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बुधवार, 28 अप्रैल 2021

योजना

 

          पुरातत्व विद्वान, डॉ. वॉरविक रॉडवेल सेवा-निवृत्त होने की योजनाएँ बना रहे थे, जब उन्होंने इंग्लैंड के विशाल गिरजाघर लिकफील्ड कैथिड्रल में एक अद्भुत खोज की। वहाँ पर एक अन्य निर्माण करने के लिए, निर्माण कार्य में लगे हुए लोग, उनके निर्देशन में उस चर्च के फर्श के एक भाग की बड़े ध्यान से खुदाई कर रहे थे, और उन्हें एक मूर्ति मिली, जो प्रधान-स्वर्गदूत, जिब्राइल की थी और लगभग 1200 वर्ष पुरानी आँकी गई। इससे उनके सेवा-निवृत्त होने की योजनाएँ स्थगित हो गईं, और उन्हें एक नए और उत्साहवर्धक कार्य के लिए समय लगाना पड़ा।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में मूसा अस्सी वर्ष का था जब उसने एक ऐसा ज्वलंत दृश्य देखा, जिसने उसके जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया। यद्यपि मूसा एक मिस्री राजकुमारी का गोद लिया हुआ पुत्र था, फिर भी वह कभी अपनी मूल इस्राएली वंशावली को नहीं भूला, और अपने वंश के लोगों पर होने वाले अत्याचारों से बहुत रोष में था (निर्गमन 2:11-12)। जब उसने एक मिस्री के द्वारा एक इस्राएली पर अत्याचार होते देखा तो उसने उस मिस्री को मार डाला। जब मिस्र के फिरौन को इस बात का पता चला, तो उसने मूसा को मार डालने की योजना बनाई; तब मूसा जान बचाकर भागा, और मिद्यान में जा कर रहने लगा (पद 13-15)।

          इसके चालीस वर्ष के बाद, जब वह अस्सी वर्ष का हुआ, और अपने ससुर की भेड़ों को चरा रहा था, तब “परमेश्वर के दूत ने एक कटीली झाड़ी के बीच आग की लौ में उसको दर्शन दिया; और उसने दृष्टि उठा कर देखा कि झाड़ी जल रही है, पर भस्म नहीं होती” (निर्गमन 3:2 )। परमेश्वर ने मूसा को अपने लोगों, इस्राएलियों को मिस्र के दासत्व से निकाल कर लाने का दायित्व सौंपा (पद 3-22), और उसका जीवन हमेशा के लिए बिलकुल बदल गया।

          आज, जीवन के इस समय में, क्या परमेश्वर आपको अपने बड़े उद्देश्य के लिए कुछ करने के लिए बुला रहा है? उसने आपके आगे के जीवन मार्ग में क्या नई योजनाएँ रखीं हैं? – रूथ ओ-रिली स्मिथ

 

हे पवित्र प्रभु परमेश्वर, मेरे जीवन के सभी दिनों को अपने नियंत्रण में लें, और अपने लिए उपयोग करें।


इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्चय है, कि वह मेरी थाती की उस दिन तक रखवाली कर सकता है। - 2 तीमुथियुस 1:12

बाइबल पाठ: निर्गमन 3:1-10

निर्गमन 3:1 मूसा अपने ससुर यित्रो नाम मिद्यान के याजक की भेड़-बकरियों को चराता था; और वह उन्हें जंगल की परली ओर होरेब नाम परमेश्वर के पर्वत के पास ले गया।

निर्गमन 3:2 और परमेश्वर के दूत ने एक कटीली झाड़ी के बीच आग की लौ में उसको दर्शन दिया; और उसने दृष्टि उठा कर देखा कि झाड़ी जल रही है, पर भस्म नहीं होती।

निर्गमन 3:3 तब मूसा ने सोचा, कि मैं उधर फिरके इस बड़े अचम्भे को देखूंगा, कि वह झाड़ी क्यों नहीं जल जाती।

निर्गमन 3:4 जब यहोवा ने देखा कि मूसा देखने को मुड़ा चला आता है, तब परमेश्वर ने झाड़ी के बीच से उसको पुकारा, कि हे मूसा, हे मूसा। मूसा ने कहा, क्या आज्ञा।

निर्गमन 3:5 उसने कहा इधर पास मत आ, और अपने पांवों से जूतियों को उतार दे, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्र भूमि है।

निर्गमन 3:6 फिर उसने कहा, मैं तेरे पिता का परमेश्वर, और इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं। तब मूसा ने जो परमेश्वर की ओर निहारने से डरता था अपना मुंह ढांप लिया।

निर्गमन 3:7 फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम कराने वालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है ;

निर्गमन 3:8 इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकाल कर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं।

निर्गमन 3:9 सो अब सुन, इस्राएलियों की चिल्लाहट मुझे सुनाई पड़ी है, और मिस्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है,

निर्गमन 3:10 इसलिये आ, मैं तुझे फिरौन के पास भेजता हूं कि तू मेरी इस्राएली प्रजा को मिस्र से निकाल ले आए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1राजाओं 3-5
  • लूका 20:1-26

मंगलवार, 27 अप्रैल 2021

सुन्दर

 

          उस पेंटिंग को देख कर मैं रुक गई; शहर के एक बड़े अस्पताल के लम्बे से गलियारे में लगी हुई वह पेंटिंग बहुत आकर्षक थी; इतनी, कि मैं उसे निहारने के लिए न केवल स्वयं रुकी, वरन मैंने मुझसे थोड़ा सा आगे चल रहे अपने पति को भी रुकने और उसे देखने के लिए कहा, और मेरे मुँह से उस के लिए निकला, “अति-सुन्दर”।

