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Saturday, May 11, 2019

आनन्द



      हम जमाइका में एक मसीही अभियान के अन्तर्गत गए हुए थे, और हम एक अस्पताल गए। वहाँ एक कमरे में वायलेट नामक एक वृद्ध महिला अपने बिस्तर पर बैठी थी, जो हमें देखकर मुस्कुराई। दोपहर की गर्म हवा उसके कमरे से प्रवाहित हो रही थी, जिससे चिपचिपाहट हो रही थी, किन्तु उसे इससे कोई शिकायत नहीं थी। उसने प्रभु की स्तुति में एक गीत गाना चाहा, और वह गीत को स्मरण करने के लिए अपने मस्तिष्क पर ज़ोर देने लगी। फिर एक दम उसका चेहरा एक बड़ी सी मुस्कराहट से भर गया, और उसने गीत गाना आरंभ किया; उसके गाए हुए गीत के आरंभिक बोल थे “मैं प्रभु की स्तुति करती हुई दौड़, उछल और कूद रही हूँ” और इसे गाते हुए वह ज़ोर ज़ोर से अपने हाथ ऐसे हिला रही थी मानो वह सचमुच यही कर रही हो। उसका इतने उत्साह और आनन्द से यह गीत गाना सुनकर उसके आस-पास खड़े हुए लोगों की आँखें भर आईं, क्योंकि वायलेट की दोनों टाँगें नहीं थीं! उसने कहा कि वह गा रही है “क्योंकि प्रभु यीशु मुझ से प्रेम करता है – और स्वर्ग में मेरे पास दौड़ने के लिए टाँगें होंगीं।”

      वायलेट का वह आनन्द और उत्साह परमेश्वर के वचन बाइबल में फिलिप्पी की मसीही मण्डली को लिखी पत्री में पौलुस प्रेरित द्वारा कही गई बात, “पर यदि शरीर में जीवित रहना ही मेरे काम के लिये लाभदायक है तो मैं नहीं जानता, कि किस को चुनूं। क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच कर के मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है” (फिलिप्पियों 1:22-23) को एक नया बल प्रदान करता है। जैसे अपनी परिस्थितियों के बावजूद वायलेट ने हमें जिस प्रकार से अपने मसीही विश्वास का आनन्द दिखाया, उस बहुतायत के जीवन के लिए जो प्रभु यीशु हमें प्रदान करता है, तथा उस अनन्त परम आनन्द के लिए जो स्वर्ग में प्रभु के साथ हमें मिलेगा, हम भी “प्रभु की स्तुति करते हुए दौड़, उछल और कूद” सकते हैं। - डेव ब्रैनन


जब परमेश्वर हमें एक नया आरंभ प्रदान करता है 
तो हमें कभी अन्त न होने वाला आनन्द भी मिलता है।

तू मुझे जीवन का रास्ता दिखाएगा; तेरे निकट आनन्द की भरपूरी है, तेरे दाहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है। - भजन 16:11

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 1:21-26
Philippians 1:21 क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है।
Philippians 1:22 पर यदि शरीर में जीवित रहना ही मेरे काम के लिये लाभदायक है तो मैं नहीं जानता, कि किस को चुनूं।
Philippians 1:23 क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच कर के मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है।
Philippians 1:24 परन्तु शरीर में रहना तुम्हारे कारण और भी आवश्यक है।
Philippians 1:25 और इसलिये कि मुझे इस का भरोसा है सो मैं जानता हूं कि मैं जीवित रहूंगा, वरन तुम सब के साथ रहूंगा जिस से तुम विश्वास में दृढ़ होते जाओ और उस में आनन्‍दित रहो।
Philippians 1:26 और जो घमण्‍ड तुम मेरे विषय में करते हो, वह मेरे फिर तुम्हारे पास आने से मसीह यीशु में अधिक बढ़ जाए।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 13-14
  • यूहन्ना 2