपना सन्देश मिनि लुइस हैस्किन्स द्वारा लगभग ३० वर्ष पूर्व लिखित पंक्तियों के साथ समाप्त किया। मिनि ने लिखा था: "मैंने नव वर्ष के द्वार पर खड़े द्वारपाल से कहा, ’मुझे एक बत्ती दो कि मैं इस अन्जान स्थान में सुरक्षित चल सकूँ’; द्वारपाल ने उत्तर दिया ’अन्धकार में जाओ और अपना हाथ परमेश्वर के हाथ में दे दो। यह तुम्हारे लिए किसी भी बत्ती या जानी-पहचानी राह पर चलने से बेहतर होगा’ "।

   जैसे १९३९ में ब्रिटिश साम्राज्य अनिश्चितता के कगार पर खड़ा था, वैसे ही हम में से प्रत्येक एक ऐसे भविष्य के सामने खड़ा है जिसका पहचान चिन्ह है ’सतत परिवर्तन’ संभवतः आशंकापुर्ण परिस्थितियों के साथ। किंतु मसीही विश्वासी के साथ अनिश्चितता के घोर अन्धकार में भी उसके मार्गदर्शन के लिए एक विश्वासयोग्य और कभी न गलती करने वाला एक सहायक है; भजनकार ने उसी के विषय में लिखा: "तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा" (भजन १३९:१०)।

   परमेश्वर के लिए कुछ अप्रत्याशित नहीं है, कोई मार्ग अनजाना नहीं है, कोई परिस्थिति विचिलित कर देने वाली नहीं है। क्योंकि हमारे परमेश्वर पिता के सामने भविष्य बिलकुल स्पष्ट है, प्रत्येक मसीही विश्वासी पूरे भरोसे के साथ जहाँ परमेश्वर ले जाए निश्चिंत हो कर जा सकता है, चाहे मार्ग में तूफान हों अथवा शांति।

   हम पूरे विश्वास के साथ अपने हाथ परमेश्वर के हाथ में रख सकते हैं क्योंकि वही परमेश्वर हमारे भूतकाल को क्षमा, वर्तमान को नियंत्रित तथा भविष्य को निर्धारित करता है। - पौल वैन गोर्डर


जो लोग हर बात में परमेश्वर का हाथ देखते हैं वि निश्चिंत हो कर हर बात परमेश्वर के हाथ में छोड़ सकते हैं।

तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। - भजन १३९:१०

बाइबल पाठ: भजन १३९:१-१२
    Psa 139:1  हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।
    Psa 139:2  तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है।
    Psa 139:3  मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है।
    Psa 139:4  हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो।
    Psa 139:5  तू ने मुझे आगे पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखे रहता है।
    Psa 139:6  यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है।
    Psa 139:7  मैं तेरे आत्मा से भागकर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?
    Psa 139:8  यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है!
    Psa 139:9  यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं,
    Psa 139:10  तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।
    Psa 139:11  यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा,
    Psa 139:12  तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल २७-२९ 
  • १ पतरस ३

Friday, November 25, 2011

तिरिस्कार न करें, सुधारें

   कुछ वर्ष पहले की घटना है, एक मानसिक सन्तुलन खो चुका व्यक्ति दौड़ता हुआ ऐम्सटरडैम के एक अजायब घर में आया और विश्व-विख्यात कलाकार रेमब्रां के प्रसिद्ध चित्र Nightwatch पर आकर, अपनी जेब से एक चाकू निकाला और उस चित्र पर वार करके उसमें कई काटे लगा दिये। कुछ समय पश्चात, ऐसी ही एक और घटना में एक विक्षिप्त व्यक्ति रोम के प्रसिद्ध और विशाल सेंट पीटर चर्च में घुसा और मूर्तिकार माईकिलैंजलो की प्रसिद्ध और सुन्दर शिल्प The Pieta को तोड़ डाला।

   क्या अजायब घर और चर्च के रख-रखाव करने वालों ने इन बेमिसाल और अन्मोल कलाकृतियों को इस नुक्सान के कारण अब व्यर्थ और बेमोल समझ लिया और उन्हें कूड़े में फेंक दिया? कदापि नहीं; उन्होंने संसार में उपलब्ध सबसे उत्तम तकनीक और विशेषज्ञों की सहायता ली और फिर से उन्होंने इन बेश्कीमती कलाकृतियों को जहाँ तक संभव था पुनःस्थापित करने का पूरा पूरा प्रयास किया और अपने पास फिर संजो कर रख लिया।

   मसीही विश्वासियों को भी यही रवैया अपने उन साथियों के प्रति रखना चाहिए जिनकी गवाही किसी पाप द्वारा बिगड़ गई है। जब कोई परमेश्वर की सन्तान पाप में फंसती है, तो हमारा पहला प्रयास उसकी निन्दा करने का नहीं वरन उसे पुनःस्थापित करने का होना चाहिए। नम्रता और हमदर्दी के साथ हमें प्रार्थना और सहायता द्वारा उसे आत्मिक रूप से फिर से खड़े करने और मसीही संगति में स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए। मूल युनानी भाषा में जो शब्द गलतियों ६:१ में पु्नःस्थापित करने के लिए प्रयोग हुआ है, वही शब्द मत्ती ४:२१ में मछुआरों द्वारा अपने जाल सुधारने के लिए प्रयोग हुआ है। इस शब्द का अर्थ होता है पूरी तरह से ठीक कर देना।