          जीवन में कई बातें वास्तव में बहुत सुन्दर होती हैं, जैसे कि उत्कृष्ट चित्रकारों द्वारा बनाए गए चित्र; प्रकृति के दृश्य; प्रेरणा से बनाई गई कलाकृतियाँ, आदि। इसी प्रकार से बच्चे की मुस्कान; रोबिन पक्षी का नीला अंडा; किसी मित्र का अभिनंदन; समुद्री सीपी के रंग और आकार, आदि भी परमेश्वर की सुन्दर रचनाओं में से हैं। उन बोझों को हलका करने के लिए जो जीवन के दौरान हम पर आ सकते हैं, परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि परमेश्वर ने “सब कुछ ऐसा बनाया कि अपने अपने समय पर वे सुन्दर होते हैं” (सभोपदेशक 3:11)। बाइबल के विद्वान कहते हैं कि ऐसी सुन्दरता के द्वारा, हमें परमेश्वर की सृष्टि की सिद्धता का आभास होता है – और उसके आने वाले सिद्ध महिमामय राज्य का भी।

          हम उस भविष्य की सिद्धता की कल्पना मात्र ही कर सकते हैं, इसलिए इस जीवन में परमेश्वर सृष्टि की सुन्दरता के द्वारा हमें उसका पूर्वाभास प्रदान करता है। इस से परमेश्वर ने “मनुष्यों के मन में अनादि-अनन्त काल का ज्ञान उत्पन्न किया है” (पद 11)। कुछ ऐसे भी दिन होते हैं जब जीवन नीरस और निरर्थक लगता है। लेकिन परमेश्वर अपनी कृपा में ऐसे समय भी देता है जब हम उसकी सुन्दर सृष्टि को निहार सकें और उस आने वाली सिद्धता और सुन्दरता की एक झलक अनुभव कर सकें।

          मैं जिस पेंटिंग को देख कर रुक गई थी, उसके चित्रकार का नाम जेरार्ड कर्टिस डिलानो है, और वह इस बात को समझता है। उसका कहना है, “परमेश्वर ने मुझे सुन्दर रचना करने का गुण दिया है; और वह चाहता है कि मैं यही करूँ।”

          इतनी सुन्दरता के प्रति हमारी क्या प्रतिक्रिया होनी चाहिए? हम उसके लिए परमेश्वर का धन्यवाद करें, और उस सुन्दरता के लिए भी जिसका आनन्द हम उसके महिमामय राज्य में अनन्तकाल तक लेते रहेंगे। - पैट्रीशिया रेबौन

 

पिता परमेश्वर जो सुन्दरता आप मेरे जीवन में लाते हैं और लाएँगे, 

मुझे उस के लिए आपका कृतज्ञ और धन्यवादी बनाएँ।


यहोवा की महिमा और सामर्थ्य को मानो। यहोवा के नाम की महिमा ऐसी मानो जो उसके नाम के योग्य है। भेंट ले कर उसके सम्मुख आओ, पवित्रता से शोभायमान हो कर यहोवा को दण्डवत करो। - 1 इतिहास 16:29

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 3:9-13

सभोपदेशक 3:9 काम करने वाले को अधिक परिश्रम से क्या लाभ होता है?

सभोपदेशक 3:10 मैं ने उस दु:ख भरे काम को देखा है जो परमेश्वर ने मनुष्यों के लिये ठहराया है कि वे उस में लगे रहें।

सभोपदेशक 3:11 उसने सब कुछ ऐसा बनाया कि अपने अपने समय पर वे सुन्दर होते हैं; फिर उसने मनुष्यों के मन में अनादि-अनन्त काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, तौभी काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, वह आदि से अन्त तक मनुष्य बूझ नहीं सकता।

सभोपदेशक 3:12 मैं ने जान लिया है कि मनुष्यों के लिये आनन्द करने और जीवन भर भलाई करने के सिवाय, और कुछ भी अच्छा नहीं;

सभोपदेशक 3:13 और यह भी परमेश्वर का दान है कि मनुष्य खाए-पीए और अपने सब परिश्रम में सुखी रहे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1राजाओं 1-2
  • लूका 19:28-48

गुरुवार, 26 मार्च 2020

जीवन



      हाल ही में मैं आर्थिक सलाह की पुस्तकों के पृष्ठ पलटने लगी हूँ, और मैंने एक रोचक विचारधारा देखी है। यद्यपि लगभग सभी पुस्तकों में अच्छी सलाह दी गयी है, और अधिकाँश पुस्तकें कहती हैं कि अभी सादगी और कम खर्च का जीवन जीएं और बचत करें जिससे बाद में समृद्ध जीवन जीया जा सके। परन्तु एक पुस्तक ने एक बिलकुल भिन्न दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, उसमें लिखा था कि यदि आनन्दित और प्रसन्न रहने के लिए आपको बहुतायत में तथा अनोखा सामान चाहिए, तो फिर आप जीवन जीने के मुख्य मुद्दे से ही चूक गए हैं।

      इन व्यावहारिक शब्दों ने मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु मसीह के शब्दों और प्रतिक्रिया का ध्यान करवाया, जब एक व्यक्ति ने उनके पास आकर उन से कहा कि उसके भाई को उसके साथ संपत्ति का बँटवारा करने के लिए कहे। उस व्यक्ति के साथ सहानुभूति दिखाने के स्थान पर, प्रभु यीशु ने तुरंत ही उसकी बात को अस्वीकार कर दिया, और उसे कठोर शब्दों में सचेत किया, “...हे मनुष्य, किस ने मुझे तुम्हारा न्यायी या बांटने वाला नियुक्त किया है? और उसने उन से कहा, चौकस रहो, और हर प्रकार के लोभ से अपने आप को बचाए रखो: क्योंकि किसी का जीवन उस की संपत्ति की बहुतायत से नहीं होता” (लूका 12:14-15)।फिर प्रभु ने एक दृष्टांत के द्वारा एक धनी व्यक्ति के अपनी बहुतायत की फसल को एकत्रित कर के विलासिता के जीवन जीने की योजना के बारे में बताया, जिसका बहुत अनपेक्षित तथा कटु परिणाम निकला – उसका धन उसके किसी काम नहीं आया, उसी रात उसका जीवन समाप्त हो गया (आयत 16-20)।

