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Wednesday, February 12, 2020

प्रावधान



      कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के पश्चात, मुझे जो काम मिला उसमें वेतन बहुत कम था। पैसे की तंगी रहती थी, और कभी-कभी तो मुझे अगले भोजन के लिए भी जुटा पाना कठिन होता था। ऐसे में मैंने परमेश्वर पर अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए निर्भर होना सीखा।

      यह मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में एलिय्याह भविष्यद्वक्ता का अनुभव स्मरण करवाता है। उसकी सेवकाई के दिनों में, उसे भी अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए परमेश्वर पर निर्भर रहना सीखना पड़ा। एलिय्याह द्वारा इस्राएल पर अकाल द्वारा परमेश्वर के न्याय की घोषणा किए जाने के कुछ ही समय पश्चात परमेश्वर ने उसे एक निर्जन स्थान पर, करीत नाले के पास भेजा जहाँ कौवे आकर उसे उसका प्रतिदिन का भोजन देते थे और वह उस नाले में से पीता था (1 राजाओं 17:1-4)।

      परन्तु सूखा पड़ने से वह नाला धीरे-धीरे सूख गया, और तब परमेश्वर ने एलिय्याह से कहा, “चलकर सीदोन के सारपत नगर में जा कर वहीं रह: सुन, मैं ने वहां की एक विधवा को तेरे खिलाने की आज्ञा दी है” (पद 9)। सारपत फिनीके में था, जहां के निवासी इस्राएलियों के शत्रु थे। क्या ऐसे स्थान पर कोई एलिय्याह को शरण देगा? और, क्या एक निर्धन विधवा के पास इतना होगा कि वह एलिय्याह को खिला-पिला सके?

      हम में से अधिकाँश यही चाहते हैं कि हमारे संसाधनों के समाप्त होने से पहले ही परमेश्वर हमें बहुतायत से उपलब्ध करवा दे, बजाए इसके कि हमें प्रतिदिन के प्रावधान पर निर्भर होना पड़े। परन्तु हमारा प्रेमी परमेश्वर पिता, धीमी आवाज़ में हम से कहता है, मुह पर भरोसा बनाए रखो। जैसे उसने एलिय्याह को उपलब्ध करवाने के लिए कौवों और एक निर्धन विधवा का उपयोग किया, वह हमारे लिए भी करेगा; उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। हम उसके प्रेम और सामर्थ्य पर भरोसा रख सकते हैं कि वह हमारे दैनिक प्रावधान को उपलब्ध करवाता रहेगा। - पोह फैंग चिया

परमेश्वर हमारी दैनिक आवश्यकताओं को प्रतिदिन पूरा करता है।

इसलिये तुम चिन्‍ता कर के यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे? क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए। इसलिये पहिले तुम उसके राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। - मत्ती 6: 31-33

बाइबल पाठ: 1 राजाओं 17:7-16
1 Kings 17:7 कुछ दिनों के बाद उस देश में वर्षा न होने के कारण नाला सूख गया।
1 Kings 17:8 तब यहोवा का यह वचन उसके पास पहुंचा,
1 Kings 17:9 कि चलकर सीदोन के सारपत नगर में जा कर वहीं रह: सुन, मैं ने वहां की एक विधवा को तेरे खिलाने की आज्ञा दी है।
1 Kings 17:10 सो वह वहां से चल दिया, और सारपत को गया; नगर के फाटक के पास पहुंच कर उसने क्या देखा कि, एक विधवा लकड़ी बीन रही है, उसको बुलाकर उसने कहा, किसी पात्र में मेरे पीने को थोड़ा पानी ले आ।
1 Kings 17:11 जब वह लेने जा रही थी, तो उसने उसे पुकार के कहा अपने हाथ में एक टुकड़ा रोटी भी मेरे पास लेती आ।
1 Kings 17:12 उसने कहा, तेरे परमेश्वर यहोवा के जीवन की शपथ मेरे पास एक भी रोटी नहीं है केवल घड़े में मुट्ठी भर मैदा और कुप्पी में थोड़ा सा तेल है, और मैं दो एक लकड़ी बीनकर लिये जाती हूँ कि अपने और अपने बेटे के लिये उसे पकाऊं, और हम उसे खाएं, फिर मर जाएं।
1 Kings 17:13 एलिय्याह ने उस से कहा, मत डर; जा कर अपनी बात के अनुसार कर, परन्तु पहिले मेरे लिये एक छोटी सी रोटी बना कर मेरे पास ले आ, फिर इसके बाद अपने और अपने बेटे के लिये बनाना।
1 Kings 17:14 क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि जब तक यहोवा भूमि पर मेंह न बरसाएगा तब तक न तो उस घड़े का मैदा चुकेगा, और न उस कुप्पी का तेल घटेगा।
1 Kings 17:15 तब वह चली गई, और एलिय्याह के वचन के अनुसार किया, तब से वह और स्त्री और उसका घराना बहुत दिन तक खाते रहे।
1 Kings 17:16 यहोवा के उस वचन के अनुसार जो उसने एलिय्याह के द्वारा कहा था, न तो उस घड़े का मैदा चुका, और न उस कुप्पी का तेल घट गया।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 13
  • मत्ती 26:26-50