   निन्दा करना सुधारने से अधिक सरल होता है। अपनी विरक्ति और घृणा में हमारी इच्छा एक पाप करने वाले मसीही से अपना मूँह फेर लेने की हो सकती है, किंतु परमेश्वर के वचन की सलाह निन्दा और तिरिस्कार नहीं सुधारना और अपनाना है, जैसे प्रभु यीशु मसीह ने भी हमें तथा पाप में पड़े समस्त संसार को सुधारने और अपनाने के लिए अपने प्राण दिये, ना कि नाश होने के लिए छोड़ दिया। - डेव एग्नर

यदि हम किसी को नीची निगाह से देखते रहेंगे तो फिर उसके साथ नज़र मिला कर बात कैसे कर सकेंगे?

हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। - गलतियों ६:१

बाइबल पाठ: गलतियों ६:१-५
    Gal 6:1  हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो।
    Gal 6:2  तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो।
    Gal 6:3  क्‍योंकि यदि कोई कुछ न होने पर भी अपने आप को कुछ समझता है, तो अपने आप को धोखा देता है।
    Gal 6:4  पर हर एक अपने ही काम को जांच ले, और तब दूसरे के विषय में नहीं परन्‍तु अपने ही विषय में उसको घमण्‍ड करने का अवसर होगा।
    Gal 6:5  क्‍योंकि हर एक व्यक्ति अपना ही बोझ उठाएगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल २४-२६ 
  • १ पतरस २

Thursday, November 24, 2011

पुनःस्थापना

   एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी अवैध पदार्थों के प्रयोग और विक्रय करने के जुर्म में पकड़ा गया और बन्दीगृह में डाल दिया गया। उसके मित्रों ने इस बात के लिए कहा, "कैसी शर्म की बात है; ज़रा सोचो, यदि वह यह काम ना करता तो कितना कुछ प्राप्त कर सकता था, कितना अधिक आनन्द उठा सकता था।"

   इस खिलाड़ी का अपनी प्रतिभा के अनुरूप कार्य ना करना, एक तरह से समस्त मानव जाति का चित्रण है। परमेश्वर ने हमें अपने स्वरूप में बनाया जिससे हम उसकी आज्ञाकारिता में रहकर उसके साथ संगति का आनन्द उठाएं और उसकी महिमा के लिए इस पृथ्वी पर राज्य करें। किंतु ना तो हम जैसा रहना चाहिए वैसे उसकी आज्ञाकारिता में रहते हैं, ना ही उस की संगति का आनन्द लेते हैं और ना ही पृथ्वी पर जैसे हमें राज्य करना चाहिए वैसे राज्य करते हैं। संसार में लगातार बने और बढ़ते हुए अनैतिकता, अपराध, अकाल, आपसी बैर और संघर्ष, संभावित परमाणु युद्ध और विनाश के खतरे लगातार हमें स्मरण दिलाते रहते हैं कि जो प्रतिभा परमेश्वर ने हम में डालीं थीं, हमने उसके अनुरूप कार्य नहीं किया है।

   लेकिन बात यहीं समाप्त नहीं हो जाती। हमारी इस विफलता के बावजूद, परमेश्वर ने हम में से प्रत्येक को अपनी इस नैतिक असफलता से निकल कर आत्मिक सिद्धता तक उठने का मार्ग उपलब्ध कराया है। प्रभु यीशु के रूप में परमेश्वर स्वयं मनुष्य जाति का हिस्सा बन गया, जिसने सिद्ध जीवन जीया, हमारे पापों को अपने ऊपर लेकर हमारे बदले में उनका दण्ड क्रूस की मृत्यु के रूप में सहा और तीसरे दिन मृत्यु पर जयवन्त होकर फिर जीवित हो गया। आज भी वो प्रत्येक उस व्यक्ति को जो उसके इस बलिदान और उद्धार के कार्य को स्वीकार करता है, उसे स्वीकार करता है, उसके पाप क्षमा करता है और उन्हें उस सृजे गए स्वरूप में बहाल करता है। वह अपने प्रत्येक विश्वासी को अपने साथ, अपने आने वाले अनन्त साम्राज्य में, राज्य करने के लिए राजा और पुरोहित बना देता है (प्रकाशितवाक्य १:५, ६)।

   यदि हमें किसी चकनाचूर कर देने वाली हार का भी सामना करना पड़े, तौभी हमें निराषा में पड़े रहने की आवश्यक्ता नहीं है। सुसमाचार हमारे लिए अच्छी खबर है - प्रभु यीशु में विश्वास के द्वारा परमेश्वर हमें नया जीवन देता है, हमें हमारी असफलताओं से निकालता है और पुनः हम में अपने पूर्व-निर्धारित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उठा कर खड़ा करता है। - हर्ब वैण्डर लुग्ट

प्रभु यीशु से मिले उद्धार द्वारा निकम्मे पापी उपयोगी सन्त बन जाते हैं।

और यीशु मसीह की ओर से, जो विश्वासयोग्य साक्षी और मरे हुओं में से जी उठने वालों में पहिलौठा, और पृथ्वी के राजाओं का हाकिम है, तुम्हें अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे: जो हम से प्रेम रखता है, और जिस ने अपने लोहू के द्वारा हमें पापों से छुड़ाया