      यद्यपि हमें अपने संसाधनों का बुद्धिमत्ता से सदुपयोग करना है, प्रभु के शब्द हमें ध्यान करवाते हैं कि हम अपने उद्देश्यों पर ध्यान रखें। हमारे मनों को परमेश्वर के राज्य के लिए उपयोगी होने के लिए, परमेश्वर को और निकटता से जानने तथा औरों की सेवा करते रहने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए – न कि अपने भविष्य की चिंता करने में लगे रहें (पद 29-31)। जब हम प्रभु के लिए जीवन जीएंगे और दूसरों के साथ अपने संसाधनों को साझा करेंगे, तो हम आज और अभी उसके साथ एक संपन्न जीवन का आनन्द ले सकेंगे, जो हमारे जीवन को सार्थक करेगा (पद 32-34)। - मोनिका ब्रैंड्स

हमें परमेश्वर के राज्य में संपन्न जीवन व्यतीत करने के लिए 
किसी बात की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है।

इसलिये पहिले तुम उसके राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। - मत्ती 6:33

बाइबल पाठ: लूका 12: 13-34
लूका 12:13 फिर भीड़ में से एक ने उस से कहा, हे गुरू, मेरे भाई से कह, कि पिता की संपत्ति मुझे बांट दे।
लूका 12:14 उसने उस से कहा; हे मनुष्य, किस ने मुझे तुम्हारा न्यायी या बांटने वाला नियुक्त किया है?
लूका 12:15 और उसने उन से कहा, चौकस रहो, और हर प्रकार के लोभ से अपने आप को बचाए रखो: क्योंकि किसी का जीवन उस की संपत्ति की बहुतायत से नहीं होता।
लूका 12:16 उसने उन से एक दृष्‍टान्‍त कहा, कि किसी धनवान की भूमि में बड़ी उपज हुई।
लूका 12:17 तब वह अपने मन में विचार करने लगा, कि मैं क्या करूं, क्योंकि मेरे यहां जगह नहीं, जहां अपनी उपज इत्यादि रखूं।
लूका 12:18 और उसने कहा; मैं यह करूंगा: मैं अपनी बखारियां तोड़ कर उन से बड़ी बनाऊंगा;
लूका 12:19 और वहां अपना सब अन्न और संपत्ति रखूंगा: और अपने प्राण से कहूंगा, कि प्राण, तेरे पास बहुत वर्षों के लिये बहुत संपत्ति रखी है; चैन कर, खा, पी, सुख से रह।
लूका 12:20 परन्तु परमेश्वर ने उस से कहा; हे मूर्ख, इसी रात तेरा प्राण तुझ से ले लिया जाएगा: तब जो कुछ तू ने इकट्ठा किया है, वह किस का होगा?
लूका 12:21 ऐसा ही वह मनुष्य भी है जो अपने लिये धन बटोरता है, परन्तु परमेश्वर की दृष्टि में धनी नहीं।
लूका 12:22 फिर उसने अपने चेलों से कहा; इसलिये मैं तुम से कहता हूं, अपने प्राण की चिन्‍ता न करो, कि हम क्या खाएंगे; न अपने शरीर की, कि क्या पहिनेंगे।
लूका 12:23 क्योंकि भोजन से प्राण, और वस्‍त्र से शरीर बढ़कर है।
लूका 12:24 कौवों पर ध्यान दो; वे न बोते हैं, न काटते; न उन के भण्‍डार और न खत्ता होता है; तौभी परमेश्वर उन्हें पालता है; तुम्हारा मूल्य पक्षियों से कहीं अधिक है।
लूका 12:25 तुम में से ऐसा कौन है, जो चिन्‍ता करने से अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है?
लूका 12:26 इसलिये यदि तुम सब से छोटा काम भी नहीं कर सकते, तो और बातों के लिये क्यों चिन्‍ता करते हो?
लूका 12:27 सोसनों के पेड़ों पर ध्यान करो कि वे कैसे बढ़ते हैं; वे न परिश्रम करते, न कातते हैं: तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में, उन में से किसी एक के समान वस्‍त्र पहिने हुए न था।
लूका 12:28 इसलिये यदि परमेश्वर मैदान की घास को जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा पहिनाता है; तो हे अल्प विश्वासियों, वह तुम्हें क्यों न पहिनाएगा?
लूका 12:29 और तुम इस बात की खोज में न रहो, कि क्या खाएंगे और क्या पीएंगे, और न सन्‍देह करो।
लूका 12:30 क्योंकि संसार की जातियां इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहती हैं: और तुम्हारा पिता जानता है, कि तुम्हें इन वस्‍तुओं की आवश्यकता है।
लूका 12:31 परन्तु उसके राज्य की खोज में रहो, तो ये वस्‍तुऐं भी तुम्हें मिल जाएंगी।
लूका 12:32 हे छोटे झुण्ड, मत डर; क्योंकि तुम्हारे पिता को यह भाया है, कि तुम्हें राज्य दे।
लूका 12:33 अपनी संपत्ति बेचकर दान कर दो; और अपने लिये ऐसे बटुए बनाओ, जो पुराने नहीं होते, अर्थात स्वर्ग पर ऐसा धन इकट्ठा करो जो घटता नहीं और जिस के निकट चोर नहीं जाता, और कीड़ा नहीं बिगाड़ता।
लूका 12:34 क्योंकि जहां तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा मन भी लगा रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 22-24
  • लूका 3



शनिवार, 4 जनवरी 2020

भरोसा


      बॉस्टन ग्लोब में लिखने वाले एक लेखक, जेफ़ जेकोबी ने लिखा, “विशेषज्ञों में एक विलक्षण प्रतिभा होती है, बातों का बिलकुल भयावह रूप से गलत और अपेक्षा के बिलकुल विपरीत आँकलन एवं अनुमान प्रदान करने की।” इतिहास पर एक झलक डालने से हम  पाते हैं कि उसका कहना बिलकुल सही है। उदाहरण के लिए, महान अविष्कारक थॉमस एडिसन ने एक बार कहा था कि बोलने वाली फ़िल्में कभी भी मूक फिल्मों का स्थान नहीं लेने पाएंगी। हेनरी फोर्ड ने 1928 में घोषणा करी कि “लोग अब इतने समझदार हो चले हैं कि अब फिर कभी कोई और युद्ध नहीं होगा।” अनेकों विशेषज्ञों द्वारा की गयी ऐसी ही अनेकों गलत भविष्यवाणियाँ जेफ़ की कही गई बात का प्रमाण हैं। स्पष्ट है कि प्रतिभा और बुद्धिमता की भी अपनी ही सीमाएं होती हैं।

