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Saturday, September 7, 2019

शोक



      सन 2002 में, मेरी बहन मार्था और उसके पति जिम के देहांत के कुछ माह पश्चात, मेरे एक मित्र ने मुझे हमारे चर्च में “शोक द्वारा बढ़ोतरी” विषय पर आयोजित की गई एक कार्य-चर्चा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। मैंने उसके पहले सत्र में भाग लेने के लिए अनिच्छापूर्वक सहमति तो व्यक्त कर दी परन्तु मेरा इरादा इसके बाद के किसी सत्र में जाने का नहीं था। मैं वहाँ जाकर चकित हुआ, मुझे वहाँ ध्यान रखने और चिंता करने वाले लोग मिले जो अपने जीवन में आई किसी गंभीर हानि के दुःख का सामना करने के लिए परमेश्वर और दुःख के अनुभव से होकर निकलने वाले अन्य लोगों की सहायता के खोजी थे। एक दूसरे के साथ अपने शोक के दुःख को बाँटने, एक दूसरे के दुःख के साथ सहानुभूति रखने, एक-दूसरे के दुःख में परस्पर सहायता करने से मुझे मिली शान्ति के कारण मैं वहाँ प्रति सप्ताह जाने लगा और उनसे मिलने वाली सांत्वना में बढ़ने लगा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि किसी प्रिय जन या मित्र की आकस्मिक मृत्यु के कारण होने वाले आघात और दुःख के समान ही आरंभिक कलीसिया के लोगों को स्तिफ्नुस, जो कि एक सक्रीय और जोशीला कार्यकर्ता तथा प्रभु यीशु का गवाह था, की मृत्यु पर गहरा शोक हुआ (प्रेरितों 7:57-60)। यहूदियों द्वारा स्तिफनुस को मार डालने और प्रारंभिक कलीसिया पर सताव लाने के उस कठिन समय में “और भक्तों ने स्‍तिुफनुस को कब्र में रखा; और उसके लिये बड़ा विलाप किया” (8:2)। जैसा लिखा गया है, इन मसीही विश्वासियों ने दो कार्य साथ-साथ किए: उन्होंने स्तिफनुस को दफनाया, जो अंतिम बिछुड़ने और गहरे दुःख का प्रतीक था; और उन्होंने उसके लिए बड़ा विलाप – गहन शोक, किया, जो उनकी सामूहिक हानि का प्रतीक था।

      प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी होने के कारण हमें अपने शोक अकेले ही सहने की आवश्यकता नहीं है। हम प्रेम और सत्यनिष्ठा के साथ ऐसे अन्य लोगों की ओर हाथ बढ़ा सकते हैं जो दुःख में है, तथा हमारी ओर इसी प्रकार से हाथ बढ़ाने वालों और साथ खड़े होने वालों की सहायता को नम्रता के साथ स्वीकार कर सकते हैं।

      जब हम साथ शोक मनाते हैं, तो हम साथ-साथ समझ-बूझ और उस शान्ति में भी उन्नति कर सकते हैं जो प्रभु यीशु मसीह में होकर हमें मिलती है। प्रभु हमारे प्रत्येक शोक को, तथा उसके लिए आवश्यक सांत्वना के मार्ग को जानता है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


औरों के साथ शोक करने के सेवकाई से मनों को चंगाई मिलती है।

आनन्द करने वालों के साथ आनन्द करो; और रोने वालों के साथ रोओ। - रोमियों 12:15

बाइबल पाठ: प्रेरितों 7:54-8:2
Acts 7:54 ये बातें सुनकर वे जल गए और उस पर दांत पीसने लगे।
Acts 7:55 परन्तु उसने पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो कर स्वर्ग की ओर देखा और परमेश्वर की महिमा को और यीशु को परमेश्वर की दाहिनी ओर खड़ा देखकर।
Acts 7:56 कहा; देखों, मैं स्वर्ग को खुला हुआ, और मनुष्य के पुत्र को परमेश्वर के दाहिनी ओर खड़ा हुआ देखता हूं।
Acts 7:57 तब उन्होंने बड़े शब्द से चिल्लाकर कान बन्‍द कर लिये, और एक चित्त हो कर उस पर झपटे।
Acts 7:58 और उसे नगर के बाहर निकाल कर पत्थरवाह करने लगे, और गवाहों ने अपने कपड़े उतार रखे।
Acts 7:59 और वे स्‍तिुफनुस को पत्थरवाह करते रहे, और वह यह कहकर प्रार्थना करता रहा; कि हे प्रभु यीशु, मेरी आत्मा को ग्रहण कर।
Acts 7:60 फिर घुटने टेककर ऊंचे शब्द से पुकारा, हे प्रभु, यह पाप उन पर मत लगा, और यह कहकर सो गया: और शाऊल उसके बध में सहमत था।
Acts 8:1 उसी दिन यरूशलेम की कलीसिया पर बड़ा उपद्रव होने लगा और प्रेरितों को छोड़ सब के सब यहूदिया और सामरिया देशों में तित्तर बित्तर हो गए।
Acts 8:2 और भक्तों ने स्‍तिुफनुस को कब्र में रखा; और उसके लिये बड़ा विलाप किया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 1-2
  • 1 कुरिन्थियों 16