बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Friday, December 27, 2019

धन्यवादी



      मैं जब नई मसीही विश्वासी ही थी, तब एक आत्मिक सलाहकार ने मुझे प्रोत्साहित किया कि मैं एक “धन्यवादी दैनिकी” रखा करूं। वह एक छोटी सी नोटबुक थी, जो मेरे साथ रहती थी, और जिसमें मैं समय पाकर परमेश्वर द्वारा मेरे हित में किए गए कार्यों के बारे में लिखती रहती थी। कभी-कभी मैं धन्यवाद के कारण को तुरंत ही लिख लेती थी, और कभी उसे सप्ताह के अंत में, मनन करते हुए लिखती थी।

      धन्यवाद के विषयों का ध्यान रखना एक अच्छी आदत है – मैं उसे फिर से आरम्भ करने की सोच रही हूँ। इससे मुझे परमेश्वर की मेरे साथ बनी रहने वाली उपस्थिति का एहसास रहता है और मैं उसके प्रति उससे मिलने वाली देखभाल के लिए उसकी कृतज्ञ भी बनी रहती हूँ।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के सबसे छोटे भजन, भजन 117 में भजनकार सभी को परमेश्वर का धन्यवादी होने के लिए प्रोत्साहित करता है क्योंकि “क्योंकि उसकी करूणा हमारे ऊपर प्रबल हुई है...” (पद 2)।

      इसपर थोड़ा विचार करें: परमेश्वर ने आपके प्रति अपने प्रेम को किस प्रकार प्रकट किया है – आज, इस सप्ताह, इस महीने, इस वर्ष? केवल अद्भुत के बारे ही में नहीं सोचें, क्योंकि उसका प्रेम तो प्रतिदिन की सामान्य बातों और परिस्थितियों एवं कार्यों में भी दिखाई देता है। इसके बाद इस पर भी विचार करें कि परमेश्वर का प्रेम आपके परिवार, आपके चर्च, और अन्य लोगों के प्रति किस प्रकार से प्रगट रहा है? सभी के प्रति उसके प्रेम के विस्तार को अपने चित में उतर जाने दें।

      भजनकार ने यह भी लिखा, “...और यहोवा की सच्चाई सदा की है याह की स्तुति करो” (पद 2)। दूसरे शब्दों में, हमारे प्रति उसके प्रेम का कभी अंत नहीं होगा! इसलिए हमारे पास उसकी स्तुति, आराधना और धन्यवाद करने के अवसर तथा कारण सदा बने रहेंगे। उसके प्रिय बच्चे होने के कारण, होने दें कि परमेश्वर का धन्यवाद और स्तुति करना हमारे जीवनों का एक अभिन्न भाग बन जाए, और हम सदा उसके धन्यवादी बने रहें। - पो फैंग चिया

प्रत्येक बात के लिए, चाहे साधारण हो या असाधारण, परमेश्वर के धन्यवादी बने रहें।

किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। - फिलिप्पियों 4:6

बाइबल पाठ: भजन 117
Psalms 117:1 हे जाति जाति के सब लोगों यहोवा की स्तुति करो! हे राज्य राज्य के सब लोगो, उसकी प्रशंसा करो!
Psalms 117:2 क्योंकि उसकी करूणा हमारे ऊपर प्रबल हुई है; और यहोवा की सच्चाई सदा की है याह की स्तुति करो!

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 18