      केवल एक ही है जिस पर पूरा भरोसा किया जा सकता है, जिसकी कोई बात कभी गलत प्रमाणित नहीं हुई है, और ‘विशेषज्ञ’ कहलाए जाने वालों के लिए वह कुछ कठोर शब्द कहता है। परमेश्वर के वचन बाइबल से हम देखते हैं कि प्रभु यीशु मसीह के पृथ्वी के दिनों के धार्मिक अगुवे सत्य की पहचान रखने का दावा करते थे। वे धर्मशास्त्री और विद्वान समझते थे कि जब प्रतिज्ञा किया हुआ मसीहा आएगा तो वह कैसा होगा, इसका उन्हें अच्छे से पता है। परन्तु उन्होंने प्रभु यीशु मसीह को, प्रभु के द्वारा दिए गए समस्त प्रमाणों और स्पष्टीकरणों के बावजूद न तो पहचाना और न ही उस पर विश्वास किया।

      प्रभु यीशु ने उन्हें सचेत किया, “तुम पवित्र शास्त्र में ढूंढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उस में अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है, और यह वही है, जो मेरी गवाही देता है। फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते” (यूहन्ना 5:39-40)।

      इस नए वर्ष के आरंभ होने पर हम इस वर्ष के लिए अनेकों भविष्यवाणियाँ सुनेंगे और पढ़ेंगे, कुछ बहुत ही भयावह होंगी तो कुछ अत्याधिक सुखद और आशावान; और इन सभी को बड़े भरोसे और अधिकार के साथ बताया जाएगा। इन्हें सुनकर न तो चिंतित या निराश हों और न ही लापरवाह। हम मसीही विश्वासियों का भरोसा मनुष्यों की बातों पर नहीं वरन उस पर है जिसने सृष्टि को रचा है और जो उसका नियंत्रण एवं संचालन करता है – प्रभु यीशु मसीह पर। प्रभु परमेश्वर के वचन पर दृढ़ और स्थिर बने रहें, उस पर पूर्ण भरोसा बनाए रखें, क्योंकि हम मसीही विश्वासियों के जीवनों और भविष्य को निर्धारित एवं संचालित करने वाला हमारा प्रभु ही है। - टिम गुस्ताफ्सन

भविष्य को जानना अनिश्चित है; 
अपने लिए निश्चित कर लें कि आप उसे जानते हैं जिसके हाथ में भविष्य है।

पर तुम चौकस रहो: देखो, मैं [प्रभु यीशु] ने तुम्हें सब बातें पहिले ही से कह दी हैं। - मरकुस 13:23

बाइबल पाठ: यूहन्ना 5:31-40
John 5:31 यदि मैं आप ही अपनी गवाही दूं; तो मेरी गवाही सच्ची नहीं।
John 5:32 एक और है जो मेरी गवाही देता है, और मैं जानता हूँ कि मेरी जो गवाही देता है वह सच्ची है।
John 5:33 तुम ने यूहन्ना से पुछवाया और उसने सच्चाई की गवाही दी है।
John 5:34 परन्तु मैं अपने विषय में मनुष्य की गवाही नहीं चाहता; तौभी मैं ये बातें इसलिये कहता हूं, कि तुम्हें उद्धार मिले।
John 5:35 वह तो जलता और चमकता हुआ दीपक था; और तुम्हें कुछ देर तक उस की ज्योति में, मगन होना अच्छा लगा।
John 5:36 परन्तु मेरे पास जो गवाही है वह यूहन्ना की गवाही से बड़ी है: क्योंकि जो काम पिता ने मुझे पूरा करने को सौंपा है अर्थात यही काम जो मैं करता हूं, वे मेरे गवाह हैं, कि पिता ने मुझे भेजा है।
John 5:37 और पिता जिसने मुझे भेजा है, उसी ने मेरी गवाही दी है: तुम ने न कभी उसका शब्द सुना, और न उसका रूप देखा है।
John 5:38 और उसके वचन को मन में स्थिर नहीं रखते क्योंकि जिसे उसने भेजा उस की प्रतीति नहीं करते।
John 5:39 तुम पवित्र शास्त्र में ढूंढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उस में अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है, और यह वही है, जो मेरी गवाही देता है।
John 5:40 फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते।

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 10-12 
  • मत्ती 4

मंगलवार, 5 नवंबर 2019

न्याय



      एशिया में आयोजित एक सम्मलेन में भाग लेते समय, मुझे कुछ ही घंटों के अन्दर दो चौंका देने वाली बातें सुनने को मिलीं। पहले तो एक पास्टर ने बताया कि उसने बरी होने से पहले कैद में ग्यारह वर्ष हत्या के एक गलत आरोप के अन्तर्गत काटे थे। फिर एक परिवार ने बताया कि अपने ही देश में धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए कैसे उन्हें एक बहुत बड़ी रकम देनी पड़ी थी, किन्तु उन्होंने बचाने के लिए जिन्हें वह रकम दी थी, उन्होंने ही उन्हें धोखा देकर पकड़वा दिया। अब वर्षों से एक शरणार्थी शिविर में रहते हुए, वे सोचते हैं कि क्या कभी उन्हें कोई घर मिलेगा!

