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Friday, March 28, 2014

खूबसूरत पल


   कैमरे के बटन के दबते ही वह खूबसूरत पल हमेशा के लिए कैद हो गया। ढलती गर्मियों का सूरज तट पर आकर टूट रही लहरों पर प्रतिबिंबित होकर उन्हें सुनहरी कर रहा था, ऐसा लग रहा था मानो पिघला हुआ सोना अटखेलियाँ कर रहा हो। यदि मेरा मित्र अपने कैमरे के साथ वहाँ ना होता तो वह लहर और उस की सुन्दरता बिना किसी के ध्यान में आए ऐसे ही चली जाती, जैसे ना जाने इससे पहले कितनी लहरें तट से टकराकर लौट चुकी थीं और अनगिनित अन्य भी आएंगी और लौट जाएंगी। उनकी सुन्दरता बस उनका रचियता परमेश्वर ही देखने पाता है।

   संसार भर के अनगिनित जलाशयों तथा समुद्रों के अनगिनित तटों पर ऐसे ही अनगिनित लहरें अटखेलियाँ करती रहती हैं, प्रत्येक लहर अपने आप में अद्वितीय है, हर एक में होकर परमेश्वर साधारण तथा सामान्य वस्तुओं से असाधारण और अविस्मर्णीय सुन्दरता प्रदर्शित करता है; जल और वायु से कला के अद्भुत नमूने बनाता है। ऊँचा आकाश, विशाल धरातल और जलाशय उसकी चित्रशाला हैं जहाँ हमें उसकी कलाकृतियाँ देखाई देती हैं। चाहे हम उसकी कला का प्रत्येक चमत्कार नहीं देख पाते, अधिकांशतः तो हमारे सामने आता ही नहीं, लेकिन जितना भी हम देखने पाते हैं वह उसकी विलक्षण क्षमता और सामर्थ का एहसास दिलाता है।

   केवल प्रकृति ही परमेश्वर की चित्रशाला नहीं है, एक और माध्यम है जिस में होकर परमेश्वर ने अपने आप को प्रकट किया है - मानव! हम मानव भी साधारण सी वस्तु से बनाए गए हैं - मिट्टी, लेकिन हमारी रचना में उसने एक अन्य और असाधारण अंश जोड़ दिया है - अपनी श्वास  (उत्पत्ति 2:7)। जैसे कि जल की लहरें और मैदान के फूल, वैसे ही हमारे जीवन भी कुछ ही लोगों की नज़रों में आते हैं, सारे संसार के नहीं; लेकिन हमारे जीवन का हर पल परमेश्वर द्वारा बनाया गया खूबसूरत पल है, मानों परमेश्वर संसार से कह रहा हो, अपने सृष्टिकर्ता की ओर देखो और उसके प्रति समर्पित तथा आज्ञाकारी रहो क्योंकि केवल वही सिद्ध और केवल उस का वचन ही अटल है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


अपने सृष्टिकर्ता की आज्ञाकारिता में जीवन व्यतीत कर के ही हम उसके उद्देश्यों को पूरा करते हैं।

और यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा और उसके नथनों में जीवन का श्वास फूंक दिया; और आदम जीवता प्राणी बन गया। - उत्पत्ति 2:7

बाइबल पाठ: यशायाह 40:6-11
Isaiah 40:6 बोलने वाले का वचन सुनाई दिया, प्रचार कर! मैं ने कहा, मैं क्या प्रचार करूं? सब प्राणी घास हैं, उनकी शोभा मैदान के फूल के समान है। 
Isaiah 40:7 जब यहोवा की सांस उस पर चलती है, तब घास सूख जाती है, और फूल मुर्झा जाता है; नि:सन्देह प्रजा घास है। 
Isaiah 40:8 घास तो सूख जाती, और फूल मुर्झा जाता है; परन्तु हमारे परमेश्वर का वचन सदैव अटल रहेगा।
Isaiah 40:9 हे सिय्योन को शुभ समचार सुनाने वाली, ऊंचे पहाड़ पर चढ़ जा; हे यरूशलेम को शुभ समाचार सुनाने वाली, बहुत ऊंचे शब्द से सुना, ऊंचे शब्द से सुना, मत डर; यहूदा के नगरों से कह, अपने परमेश्वर को देखो! 
Isaiah 40:10 देखो, प्रभु यहोवा सामर्थ दिखाता हुआ रहा है, वह अपने भुजबल से प्रभुता करेगा; देखो, जो मजदूरी देने की है वह उसके पास है और जो बदला देने का है वह उसके हाथ में है। 
Isaiah 40:11 वह चरवाहे की नाईं अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अंकवार में लिये रहेगा और दूध पिलानेवालियों को धीरे धीरे ले चलेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 19-21