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Wednesday, April 1, 2015

विद्यमान और उपल्बध


   मैं अपने बेटे स्टीव से मिलने सैन डियागो गया हुआ था, और हम ने चाहा कि हम शैडो माउन्टेन चर्च जाकर डॉ. डेविड जेरेमाया का प्रचार सुनें। इसलिए इतवार प्रातः मैं और स्टीव जल्दी उठे और तैयार होकर, कार से एक घंटे की यात्रा करके उस चर्च में पहुँचे, लेकिन हमारी उत्सुकता निराशा में बदल गई जब हमें ज्ञात हुआ कि उस इतवार डॉ. जेरेमाया वहाँ नहीं थे, उनकी स्थान पर कोई "वैकल्पिक उपदेशक" ने उस दिन का सन्देश देना था।

   इसके कुछ सप्ताह बाद की बात है कि ग्रंड रैपिड्स में, जहाँ मैं और मेरी पत्नि चर्च जाते हैं, मुझे इतवार का सन्देश देने को कहा गया। जब मैं चर्च में उपस्थित लोगों के सामने सन्देश देने के लिए खड़ा हुआ तो मुझे आभास हुआ कि संभवतः उपस्थित कुछ लोगों के लिए, जो हमारे चर्च के पास्टर द्वारा दिया गया सन्देश सुनने की इच्छा से आए हैं, आज मैं भी वैसा ही "वैकल्पिक उपदेशक" बन गया हूँ जैसा उस दिन सैन डियागो में वह उपदेशक मेरे लिए था।

   यद्यपि जीवन में हम जाने-पहचाने लोगों के साथ व्यवहार रखने में सुरक्षा और शांति अनुभव करते हैं, लेकिन हमें यह स्मरण रखना चाहिए कि वे कभी बदले भी जा सकते हैं, उनके स्थान पर कोई अन्य आ सकता है। लेकिन हम मसीही विश्वासियों के लिए सबसे अधिक शांतिदायक बात यह है कि हमें जिसकी सबसे अधिक आवश्यकता रहती है, जिस पर हम अपने जीवन और प्रत्येक आवश्यकता के लिए निर्भर रहते हैं,  वह प्रभु परमेश्वर सदैव हमारे साथ बना रहता है (भजन 139:7-8)। जब भी हम प्रार्थना में होकर परमेश्वर के सम्मुख उपस्थित होना चाहते हैं, वह हमारे लिए सदैव उपलब्ध रहता है और सदा हमारी प्रत्येक प्रार्थना सुनता है; इसीलिए भजनकार कहता है, "सांझ को, भोर को, दोपहर को, तीनों पहर मैं दोहाई दूंगा और कराहता रहूंगा। और वह मेरा शब्द सुन लेगा" (भजन 55:17)।

   परमेश्वर के अभिलाषी और खोजी हैं - प्रभु यीशु के पास आएं; वह सभी के लिए सदा विद्यमान और उपल्बध रहता है; वह सभी से प्रेम करता है, उसके पास सबके लिए स्थान है, सब की सभी परेशानियों का समाधान है। - डेव ब्रैनन


जब आप प्रभु यीशु के पास आते हैं तो आपको किसी प्रतीक्षा-पंक्ति में खड़े नहीं होने पड़ता; वह हमारी प्रार्थना तुरंत सुनने के लिए सदैव उपल्बध रहता है।

हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28

बाइबल पाठ: भजन 139:1-12
Psalms 139:1 हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।
Psalms 139:2 तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है। 
Psalms 139:3 मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है। 
Psalms 139:4 हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो। 
Psalms 139:5 तू ने मुझे आगे पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखे रहता है। 
Psalms 139:6 यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है। 
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं? 
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है! 
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, 
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। 
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा, 
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 13-15
  • लूका 6:27-49