      इन दोनों ही घटनाओं में, किया गया अत्याचार, न्याय के अभाव में और अधिक पीड़ादायक हो गया, जो कि हमारे सँसार के टूटेपन का एक प्रमाण है। परन्तु यह न्याय का अभाव स्थाई स्थिति नहीं है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 67 में आया है कि परमेश्वर के लोगों को, परमेश्वर के बारे में इस दुखित सँसार को बताना है। परमेश्वर की निकटता में आने और बने रहने का परिणाम आनन्द है, न केवल परमेश्वर के प्रेम के कारण, परन्तु उसके न्याय के भी कारण। भजनकार लिखता है, “राज्य राज्य के लोग आनन्द करें, और जयजयकार करें, क्योंकि तू देश देश के लोंगों का न्याय धर्म से करेगा, और पृथ्वी के राज्य राज्य के लोगों की अगुवाई करेगा” (पद 4)।

      यद्यपि बाइबल के लेखक समझते थी कि “खराई” (निष्पक्षता और न्याय) परमेश्वर के प्रेम का महत्वपूर्ण भाग है, किन्तु वे यह भी समझते थे कि इसकी पूर्ति भविष्य में परमेश्वर का राज्य स्थापित होने के बाद ही होगी। उस समय तक अन्याय से भरे हमारे इस सँसार में, हम लोगों को परमेश्वर के उस सिद्ध न्याय के विषय बताते रहें। प्रभु परमेश्वर का आगमन, “न्याय की नदी के समान, और धर्म महानद के समान होगा” (अमोस 5:24)। - बिल क्राउडर

न्याय के लिए कार्य करें; करुणा के लिए प्रार्थना करें।

परन्तु तुम्हारे लिये जो मेरे नाम का भय मानते हो, धर्म का सूर्य उदय होगा, और उसकी किरणों के द्वारा तुम चंगे हो जाओगे; और तुम निकल कर पाले हुए बछड़ों की नाईं कूदोगे और फांदोगे। - मलाकी 4:2

बाइबल पाठ: भजन 67
Psalms 67:1 परमेश्वर हम पर अनुग्रह करे और हम को आशीष दे; वह हम पर अपने मुख का प्रकाश चमकाए
Psalms 67:2 जिस से तेरी गति पृथ्वी पर, और तेरा किया हुआ उद्धार सारी जातियों में जाना जाए।
Psalms 67:3 हे परमेश्वर, देश देश के लोग तेरा धन्यवाद करें; देश देश के सब लोग तेरा धन्यवाद करें।
Psalms 67:4 राज्य राज्य के लोग आनन्द करें, और जयजयकार करें, क्योंकि तू देश देश के लोंगों का न्याय धर्म से करेगा, और पृथ्वी के राज्य राज्य के लोगों की अगुवाई करेगा।
Psalms 67:5 हे परमेश्वर, देश देश के लोग तेरा धन्यवाद करें; देश देश के सब लोग तेरा धन्यवाद करें।
Psalms 67:6 भूमि ने अपनी उपज दी है, परमेश्वर जो हमारा परमेश्वर है, उसने हमें आशीष दी है।
Psalms 67:7 परमेश्वर हम को आशीष देगा; और पृथ्वी के दूर दूर देशों के सब लोग उसका भय मानेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 34-36
  • इब्रानियों 2



रविवार, 17 फ़रवरी 2019

कल



      मुझे खुला नीला आकाश देखना अच्छा लगता है। आकाश हमारे महान सृष्टिकर्ता की अतिउत्तम कृतियों का एक सुन्दर भाग है जिसे हमें आनन्द प्रदान करने के लिए दिया गया है। कल्पना कीजिए कि वायुयान चालक उसके दृश्य को कितना पसन्द करते होंगे। वे उड़ने के लिए खुले आकाश का वर्णन करने के लिए उड़ान से संबंधित अनेकों अभिव्यक्तियों का प्रयोग करते हैं, जिनमें से मेरी पसंदीदा अभिव्यक्ति है “आप कल तक देख सकते हैं।”

      “कल को देखना” हमारी दृष्टि से परे है। कभी-कभी तो हम वह भी नहीं देख या समझ पाते हैं जो जीवन आज हमारी ओर भेज रहा है; हम हमारे आज के साथ भी संघर्ष करते हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि “और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है” (याकूब 4:14)।

      परन्तु भविष्य को लेकर हमारी यह सीमित दृष्टि किसी चिंता का कारण नहीं है। वरन इसके ठीक विपरीत, क्योंकि हम मसीही विश्वासी उस परमेश्वर में विश्वास करते हैं जो हमारे कल को भली-भांति देख सकता है, इसलिए हम यह भी विश्वास करते हैं कि उसे यह भी पता है कि कल की चुनौतियों का सामना करने के लिए किन बातों की आवश्यकता होगी। प्रेरित पौलुस यह जानता था। इसीलिए उसने हमें आशापूर्णा शब्दों के द्वारा प्रोत्साहित किया: “क्योंकि हम रूप को देखकर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं” (2 कुरिन्थियों 5:7)।

      जब हम परमेश्वर पर हमारे आज के दिन तथा हमारे अनदेखे कल की बातों के लिए भरोसा रखते हैं, तो फिर हमें जीवन द्वारा हमारी ओर भेजी जाने वाली किसी भी परिस्थिति के विषय चिन्तित होने की आवश्यकता नहीं है। हम बस अपने परमेश्वर पिता के साथ चलते रहें, क्योंकि वह जानता है कि कल क्या होगा; और वह हमारे कल की प्रत्येक परिस्थिति के लिए सामर्थी एवँ बुद्धिमान है। - बिल क्राउडर


परमेश्वर आरंभ से ही अन्त तक देख लेता है।

सो कल के लिये चिन्‍ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्‍ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है। - मत्ती 6:34

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 5:1-9
2 Corinthians 5:1 क्योंकि हम जानते हैं, कि जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा तो हमें परमेश्वर की ओर से स्वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा, जो हाथों से बना हुआ घर नहीं परन्तु चिरस्थाई है।
2 Corinthians 5:2 इस में तो हम कराहते, और बड़ी लालसा रखते हैं; कि अपने स्‍वर्गीय घर को पहिन लें।
2 Corinthians 5:3 कि इस के पहिनने से हम नंगे न पाए जाएं।
2 Corinthians 5:4 और हम इस डेरे में रहते हुए बोझ से दबे कराहते रहते हैं; क्योंकि हम उतारना नहीं, वरन और पहिनना चाहते हैं, ताकि वह जो मरनहार है जीवन में डूब जाए।
2 Corinthians 5:5 और जिसने हमें इसी बात के लिये तैयार किया है वह परमेश्वर है, जिसने हमें बयाने में आत्मा भी दिया है।
2 Corinthians 5:6 सो हम सदा ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं और यह जानते हैं; कि जब तक हम देह में रहते हैं, तब तक प्रभु से अलग हैं।
2 Corinthians 5:7 क्योंकि हम रूप को देखकर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं।
2 Corinthians 5:8 इसलिये हम ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं, और देह से अलग हो कर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं।
2 Corinthians 5:9 इस कारण हमारे मन की उमंग यह है, कि चाहे साथ रहें, चाहे अलग रहें पर हम उसे भाते रहें।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 21-22
  • मत्ती 28



बुधवार, 30 जनवरी 2019

पुनर्निर्माण



      एडवर्ड क्ली जब अनेकों वर्षों तक बाहर रहने के पश्चात, बर्लिन लौट कर आए, तो उन्होंने पाया कि जिस शहर की उनकी स्मृतियाँ थीं और जिससे वे प्रेम करते थे, अब वह नहीं था; अब वह बिलकुल बदल गया था, और उन्होंने ध्यान किया कि इतने वर्षों में वे भी बहुत बदल गए थे। क्ली ने हेमिस्फेयर्स पत्रिका में अपने एक लेख में इसके विषय लिखा, “जिस शहर से आप प्रेम करते हैं, वहाँ लौट कर आना अप्रत्याशित हो सकता है...यह निराशात्मक भी हो सकता है।” अपने बीते समय के स्थानों पर जाना दुःख और हानि का आभास करवा सकता है। हम अब वह व्यक्ति नहीं हैं जो हम तब थे, और न ही वह स्थान जो हमारे लिए इतना महत्वपूर्ण है वैसा है जैसा तब था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम नहेम्याह के विषय में देखते हैं कि वह अनेकों वर्षों से, इस्राएल के देश से दूर, निर्वासन में था। ऐसी परिस्थिति में उसे अपने लोगों की दुर्दशा और यरूशलेम के विनाश के बारे में पता चला। तब उसने फारस के राजा अर्तक्षत्र से अनुमति ली कि वह यरूशलेम जाकर वहाँ की शहरपनाह का पुनर्निर्माण करे। एक रात यरूशलेम की शहरपनाह की टोह लेने के बाद (नहेम्याह 2:13-15), नहेम्याह ने वहाँ के लोगों से कहा, “तुम तो आप देखते हो कि हम कैसी दुर्दशा में हैं, कि यरूशलेम उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं। तो आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह को बनाएं, कि भविष्य में हमारी नामधराई न रहे” (पद 17)।

      नहेम्याह वापस केवल अपनी यादों को दोहराने के लिए नहीं आया था, वरन उस टूटे हुए को फिर से बनाने के लिए आया था। यह हमारे लिए एक सशक्त पाठ है; हम अपने अतीत के टूटे और बिगड़े हुए भागों को फिर से ठीक करके स्थापित करें। प्रभु यीशु में हमारा विश्वास, और हमारे जीवनों में कार्यकारी उसकी सामर्थ्य हमें आगे की ओर देखने, और टूटे हुए का पुनर्निर्माण करने के लिए सबल करती है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


हम अतीत को बदल तो नहीं सकते हैं, परन्तु परमेश्वर हमें भविष्य के लिए बदल रहा है।

परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: नहेम्याह 2:11-18
Nehemiah 2:11 जब मैं यरूशलेम पहुंच गया, तब वहां तीन दिन रहा।
Nehemiah 2:12 तब मैं थोड़े पुरुषों को ले कर रात को उठा; मैं ने किसी को नहीं बताया कि मेरे परमेश्वर ने यरूशलेम के हित के लिये मेरे मन में क्या उपजाया था। और अपनी सवारी के पशु को छोड़ कोई पशु मेरे संग न था।
Nehemiah 2:13 मैं रात को तराई के फाटक में हो कर निकला और अजगर के सोते की ओर, और कूड़ाफाटक के पास गया, और यरूशलेम की टूटी पड़ी हुई शहरपनाह और जले फाटकों को देखा।
Nehemiah 2:14 तब मैं आगे बढ़ कर सोते के फाटक और राजा के कुण्ड के पास गया; परन्तु मेरी सवारी के पशु के लिये आगे जाने को स्थान न था।
Nehemiah 2:15 तब मैं रात ही रात नाले से हो कर शहरपनाह को देखता हुआ चढ़ गया; फिर घूम कर तराई के फाटक से भीतर आया, और इस प्रकार लौट आया।
Nehemiah 2:16 और हाकिम न जानते थे कि मैं कहां गया और क्या करता था; वरन मैं ने तब तक न तो यहूदियों को कुछ बताया था और न याजकों और न रईसों और न हाकिमों और न दूसरे काम करने वालों को।
Nehemiah 2:17 तब मैं ने उन से कहा, तुम तो आप देखते हो कि हम कैसी दुर्दशा में हैं, कि यरूशलेम उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं। तो आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह को बनाएं, कि भविष्य में हमारी नामधराई न रहे।
Nehemiah 2:18 फिर मैं ने उन को बतलाया, कि मेरे परमेश्वर की कृपादृष्टि मुझ पर कैसी हुई और राजा ने मुझ से क्या क्या बातें कही थीं। तब उन्होंने कहा, आओ हम कमर बान्धकर बनाने लगें। और उन्होंने इस भले काम को करने के लिये हियाव बान्ध लिया।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 23-24
  • मत्ती 20:1-16



शनिवार, 24 नवंबर 2018

भविष्य



      मेरी पत्नि जब कमरे में आई तो उसने मुझे कमरे में रखी विशाल दीवाल घड़ी का पट खोलकर उसकी लकड़ी को अन्दर से सूंघते हुए पाया, और मुझ से पूछा, “यह क्या कर रहे हो?” मैंने झेंपते और पट को बन्द करते हुए उत्तर दिया, “इस घड़ी की लकड़ी में से मेरे माता-पिता के घर जैसी गंध आती है, तुम कह सकती हो कि मैं कुछ पल के लिए अपने घर वापस चला गया था।”

      सूँघना अनेकों प्रबल स्मृतियाँ जगा सकता है। हम उस घड़ी को अपने माता-पिता के घर से लगभग बीस वर्ष पहले देश के एक से दूसरे भाग में लेकर आए थे, परन्तु उस घड़ी की लकड़ी की गंध अभी भी मुझे मेरे बचपन की ओर वापस ले जाती है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों की पत्री का लेखक कुछ लोगों के बारे में लिखता है जो अपने घर की लालसा एक अन्य प्रकार से कर रहे थे। वे बीती स्मृतियों के स्थान पर विश्वास के द्वारा अपने स्वर्गीय घर की प्रतीक्षा में थे। यद्यपि जिसकी उन्हें लालसा थी, वह अभी बहुत दूर प्रतीत हो रहा था, परन्तु उन्हें पूरा भरोसा था कि परमेश्वर जिसने उनसे इसका वायदा किया है, वही उन्हें उस घर तक लेकर जाएगा जहाँ वे सदा काल तक उसके साथ रहेंगे (इब्रानियों 11:13-16)।

      बाइबल में फिलिप्पी के मसीही विश्वासियों को लिखी पत्री में पौलुस स्मरण करवाता है, “पर हमारा स्‍वदेश स्वर्ग पर है; और हम एक उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहां से आने ही बाट जोह रहे हैं” (फिलिप्पियों 3:20)। अपने तथा सारे सँसार के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह को देख पाने और उसमें होकर उन सभी बातों को पा लेने, जिनका परमेश्वर पिता ने हम से वायदा किया है, की लालसा रखना, हमारी सहायता करता है कि हम अपना ध्यान प्रभु की ओर लगाए रखें। न तो जो बीत चुका है, और न ही वर्तमान की किसी बात की तुलना, उस आनन्द से की जा सकती है, जो भविष्य में हम मसीही विश्वासियों के लिए परमेश्वर ने तैयार करके रखा है। - जेम्स बैंक्स


सबसे अच्छा घर, स्वर्ग में हमारे लिए तैयार किया गया घर है।

प्रभु यीशु ने कहा: तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। - यूहन्ना 14:1-3

बाइबल पाठ: इब्रानियों 11:8-16
Hebrews 11:8 विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया।
Hebrews 11:9 विश्वास ही से उसने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रह कर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्बूओं में वास किया।
Hebrews 11:10 क्योंकि वह उस स्थिर नेव वाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचने वाला और बनाने वाला परमेश्वर है।
Hebrews 11:11 विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई; क्योंकि उसने प्रतिज्ञा करने वाले को सच्चा जाना था।
Hebrews 11:12 इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू के समान, अनगिनित वंश उत्पन्न हुआ।
Hebrews 11:13 ये सब विश्वास ही की दशा में मरे; और उन्होंने प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं नहीं पाईं; पर उन्हें दूर से देखकर आनन्‍दित हुए और मान लिया, कि हम पृथ्वी पर परदेशी और बाहरी हैं।
Hebrews 11:14 जो ऐसी ऐसी बातें कहते हैं, वे प्रगट करते हैं, कि स्‍वदेश की खोज में हैं।
Hebrews 11:15 और जिस देश से वे निकल आए थे, यदि उस की सुधि करते तो उन्हें लौट जाने का अवसर था।
Hebrews 11:16 पर वे एक उत्तम अर्थात स्‍वर्गीय देश के अभिलाषी हैं, इसी लिये परमेश्वर उन का परमेश्वर कहलाने में उन से नहीं लजाता, सो उसने उन के लिये एक नगर तैयार किया है।


एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 22-23
  • 1 पतरस 1



शनिवार, 28 अप्रैल 2018

अद्भुत प्रेम



   परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड के प्रमुख ऐतिहासिक कार्यों में से अंतिम कार्यों का एज्रा और नहेम्याह की पुस्तकों में वर्णन दिया गया है, जब परमेश्वर ने इस्राएलियों को बंधुआई से लौट कर वापस आने और यरूशलेम के पुनःनिर्माण करने तथा वहाँ बस जाने के योग्य किया। दाऊद का नगर पुनः यहूदी परिवारों से भर गया, एक नया मंदिर बनाया गया, शहरपनाह की मरम्मत की गई।

   बाइबल के पुराने नियम के ऐतिहासिक क्रम में, इस पुनर्स्थापन तथा पुनर्निर्माण के बाद, मलाकी की पुस्तक आती है। मलाकी भविष्यद्वक्ता संभवतः नहेम्याह का समकालीन था, और उसकी पुस्तक के साथ पुराने नियम का पटाक्षेप होता है। ध्यान कीजिए कि मलाकी की पुस्तक का आरंभ कैसे होता है – परमेश्वर इस्राएलियों के सामने उनके प्रति अपने प्रेम की बात कहता है, “यहोवा यह कहता है, मैं ने तुम से प्रेम किया है...”, और तुरंत ही वे इस्राएली प्रत्युत्तर में परमेश्वर से कहते हैं, “...तू ने किस बात में हम से प्रेम किया है?...” (मलाकी 1:2)।

   कितनी विचित्र है यह बात। उन इस्राएलियों का इतिहास इस बात का प्रमाण था कि परमेश्वर ने सैंकड़ों वर्षों से उनकी बातों और अनाज्ञाकारिता को बहुत सहन किया था, उसके प्रति उनके विमुख होने के बावजूद परमेश्वर उनकी देखभाल करता आया था उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति करता आया था, उन्हें सुरक्षा प्रदान करता आया था। उन लोगों ने बारंबार परमेश्वर के लौकिक एवं अलौकिक कार्यों को देखा तथा अनुभव किया था, परन्तु फिर भी अब वह परमेश्वर के प्रेम के प्रति प्रश्न उठा रहे थे। मलाकी की पुस्तक जैसे जैसे आगे बढ़ती है, मलाकी लोगों को उनकी अविश्वासयोग्यता के बारे में, परमेश्वर के प्रति व्यवहार के उनके ऐतिहासिक नमूने के बारे में स्मरण करवाता है (पद 6-8) – वे परमेश्वर के प्रावधानों पर निर्भर थे, फिर भी थोड़े ही समय में उसके अनाज्ञाकारी हो जाते थे, जिसके लिए स्मरण दिलाने के बावजूद न सुधरने पर परमेश्वर को उन्हें अनुशासित करना पड़ता था, तब वे परमेश्वर की ओर लौटते और थोड़े समय बाद यही चक्र दोबारा आरंभ हो जाता था।

   परन्तु अब एक नई व्यवस्था का समय आ रहा था, जिसके विषय मलाकी 4:5-6 में संकेत दिया गया है। जगत के अन्त और न्याय से पहले मसीहा आने वाला था। आते समय में परमेश्वर के उस उद्धारकर्ता की आशा था जो अपने प्रेम में होकर एक ही बार सारे जगत के पापों के लिए अपने आप को बलिदान करेगा, सारे सँसार के सभी लोगों के लिए मुक्ति और उद्धार, परमेश्वर के साथ मिल-मिलाप तथा संगति का मार्ग बनाकर देगा।

   वह मसीहा आ गया – प्रभु यीशु मसीह; वह अद्भुत प्रेम जो मलाकी में भविष्य की आशा था, अब आज हमारे लिए यथार्थ है, उपलब्ध है! अपने अनन्त उज्जवल भविष्य के लिए उसके इस अद्भुत प्रेम पर संदेह नहीं विश्वास कीजिए, उसे थाम लीजिए। - डेव ब्रैनन


जो प्रभु यीशु में विश्वास लाते हैं, वे अनन्त जीवन के वारिस हैं।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: मलाकी 1:1-10; 4:5-6
Malachi 1:1 मलाकी के द्वारा इस्राएल के विषय में कहा हुआ यहोवा का भारी वचन।
Malachi 1:2 यहोवा यह कहता है, मैं ने तुम से प्रेम किया है, परन्तु तुम पूछते हो, तू ने किस बात में हम से प्रेम किया है? यहोवा की यह वाणी है, क्या ऐसाव याकूब का भाई न था?
Malachi 1:3 तौभी मैं ने याकूब से प्रेम किया परन्तु ऐसाव को अप्रिय जान कर उसके पहाड़ों को उजाड़ डाला, और उसकी बपौती को जंगल के गीदड़ों का कर दिया है।
Malachi 1:4 एदोम कहता है, हमारा देश उजड़ गया है, परन्तु हम खण्डहरों को फिर कर बसाएंगे; सेनाओं का यहोवा यों कहता है, यदि वे बनाए भी, परन्तु मैं ढा दूंगा; उनका नाम दुष्ट जाति पड़ेगा, और वे ऐसे लोग कहलाएंगे जिन पर यहोवा सदैव क्रोधित रहे।
Malachi 1:5 तुम्हारी आंखे इसे देखेंगी, और तुम कहोगे, यहोवा का प्रताप इस्राएल के सिवाने की परली ओर भी बढ़ता जाए।
Malachi 1:6 पुत्र पिता का, और दास स्वामी का आदर करता है। यदि मैं पिता हूं, तो मेरा आदर मानना कहां है? और यदि मैं स्वामी हूं, तो मेरा भय मानना कहां? सेनाओं का यहोवा, तुम याजकों से भी जो मेरे नाम का अपमान करते हो यही बात पूछता है। परन्तु तुम पूछते हो, हम ने किस बात में तेरे नाम का अपमान किया है? तुम मेरी वेदी पर अशुद्ध भोजन चढ़ाते हो।
Malachi 1:7 तौभी तुम पूछते हो कि हम किस बात में तुझे अशुद्ध ठहराते हैं? इस बात में भी, कि तुम कहते हो, यहोवा की मेज तुच्छ है।
Malachi 1:8 जब तुम अन्धे पशु को बलि करने के लिये समीप ले आते हो तो क्या यह बुरा नहीं? और जब तुम लंगड़े वा रोगी पशु को ले आते हो, तो क्या यह बुरा नहीं? अपने हाकिम के पास ऐसी भेंट ले आओ; क्या वह तुम से प्रसन्न होगा वा तुम पर अनुग्रह करेगा? सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
Malachi 1:9 और अब मैं तुम से कहता हूं, ईश्वर से प्रार्थना करो कि वह हम लोगों पर अनुग्रह करे। यह तुम्हारे हाथ से हुआ है; तब क्या तुम समझते हो कि परमेश्वर तुम में से किसी का पक्ष करेगा? सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
Malachi 1:10 भला होता कि तुम में से कोई मन्दिर के किवाड़ों को बन्द करता कि तुम मेरी वेदी पर व्यर्थ आग जलाने न पाते! सेनाओं के यहोवा का यह वचन है, मैं तुम से कदापि प्रसन्न नहीं हूं, और न तुम्हारे हाथ से भेंट ग्रहण करूंगा।
Malachi 4:5 देखो, यहोवा के उस बड़े और भयानक दिन के आने से पहिले, मैं तुम्हारे पास एलिय्याह नबी को भेजूंगा।
Malachi 4:6 और वह माता पिता के मन को उनके पुत्रों की ओर, और पुत्रों के मन को उनके माता-पिता की ओर फेरेगा; ऐसा न हो कि मैं आकर पृथ्वी को सत्यानाश करूं।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 3-5
  • लूका 20:1-26